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उन्नाव जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र के ग़ालिबपुर से एक वायरल रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद राजनीतिक भूचाल मच गया है। हिलौली मंडल मंत्री सुभाषिनी कश्यप ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं, और संबंधित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो गालिबपुर थाना मौरांवा से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें रास्ता निर्माण को लेकर मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। इसी घटना से संबंधित मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वायरल सामग्री के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, और लोगों की निगाहें अब प्रशासन व पार्टी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
RAMA SHANKAR SHUKLA
उन्नाव जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र के ग़ालिबपुर से एक वायरल रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद राजनीतिक भूचाल मच गया है। हिलौली मंडल मंत्री सुभाषिनी कश्यप ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं, और संबंधित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो गालिबपुर थाना मौरांवा से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें रास्ता निर्माण को लेकर मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। इसी घटना से संबंधित मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वायरल सामग्री के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, और लोगों की निगाहें अब प्रशासन व पार्टी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
More news from Rae Bareli and nearby areas
- हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के बरौला ग्राम सभा का निरीक्षण पूर्व विधायक राकेश सिंह ने किया। इस दौरान, कट्टर समाजवादी समर्थक भगवती यादव ने भी यह बात स्वीकार की कि विकास कार्यों के मामले में पूर्व विधायक राकेश सिंह सबसे आगे रहे हैं।1
- प्रतापगढ़ में श्रीगंगा दशहरा महोत्सव की तैयारियों को आज अंतिम रूप दे दिया गया है, जिसका आयोजन 26 मई को होना है। इस पावन अवसर पर मां बेल्हा देवी धाम को 21,000 दीपों से जगमगाया जाएगा और एक भव्य महा आरती का आयोजन भी किया जाएगा। महोत्सव के लिए बेल्हा देवी धाम और उसके घाटों की सफाई का कार्य ईओ नगर पालिका राकेश कुमार के निर्देशन में सफाई निरीक्षक संतोष सिंह और नगर पालिका की टीम द्वारा शुरू किया गया था, जिसे अब पूरी तरह से 'लगदक' यानी स्वच्छ और प्रकाशित कर दिया गया है। सभी तैयारियों की गहन समीक्षा की गई है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने भी 26 मई को श्रीगंगा दशहरा महोत्सव को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।1
- रायबरेली के लालगंज स्थित विद्युत उपखंड कार्यालय पर शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान बच्चा सिंह के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 13 मई के तूफान के बाद से कई गांवों में ठप पड़ी बिजली आपूर्ति और अधिकारियों की कथित लापरवाही के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में एसडीओ को हटाना, सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करना, ट्रिपिंग की समस्या का समाधान करना और कथित धन उगाही के आरोपों की जांच कराना शामिल था। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बढ़ाने और प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त लाइन स्टाफ तथा अलग-अलग टीमों की तैनाती की भी मांग की। धरने के दौरान भीषण गर्मी के कारण दो बुजुर्ग महिलाएं बेहोश हो गईं, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में, विद्युत विभाग द्वारा ग्रामीणों की मांगों पर कार्रवाई करने और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद, प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे।1
- रायबरेली के चन्दापुर थाना क्षेत्र स्थित जनई गांव के महराजपुर मजरे में अज्ञात कारणों से भीषण आग लगने से चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के चलते आग ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में लोगों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी कुछ ही देर में राख में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि आसपास के लोग सहम गए। महिलाएं और बच्चे अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। ग्रामीणों ने अपनी तरफ से बाल्टियों और मोटर पंपों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार फैलती चली गई। सूचना मिलने पर तत्काल फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। चन्दापुर थाने की पुलिस फोर्स के साथ एडिशनल एसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया। ग्रामीणों और दमकल कर्मियों की घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ही आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना की जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन सहित जिले के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार सत्यराजा और हल्का लेखपाल ने प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। प्रशासन ने पीड़ितों को शासन स्तर से हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया है।3
- अमेठी में नगर पंचायत द्वारा प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड नंबर 3, कटरा राजा हिम्मत सिंह के सैकड़ों ग्रामीणों ने व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में एसडीएम प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियों की मुख्य मांग है कि तालाब सौंदर्यीकरण से पहले श्मशान और सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करके अलग से सीमांकित किया जाए, और उसके बाद ही बची हुई भूमि पर कोई योजना शुरू की जाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर कब्रिस्तान की जमीन से छेड़छाड़ की जा सकती है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण व सुरक्षा के लिए शासन ने धनराशि स्वीकृत की थी और नगर पंचायत ने टेंडर भी जारी किया था। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद केवल कुछ पिलर लगाकर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, और पांच साल बीत जाने के बाद भी बाउंड्रीवाल नहीं बन पाई है। इस पर जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पंचायत बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा नहीं कराती है, तो वे अपने निजी फंड से शेष निर्माण करवाएंगे। उन्होंने आम जनता को आश्वासन दिया है कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाकर जल्द ही इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। नगरवासियों ने अपनी मांग दोहराई है कि पहले सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल की विधिवत पैमाइश, सीमांकन और सुरक्षा कार्य पूरा किया जाए, और उसके बाद ही तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाए। एसडीएम ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने आज अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित कराने और वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर अमेठी तहसील में प्रदर्शन किया। संगठन ने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें बताया गया कि नगर क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने इस संबंध में अपनी मांग रखी है। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, सार्वजनिक कब्रिस्तान की गाटा संख्या 248 और 249 की भूमि की सुरक्षा के लिए वर्ष 2020-21 में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत बाउंड्री निर्माण एवं अन्य सुरक्षा संबंधी कार्य स्वीकृत किए गए थे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी यह निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। ज्ञापन में बताया गया है कि संबंधित स्थल पर केवल आंशिक निर्माण कराया गया और शेष कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इससे कब्रिस्तान की भूमि असुरक्षित बनी हुई है तथा भविष्य में अतिक्रमण और भूमि विवाद की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग के माध्यम से भूमि की विधिवत पैमाइश और सीमांकन कराया जाए, कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत अधूरे निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगरवासियों की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।4
- अमेठी में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने आज तहसील में प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन की मुख्य मांग सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित कराना और वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराना है, जिस संबंध में नगर क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने भी अपनी बात रखी है। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि सार्वजनिक कब्रिस्तान की गाटा संख्या 248 और 249 की भूमि की सुरक्षा के लिए वर्ष 2020-21 में 15वें वित्त आयोग के तहत बाउंड्री निर्माण और अन्य सुरक्षा संबंधी कार्य स्वीकृत किए गए थे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी यह निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। ज्ञापन के अनुसार, संबंधित स्थल पर केवल आंशिक निर्माण हुआ है और शेष कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। इस अधूरे कार्य के कारण कब्रिस्तान की भूमि असुरक्षित बनी हुई है, जिससे भविष्य में अतिक्रमण और भूमि विवाद की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से राजस्व विभाग के माध्यम से भूमि की विधिवत पैमाइश और सीमांकन कराने, कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत अधूरे निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगरवासियों की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मामले की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।1
- उन्नाव जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र के ग़ालिबपुर से एक वायरल रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद राजनीतिक भूचाल मच गया है। हिलौली मंडल मंत्री सुभाषिनी कश्यप ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं, और संबंधित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो गालिबपुर थाना मौरांवा से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें रास्ता निर्माण को लेकर मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। इसी घटना से संबंधित मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वायरल सामग्री के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, और लोगों की निगाहें अब प्रशासन व पार्टी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।1