गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए 50 से अधिक नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें उपायुक्त के सामने प्रस्तुत कीं। प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, पेंशन, आवास, प्रमाण-पत्र जारी करने, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जनहित से जुड़े मामले प्रमुख थे। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान, गुमला नगर क्षेत्र के लघु एवं मध्यम आरओ प्लांट संचालकों ने नगर परिषद, गुमला द्वारा जारी नोटिस के आलोक में वार्षिक शुल्क, पंजीकरण शुल्क, वर्षा जल संचयन प्रणाली और केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) से संबंधित व्यवहारिक कठिनाइयों और आर्थिक बोझ का उल्लेख करते हुए राहत की मांग की। पालकोट प्रखंड की बिलिंगबीरा पंचायत में एक ही परिवार के दो सदस्यों को जन वितरण प्रणाली दुकान का लाइसेंस दिए जाने की शिकायत भी मिली, जिसमें निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, कामडरा प्रखंड के ग्राम पारही निवासी एक आवेदक ने आर.सी. प्राथमिक विद्यालय, पारही में सहायक शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में परिवार को प्राथमिकता देने के मौखिक आश्वासन का हवाला देते हुए विचार करने का अनुरोध किया। सिसई रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से सटे खाता संख्या-13, प्लॉट संख्या-123 से संबंधित एक आवेदन में लगभग 25 वर्षों से प्रचलित आम रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई और नागरिकों के आवागमन के लिए रास्ता बहाल करने की मांग की गई। ग्राम नागपेनी रापूटोली के ग्रामीणों ने आपसी भूमि और रास्ता विवाद के संदर्भ में दर्ज कराए गए आपराधिक मामले को झूठा और दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए निष्पक्ष जांच कर निर्दोष व्यक्तियों को राहत प्रदान करने का अनुरोध किया। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की आवश्यक जांच कर नियमानुसार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने और आमजनों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि यह दिवस आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, और प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर पारदर्शी एवं नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए 50 से अधिक नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें उपायुक्त के सामने प्रस्तुत कीं। प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, पेंशन, आवास, प्रमाण-पत्र जारी करने, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जनहित से जुड़े मामले प्रमुख थे। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान, गुमला नगर क्षेत्र के लघु एवं मध्यम आरओ प्लांट संचालकों ने नगर परिषद, गुमला द्वारा जारी नोटिस के आलोक में वार्षिक शुल्क, पंजीकरण शुल्क, वर्षा जल संचयन प्रणाली और केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) से संबंधित व्यवहारिक कठिनाइयों और आर्थिक बोझ का उल्लेख करते हुए राहत की मांग की। पालकोट प्रखंड की बिलिंगबीरा पंचायत में एक ही परिवार के दो सदस्यों को जन वितरण प्रणाली दुकान का लाइसेंस दिए जाने की शिकायत भी मिली, जिसमें निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, कामडरा प्रखंड के ग्राम पारही निवासी एक आवेदक ने आर.सी. प्राथमिक विद्यालय, पारही में सहायक शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में परिवार को प्राथमिकता देने के मौखिक आश्वासन का
हवाला देते हुए विचार करने का अनुरोध किया। सिसई रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से सटे खाता संख्या-13, प्लॉट संख्या-123 से संबंधित एक आवेदन में लगभग 25 वर्षों से प्रचलित आम रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई और नागरिकों के आवागमन के लिए रास्ता बहाल करने की मांग की गई। ग्राम नागपेनी रापूटोली के ग्रामीणों ने आपसी भूमि और रास्ता विवाद के संदर्भ में दर्ज कराए गए आपराधिक मामले को झूठा और दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए निष्पक्ष जांच कर निर्दोष व्यक्तियों को राहत प्रदान करने का अनुरोध किया। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की आवश्यक जांच कर नियमानुसार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने और आमजनों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि यह दिवस आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, और प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर पारदर्शी एवं नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- गुमला के चैनपुर में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत बुधवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रसिका क्लब, गुमला के कलाकारों ने लोक संगीत और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया।1
- गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए 50 से अधिक नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें उपायुक्त के सामने प्रस्तुत कीं। प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, पेंशन, आवास, प्रमाण-पत्र जारी करने, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जनहित से जुड़े मामले प्रमुख थे। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान, गुमला नगर क्षेत्र के लघु एवं मध्यम आरओ प्लांट संचालकों ने नगर परिषद, गुमला द्वारा जारी नोटिस के आलोक में वार्षिक शुल्क, पंजीकरण शुल्क, वर्षा जल संचयन प्रणाली और केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) से संबंधित व्यवहारिक कठिनाइयों और आर्थिक बोझ का उल्लेख करते हुए राहत की मांग की। पालकोट प्रखंड की बिलिंगबीरा पंचायत में एक ही परिवार के दो सदस्यों को जन वितरण प्रणाली दुकान का लाइसेंस दिए जाने की शिकायत भी मिली, जिसमें निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, कामडरा प्रखंड के ग्राम पारही निवासी एक आवेदक ने आर.सी. प्राथमिक विद्यालय, पारही में सहायक शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में परिवार को प्राथमिकता देने के मौखिक आश्वासन का हवाला देते हुए विचार करने का अनुरोध किया। सिसई रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से सटे खाता संख्या-13, प्लॉट संख्या-123 से संबंधित एक आवेदन में लगभग 25 वर्षों से प्रचलित आम रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई और नागरिकों के आवागमन के लिए रास्ता बहाल करने की मांग की गई। ग्राम नागपेनी रापूटोली के ग्रामीणों ने आपसी भूमि और रास्ता विवाद के संदर्भ में दर्ज कराए गए आपराधिक मामले को झूठा और दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए निष्पक्ष जांच कर निर्दोष व्यक्तियों को राहत प्रदान करने का अनुरोध किया। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की आवश्यक जांच कर नियमानुसार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने और आमजनों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि यह दिवस आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, और प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर पारदर्शी एवं नियमानुकूल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय में देर रात पेट्रोल बम फेंका गया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है, जिसमें दो संदिग्ध अपराधी नजर आ रहे हैं। घटना के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इन दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक टीमें गठित की हैं। पुलिस मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है और आम जनता से अपील की गई है कि यदि कोई इन संदिग्ध अपराधियों को देखता है तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दे।2
- गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग के पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुगी ने बुधवार को बिरसा मुंडा पार्क के समीप स्थित ठेलों, दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए ज़रूरी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के क्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने प्लास्टिक या शीशे की सुरक्षा व्यवस्था लगाने का निर्देश दिया, ताकि खाद्य सामग्री धूल, गंदगी और अन्य बाहरी प्रदूषण से सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि खुले में खाद्य पदार्थ बेचने से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके साथ ही, दुकानदारों को खाद्य सामग्री और पकवानों को अख़बार में लपेटकर बेचने पर भी सख्त रोक लगाने का निर्देश दिया गया। अधिकारी ने बताया कि अख़बार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही और रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्रकाश चंद्र गुगी ने सभी दुकानदारों को रविवार तक विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और यदि किसी दुकान में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आम जनता को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के दुकानदारों में जागरूकता बढ़ी है और स्वच्छता मानकों के पालन पर ज़ोर दिया गया है।3
- झारखंड के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड अंतर्गत शंख मोड़ मांझाटोली में बुधवार दोपहर करीब दो बजे तेज आंधी-तूफान आया। इस तूफान के कारण नेशनल हाईवे 43 पर मां आशा पूरा फ्यूल सेंटर के पास एक विशाल फुटकल का पेड़ गिर गया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग एक घंटे तक जाम रहा। हाईवे के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मदद की पहल करते हुए गिरे हुए विशाल पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा और हाईवे को आवागमन के लिए सुचारू किया। ग्रामीणों के इस सराहनीय सहयोग से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी राहत मिली। आंधी-तूफान ने शंखमोड़ मांझाटोली में छोटे दुकानदारों और घरों के बाहर लगी एस्बेस्टस की चादरों और विभिन्न पेड़ों की डालियों को भी गिरा दिया, जिससे घरों को नुकसान पहुंचा है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड परिसर में बुधवार को बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्सव सह मेला का आयोजन किया गया। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रखंड और पंचायत स्तर पर किसानों को योजना का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना और उन्हें अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में स्थापित करना है। आम उत्सव सह बागवानी मेला के दौरान, किसानों ने अपनी आवाज़ उठाते हुए उचित फल और बाज़ार उपलब्ध कराने की मांग की।1
- झारखंड के गुमला जिले में एक व्यक्ति को 40 साल के लंबे इंतजार के बाद अपनी ज़मीन के हक में फैसला मिला है, लेकिन अब उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस मामले में पुलिस के ढुलमुल रवैये पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वह भयभीत है।1
- झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत बेहद जर्जर है। इन सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि इसे देखकर कोई भी व्यक्ति दंग रह जाएगा।1