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दुनियाभर में कई पारंपरिक खाद्य परंपराएँ हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं। वियतनाम के कुछ क्षेत्रों में सांप से बने व्यंजन, जिनमें सांप का दिल और अन्य अंग भी शामिल हैं, लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं। यह प्रथा हाल ही में एक विदेशी पर्यटक के वीडियो के बाद फिर से चर्चा में आई। हालांकि, सांप का दिल खाने से ताकत या मर्दानगी बढ़ने के दावों को समर्थन देने वाला कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि ऐसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पहले उनसे जुड़े स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों को समझना बेहद आवश्यक है।

3 hrs ago
user_Natural News
Natural News
Newspaper publisher सोनीपत, सोनीपत, हरियाणा•
3 hrs ago

दुनियाभर में कई पारंपरिक खाद्य परंपराएँ हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं। वियतनाम के कुछ क्षेत्रों में सांप से बने व्यंजन, जिनमें सांप का दिल और अन्य अंग भी शामिल हैं, लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं। यह प्रथा हाल ही में एक विदेशी पर्यटक के वीडियो के बाद फिर से चर्चा में आई। हालांकि, सांप का दिल खाने से ताकत या मर्दानगी बढ़ने के दावों को समर्थन देने वाला कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि ऐसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पहले उनसे जुड़े स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों को समझना बेहद आवश्यक है।

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  • दुनियाभर में कई पारंपरिक खाद्य परंपराएँ हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं। वियतनाम के कुछ क्षेत्रों में सांप से बने व्यंजन, जिनमें सांप का दिल और अन्य अंग भी शामिल हैं, लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं। यह प्रथा हाल ही में एक विदेशी पर्यटक के वीडियो के बाद फिर से चर्चा में आई। हालांकि, सांप का दिल खाने से ताकत या मर्दानगी बढ़ने के दावों को समर्थन देने वाला कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि ऐसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पहले उनसे जुड़े स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों को समझना बेहद आवश्यक है।
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    दुनियाभर में कई पारंपरिक खाद्य परंपराएँ हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं। वियतनाम के कुछ क्षेत्रों में सांप से बने व्यंजन, जिनमें सांप का दिल और अन्य अंग भी शामिल हैं, लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं। यह प्रथा हाल ही में एक विदेशी पर्यटक के वीडियो के बाद फिर से चर्चा में आई।

हालांकि, सांप का दिल खाने से ताकत या मर्दानगी बढ़ने के दावों को समर्थन देने वाला कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि ऐसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पहले उनसे जुड़े स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों को समझना बेहद आवश्यक है।
    user_Natural News
    Natural News
    Newspaper publisher सोनीपत, सोनीपत, हरियाणा•
    3 hrs ago
  • अयोध्या में राम जन्मभूमि क्षेत्र के श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बड़ी मात्रा में गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है। इस कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। राम जन्मभूमि आने-जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सड़क पर लगातार बह रहे पानी के चलते फिसलन तथा जलभराव से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से इस समस्या के तत्काल और स्थायी समाधान की मांग की है। उनकी अपील है कि नाले की मरम्मत शीघ्र की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके।
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    अयोध्या में राम जन्मभूमि क्षेत्र के श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बड़ी मात्रा में गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है।

इस कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। राम जन्मभूमि आने-जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सड़क पर लगातार बह रहे पानी के चलते फिसलन तथा जलभराव से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से इस समस्या के तत्काल और स्थायी समाधान की मांग की है। उनकी अपील है कि नाले की मरम्मत शीघ्र की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके।
    user_Amit mishra
    Amit mishra
    Local News Reporter Rohini, North West Delhi•
    1 hr ago
  • बागपत जनपद में ईंट भट्ठे के मजदूरों ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। मजदूरों ने भट्ठा मालिक पर उनकी बकाया मजदूरी के 6 लाख रुपये नहीं देने का आरोप लगाते हुए, यह राशि दिलाने और मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला चांदीनगर थाना क्षेत्र के कहरका गांव से जुड़ा है। मजदूरों का कहना है कि भट्ठा मालिक उन्हें पूरी बकाया राशि देने से इनकार कर रहा है और मांगने पर केवल डेढ़ लाख रुपये देने की बात करता है। पीड़ित परिवार पिछले एक महीने से अपनी मजदूरी के भुगतान के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़ित मजदूर अजहरुद्दीन ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ छह महीने से ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था। जब उन्होंने अपने काम का हिसाब मांगा, तो भट्ठा संचालक लगातार बहाने बना रहा है और पैसे मांगने पर उन्हें डराता-धमकाता है। अजहरुद्दीन ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले भट्ठे पर एक हादसा हुआ था, जिसमें एक 2 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी। भट्ठा मालिक ने उस मृतक बच्ची के परिजनों को आर्थिक सहायता दी थी, जिसे अब वह अजहरुद्दीन के परिवार की मजदूरी से वसूलना चाहता है। इसी कारण पीड़ित परिवार बेहद परेशान है और न्याय की गुहार लगा रहा है। जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत के बाद, अधिकारियों ने इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और फिलहाल जांच जारी है, साथ ही मजदूरों को जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया गया है।
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    बागपत जनपद में ईंट भट्ठे के मजदूरों ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। मजदूरों ने भट्ठा मालिक पर उनकी बकाया मजदूरी के 6 लाख रुपये नहीं देने का आरोप लगाते हुए, यह राशि दिलाने और मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला चांदीनगर थाना क्षेत्र के कहरका गांव से जुड़ा है।

मजदूरों का कहना है कि भट्ठा मालिक उन्हें पूरी बकाया राशि देने से इनकार कर रहा है और मांगने पर केवल डेढ़ लाख रुपये देने की बात करता है। पीड़ित परिवार पिछले एक महीने से अपनी मजदूरी के भुगतान के लिए दर-दर भटक रहा है।

पीड़ित मजदूर अजहरुद्दीन ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ छह महीने से ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था। जब उन्होंने अपने काम का हिसाब मांगा, तो भट्ठा संचालक लगातार बहाने बना रहा है और पैसे मांगने पर उन्हें डराता-धमकाता है।

अजहरुद्दीन ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले भट्ठे पर एक हादसा हुआ था, जिसमें एक 2 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी। भट्ठा मालिक ने उस मृतक बच्ची के परिजनों को आर्थिक सहायता दी थी, जिसे अब वह अजहरुद्दीन के परिवार की मजदूरी से वसूलना चाहता है। इसी कारण पीड़ित परिवार बेहद परेशान है और न्याय की गुहार लगा रहा है। जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत के बाद, अधिकारियों ने इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और फिलहाल जांच जारी है, साथ ही मजदूरों को जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया गया है।
    user_Instant News 24Hr
    Instant News 24Hr
    पत्रकार Baghpat, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा। "ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है। इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है। भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है। निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।
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    इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा।

"ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है।

इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है।

भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।

निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।
    user_Vishal Sharma journalist
    Vishal Sharma journalist
    Media company Rohini, North West Delhi•
    9 hrs ago
  • Post by Asha
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    Post by Asha
    user_Asha
    Asha
    उत्तर पश्चिमी दिल्ली, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    14 hrs ago
  • नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत इस प्रकरण से जुड़े दो अपराधियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले की गहन जांच लगातार जारी है।
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    नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत इस प्रकरण से जुड़े दो अपराधियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले की गहन जांच लगातार जारी है।
    user_सफाई सैनिक न्यूज़
    सफाई सैनिक न्यूज़
    Artist रोहिणी, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    14 hrs ago
  • बागपत पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण को दबोचा। उसके पास से लगभग 15 लाख रुपये कीमत का 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक सूटकेस और एक बैग में छिपा रखा था। पुलिस के अनुसार, शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने यह स्वीकार किया कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।
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    बागपत पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण को दबोचा। उसके पास से लगभग 15 लाख रुपये कीमत का 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक सूटकेस और एक बैग में छिपा रखा था।

पुलिस के अनुसार, शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने यह स्वीकार किया कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    Local News Reporter बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को इसी बारिश के कारण एक एटीएम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हालांकि मशीन को प्लास्टिक की पन्नी से ढककर उसका संचालन जारी रखा गया। बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना नदी के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है। बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बारिश से एक ओर किसानों की फसलों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन, विशेषकर वाहन चालकों के लिए, कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
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    बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को इसी बारिश के कारण एक एटीएम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हालांकि मशीन को प्लास्टिक की पन्नी से ढककर उसका संचालन जारी रखा गया।

बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना नदी के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बारिश से एक ओर किसानों की फसलों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन, विशेषकर वाहन चालकों के लिए, कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    Local News Reporter बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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