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जन्मदिन की मिठाई, बच्चों की मौत से ज्यादा जरूरी! 32 मौतें, 65+ भर्ती, 500+ इलाज। पाकिस्तान सरकार के लिए बच्चों की जान सिर्फ आंकड़े हैं। 32 मौतें, 65+ भर्ती, 500+ इलाज—ये संख्याएं नहीं, मासूमों की जिंदगी हैं। लेकिन वहां सरकार की प्राथमिकता सत्ता और प्रचार है, जनता की सेहत नहीं। एक तरफ बच्चे अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं, वहीं 17-09-1950 को जन्मे 'महा मानव' का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा है। पाकिस्तान सरकार के लिए यह जन्मदिन उन बच्चों की जान से ज्यादा जरूरी है। जब तक 'महा मानव' की शोभा बढ़ेगी, मासूमों की मौत का आंकड़ा बढ़ता रहेगा। यही है उनका असली चरित्र। #पाकिस्तान_सरकार_की_करतूत #बच्चों_की_जान_या_जन्मदिन #महा_मानव_का_सच #बालाघाट_जैसी_स्थिति #जवाबदेही_कहां_है
Rohit Kumar Unnavi
जन्मदिन की मिठाई, बच्चों की मौत से ज्यादा जरूरी! 32 मौतें, 65+ भर्ती, 500+ इलाज। पाकिस्तान सरकार के लिए बच्चों की जान सिर्फ आंकड़े हैं। 32 मौतें, 65+ भर्ती, 500+ इलाज—ये संख्याएं नहीं, मासूमों की जिंदगी हैं। लेकिन वहां सरकार की प्राथमिकता सत्ता और प्रचार है, जनता की सेहत नहीं। एक तरफ बच्चे अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं, वहीं 17-09-1950 को जन्मे 'महा मानव' का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा है। पाकिस्तान सरकार के लिए यह जन्मदिन उन बच्चों की जान से ज्यादा जरूरी है। जब तक 'महा मानव' की शोभा बढ़ेगी, मासूमों की मौत का आंकड़ा बढ़ता रहेगा। यही है उनका असली चरित्र। #पाकिस्तान_सरकार_की_करतूत #बच्चों_की_जान_या_जन्मदिन #महा_मानव_का_सच #बालाघाट_जैसी_स्थिति #जवाबदेही_कहां_है
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- हरदोई,,, कासिमपुर थाना क्षेत्र के कंजौरा गांव में मचा हाहाकार, 12 वर्षीय इकरा और 10 वर्षीय फजल की गई जान *काल बनी सई नदी: स्कूल से लौटकर बस्ता रख नहाने गए एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की डूबने से मौत* *कासिमपुर थाना क्षेत्र के कंजौरा गांव में मचा हाहाकार, 12 वर्षीय इकरा और 10 वर्षीय फजल की गई जान* *परिजनों को बिना बताए नदी में उतरे थे बच्चे, 3 किमी दूर गोरिया पुल के पास मिला भाई का शव* *स्वतंत्र हित / संवाददाता मोहम्मद तसलीम* *कासिमपुर/संडीला (हरदोई)।जनपद* के थाना कासिमपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कंजौरा में बुधवार को स्कूल से घर लौटे दो मासूम बच्चों के साथ एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा हो गया। स्कूल से वापस आने के बाद दोनों सगे भाई-बहन घर पर अपना *बस्ता (बैग) रखकर परिजनों को बिना बताए* पास ही बहने वाली सई नदी में नहाने चले गए। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से दोनों की डूबकर मौत हो गई। इस भीषण हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। *परिजनों को बिना बताए नहाने गए थे मासूम* प्राप्त जानकारी के अनुसार, कासिमपुर थाना क्षेत्र की मारड़ पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम कंजौरा निवासी मकबूल अली की 12 वर्षीय पुत्री इकरा और 10 वर्षीय पुत्र फजल बुधवार को रोज की तरह स्कूल गए थे। दोपहर में स्कूल से वापस लौटने के बाद दोनों बच्चों ने घर में अपना बस्ता रखा और किसी को बिना बताए सई नदी की तरफ चले गए। नदी में नहाने के दौरान पैर फिसलने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों बच्चे नदी के तेज बहाव में समा गए। *कंजौरा से 3 किलोमीटर दूर मिला भाई का शव* घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद मासूम बहन इकरा का शव तो मौके के पास ही नदी से बरामद हो गया, लेकिन भाई फजल पानी के तेज बहाव में बह गया। काफी खोजबीन के बाद फजल का शव घटनास्थल से करीब 2 से 3 किलोमीटर दूर गोरिया पुल के पास सई नदी से बाहर निकाला जा सका। *शवों को संडीला मोर्चरी भेजा, हर पहलू पर जांच जारी* हृदयविदारक हादसे की सूचना पर कासिमपुर थाना पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मासूमों के शवों को कब्जे में लेकर कानूनी पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस संडीला भेज दिया है। कासिमपुर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही और सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।3
- अचलगंज थाना बदरका चौकी क्षेत्र के बंथर पावर हाउस पर ग्रामीणों का हंगामा 24 घंटे बिजली न मिलने से लोग परेशान** **ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन** **बिजली विभाग के SDO अरविंद कुमार सिंह व JE आशुतोष त्रिपाठी व अन्य कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक** *जिला पंचायत सदस्य कल्लू सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों से हुई तीखी नोकझोंक* *उन्नाव के बंथर स्थित पावर हाउस पर बुधवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब बदहाल व्यवस्थाओं से तंग आकर ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग के कर्मचारियों पर फूट पड़ा!* *ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ जहां यूपीएसआईडीसी (UPSIDC)* *औद्योगिक क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उन ग्रामीणों को ही अंधेरे में धकेला जा रहा है, जिनकी* *जमीनों पर यह पावर हाउस और औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया है। लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान नज़र आ रहे है! इसी के साथ ग्रामीणों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगी फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले और गंदे* *पानी के कारण इलाके में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। दूषित पानी के चलते कई लोग* *गंभीर रोगों की चपेट में आ रहे हैं, यहां तक कि* *अनगिनत लोग कैंसर जैसी घातक बिमारी से पीड़ित हो रहे हैं।* *इसी जनसमस्या को लेकर आज जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी कल्लू सिंह के नेतृत्व में गांव के सामाजिक और राजनीतिक- *कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और पावर हाउस के बाहर जोरदार विरोध *प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच* *तीखी 'तू-तू मैं-मैं' और बहस भी हुई।* *ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली कटौती* *बंद नहीं की गई और फैक्ट्रियों के प्रदूषित पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे!* *विरोध प्रदर्शन मे कल्लू सिंह, अनिल सिंह, सोनू सिंह, मोनू सिंह, अमन दुबे,* *विपिन साहू, दीपक सिंह, विशाल सिंह और पवन सिंह (फौजी) सहित *अक्की सिंह तमाम* *ग्रामीण मौजूद रहे* *ग्रामीणों का कहना* *है,यदि अघोषित* *बिजली कटौती तुरंत बंद नहीं की गई और दूषित पानी की* *समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में और भी बड़ा रूप लेगे के लिए बाध्य होगा!*3
- यूपी पुलिस ने उन्नाव में तमंचा रखे युवक को लाइव वीडियो बनाक यूपी पुलिस ने उन्नाव में तमंचा रखे युवक को लाइव वीडियो बनाकर पकड़ा है। गंगा आरती स्थल के पास खड़ा हुआ था। तलाशी ली तो तमंचा और जिंदा कारतूस मिला। युवक जेल में है। वीडियो में 12वें सेकंड पर तमंचा दरोगा के हाथ में आ गया था लेकिन 2 सेकंड बाद ही आरोपी के हाथ में वापस दे दिया था।1
- ‼️उन्नाव में लोक अदालत का बड़ा असर! 99,078 वादों का निस्तारण, 52 जोड़ों ने सुलह से खत्म की कानूनी जंग।‼️ ➡️उन्नाव में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा असर! करीब 99 हजार 78 वादों का निस्तारण हुआ। 52 दंपतियों ने सुलह कर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के विधि छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की। न्यायालय ने इसे समाधान की दिशा में अहम पहल बताया।... ‼️स्वागत जिंदगी से श्याम जी गुप्ता के साथ विनोद मिश्रा की एक विशेष रिपोर्ट‼️1
- ब्रेकिंग न्यूज़: कानपुर के मसवानपुर में विराजे गजानन, फूलमती मंदिर के पास शाम की महाआरती में उमड़ा भक्तों का ब्रेकिंग न्यूज़: कानपुर के मसवानपुर में विराजे गजानन, फूलमती मंदिर के पास शाम की महाआरती में उमड़ा भक्तों का हुजूम कानपुर (वार्ड 8, मसवानपुर): कानपुर के मसवानपुर (वार्ड संख्या 8) स्थित प्राचीन फूलमती मंदिर के समीप भव्य पंडाल में स्थापित विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की संध्या महाआरती बेहद धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुई। शाम ढलते ही आरती के समय गजानन के दर्शन और वंदन के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों, करताल और शंखनाद के बीच दीपों से सजी थालियों के साथ बप्पा की भव्य संध्या आरती उतारी गई। 'गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया' के गगनभेदी जयकारों से पूरा मसवानपुर क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया। वार्ड 8 के स्थानीय निवासियों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर आरती में भाग लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आरती के उपरांत भगवान गणेश को मोदक व लड्डुओं का प्रिय भोग लगाकर उपस्थित जनसमूह में महाप्रसाद वितरित किया गया। फूलमती मंदिर के पास स्थापित इस गणेश उत्सव पंडाल में संध्या आरती का यह मनमोहक मन को भा गया1
- सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में एक बस स्टैंड का परिसर बेहद खराब और उपेक्षित स्थिति में दिखाई दे रहा है। आसपास घास-फूस और गंदगी नजर आ रही है, जबकि परिसर की दीवारों की हालत भी खराब दिखाई देती है। हालात ऐसे नजर आते हैं कि कुछ लोग खुद सफाई करते और परिसर को सुधारने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रही तस्वीरें यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि जब सार्वजनिक सुविधाओं के विकास और रखरखाव को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, तो जमीन पर इन व्यवस्थाओं की नियमित देखरेख कितनी हो रही है? स्थानीय स्तर पर सफाई, रखरखाव और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभाग से जवाब और आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की जा सकती है। दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर भी सामने आनी चाहिए—आखिर इस बदहाल बस स्टैंड की जिम्मेदारी किसकी है?1
- जन्मदिन की मिठाई, बच्चों की मौत से ज्यादा जरूरी! 32 मौतें, 65+ भर्ती, 500+ इलाज। पाकिस्तान सरकार के लिए बच्चों की जान सिर्फ आंकड़े हैं। 32 मौतें, 65+ भर्ती, 500+ इलाज—ये संख्याएं नहीं, मासूमों की जिंदगी हैं। लेकिन वहां सरकार की प्राथमिकता सत्ता और प्रचार है, जनता की सेहत नहीं। एक तरफ बच्चे अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं, वहीं 17-09-1950 को जन्मे 'महा मानव' का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा है। पाकिस्तान सरकार के लिए यह जन्मदिन उन बच्चों की जान से ज्यादा जरूरी है। जब तक 'महा मानव' की शोभा बढ़ेगी, मासूमों की मौत का आंकड़ा बढ़ता रहेगा। यही है उनका असली चरित्र। #पाकिस्तान_सरकार_की_करतूत #बच्चों_की_जान_या_जन्मदिन #महा_मानव_का_सच #बालाघाट_जैसी_स्थिति #जवाबदेही_कहां_है1
- स्पेस टेक्नोलॉजी के दावों के बीच लखनऊ की सड़क धंसी, योगी सरकार से सवाल—राजधानी नहीं संभल रही तो यूपी कैसे संभलेगा? स्पेस टेक्नोलॉजी के दावों के बीच लखनऊ की सड़क धंसी, योगी सरकार से सवाल—राजधानी नहीं संभल रही तो यूपी कैसे संभलेगा? लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया यह वीडियो सड़क व्यवस्था और सरकारी दावों के बीच बड़ा सवाल खड़ा करता है। वीडियो में सड़क का एक हिस्सा बुरी तरह धंसा और गहरे गड्ढे में तब्दील नजर आ रहा है, जिसके आसपास सुरक्षा के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं। सवाल यह है कि जब सरकार आधुनिक तकनीक, स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, तो राजधानी की सड़कों की यह तस्वीर उन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल क्यों खड़े कर रही है? हाल के दिनों में लखनऊ में बारिश के बाद सड़क धंसने और जलभराव की कई घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। सितंबर की शुरुआत में शहर में सड़क धंसने के कई मामले सामने आए, जिनमें एक जगह दस फीट से अधिक गहरी जगह बनने और बाइक सवार के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 सितंबर को अधिकारियों को बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत करने और प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में इस वीडियो ने विपक्ष और आम जनता के लिए सवाल उठाने का मौका दिया है—अगर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सड़कें बड़े गड्ढों और धंसाव की समस्या से जूझ रही हैं, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों में सड़क व्यवस्था की निगरानी कितनी प्रभावी है? और एक सवाल सरकार से भी—जिस स्पेस और हाईटेक टेक्नोलॉजी की उपलब्धियों की बात की जाती है, क्या उसका इस्तेमाल जमीन पर मौजूद ऐसी समस्याओं की समय रहते पहचान और समाधान के लिए भी हो रहा है? यह वीडियो सिर्फ एक सड़क की तस्वीर नहीं, बल्कि सड़क निर्माण, गुणवत्ता, जलनिकासी, निगरानी और समय पर मरम्मत की व्यवस्था पर जवाब मांगता सवाल बनकर सामने आया है।1