जनपद हरदोई के कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र में उस समय भारी दहशत फैल गई जब एक झाले (डेरे) पर अज्ञात बदमाशों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में 55 वर्षीय एक वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी और डर का माहौल है। बेनीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरपाल सिंह के झाले पर कुछ अज्ञात बदमाश अचानक आ धमके और बिना किसी चेतावनी के सीधे गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में झाले पर मौजूद बलविंदर सिंह पुत्र लखबीर सिंह को गोली लग गई, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल बलविंदर सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल के पुत्र हरपाल सिंह ने जानकारी दी कि अज्ञात हमलावरों ने अचानक आकर उनके पिता पर गोली चलाई। गोलीकांड की सूचना मिलते ही बेनीगंज कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस इस मामले में पुरानी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सघन जांच कर रही है।
जनपद हरदोई के कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र में उस समय भारी दहशत फैल गई जब एक झाले (डेरे) पर अज्ञात बदमाशों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में 55 वर्षीय एक वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी और डर का माहौल है। बेनीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरपाल सिंह के झाले पर कुछ अज्ञात बदमाश अचानक आ धमके और बिना किसी चेतावनी के सीधे गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में झाले पर मौजूद बलविंदर सिंह पुत्र लखबीर सिंह को गोली लग गई, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल बलविंदर सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल के पुत्र हरपाल सिंह ने जानकारी दी कि अज्ञात हमलावरों ने अचानक आकर उनके पिता पर गोली चलाई। गोलीकांड की सूचना मिलते ही बेनीगंज कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस इस मामले में पुरानी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सघन जांच कर रही है।
- भोजपुरी के एक्टर खेसारीलाल भरत तिवारी के परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे।1
- मूल पाठ में लुधियाना मंडी का उल्लेख किया गया है।1
- सीतापुर जनपद में समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने के बाद रविवार को राजनीतिक माहौल गर्मा गया। शहर की सीमा पर लगे इन विवादित बैनरों की सूचना मिलते ही सपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे और उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए धौरहरा से सांसद आनंद भदौरिया भी घटनास्थल पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इन पोस्टरों को हटवाया, जिसके लिए कुछ ऊँचे खंभों से पोस्टर हटाने हेतु क्रेन की सहायता भी लेनी पड़ी। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों में 'लाल टोपी' और 'साइकिल' को लेकर लिखे गए नारों को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि यह हरकत जानबूझकर पार्टी और उसके नेतृत्व की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से की गई थी। घटनास्थल पर मौजूद सपा नेताओं ने प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उनका स्पष्ट कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भड़काऊ और विवादित राजनीति को स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं, इन पोस्टरों को लेकर शहर में सियासी चर्चाएँ तेज हो गई हैं, और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये पोस्टर किसने और किन परिस्थितियों में लगाए थे। फिलहाल, सभी पोस्टर हटा दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस घटना ने सीतापुर की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।1
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- नीरज मौर्य को प्रखर एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड का जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है।4
- गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।1
- जिम्मेदार अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह शिकायत की गई है कि नालियों में भारी गंदगी और कीड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति 'स्वच्छ भारत मिशन' के दावों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। 'स्वस्थ भारत, सशक्त भारत' के नारे लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहाँ साफ-सफाई के दावों के बीच गंदगी खुलकर नजर आ रही है।1
- सीतापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खैराबाद में एक डॉक्टर पर किसान के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि डॉक्टर ने किसान से बातचीत के दौरान ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो एक जिम्मेदार चिकित्सक की पद और गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। इस घटना से स्थानीय किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों और आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार बेहद आवश्यक है, और यदि डॉक्टर ही अभद्र भाषा का प्रयोग करेंगे तो इससे स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होगी तथा आम जनता का भरोसा कम होगा। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। किसानों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि सीतापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएचसी खैराबाद परिसर में एक विशाल किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। किसानों ने सम्मान और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1