गिलौला में गणेश विसर्जन की तैयारियां तेज, बारिश के बीच श्रद्धालुओं में उत्साह सजने लगीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, सीता द्वार झील में होगा गणपति प्रतिमा का विसर्जन श्रावस्ती। गिलौला क्षेत्र में गणेश विसर्जन को लेकर शुक्रवार को श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही लोग विसर्जन की तैयारियों में जुटे रहे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सजाया गया और भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारियां पूरी की गईं। इस दौरान गिलौला बाजार में भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। विसर्जन के दिन मौसम ने हालांकि श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। क्षेत्र में तेज बारिश और झमाझम बरसात के बीच लोग गणपति बप्पा की विदाई की तैयारियों में जुटे रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आकर्षक ढंग से सजाया और गणेश प्रतिमा को लेकर विसर्जन यात्रा निकालने की तैयारी की। श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान गणेश की प्रतिमा को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से सीता द्वार झील ले जाया जाएगा। यहां हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन से पहले श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे और गणपति बप्पा से परिवार व क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। बारिश के बीच गिलौला बाजार में गणेश विसर्जन को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है। जगह-जगह श्रद्धालु तैयारियों में जुटे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में गणेश प्रतिमा की विदाई को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु बारिश की परवाह किए बिना गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए तैयार हैं।
गिलौला में गणेश विसर्जन की तैयारियां तेज, बारिश के बीच श्रद्धालुओं में उत्साह सजने लगीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, सीता द्वार झील में होगा गणपति प्रतिमा का विसर्जन श्रावस्ती। गिलौला क्षेत्र में गणेश विसर्जन को लेकर शुक्रवार को श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही लोग विसर्जन की तैयारियों में जुटे रहे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सजाया गया और भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारियां पूरी की गईं। इस दौरान गिलौला बाजार में भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। विसर्जन के दिन मौसम ने हालांकि श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। क्षेत्र में तेज बारिश और झमाझम बरसात के बीच लोग गणपति बप्पा की विदाई की तैयारियों में जुटे रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आकर्षक ढंग से सजाया और गणेश प्रतिमा को लेकर विसर्जन यात्रा निकालने की तैयारी की। श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान गणेश की प्रतिमा को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से सीता द्वार झील ले जाया जाएगा। यहां हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन से पहले श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे और गणपति बप्पा से परिवार व क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। बारिश के बीच गिलौला बाजार में गणेश विसर्जन को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है। जगह-जगह श्रद्धालु तैयारियों में जुटे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में गणेश प्रतिमा की विदाई को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु बारिश की परवाह किए बिना गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए तैयार हैं।
- गिलौला में गणेश विसर्जन की तैयारियां तेज, बारिश के बीच श्रद्धालुओं में उत्साह सजने लगीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, सीता द्वार झील में होगा गणपति प्रतिमा का विसर्जन श्रावस्ती। गिलौला क्षेत्र में गणेश विसर्जन को लेकर शुक्रवार को श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही लोग विसर्जन की तैयारियों में जुटे रहे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सजाया गया और भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारियां पूरी की गईं। इस दौरान गिलौला बाजार में भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। विसर्जन के दिन मौसम ने हालांकि श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। क्षेत्र में तेज बारिश और झमाझम बरसात के बीच लोग गणपति बप्पा की विदाई की तैयारियों में जुटे रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आकर्षक ढंग से सजाया और गणेश प्रतिमा को लेकर विसर्जन यात्रा निकालने की तैयारी की। श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान गणेश की प्रतिमा को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से सीता द्वार झील ले जाया जाएगा। यहां हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन से पहले श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे और गणपति बप्पा से परिवार व क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। बारिश के बीच गिलौला बाजार में गणेश विसर्जन को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है। जगह-जगह श्रद्धालु तैयारियों में जुटे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में गणेश प्रतिमा की विदाई को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु बारिश की परवाह किए बिना गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए तैयार हैं।1
- तीसरे दिन घर पहुंचा कमलेश का शव, चीख-पुकार से गमगीन हुआ सिसवारा भारी पुलिस बल के बीच अंतिम संस्कार श्रावस्ती। गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव के मदारपुरवा में भूमि विवाद के दौरान कमलेश कुमार की मौत के बाद गुरुवार को तीसरे दिन उनका शव घर पहुंचा। मुंबई से मृतक का बड़ा बेटा भी घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार कराया गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। बताया गया कि 22 सितंबर को भूमि विवाद के निस्तारण के लिए राजस्व टीम के साथ गिलौला पुलिस गांव पहुंची थी। पुलिस के अनुसार सरकारी कार्य में बाधा के चलते पांच महिलाओं और एक पुरुष को सरकारी वाहन से थाने भेजा जा रहा था। इसी दौरान कमलेश ने वाहन का गेट खोलकर चलती गाड़ी से कूदने का प्रयास किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस और राजस्व टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवादित भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन था और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने गिलौला थानाध्यक्ष आशीष कुमार, उपनिरीक्षक इन्द्रदेव पटेल और आरक्षी परविन्दर कुमार को पुलिस लाइन हाजिर किया है। निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।राजस्व और पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था कायम है।1
- पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन। राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग। बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग। झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग। पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन। राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग। बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग। झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग।1
- road ki shikayat darj karne1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मेरठ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ बताइए एक बाइक पर कितने लोग सवार है…वीडियो मेरठ की है सोशल मीडिया पर वायरल है। और बाइक पर सवार सभी छात्र है…अभी कोई अनहोनी घटना हो जाए तो आधा दर्जन परिवार मातम में….1
- बहराइच की सड़के बनी तालाब शहरी क्षेत्र के हाल देखकर लगाए ग्रामीण क्षेत्र का हाल का अंदाजा बहराइच की सड़के बनी तालाब शहरी क्षेत्र के हाल देखकर लगाए ग्रामीण क्षेत्र का हाल का अंदाजा ग्राउंड रिपोर्टर देखे फ़राज़ अन्सारी के साथ,,,,,,1
- बहराइच जिले के थाना मटेरा बारिश लगातार होने के कारण फसल बर्बाद नमस्कार मैं राजीव कुमार मिश्रा आप देख रहे हैं क्राइम न्यूज़ बहराइच ब्यूरो चीफ बहराइच जिले के थाना मटेरा के अंतर्गत लगातार 25 घंटे से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही जिससे किसानों के खेतों में धान का फसल बर्बाद किसानों में परेशानी1
- दो दिन से मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं, खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने का खतरा गिलौला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त, बिजली व्यवस्था भी प्रभावित; तैयार होने की कगार पर फसल को नुकसान की आशंका गिलौला। श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जहां लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में धान की फसल लगभग तैयार खड़ी है। लगातार बारिश के कारण खेतों की मिट्टी में नमी बढ़ गई है और तेज हवाओं के चलते धान की खड़ी फसल के खेत में गिरने का खतरा मंडरा रहा है। यदि बारिश और तेज हवा का सिलसिला जारी रहा तो किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। किसान दिलीप, छोटू, रामदीन और साहू ने बताया कि धान की फसल इस समय लगभग तैयार होने की स्थिति में है। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे खेतों में काफी नमी हो गई है। ऐसे में तेज हवाएं चलने पर धान की फसल खेत में गिर सकती है। फसल गिरने के बाद उसकी कटाई और दाना निकालने में परेशानी के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम में अचानक बदलाव से उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने फसल की कटाई की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन बारिश के कारण खेतों में काम प्रभावित हो गया है। छोटे किसानों के सामने फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान की चिंता भी बढ़ गई है। बारिश से जनजीवन भी प्रभावित लगातार दो दिनों से हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए हैं। कई जगह रास्तों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश और तेज हवाओं के चलते विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी रहा तो धान की तैयार फसल के साथ-साथ आम जनजीवन पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। किसानों ने मौसम साफ होने और तेज हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद जताई है।1