बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को इसी बारिश के कारण एक एटीएम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हालांकि मशीन को प्लास्टिक की पन्नी से ढककर उसका संचालन जारी रखा गया। बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना नदी के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है। बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बारिश से एक ओर किसानों की फसलों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन, विशेषकर वाहन चालकों के लिए, कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को इसी बारिश के कारण एक एटीएम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हालांकि मशीन को प्लास्टिक की पन्नी से ढककर उसका संचालन जारी रखा गया। बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना नदी के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है। बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बारिश से एक ओर किसानों की फसलों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन, विशेषकर वाहन चालकों के लिए, कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
- denanagar punjab1
- मोबाइल रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर जल्द ही सीधा असर पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां एयरटेल और जियो अपने टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो ग्राहकों को कॉलिंग और डेटा सेवाओं का उपयोग करने के लिए पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियों के इस कदम के पीछे 5G नेटवर्क के विस्तार और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को मुख्य कारण बताया जा रहा है।1
- दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं।1
- सहारनपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ विभाग ने एक स्कूली बस को फिटनेस जांच के दौरान अस्वीकृत कर दिया। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किए बिना किसी भी स्कूल बस को बच्चों के परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच के दौरान बस में कई गंभीर खामियां सामने आईं। बस का ब्रेक और लाइट सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, और बच्चों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी सीट बेल्ट तथा इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नदारद थी। इसके अतिरिक्त, बस में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण भी मौजूद नहीं पाए गए। बस की बॉडी और टायर बहुत ज़्यादा घिसे हुए थे, और बस में ओवरलोडिंग के संकेत भी मिले। आरटीओ अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को यह निर्देश दिया है कि सभी कमियों को 15 दिनों के भीतर दूर किया जाए और बस को दोबारा फिटनेस जांच के लिए प्रस्तुत किया जाए। जब तक बस सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती, तब तक उसे स्कूल ड्यूटी पर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल फिटनेस प्रमाणित और सुरक्षित स्कूल वाहनों में ही भेजें। उनका कहना है कि स्कूली वाहनों की नियमित फिटनेस जांच बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।1
- शामली जनपद में पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के तहत थाना कांधला पुलिस ने एक आरोपी को अवैध छुरे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आसिफ पुत्र मंजूर हसन, निवासी ग्राम आल्दी, थाना कांधला के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से एक अवैध छुरा बरामद हुआ। इस कार्रवाई को संदिग्ध व्यक्ति चेकिंग अभियान में कांधला पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसके संबंध में थाना कांधला पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- बागपत पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण को दबोचा। उसके पास से लगभग 15 लाख रुपये कीमत का 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक सूटकेस और एक बैग में छिपा रखा था। पुलिस के अनुसार, शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने यह स्वीकार किया कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।1
- बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को इसी बारिश के कारण एक एटीएम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हालांकि मशीन को प्लास्टिक की पन्नी से ढककर उसका संचालन जारी रखा गया। बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना नदी के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है। बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बारिश से एक ओर किसानों की फसलों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन, विशेषकर वाहन चालकों के लिए, कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।1