27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर तीन बजे मिली जानकारी अनुसार खैरागढ़ शहर में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग के बीच 25 फरवरी बुधवार शाम ईतवारी बाजार क्षेत्र में हुए दर्दनाक एंबुलेंस हादसे में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 55 वर्षीय कमल नारायण तिवारी (उर्फ बेबे महाराज) की मौत के बाद फरार एंबुलेंस चालक को पुलिस ने कुछ ही घंटों में वाहन सहित हिरासत में ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार किल्लापारा निवासी कमल नारायण तिवारी अपने घर लौट रहे थे। ग्रामीण बैंक के सामने तेज रफ्तार एंबुलेंस ने पहले सड़क पर खड़ी गाय को टक्कर मारी और अनियंत्रित होकर उन्हें जोरदार ठोकर मार दी। वे सड़क पर गिर पड़े और एंबुलेंस का पहिया उनके पेट के ऊपर से गुजर गया। गंभीर अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी चालक अजय शर्मा, पिता भारत शर्मा, निवासी दाढ़ी, जिला बेमेतरा को एंबुलेंस सहित हिरासत में ले लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि नगर क्षेत्र में पिछले छह माह के भीतर एंबुलेंस से जुड़ा यह तीसरा सड़क हादसा है। लगातार हो रही घटनाओं से नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों ने राहत भी महसूस की है। नागरिकों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त यातायात नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर तीन बजे मिली जानकारी अनुसार खैरागढ़ शहर में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग के बीच 25 फरवरी बुधवार शाम ईतवारी बाजार क्षेत्र में हुए दर्दनाक एंबुलेंस हादसे में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 55 वर्षीय कमल नारायण तिवारी (उर्फ बेबे महाराज) की मौत के बाद फरार एंबुलेंस चालक को पुलिस ने कुछ ही घंटों में वाहन सहित हिरासत में ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार किल्लापारा निवासी कमल नारायण तिवारी अपने घर लौट रहे थे। ग्रामीण बैंक के सामने तेज रफ्तार एंबुलेंस ने पहले सड़क पर खड़ी गाय को टक्कर मारी और अनियंत्रित होकर उन्हें जोरदार ठोकर मार दी। वे सड़क पर गिर पड़े और एंबुलेंस का पहिया उनके पेट के ऊपर से गुजर गया। गंभीर अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी चालक अजय शर्मा, पिता भारत शर्मा, निवासी दाढ़ी, जिला बेमेतरा को एंबुलेंस सहित हिरासत में ले लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि नगर क्षेत्र में पिछले छह माह के भीतर एंबुलेंस से जुड़ा यह तीसरा सड़क हादसा है। लगातार हो रही घटनाओं से नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों ने राहत भी महसूस की है। नागरिकों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त यातायात नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
- 27 फरवरी शुक्रवार को दोपहर तीन बजे मिली जानकारी अनुसार खैरागढ़ शहर में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग के बीच 25 फरवरी बुधवार शाम ईतवारी बाजार क्षेत्र में हुए दर्दनाक एंबुलेंस हादसे में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 55 वर्षीय कमल नारायण तिवारी (उर्फ बेबे महाराज) की मौत के बाद फरार एंबुलेंस चालक को पुलिस ने कुछ ही घंटों में वाहन सहित हिरासत में ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार किल्लापारा निवासी कमल नारायण तिवारी अपने घर लौट रहे थे। ग्रामीण बैंक के सामने तेज रफ्तार एंबुलेंस ने पहले सड़क पर खड़ी गाय को टक्कर मारी और अनियंत्रित होकर उन्हें जोरदार ठोकर मार दी। वे सड़क पर गिर पड़े और एंबुलेंस का पहिया उनके पेट के ऊपर से गुजर गया। गंभीर अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी चालक अजय शर्मा, पिता भारत शर्मा, निवासी दाढ़ी, जिला बेमेतरा को एंबुलेंस सहित हिरासत में ले लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि नगर क्षेत्र में पिछले छह माह के भीतर एंबुलेंस से जुड़ा यह तीसरा सड़क हादसा है। लगातार हो रही घटनाओं से नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों ने राहत भी महसूस की है। नागरिकों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त यातायात नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग की है।1
- *राजनांदगांव में गरजे दिग्विजय सिंह: केंद्र-राज्य सरकार पर साधा निशाना, बोले—‘जनता सब देख रही है’*4
- दुर्ग शहर के तथाकथित समाजसेवी ताराचंद रमेश कुमार जैन के ऊपर कुछ स्थानीय नागरिकों ने सरकारी नाले की जमीन पर अवैध कब्जा एवं निर्माण का आरोप लगाया शिकायत प्रशासन से भी की गई लगातार 2 साल से हो रही शिकायत के बावजूद समय-समय पर मौका देख कर अवैध निर्माण निरंतर जारी एक बार फिर स्थानीय नागरिकों ने संपूर्ण दस्तावेजों सहित प्रशासन से शिकायत की देखना यह होगा की शिकायत पर निष्पक्ष जांच होती है या नहीं ?1
- नहर से सिंचाई के लिये परेशान हो रहे सिंगोला के किसान: स्थानीय से लेकर जिले तक नहीं हुई सुनवाई लांजी। क्षेत्र में नहरों के रोटेशन के बाद भी किसानों को रबी की फसल के लिये सिंचाई हेतु पानी का नहीं मिल पाना चिंताजनक है, ऐसा खुद सिंगोला के किसानों का कहना है, उनके हिसाब से रबी की फसल के लिये परेशानी बेशुमार है और उस पर भी स्थानीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर तक आवेदन दिये जा चुके है लेकिन आज भी स्थिति जस की तस ही बनी हुई है, किसानो की खार पड़े-पड़े पीली हुई जा रही है परन्तु इसकी खोज खबर लेने वाला कोई नहीं है, छोटे से लेकर बड़े किसान जब 26 फरवरी को ग्राम में ही रायशुमारी के लिये एकजुट हुये तो मिडिया से चर्चा के दौरान उन्होने बताया कि जिस प्रकार रोटेशन के समय भी टेल क्षेत्र तक पानी नहीं मिल रहा है तो ऐसे में उनके वोट और चुने हुये नेता आखिर कब उनके काम आयेंगे, बहरहाल कुछ किसानों ने तो यह तक कहा कि सिर्फ सड़के और पुल-पुलिया ही विकास का आधार है तो क्या किसानों को सिंचाई के लिये जल उपलब्ध कराना प्राथमिकता नहीं और यह विकास का कैसा आधार है जिसमें किसान ही परेशान है। - यह है रोटेशन प्रणाली कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग बालाघाट के अंतर्गत संचालित बाघ दांयी तट नहर (अंतर्राज्जीय) परियोजना जो कि महाराष्ट्र एवं म.प्र. का संयुक्त उपक्रम है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रोटेशन प्रणाली के अंतर्गत रबी सिंचाई हेतु कार्यक्रम का निर्धारण किया गया है। रोटेशन प्रणाली के अनुसार वर्ष 2025-26 हेतु रबी कार्यकम अंतर्गत निम्नानुसार वितरक नहर में पानी दिया जाना प्रस्तावित है। जो की निम्नानुसार है 1. कुलपा कारंजा वितरक नहर क. 0 से 290 तक, कारंजा माइनर चैन क. 0 से 90 तक, सबमाइनर नं. 1 चैन क. 0 से 20 तक, सबमाइनर नं. 2 चैन क. 0 से 25 तक, कारंजा माइनर नं. 4 चैन क. 0 से 25, परसोडी माइनर चैन क. 0 से 32 तक, 2. सिंगोला वितरक नहर, सिंगोला वितरक नहर चैन क. 0 से 260 तक तक पानी दिया जाएगा। - यह प्रतिबंध भी है लागू यह विशेष उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्षानुसार रबी सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता मध्यप्रदेश राज्य को आबंटित जल भण्डारण (जो कि महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित किया जाता है) उपलब्ध करवाया जाता है। जो इस वर्ष आज दिनांक तक अप्राप्त है जिससे रबी कार्यक्रम में भविष्य में संशोधन किया जा सकता है। मुख्य नहर में विद्युत पम्प की अनुमति का निर्णय मध्यप्रदेश को आंवटित जल के आधार पर किया जावेगा। नहर का संचालन महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित अनुसार ही किया जावेगा। मुख्य नहर में किसी प्रकार का अडावा/अवरोध लगाना प्रतिबंधित है अडावा लगाये जाने पर संबंधित कृषक पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। प्रस्तावित रबी सिंचाई क्षेत्र के कृषकों से अपील की जाती है कि मुख्य नहर, वितरक नहर एवं माइनर के कोलाबे के समीप ही रबी धान फसल लगावे जिससे कि सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके। - यह है कहना है किसानों का सिंगोला के किसानों का कहना है कि पहले हिना कावरे और रमेश भटेरे के समय में रबी फसल को लेकर इतनी परेशानी नहीं होती थी जो कि अब हो रही है, जहां लांजी-आमगांव मुख्य मार्ग केे एक तरफ तो नहर झाड़ियों और मिट्टी से सफाई के अभाव में नाली जैसी हो गई है तो वहीं दूसरी तरफ नहर के पानी को विभाग द्वारा ही रोक दिये जाने की जानकारी किसानों के द्वारा दी गई, उसके बाद कुछ किसानों के द्वारा निजी तौर पर नहर के अड़ावे के पहले पंप की सहायता से नालियों के जरिये पानी सप्लाई की जा रही है, जो नालियां किसानों ने खुद के पैसो से जेसीबी की मदद से बनाई है। - अनसुलझी है किसानो की समस्या बहरहाल कुल मिलाकर देखा जाये तो किसानों की समस्या विगत कई दिनों के संघर्ष के बाद भी जस की तस बनी हुई है, चंद किसानो को रबी फसल के लिये पानी उपलब्ध हो रहा है तो वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस बात के लिये प्रयास कर रहे है, किसानों ने यहां तक कह दिया कि नेता अधिकारियों की भाषा बोल रहे है, जबकि पुराने नेता उनकी फसल की सिंचाई के लिये दौड़ तक लगा देते थे और उनको आज जो परेशानी हो रही है पहले के नेताओं के कार्यकाल में नहीं हुई, बहरहाल नियम कायदे जो भी हो किसान परेशान जरूर है और उनमें रबी फसल की सिंचाई हेतु आक्रोश भी देखा जा सकता है।1
- देखिये हुआ एक बार फिर से बवाल मच गया ह्ड़कंप दुर्ग मे धर्म को लेकर फिर हुआ दो पक्छ मे हुड़दंग....1
- समाजसेवा कर सभी रहें हैं लेकिन एकजुट होकर जब लोग समाजसेवी कार्य करें तो क्षेत्र सरलता आसानी से बेहतर बनें इसलिए जब दुर्ग के शासकीय कर्मी, जनप्रतिनिधि से निवेदन करने पर भी जब सुनवाई ना हो तो लोगों को एकजुट होकर बेहतर वातावरण निर्माण हेतु आगे आने की जरूरत पर अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता यहीं 90% नागरिकों की ऐसी सोच होती हैं। लगभग चार महीनों से दुर्ग के शासकीय विभाग की सीढ़ियों के पास में ट्यूबलाइट कों सुधारने या नया लगाने मांग किया लेकिन छोटी सी समस्या मानकर अनदेखा किया अंधेरे में सीढ़ियों से दिव्यांग व बुजुर्ग आना जाना करते जों कि अंधेरे में खराब बंद ट्यूबलाइट होने से दिक्कत होती इसलिए शासकीय विभाग व जनप्रतिनिधियों के निराशाजनक नकारात्मक जवाब मिलने पर स्वयं से इस सीढ़ियों के अंधेरे वाले मार्ग में ट्यूबलाइट लगवाया ऐसी कई समस्याएं दुर्ग में व्याप्त हैं जो कि उचित नहीं इसलिए सामाजिक सेवाकार्य करने की कोशिश करता हूं। (जयवर्धन समाजसेवी दुर्ग 9202219810 हंसराज नवयुवक मंडल।).1
- धमधा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 32 पावा के साथ आरोपी गिरफ्तार धमधा में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धमधा पुलिस टीम ने क्षेत्र के ठेलका चौक के पास कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को 32 पावा देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी रामनारायण ध्रुव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दबिश दी। लंबे समय से अवैध बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। आरोपी राकेश वर्मा को रंगे हाथों पकड़कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।1
- 27 फरवरी शुक्रवार को सुबह 10 बजे मिली जानकारी अनुसार राज्य शासन के निर्देशानुसार श्रम विभाग की विभिन्न हितग्राही योजनाओं का लाभ अब डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में दिया जा रहा है। योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र श्रमिकों तक पहुंचे, इसके लिए ई केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। जिला खैरागढ़ छुईखदान गंडई में कुल 6 हजार नौ सौ 84 पंजीकृत श्रमिकों का ई केवाईसी किया जाना है। राशन कार्ड एवं आधार डाटा का मिलान कर चरणबद्ध सत्यापन किया जा रहा है। श्रमपदाधिकारी उज्ज्वल भोई ने श्रमिकों से अपील की है कि जिनके मोबाइल पर डाटा असमानता का संदेश प्राप्त हुआ है, वे कलेक्टोरेट कार्यालय, कक्ष क्रमांक 23, खैरागढ़ में आधार की मूल प्रति के साथ पहुंचकर निःशुल्क ई केवाईसी पूर्ण कराएं।1