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मोबाइल रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर जल्द ही सीधा असर पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां एयरटेल और जियो अपने टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो ग्राहकों को कॉलिंग और डेटा सेवाओं का उपयोग करने के लिए पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियों के इस कदम के पीछे 5G नेटवर्क के विस्तार और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को मुख्य कारण बताया जा रहा है।

20 hrs ago
user_Natural News
Natural News
Newspaper publisher सोनीपत, सोनीपत, हरियाणा•
20 hrs ago

मोबाइल रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर जल्द ही सीधा असर पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां एयरटेल और जियो अपने टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो ग्राहकों को कॉलिंग और डेटा सेवाओं का उपयोग करने के लिए पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियों के इस कदम के पीछे 5G नेटवर्क के विस्तार और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को मुख्य कारण बताया जा रहा है।

  • user_HR02 City News
    HR02 City News
    Jagadhri, Yamunanagar
    acting fail hai , नकल भी अकल से होती है
    8 hrs ago
More news from हरियाणा and nearby areas
  • मोबाइल रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर जल्द ही सीधा असर पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां एयरटेल और जियो अपने टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो ग्राहकों को कॉलिंग और डेटा सेवाओं का उपयोग करने के लिए पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियों के इस कदम के पीछे 5G नेटवर्क के विस्तार और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
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    मोबाइल रिचार्ज कराने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर जल्द ही सीधा असर पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां एयरटेल और जियो अपने टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो ग्राहकों को कॉलिंग और डेटा सेवाओं का उपयोग करने के लिए पहले के मुकाबले अधिक खर्च करना पड़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियों के इस कदम के पीछे 5G नेटवर्क के विस्तार और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
    user_Natural News
    Natural News
    Newspaper publisher सोनीपत, सोनीपत, हरियाणा•
    20 hrs ago
  • इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा। "ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है। इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है। भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है। निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।
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    इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा।

"ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है।

इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है।

भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।

निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।
    user_Vishal Sharma journalist
    Vishal Sharma journalist
    Media company Rohini, North West Delhi•
    3 hrs ago
  • Post by Asha
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    Post by Asha
    user_Asha
    Asha
    उत्तर पश्चिमी दिल्ली, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत इस प्रकरण से जुड़े दो अपराधियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले की गहन जांच लगातार जारी है।
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    नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत इस प्रकरण से जुड़े दो अपराधियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले की गहन जांच लगातार जारी है।
    user_सफाई सैनिक न्यूज़
    सफाई सैनिक न्यूज़
    Artist रोहिणी, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं।
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    दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं।
    user_VACC 24 News
    VACC 24 News
    Media company अलीपुर, उत्तरी दिल्ली, दिल्ली•
    9 hrs ago
  • बागपत पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण को दबोचा। उसके पास से लगभग 15 लाख रुपये कीमत का 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक सूटकेस और एक बैग में छिपा रखा था। पुलिस के अनुसार, शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने यह स्वीकार किया कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।
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    बागपत पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण को दबोचा। उसके पास से लगभग 15 लाख रुपये कीमत का 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक सूटकेस और एक बैग में छिपा रखा था।

पुलिस के अनुसार, शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने यह स्वीकार किया कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    Local News Reporter बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को इसी बारिश के कारण एक एटीएम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हालांकि मशीन को प्लास्टिक की पन्नी से ढककर उसका संचालन जारी रखा गया। बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना नदी के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है। बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बारिश से एक ओर किसानों की फसलों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन, विशेषकर वाहन चालकों के लिए, कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
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    बागपत जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार को इसी बारिश के कारण एक एटीएम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, हालांकि मशीन को प्लास्टिक की पन्नी से ढककर उसका संचालन जारी रखा गया।

बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। निजी गोताखोर भी यमुना नदी के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

बागपत में अभी भी रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यह धान की बुवाई का समय है और फसलों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बारिश से एक ओर किसानों की फसलों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन, विशेषकर वाहन चालकों के लिए, कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    Local News Reporter बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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