खैरागढ़ पुलिस की अवैध मादक पदार्थों पर बड़ी कार्रवाई: 489 ग्राम गांजा और बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: जिले में जुआ, सट्टा, शराब और नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत केसीजी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस चौकी जालबाँधा की टीम ने कार्रवाई करते हुए गांजा परिवहन कर रहे दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई को चौकी जालबाँधा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल पर अवैध रूप से गांजे का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 'रवि सिंहा ठेला' के पास घेराबंदी की और संदिग्ध बाइक को रोककर जांच की। ₹85,000 का मशरूका बरामद तलाशी के दौरान बजाज पल्सर बाइक (CG 08 BA 4227) की डिग्गी में रखी हरे रंग की पॉलीथिन से 489 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹5,000 आंकी गई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पल्सर बाइक (कीमत लगभग ₹70,000) और आरोपियों के पास मौजूद 2 मोबाइल फोन (कीमत लगभग ₹10,000) को भी जब्त कर लिया है। जब्त कुल मशरूका की कीमत करीब ₹85,000 बताई जा रही है। जेल भेजे गए आरोपी मामले में पुलिस चौकी जालबाँधा में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 288/2026, धारा 20(ख) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: प्रदीप सिंहा (19 वर्ष), पिता - मनोज सिन्हा, निवासी - ग्राम मंडराकुही, थाना खैरागढ़। रितेश सिंह (21 वर्ष), पिता - पम्पेश्वर सिंह, निवासी - ग्राम सलोनी, थाना खैरागढ़। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
खैरागढ़ पुलिस की अवैध मादक पदार्थों पर बड़ी कार्रवाई: 489 ग्राम गांजा और बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: जिले में जुआ, सट्टा, शराब और नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत केसीजी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस चौकी जालबाँधा की टीम ने कार्रवाई करते हुए गांजा परिवहन कर रहे दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई को चौकी जालबाँधा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल पर अवैध रूप से गांजे का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 'रवि सिंहा ठेला' के पास घेराबंदी की और संदिग्ध बाइक को रोककर जांच की। ₹85,000 का मशरूका बरामद तलाशी के दौरान बजाज पल्सर बाइक (CG 08 BA 4227) की डिग्गी में रखी हरे रंग की पॉलीथिन से 489 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹5,000 आंकी गई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पल्सर बाइक (कीमत लगभग ₹70,000) और आरोपियों के पास मौजूद 2 मोबाइल फोन (कीमत लगभग ₹10,000) को भी जब्त कर लिया है। जब्त कुल मशरूका की कीमत करीब ₹85,000 बताई जा रही है। जेल भेजे गए आरोपी मामले में पुलिस चौकी जालबाँधा में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 288/2026, धारा 20(ख) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: प्रदीप सिंहा (19 वर्ष), पिता - मनोज सिन्हा, निवासी - ग्राम मंडराकुही, थाना खैरागढ़। रितेश सिंह (21 वर्ष), पिता - पम्पेश्वर सिंह, निवासी - ग्राम सलोनी, थाना खैरागढ़। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- खैरागढ़ थाना क्षेत्र में चार साल से फरार स्थायी वारंटी गिरफ्तार, न्यायालय में किया गया पेश, 28 जुलाई जुलाई को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार जिला पुलिस केसीजी द्वारा फरार आरोपियों एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खैरागढ़ पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी के मामले में चार वर्षों से फरार चल रहे स्थायी वारंटी संतोष मार्कण्डेय पिता अमरु दास, निवासी ग्राम खम्हरिया, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध प्रकरण क्रमांक 174/2021 में न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। न्यायालय में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण आरोपी फरार चल रहा था। मुखबिर से मिली सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी फरार आरोपी या स्थायी वारंटी की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार1
- "खैरागढ़–राजनांदगांव स्टेट हाईवे पर सफर मतलब आफत! जगह-जगह बने गड्ढों से लोग परेशान" खैरागढ़: खैरागढ़–राजनांदगांव स्टेट हाईवे की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जल्द सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।1
- अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है?विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़ | Shuru App रिपोर्टर: दिनेश पटेल नई दिल्ली | राष्ट्रीय --- हेडलाइन: पेपर लीक पर विपक्ष की मंशा पर सवाल सरकार बोली "चर्चा के लिए तैयार", तो फिर संसद में बहस से क्यों परहेज? सब-हेडलाइन: सभी राज्यों के मुद्दे आएंगे सामने, जवाबदेही सिर्फ एक की नहीं होगी --- न्यूज़ : नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चल रही राजनीति के बीच अब एक अहम सवाल उठ रहा है - अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है? सरकार का पक्ष: "हम चर्चा के लिए तैयार" केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में खुली बहस के लिए तैयार है। सरकार का मानना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और ठोस समाधान निकाले जाने चाहिए। फिर विपक्ष क्यों नहीं ले रहा हिस्सा? इसी बीच विपक्ष द्वारा सदन में इस मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा न लेने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। यदि संसद में इस पर बहस होती है तो सिर्फ एक सरकार की नहीं, बल्कि सभी राज्यों और सभी दलों की जवाबदेही पर बात होगी। ऐसे में चर्चा से परहेज करना विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छात्रों के हित में खुली बहस जरूरी शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों का मानना है कि पेपर लीक एक राष्ट्रीय समस्या है और इसका समाधान तभी संभव है जब सभी पक्ष मिलकर संसद के पटल पर इस पर चर्चा करें। सरकार द्वारा चर्चा का प्रस्ताव रखे जाने के बाद भी विपक्ष का इस मुद्दे से दूरी बनाना इस बात का संकेत है कि वो समाधान से ज्यादा राजनीति करना चाहता है। अब देखना होगा कि विपक्ष छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सदन में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में शामिल होता है या नहीं।1
- भिलाई स्टील प्लांट में घुसकर स्क्रैब कॉपर चोरी करने वाले गिरोह के दो फरार आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण के तीनों आरोपी अब पुलिस गिरफ्त में भिलाई स्टील प्लांट में घुसकर स्क्रैब कॉपर चोरी करने वाले गिरोह के दो फरार आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण के तीनों आरोपी अब पुलिस गिरफ्त में ▪️ भिलाई इस्पात संयंत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर 210 किलोग्राम स्क्रैब कॉपर चोरी करने वाले प्रकरण के दो फरार आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। ▪️ पूर्व में मुख्य आरोपी से 210 किलोग्राम स्क्रैब कॉपर तार, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,26,000 है, जप्त कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। ▪️ फरार आरोपियों से पूछताछ में घटना में अपनी सहभागिता स्वीकार करने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। ▪️ औद्योगिक क्षेत्र में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु थाना भिलाई भट्ठी पुलिस द्वारा लगातार वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। संक्षिप्त विवरण : दिनांक 24.05.2026 को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) भिलाई द्वारा थाना भिलाई भट्ठी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 24.05.2026 को प्रातः लगभग 09:56 बजे भिलाई इस्पात संयंत्र के प्लेट मिल-03 के पीछे से कुछ व्यक्तियों द्वारा संयंत्र परिसर में अवैध रूप से प्रवेश कर 210 किलोग्राम स्क्रैब कॉपर चोरी कर ले जाने का प्रयास किया गया, जिन्हें सीआईएसएफ द्वारा पकड़ा गया। रिपोर्ट पर थाना भिलाई भट्ठी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान आरोपी नेमचंद यादव को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 210 किलोग्राम स्क्रैब कॉपर कीमत लगभग ₹1,26,000 जप्त किया गया तथा उसे दिनांक 24.05.2026 को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया था। प्रकरण के शेष फरार आरोपी आकाश कुहीकर एवं प्रीतम कुमार उर्फ पंचू निषाद की लगातार तलाश की जा रही थी। दिनांक 27.07.2026 को दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर भिलाई इस्पात संयंत्र में चोरी की घटना कारित करना स्वीकार किया। तत्पश्चात दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) : आरोपियों द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र परिसर में अवैध रूप से प्रवेश कर स्क्रैब कॉपर चोरी कर बाहर ले जाने का प्रयास किया गया। घटना के दौरान सीआईएसएफ की सतर्कता एवं तत्परता से आरोपी पकड़े गए तथा थाना भिलाई भट्ठी पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। घटनास्थल : भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP), प्लेट मिल-03 के पीछे, थाना भिलाई भट्ठी, जिला दुर्ग। आरोपी का नाम : 1. आकाश कुहीकर, उम्र 34 वर्ष, निवासी एमआईजी-02, क्वार्टर नं. 1745, ढांचा भवन, कुरूद, थाना जामुल, जिला दुर्ग। 2. प्रीतम कुमार उर्फ पंचू निषाद, उम्र 31 वर्ष, निवासी बजरंग पारा, मरोदा रेलवे स्टेशन के पास, स्टेशन मरोदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग। 3. नेमचंद यादव, उम्र 32 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 16, बीआरपी कॉलोनी, स्टेशन मरोदा, जिला दुर्ग (पूर्व में गिरफ्तार)। जप्त सामग्री : 1. 210 किलोग्राम स्क्रैब कॉपर। 2. अनुमानित कीमत – ₹1,26,000। सराहनीय कार्य : उक्त कार्यवाही में इंचार्ज थाना प्रभारी सउनि भारत सिंह चौधरी, प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम साहू, आरक्षक आशीष प्रसाद एवं अमित सिंह की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक संपत्ति से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। औद्योगिक क्षेत्र में चोरी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। —0000—1
- नशे से दूरी है जरूर अभियान के तहत कराई गई खेल गतिविधियां नशे से दूरी है जरूर अभियान के तहत कराई गई खेल गतिविधियां नशे से दूरी है जरूरी 2.0 मध्य प्रदेश पुलिस बालाघाट और जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, लांजी विकासखंड के शहीद भगत सिंह स्पोर्ट्स अकैडमी के तत्वाधान में वालीबाल एवं कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया साथ ही सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता संपन्न होने के पश्चात नशा मुक्ति अभियान के तहत शपथ दिलाई गई ।कार्यक्रम को आयोजित विकासखंड समन्वयक प्रज्ञात वासनिक द्वारा किया गया तथा बताया गया की खेलो के साथ साथ विकासखंड के अन्य विद्यालय में भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।प्रतियोगिता में सभी सीनियर खिलाड़ी भी उपस्थित रहे।1
- असम में इस समय लोग पिछले 6 दशकों (60 साल) की सबसे भीषण बाढ़ और तबाही का सामना कर रहे हैं। असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और राज्य में बाढ़ की भीषण स्थिति पैदा हो गई है। भारी बारिश के कारण राज्य के 750 से अधिक गांव पूरी तरह पानी में डूबे हैं और 6 लाख से अधिक लोग बेघर या बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आपदा के कारण अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं।1