पूज्य सद्गुरु कृष्णा माता के सत्संग में बही अध्यात्म की रसगंगा नई बाजार, भदोही | 08 मार्च 2026 नई बाजार स्थित काली माता मंदिर प्रांगण में इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। मध्यप्रदेश के आष्टा धाम से पधारी पूज्य संत माता कृष्णा के सानिध्य में आयोजित सत्संग एवं कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। माता कृष्णा अपने मुखारविंद से भक्तों को आध्यात्मिक संदेश देते हुए जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझा रही हैं। कथा के दौरान माता कृष्णा ने कहा कि जहां लोभ, लालच, ईर्ष्या और द्वेष होता है, वहां ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि मनुष्य का सुख और दुख दोनों ही उसके मन पर निर्भर करते हैं। यदि मन शुद्ध और शांत है तो जीवन में सुख की अनुभूति होती है, जबकि अशांत मन दुख का कारण बनता है। माता जी ने तोते की कथा के माध्यम से समझाया कि जो व्यक्ति संसार के बंधनों से मुक्त है वही सच्चा संत है। जो स्वयं ही मोह और बंधन में जकड़ा हुआ है, वह दूसरों को मुक्ति का मार्ग नहीं दिखा सकता। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपनी इच्छाओं और कामनाओं पर नियंत्रण कर लेता है, तभी वह वास्तविक स्वतंत्रता का अनुभव कर पाता है। उन्होंने व्यवहारिक जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि संसार में हर व्यक्ति किसी न किसी का सहारा होता है। पत्नी को पति का सहारा, पति को पत्नी का सहारा, पिता को पुत्र का सहारा और युवावस्था में पुत्र को पिता का सहारा मिलता है। लेकिन यह सांसारिक सहारा कब छूट जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। यदि मनुष्य को परमात्मा का सहारा मिल जाए तो उसका जीवन सार्थक और सफल हो जाता है। माता कृष्णा ने कहा कि जो व्यक्ति भगवान की शरण में रहता है, वह अंत समय में भगवान की गोद में प्राण त्यागता है। जिसके हृदय में गुरु का वास होता है, वह गुरु चरणों में प्राण त्यागता है, जबकि जो व्यक्ति सांसारिक मोह-माया में उलझा रहता है, वह उसी में फंसा हुआ जीवन समाप्त करता है। इसलिए उत्तम गति के लिए सत्संग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुंदर उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे विवाह के समय जब किसी को हल्दी या मेहंदी लग जाती है तो उसे अकेला नहीं छोड़ा जाता, उसी प्रकार जिस व्यक्ति को भगवान की भक्ति की हल्दी और सत्संग की मेहंदी लग जाती है, उसे भगवान भी कभी अकेला नहीं छोड़ते। इस अवसर पर विनय उमर वैश्य नारायण मोदनवाल धीरेन्द्र केसरी उमेश विश्वकर्मा सुभाष मौर्य, अंजलि मौर्या, तरुण कुमार शुक्ल सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु नर-नारी उपस्थित रहे और सत्संग का लाभ उठाया।
पूज्य सद्गुरु कृष्णा माता के सत्संग में बही अध्यात्म की रसगंगा नई बाजार, भदोही | 08 मार्च 2026 नई बाजार स्थित काली माता मंदिर प्रांगण में इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। मध्यप्रदेश के आष्टा धाम से पधारी पूज्य संत माता कृष्णा के सानिध्य में आयोजित सत्संग एवं कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। माता कृष्णा अपने मुखारविंद से भक्तों को आध्यात्मिक संदेश देते हुए जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझा रही हैं। कथा के दौरान माता कृष्णा ने कहा कि जहां लोभ, लालच, ईर्ष्या और द्वेष होता है, वहां ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि मनुष्य का सुख और दुख दोनों ही उसके मन पर निर्भर करते हैं। यदि मन शुद्ध और शांत है तो जीवन में सुख की अनुभूति होती है, जबकि अशांत मन दुख का कारण बनता है। माता जी ने तोते की कथा के माध्यम से समझाया कि जो व्यक्ति संसार के बंधनों से मुक्त है वही सच्चा संत है। जो स्वयं ही मोह और बंधन में जकड़ा हुआ है, वह दूसरों को मुक्ति का मार्ग नहीं दिखा सकता। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपनी इच्छाओं और कामनाओं पर नियंत्रण कर लेता है, तभी वह वास्तविक स्वतंत्रता का अनुभव कर पाता है। उन्होंने व्यवहारिक जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि संसार में हर व्यक्ति किसी न किसी का सहारा होता है। पत्नी को पति का सहारा, पति को पत्नी का सहारा, पिता को पुत्र का सहारा और युवावस्था में पुत्र को पिता का सहारा मिलता है। लेकिन यह सांसारिक सहारा कब छूट जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। यदि मनुष्य को परमात्मा का सहारा मिल जाए तो उसका जीवन सार्थक और सफल हो जाता है। माता कृष्णा ने कहा कि जो व्यक्ति भगवान की शरण में रहता है, वह अंत समय में भगवान की गोद में प्राण त्यागता है। जिसके हृदय में गुरु का वास होता है, वह गुरु चरणों में प्राण त्यागता है, जबकि जो व्यक्ति सांसारिक मोह-माया में उलझा रहता है, वह उसी में फंसा हुआ जीवन समाप्त करता है। इसलिए उत्तम गति के लिए सत्संग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुंदर उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे विवाह के समय जब किसी को हल्दी या मेहंदी लग जाती है तो उसे अकेला नहीं छोड़ा जाता, उसी प्रकार जिस व्यक्ति को भगवान की भक्ति की हल्दी और सत्संग की मेहंदी लग जाती है, उसे भगवान भी कभी अकेला नहीं छोड़ते। इस अवसर पर विनय उमर वैश्य नारायण मोदनवाल धीरेन्द्र केसरी उमेश विश्वकर्मा सुभाष मौर्य, अंजलि मौर्या, तरुण कुमार शुक्ल सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु नर-नारी उपस्थित रहे और सत्संग का लाभ उठाया।
- खाड़ी युद्ध गैस संकट गहराया, एजेंसियों पर उमड़ी भीड़ रिपोर्ट: अवनीश दुबे क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस को लेकर भारी संकट की स्थिति बनती जा रही है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की शुरुआत और गैस आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की चर्चाओं के बीच गैस एजेंसियों पर अचानक भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सामान्य दिनों में शांत रहने वाली गैस एजेंसियों पर इन दिनों लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग नंबर पर गैस बुक कराने के लिए कॉल किया जा रहा है, लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद कॉल नहीं लग पा रही है, जिससे लोग काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। कई लोग एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इधर कुछ ट्रॉली संचालक उपभोक्ताओं से पहले बुकिंग कराने की बात कहकर बुकिंग नंबर देखने के बाद गैस उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं। ऐसे में कुछ ट्रॉली संचालकों के गोदामों पर भी गैस लेने वालों की भारी भीड़ देखी जा रही है। गैस की किल्लत का असर विद्यालयों पर भी पड़ रहा है। मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) बनाने के लिए स्कूलों के प्रधानाचार्य गैस की व्यवस्था को लेकर परेशान हैं। पड़ाव स्थित प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य सुधीर सिंह ने बताया कि विद्यालयों में लकड़ी पर भोजन बनाने पर रोक है और गैस के लिए मारामारी की स्थिति है। मजबूरी में उन्हें अपने घर का सिलेंडर विद्यालय ले जाकर एमडीएम बनवाना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र संज्ञान लेने की मांग की है, अन्यथा जनपद के कई विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बन पाना मुश्किल हो जाएगा। आगे ईद का पर्व भी नजदीक है और वैवाहिक समारोहों का भी दौर चल रहा है। ऐसे में गैस की मांग और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि एक शादी समारोह में कम से कम 10 से 12 सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। गैस की किल्लत के कारण लोग असमंजस में हैं कि ऐसे हालात में शादी-ब्याह के कार्यक्रम कैसे संपन्न होंगे। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है, ताकि आम जनता, विद्यालयों और सामाजिक कार्यक्रमों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।3
- नई बाजार, भदोही | 08 मार्च 2026 नई बाजार स्थित काली माता मंदिर प्रांगण में इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। मध्यप्रदेश के आष्टा धाम से पधारी पूज्य संत माता कृष्णा के सानिध्य में आयोजित सत्संग एवं कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। माता कृष्णा अपने मुखारविंद से भक्तों को आध्यात्मिक संदेश देते हुए जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझा रही हैं। कथा के दौरान माता कृष्णा ने कहा कि जहां लोभ, लालच, ईर्ष्या और द्वेष होता है, वहां ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि मनुष्य का सुख और दुख दोनों ही उसके मन पर निर्भर करते हैं। यदि मन शुद्ध और शांत है तो जीवन में सुख की अनुभूति होती है, जबकि अशांत मन दुख का कारण बनता है। माता जी ने तोते की कथा के माध्यम से समझाया कि जो व्यक्ति संसार के बंधनों से मुक्त है वही सच्चा संत है। जो स्वयं ही मोह और बंधन में जकड़ा हुआ है, वह दूसरों को मुक्ति का मार्ग नहीं दिखा सकता। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपनी इच्छाओं और कामनाओं पर नियंत्रण कर लेता है, तभी वह वास्तविक स्वतंत्रता का अनुभव कर पाता है। उन्होंने व्यवहारिक जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि संसार में हर व्यक्ति किसी न किसी का सहारा होता है। पत्नी को पति का सहारा, पति को पत्नी का सहारा, पिता को पुत्र का सहारा और युवावस्था में पुत्र को पिता का सहारा मिलता है। लेकिन यह सांसारिक सहारा कब छूट जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। यदि मनुष्य को परमात्मा का सहारा मिल जाए तो उसका जीवन सार्थक और सफल हो जाता है। माता कृष्णा ने कहा कि जो व्यक्ति भगवान की शरण में रहता है, वह अंत समय में भगवान की गोद में प्राण त्यागता है। जिसके हृदय में गुरु का वास होता है, वह गुरु चरणों में प्राण त्यागता है, जबकि जो व्यक्ति सांसारिक मोह-माया में उलझा रहता है, वह उसी में फंसा हुआ जीवन समाप्त करता है। इसलिए उत्तम गति के लिए सत्संग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुंदर उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे विवाह के समय जब किसी को हल्दी या मेहंदी लग जाती है तो उसे अकेला नहीं छोड़ा जाता, उसी प्रकार जिस व्यक्ति को भगवान की भक्ति की हल्दी और सत्संग की मेहंदी लग जाती है, उसे भगवान भी कभी अकेला नहीं छोड़ते। इस अवसर पर विनय उमर वैश्य नारायण मोदनवाल धीरेन्द्र केसरी उमेश विश्वकर्मा सुभाष मौर्य, अंजलि मौर्या, तरुण कुमार शुक्ल सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु नर-नारी उपस्थित रहे और सत्संग का लाभ उठाया।1
- मध्य प्रदेश से आए संगीतकार महिला के द्वारा भजन4
- भदोही जिले के ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के पीपर गांव में पेट्रोल डालकर जलाने की सनसनीखेज घटना में बड़ा मोड़ सामने आया है। 55 वर्षीय जयसलाल सरोज की वाराणसी के BHU ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जयसलाल सरोज गांव के ग्राम प्रधान के घर हैंडपंप की पाइप मांगने गए थे, इसी दौरान विवाद हुआ और आरोप है कि प्रधान के बेटे ने उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना में जयसलाल सरोज करीब 80 प्रतिशत झुलस गए थे। उन्हें पहले जिला अस्पताल और बाद में वाराणसी के BHU ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी शैलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने गांव पहुंचकर जांच की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या की धारा 302 सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।#Bhadohi #BhadohiNews #UPNews #CrimeNews #BreakingNews #BHUtraumaCenter #Justice #UPPolice #HindiNews #ViralNews1
- हेडलाइंस: कलनुआ में श्रीमद भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, व्यास पंडित राघवेंद्र प्रपन्नाचार्य ने सुनाया भक्ति का संदेश समाचार: भदोही जनपद के जंगीगंज स्थित कलनुआ गांव में चल रही श्रीमद भागवत कथा का पांचवां दिन व्यास पीठ से पंडित राघवेंद्र प्रपन्नाचार्य जी के मुखारविंद से श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। कथा के दौरान आचार्य जी ने भगवान की भक्ति, धर्म और सदाचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और उसे आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। कथा श्रवण के लिए क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं और भक्ति भाव से कथा का रसपान कर रहे हैं। व्यास जी महाराज ने भगवान की लीलाओं का वर्णन करते हुए भक्तों को धर्म के मार्ग पर चलने और समाज में प्रेम व भाईचारे का संदेश दिया।1
- ज्ञानपुर कोतवाली प्रभारी अंजनी कुमार राय मौके पर पहुंचे। और भीम आर्मी के लोगों को समझा रहे, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही, असली आराधी को गिरफ्तार कर दंड दिया जाएगा, कानून अपने हाथ में लेने की हिमाकत न करें लोग लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने पर कार्यवाही होगी इसे ध्यान में रखो3
- ग्राम सभा पीपर गांव2
- भदोही। कटरा बाजार में बरनवाल समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें होली मिलन समारोह की तैयारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बरनवाल समाज का होली मिलन समारोह 17 मार्च को शाम 6 बजे आयोजित किया जाएगा। बैठक में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पदाधिकारियों का चयन भी किया गया। इसमें संध्या बरनवाल को अध्यक्ष, रीना बरनवाल को उपाध्यक्ष, मोनी बरनवाल को मंत्री तथा एकता बरनवाल को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं कार्यक्रम के संयोजक के रूप में रंजन बरनवाल और रेखा बरनवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि होली मिलन समारोह में हर वर्ष की तरह इस बार भी गीत-संगीत, रंग-गुलाल और गुजिया के साथ आपसी भाईचारे और उत्साह के बीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि इस बार समारोह को पहले से और बेहतर तरीके से आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर ममता बरनवाल, रीना बरनवाल, पूजा, प्रीति, पूर्णिमा, रीना (कटरा), रीना (रामरायपुर), रंजन बरनवाल (रजपुरा), रंजन (भदोही), ममता, अनामिका, माला, यशी, सरिता, मनी, रेनू, निखिल बरनवाल, विनीत बरनवाल सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।1