उत्तराखंड सरकार आवारा पशु पालने पर 12 हजार रुपये प्रति महीने तक देगी, जान लीजिए स्कीम पिथौरागढ़ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य निराश्रित घूम रहे मवेशियों को आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने के साथ ही उनसे फसलों को बचाना भी है। देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने आवारा पशुओं को सड़कों और खेतों से हटाने के लिए दो योजनाएं शुरू की हैं जिनके तहत इन मवेशियों को आश्रय देने वाले लोग हर माह 12 हजार रुपये तक कमा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पशुपालन विभाग की ये योजनाएं केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि ने बताया कि ग्राम गौर सेवक योजना के अंतर्गत अधिकतम पांच नर आवारा पशुओं को पालने वाले को 80 रु प्रति पशु के हिसाब से पैसे दिए जाएंगे जबकि उन पशुओं को निशुल्क स्वास्थ्य देखभाल भी उपलब्ध करायी जाएगी। इस प्रकार, पांच नर आवारा पशुओं को रखने वालों को पशुपालन विभाग 12 हजार रुपये प्रतिमाह देगा। उन्होंने बताया कि जिले में अभी इस योजना का लाभ छह व्यक्ति उठा रहे हैं। शर्मा ने बताया कि दूसरी योजना 'गौशाला योजना' के नाम से शुरू की गयी है जिसमें कोई व्यक्ति अपने गौसदन में किसी भी संख्या में निराश्रित पशुओं को रख सकता है जिसके लिए उसे 80 रु प्रति पशु के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया, 'जिले के मुनस्यारी और बारावे में दो गौशालाएं चल रही हैं जिनमें कुल 225 निराश्रित पशुओं को आश्रय और भोजन मिल रहा है।'
उत्तराखंड सरकार आवारा पशु पालने पर 12 हजार रुपये प्रति महीने तक देगी, जान लीजिए स्कीम पिथौरागढ़ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य निराश्रित घूम रहे मवेशियों को आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने के साथ ही उनसे फसलों को बचाना भी है। देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने आवारा पशुओं को सड़कों और खेतों से हटाने के लिए दो योजनाएं शुरू की हैं जिनके तहत इन मवेशियों को आश्रय देने वाले लोग हर माह 12 हजार रुपये तक कमा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पशुपालन विभाग की ये योजनाएं केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि ने बताया कि ग्राम गौर सेवक योजना के अंतर्गत अधिकतम पांच नर आवारा पशुओं को पालने वाले को 80 रु प्रति पशु के हिसाब से पैसे दिए जाएंगे जबकि उन पशुओं को निशुल्क स्वास्थ्य देखभाल भी उपलब्ध करायी जाएगी। इस प्रकार, पांच नर आवारा पशुओं को रखने वालों को पशुपालन विभाग 12 हजार रुपये प्रतिमाह देगा। उन्होंने बताया कि जिले में अभी इस योजना का लाभ छह व्यक्ति उठा रहे हैं। शर्मा ने बताया कि दूसरी योजना 'गौशाला योजना' के नाम से शुरू की गयी है जिसमें कोई व्यक्ति अपने गौसदन में किसी भी संख्या में निराश्रित पशुओं को रख सकता है जिसके लिए उसे 80 रु प्रति पशु के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया, 'जिले के मुनस्यारी और बारावे में दो गौशालाएं चल रही हैं जिनमें कुल 225 निराश्रित पशुओं को आश्रय और भोजन मिल रहा है।'
- उत्तराखंड सरकार आवारा पशु पालने पर 12 हजार रुपये प्रति महीने तक देगी, जान लीजिए स्कीम पिथौरागढ़ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य निराश्रित घूम रहे मवेशियों को आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने के साथ ही उनसे फसलों को बचाना भी है। देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने आवारा पशुओं को सड़कों और खेतों से हटाने के लिए दो योजनाएं शुरू की हैं जिनके तहत इन मवेशियों को आश्रय देने वाले लोग हर माह 12 हजार रुपये तक कमा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पशुपालन विभाग की ये योजनाएं केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि ने बताया कि ग्राम गौर सेवक योजना के अंतर्गत अधिकतम पांच नर आवारा पशुओं को पालने वाले को 80 रु प्रति पशु के हिसाब से पैसे दिए जाएंगे जबकि उन पशुओं को निशुल्क स्वास्थ्य देखभाल भी उपलब्ध करायी जाएगी। इस प्रकार, पांच नर आवारा पशुओं को रखने वालों को पशुपालन विभाग 12 हजार रुपये प्रतिमाह देगा। उन्होंने बताया कि जिले में अभी इस योजना का लाभ छह व्यक्ति उठा रहे हैं। शर्मा ने बताया कि दूसरी योजना 'गौशाला योजना' के नाम से शुरू की गयी है जिसमें कोई व्यक्ति अपने गौसदन में किसी भी संख्या में निराश्रित पशुओं को रख सकता है जिसके लिए उसे 80 रु प्रति पशु के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया, 'जिले के मुनस्यारी और बारावे में दो गौशालाएं चल रही हैं जिनमें कुल 225 निराश्रित पशुओं को आश्रय और भोजन मिल रहा है।'1
- कत्यूर महोत्सव द्वितीय दिवस , भजन संध्या प्रमोद जोशी की सुंदर प्रस्तुति1
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- अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में जनपद में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत थाना लमगड़ा पुलिस ने बिना नंबर स्कूटी से नशा तस्करी कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 920 ग्राम अवैध चरस बरामद की, जिसकी कीमत लगभग 1.84 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी अल्मोड़ा बलवंत सिंह रावत के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष लमगड़ा प्रमोद पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने धौलाकुड़िया तिराहे के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान बिना नंबर स्कूटी सवार एक व्यक्ति को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से अवैध चरस बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलवंत सिंह (39) पुत्र उमेद सिंह, निवासी ग्राम कोटला, पोस्ट बेडचुला, थाना मुक्तेश्वर, जनपद नैनीताल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना लमगड़ा में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20/60 के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही स्कूटी को भी सीज कर दिया गया। कार्रवाई में उपनिरीक्षक नरेश कोहली, हेड कांस्टेबल ललित मोहन जोशी और हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह शामिल रहे।1
- उत्तराखंड :देहरादून में ब्रिगेडियर हत्याकांड के आरोपी के पैर में पुलिस ने मारी गोरी1
- चंपावत:फायर सर्विस टनकपुर की तत्परता से दो स्थानों पर लगी जंगल की आग पर पाया गया काबू*1
- *जनपद चम्पावत* दिनांक 03 अप्रैल 2026 को फायर स्टेशन टनकपुर को सूचना मिली कि आमबाग (टनकपुर) के पास झाड़ियों में भीषण आग लगी है। सूचना मिलते ही बिना देरी किए फायर यूनिट घटनास्थल पर पहुँची। मुख्य कार्यवाही: ✅ मोटर फायर इंजन और होज रील की मदद से पंपिंग कर आग पर काबू पाया गया। सागौन के पेड़ों और आसपास की झाड़ियों में लगी आग को बुझाया गया। आग तेजी से पास के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की ओर बढ़ रही थी, जिसे फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद समय रहते रोक लिया। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासियों को वन संपदा की सुरक्षा और आग से बचाव के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। चंपावत पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।1
- गरुड़ के कोठों गांव की महिलाओं ने नशे के खिलाफ उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन; उत्तराखंड क्रांति दल ने दिया समर्थन. गरुड़ के कोठों गांव की महिलाओं ने गांव में बढ़ते नशे के खिलाफ उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने बताया कि गांव में कुछ लोग शराब बेच रहे हैं, जबकि बाहरी व्यक्ति शराब पीने और पिलाने आ रहे हैं। साथ ही, जुवा खेला जा रहा है, जिससे छोटे-छोटे बच्चे बिगड़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इन अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई कर गांव को नशामुक्त बनाने की मांग की। इस अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल के ब्लॉक अध्यक्ष गरुड़ ने भी नशामुक्ति की मांग कर रही महिलाओं को समर्थन दिया और नशे के खिलाफ लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया।1