logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

फरसगांव नगर के बड़ेडोंगर रोड पर स्थित एक चिकन-मटन दुकान के पास शनिवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे अंकित बघेल को बाइक सवार प्रवेश मंडावी और शिवलाल ने टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित हुई बाइक इसके तुरंत बाद एक पिकअप वाहन से जा भिड़ी। इस पूरे हादसे में तीनों युवक घायल हो गए, जिनमें से दो को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया गया है।

4 hrs ago
user_Tomesh Rana
Tomesh Rana
फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
4 hrs ago

फरसगांव नगर के बड़ेडोंगर रोड पर स्थित एक चिकन-मटन दुकान के पास शनिवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे अंकित बघेल को बाइक सवार प्रवेश मंडावी और शिवलाल ने टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित हुई बाइक इसके तुरंत बाद एक पिकअप वाहन से जा भिड़ी। इस पूरे हादसे में तीनों युवक घायल हो गए, जिनमें से दो को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया गया है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
    1
    नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
    user_Atul Netam
    Atul Netam
    Local News Reporter नारायणपुर, नारायणपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • थाना आमाबेड़ा पुलिस ने हाल ही में एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 7.94 लीटर शराब के साथ-साथ नकदी भी जब्त की है।
    1
    थाना आमाबेड़ा पुलिस ने हाल ही में एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 7.94 लीटर शराब के साथ-साथ नकदी भी जब्त की है।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) के कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र से हाल ही में एक हृदयस्पर्शी ट्रैप कैमरा वीडियो सामने आया है, जिसमें हाथियों का एक झुंड अपने नन्हे शावकों के साथ लगभग 3,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित एक छोटी झिरिया में पानी पीते और स्नान करते दिख रहा है। यह दृश्य भीषण गर्मी और जल संकट के दौरान प्रकृति-आधारित छोटे हस्तक्षेपों की जीवनदायिनी भूमिका को स्पष्ट करता है। 'झिरिया' रेतीली परतों को खोदकर प्राप्त होने वाला भूमिगत जल प्रवाह का एक पारंपरिक स्रोत है। जलवायु परिवर्तन, लंबे शुष्क काल और बढ़ते तापमान की चुनौतियों के मद्देनजर, यूएसटीआर ने अपने क्षेत्र में जल संवर्धन का व्यापक अभियान चलाकर 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण किया है, साथ ही वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 34 सौर ऊर्जा संचालित पंप भी स्थापित किए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने 'सुपर एल-नीनो' या 'गॉडज़िला एल-नीनो' की आशंका व्यक्त की है, जिससे असामान्य रूप से उच्च तापमान, अनियमित वर्षा, दीर्घकालीन सूखा और भीषण गर्मी हो सकती है। ऐसी चरम परिस्थितियों में जल और चारे की कमी से वन्यजीवों के मानव बस्तियों की ओर आने की संभावना बढ़ती है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हो सकती है। यूएसटीआर की एक अनूठी विशेषता यह है कि यह हाथियों, बाघों, तेंदुओं और अन्य वन्य प्रजातियों के साथ-साथ 100 से अधिक गाँवों का भी आश्रय स्थल है, इसलिए यहाँ वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों दोनों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए यूएसटीआर दूरस्थ वन क्षेत्रों में 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण व रख-रखाव, 34 सौर ऊर्जा संचालित जल पंपों का संचालन, जल उपलब्धता और वन्यजीव गतिविधियों की निरंतर निगरानी, हाथियों की आवाजाही के लिए प्रारंभिक चेतावनी व संघर्ष न्यूनीकरण तंत्र को सुदृढ़ करना तथा वन क्षेत्र के भीतर पर्याप्त जल एवं चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कर वन्यजीवों के गाँवों की ओर आने की संभावना को कम करने जैसे सक्रिय उपाय कर रहा है। इन महत्वपूर्ण जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व ने संरक्षण और गश्त को भी मजबूत किया है। इसी क्रम में, यूएसटीआर के कर्मचारियों ने हाल ही में ओडिशा के कटफाड़, कुसुमखुंटा और खिपरीमाल गाँवों के सात शिकारियों को झिरियाओं में जहरीले पदार्थ डालने की कोशिश करते हुए पकड़ा। यदि यह कृत्य सफल हो जाता, तो हाथियों, मांसाहारियों और शाकाहारी वन्यजीवों सहित अनेक प्रजातियों की सामूहिक मृत्यु हो सकती थी, जो इन जल स्रोतों के पारिस्थितिक महत्व और उनकी सतत सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। कुल्हाड़ीघाट की झिरिया में हाथियों और उनके शावकों का आनंद लेते हुए यह दृश्य साफ दर्शाता है कि समय पर किए गए आवास प्रबंधन के प्रयास वन क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन की चरम परिस्थितियों के प्रति अधिक सक्षम और लचीला बनाते हैं। जैसा कि कहा गया है, "गर्मी के चरम समय में जल से भरी प्रत्येक झिरिया केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा है। ये झिरियाएँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने, जैव विविधता के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।'' उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ इसके भीतर एवं आसपास निवास करने वाले लोगों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    1
    गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) के कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र से हाल ही में एक हृदयस्पर्शी ट्रैप कैमरा वीडियो सामने आया है, जिसमें हाथियों का एक झुंड अपने नन्हे शावकों के साथ लगभग 3,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित एक छोटी झिरिया में पानी पीते और स्नान करते दिख रहा है। यह दृश्य भीषण गर्मी और जल संकट के दौरान प्रकृति-आधारित छोटे हस्तक्षेपों की जीवनदायिनी भूमिका को स्पष्ट करता है। 'झिरिया' रेतीली परतों को खोदकर प्राप्त होने वाला भूमिगत जल प्रवाह का एक पारंपरिक स्रोत है। जलवायु परिवर्तन, लंबे शुष्क काल और बढ़ते तापमान की चुनौतियों के मद्देनजर, यूएसटीआर ने अपने क्षेत्र में जल संवर्धन का व्यापक अभियान चलाकर 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण किया है, साथ ही वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 34 सौर ऊर्जा संचालित पंप भी स्थापित किए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों ने 'सुपर एल-नीनो' या 'गॉडज़िला एल-नीनो' की आशंका व्यक्त की है, जिससे असामान्य रूप से उच्च तापमान, अनियमित वर्षा, दीर्घकालीन सूखा और भीषण गर्मी हो सकती है। ऐसी चरम परिस्थितियों में जल और चारे की कमी से वन्यजीवों के मानव बस्तियों की ओर आने की संभावना बढ़ती है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हो सकती है। यूएसटीआर की एक अनूठी विशेषता यह है कि यह हाथियों, बाघों, तेंदुओं और अन्य वन्य प्रजातियों के साथ-साथ 100 से अधिक गाँवों का भी आश्रय स्थल है, इसलिए यहाँ वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों दोनों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए यूएसटीआर दूरस्थ वन क्षेत्रों में 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण व रख-रखाव, 34 सौर ऊर्जा संचालित जल पंपों का संचालन, जल उपलब्धता और वन्यजीव गतिविधियों की निरंतर निगरानी, हाथियों की आवाजाही के लिए प्रारंभिक चेतावनी व संघर्ष न्यूनीकरण तंत्र को सुदृढ़ करना तथा वन क्षेत्र के भीतर पर्याप्त जल एवं चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कर वन्यजीवों के गाँवों की ओर आने की संभावना को कम करने जैसे सक्रिय उपाय कर रहा है।

इन महत्वपूर्ण जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व ने संरक्षण और गश्त को भी मजबूत किया है। इसी क्रम में, यूएसटीआर के कर्मचारियों ने हाल ही में ओडिशा के कटफाड़, कुसुमखुंटा और खिपरीमाल गाँवों के सात शिकारियों को झिरियाओं में जहरीले पदार्थ डालने की कोशिश करते हुए पकड़ा। यदि यह कृत्य सफल हो जाता, तो हाथियों, मांसाहारियों और शाकाहारी वन्यजीवों सहित अनेक प्रजातियों की सामूहिक मृत्यु हो सकती थी, जो इन जल स्रोतों के पारिस्थितिक महत्व और उनकी सतत सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

कुल्हाड़ीघाट की झिरिया में हाथियों और उनके शावकों का आनंद लेते हुए यह दृश्य साफ दर्शाता है कि समय पर किए गए आवास प्रबंधन के प्रयास वन क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन की चरम परिस्थितियों के प्रति अधिक सक्षम और लचीला बनाते हैं। जैसा कि कहा गया है, "गर्मी के चरम समय में जल से भरी प्रत्येक झिरिया केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा है। ये झिरियाएँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने, जैव विविधता के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।'' उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ इसके भीतर एवं आसपास निवास करने वाले लोगों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    user_Www.Chirghar.com
    Www.Chirghar.com
    पत्रकार Bindranavagarh(Gariyaband), Chhattisgarh•
    21 hrs ago
  • आज, 21 जून 2026 को विश्व योग दिवस के अवसर पर, जगदलपुर में पतंजलि समिति द्वारा 100 से अधिक जगहों पर योग अभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर प्रशिक्षकों को शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों, विद्यालयों, खेड़ा परिसर, इंदिरा गांधी स्टेडियम, एनएमडीसी और मानव सविज्ञान संग्रहालय जैसे बड़े-बड़े स्थलों पर भेजा गया। इन प्रशिक्षकों ने वहां उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को योग अभ्यास करवाया, ताकि वे प्रतिदिन योग करते हुए निरोग रह सकें। 'प्रतिदिन योग करते रहें और निरोग रहें' के नारे के साथ इस अभ्यास को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया, जिसे काफी सराहनीय बताया गया है।
    3
    आज, 21 जून 2026 को विश्व योग दिवस के अवसर पर, जगदलपुर में पतंजलि समिति द्वारा 100 से अधिक जगहों पर योग अभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर प्रशिक्षकों को शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों, विद्यालयों, खेड़ा परिसर, इंदिरा गांधी स्टेडियम, एनएमडीसी और मानव सविज्ञान संग्रहालय जैसे बड़े-बड़े स्थलों पर भेजा गया।

इन प्रशिक्षकों ने वहां उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को योग अभ्यास करवाया, ताकि वे प्रतिदिन योग करते हुए निरोग रह सकें। 'प्रतिदिन योग करते रहें और निरोग रहें' के नारे के साथ इस अभ्यास को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया, जिसे काफी सराहनीय बताया गया है।
    user_Sudheer tiwari
    Sudheer tiwari
    जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    19 min ago
  • बस्तर संभाग के थाना करपावंड क्षेत्र में प्रशासन की टीम अवैध कब्जा तोड़ने पहुंची। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बवाल हो गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
    2
    बस्तर संभाग के थाना करपावंड क्षेत्र में प्रशासन की टीम अवैध कब्जा तोड़ने पहुंची। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बवाल हो गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
    user_AKKU KHAN
    AKKU KHAN
    Salesperson जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने फरसगांव-रांधना मार्ग पर चिचाड़ी नाला पर बने एक उच्च स्तरीय पुल का लोकार्पण किया। इस पुल के निर्माण में 3 करोड़ 5 लाख 27 हजार रुपये की लागत आई है, और इसके तैयार होने से क्षेत्र के लोगों को पूरे वर्ष सुगम तथा सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
    1
    केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने फरसगांव-रांधना मार्ग पर चिचाड़ी नाला पर बने एक उच्च स्तरीय पुल का लोकार्पण किया। इस पुल के निर्माण में 3 करोड़ 5 लाख 27 हजार रुपये की लागत आई है, और इसके तैयार होने से क्षेत्र के लोगों को पूरे वर्ष सुगम तथा सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • फरसगांव नगर के बड़ेडोंगर रोड पर स्थित एक चिकन-मटन दुकान के पास शनिवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे अंकित बघेल को बाइक सवार प्रवेश मंडावी और शिवलाल ने टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित हुई बाइक इसके तुरंत बाद एक पिकअप वाहन से जा भिड़ी। इस पूरे हादसे में तीनों युवक घायल हो गए, जिनमें से दो को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया गया है।
    1
    फरसगांव नगर के बड़ेडोंगर रोड पर स्थित एक चिकन-मटन दुकान के पास शनिवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे अंकित बघेल को बाइक सवार प्रवेश मंडावी और शिवलाल ने टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई।

अनियंत्रित हुई बाइक इसके तुरंत बाद एक पिकअप वाहन से जा भिड़ी। इस पूरे हादसे में तीनों युवक घायल हो गए, जिनमें से दो को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया गया है।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.