दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की सघन जांच, प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए 14 नमूने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की सघन जांच, प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए 14 नमूने प्रदेश एवं जिले में दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दूध डेयरी, मिल्क कलेक्शन सेंटर, चिलिंग सेंटर, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट एवं रिटेल मिल्क काउंटरों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन की वैधता, परिसर की साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। इस अभियान के अंतर्गत हीरा स्वीट्स एवं जय श्री स्वीट्स (हनुमान चौक, बालाघाट), लिल्हारे मिल्क कलेक्शन सेंटर (मोहगांव धपेरा), लालबर्रा मिल्क कलेक्शन सेंटर (लालबर्रा), मिल्क कलेक्शन सेंटर (तुमाड़ी, वारासिवनी), दुग्ध सेवा समिति (खैरलांजी) तथा मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट (चीचटोला, खैरलांजी) का निरीक्षण किया गया। जांच में सभी संस्थानों के खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन वैध पाए गए। हालांकि दो स्थानों पर साफ-सफाई एवं अन्य अनियमितताओं के चलते संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के दौरान विभिन्न केंद्रों से छाछ, पनीर, दही, खोवा, गाय का दूध, भैंस का दूध एवं मिश्रित दूध सहित कुल 14 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। सभी नमूनों को परीक्षण हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री योगेश डोंगरे एवं श्रीमती गीता टांडेकर उपस्थित रहे।
दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की सघन जांच, प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए 14 नमूने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की सघन जांच, प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए 14 नमूने प्रदेश एवं जिले में दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दूध डेयरी, मिल्क कलेक्शन सेंटर, चिलिंग सेंटर, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट एवं रिटेल मिल्क काउंटरों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन की वैधता, परिसर की साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। इस अभियान के अंतर्गत हीरा स्वीट्स एवं जय श्री स्वीट्स (हनुमान चौक, बालाघाट), लिल्हारे मिल्क कलेक्शन सेंटर (मोहगांव धपेरा), लालबर्रा मिल्क कलेक्शन सेंटर (लालबर्रा), मिल्क कलेक्शन सेंटर (तुमाड़ी, वारासिवनी), दुग्ध सेवा समिति (खैरलांजी) तथा मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट (चीचटोला, खैरलांजी) का निरीक्षण किया गया। जांच में सभी संस्थानों के खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन वैध पाए गए। हालांकि दो स्थानों पर साफ-सफाई एवं अन्य अनियमितताओं के चलते संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के दौरान विभिन्न केंद्रों से छाछ, पनीर, दही, खोवा, गाय का दूध, भैंस का दूध एवं मिश्रित दूध सहित कुल 14 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। सभी नमूनों को परीक्षण हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री योगेश डोंगरे एवं श्रीमती गीता टांडेकर उपस्थित रहे।
- जनसुनवाई में कलेक्टर की संवेदनशील पहल, प्रिंस के सपनों को मिली नई उड़ान सिवनी में जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के त्वरित हस्तक्षेप से एक माँ की चिंता मिनटों में दूर हो गई। कंडीपार निवासी संध्या मसराम अपने पुत्र प्रिंस का स्कूल में दाखिला न हो पाने की समस्या लेकर पहुंची थीं, जिस पर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जनसुनवाई स्थल पर ही कागजी प्रक्रिया पूरी कर प्रिंस का सांदीपनि विद्यालय कंडीपार की कक्षा पहली में प्रवेश सुनिश्चित कराया। कलेक्टर ने छात्र को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भेंट कर मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया, जिस पर परिजन ने जिला प्रशासन की इस तत्परता और मानवीय कार्यशैली का हृदय से आभार जताया।1
- शराब दुकान हटाने की मांग तेज, जल्द होगा बड़ा जनआंदोलन, गांव गांव की जा रही महिलाओं की बैठक धनौरा में नशा मुक्ति अभियान समिति के तत्वावधान में महिलाओं की विशाल जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन के "नशा से दूरी 2.0" अभियान को गति देने पर जोर दिया गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्य बाजार (बुक बाजार) क्षेत्र में संचालित लाइसेंसी शराब दुकान को हटाने के लिए जल्द व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाकर महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा तथा शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान हटाने की मांग को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।1
- अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है?विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़ | Shuru App रिपोर्टर: दिनेश पटेल नई दिल्ली | राष्ट्रीय --- हेडलाइन: पेपर लीक पर विपक्ष की मंशा पर सवाल सरकार बोली "चर्चा के लिए तैयार", तो फिर संसद में बहस से क्यों परहेज? सब-हेडलाइन: सभी राज्यों के मुद्दे आएंगे सामने, जवाबदेही सिर्फ एक की नहीं होगी --- न्यूज़ : नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चल रही राजनीति के बीच अब एक अहम सवाल उठ रहा है - अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है? सरकार का पक्ष: "हम चर्चा के लिए तैयार" केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में खुली बहस के लिए तैयार है। सरकार का मानना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और ठोस समाधान निकाले जाने चाहिए। फिर विपक्ष क्यों नहीं ले रहा हिस्सा? इसी बीच विपक्ष द्वारा सदन में इस मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा न लेने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। यदि संसद में इस पर बहस होती है तो सिर्फ एक सरकार की नहीं, बल्कि सभी राज्यों और सभी दलों की जवाबदेही पर बात होगी। ऐसे में चर्चा से परहेज करना विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छात्रों के हित में खुली बहस जरूरी शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों का मानना है कि पेपर लीक एक राष्ट्रीय समस्या है और इसका समाधान तभी संभव है जब सभी पक्ष मिलकर संसद के पटल पर इस पर चर्चा करें। सरकार द्वारा चर्चा का प्रस्ताव रखे जाने के बाद भी विपक्ष का इस मुद्दे से दूरी बनाना इस बात का संकेत है कि वो समाधान से ज्यादा राजनीति करना चाहता है। अब देखना होगा कि विपक्ष छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सदन में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में शामिल होता है या नहीं।1
- मंडला-जनसुनवाई के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया जब वर्षों से न्याय की आस लगाए बैठी एक बुजुर्ग महिला को न्याय न मिलने पर सबके सामने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया,न्याय व्यवस्था पर फिर उठे सवाल...?1
- बाबा बुढ़ामहादेव से भोरमदेव तक निकलेगी भव्य शिवभक्ति पदयात्रा, 3 अगस्त को गूंजेगा हर-हर महादेव कवर्धा: सावन के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को बाबा बुढ़ामहादेव मंदिर से भोरमदेव मंदिर तक भव्य शिवभक्ति पदयात्रा निकाली जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बैठक लेकर मातृशक्तियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने पदयात्रा मार्ग व मंदिर परिसर की साफ-सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। पदयात्रा के दौरान अमरकंटक से लाए गए मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान भोरमदेव का महाअभिषेक किया जाएगा तथा कवर्धा की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाएगी।4
- बौद्धिक दिव्यांगजनों को मिला कानूनी संरक्षण, कलेक्टर नेहा मीना ने बांटे विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र सिवनी में 18 वर्ष से अधिक आयु के बौद्धिक दिव्यांगजनों के अधिकारों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अभिभावकों को राष्ट्रीय न्यास अधिनियम-1999 के तहत विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र प्रदान किए। कलेक्टर कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी और बहुदिव्यांगता से ग्रसित वयस्कों के कानूनी व वित्तीय निर्णयों के लिए यह प्रमाण पत्र बेहद आवश्यक है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली लोकल लेवल कमेटी के परीक्षण के बाद पात्र हितग्राहियों को यह दस्तावेज जारी किए गए। कलेक्टर ने जिले के सभी पात्र अभिभावकों से अपील की है कि वे जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) सिवनी में संपर्क कर इस प्रक्रिया को पूरा कराएं और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।1
- खैरागढ़ पुलिस की अवैध मादक पदार्थों पर बड़ी कार्रवाई: 489 ग्राम गांजा और बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: जिले में जुआ, सट्टा, शराब और नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत केसीजी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस चौकी जालबाँधा की टीम ने कार्रवाई करते हुए गांजा परिवहन कर रहे दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई को चौकी जालबाँधा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल पर अवैध रूप से गांजे का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 'रवि सिंहा ठेला' के पास घेराबंदी की और संदिग्ध बाइक को रोककर जांच की। ₹85,000 का मशरूका बरामद तलाशी के दौरान बजाज पल्सर बाइक (CG 08 BA 4227) की डिग्गी में रखी हरे रंग की पॉलीथिन से 489 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹5,000 आंकी गई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पल्सर बाइक (कीमत लगभग ₹70,000) और आरोपियों के पास मौजूद 2 मोबाइल फोन (कीमत लगभग ₹10,000) को भी जब्त कर लिया है। जब्त कुल मशरूका की कीमत करीब ₹85,000 बताई जा रही है। जेल भेजे गए आरोपी मामले में पुलिस चौकी जालबाँधा में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 288/2026, धारा 20(ख) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: प्रदीप सिंहा (19 वर्ष), पिता - मनोज सिन्हा, निवासी - ग्राम मंडराकुही, थाना खैरागढ़। रितेश सिंह (21 वर्ष), पिता - पम्पेश्वर सिंह, निवासी - ग्राम सलोनी, थाना खैरागढ़। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1