गुरुवार देर रात करीब 11 बजे कोलायत विधानसभा क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। तूफान की तीव्र गति के कारण क्षेत्रभर में बड़ी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। कई गांवों में देर रात से ही विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंधी-तूफान के चलते अनेक स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ और कई ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हो गए। बिजली विभाग के संजय भदोरिया ने जानकारी दी कि प्रारंभिक आकलन में क्षेत्र में 250 से अधिक बिजली के पोल गिरने की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य क्षतिग्रस्त पोलों का सर्वे और गणना जारी है। व्यापक नुकसान के कारण कई गांवों में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप है, हालांकि विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं और शुक्रवार देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीकोलायत स्थित पवित्र कपिल सरोवर परिसर भी तूफान की चपेट में आ गया, जहाँ वर्षों पुराने विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए और तालाब के किनारे एक बिजली का पोल टूटकर लटक गया, जिससे खतरे की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, कोलायत तहसील के सबसे बड़े गांव झझू में देर रात से बिजली गुल होने के कारण मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिओ टावरों में लगे बैटरी बैकअप ने काम करना बंद कर दिया, जिससे नेटवर्क पूरी तरह गायब हो गया और आपसी संपर्क तथा आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान में दिक्कतें आईं। ग्रामीणों ने जिओ कंपनी के अधिकारियों से पर्याप्त बैटरी बैकअप और वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था की मांग की है। प्रशासन और संबंधित विभाग नुकसान का आकलन करने तथा व्यवस्था को सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं। हालांकि आंधी-तूफान से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन हुए व्यापक नुकसान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
गुरुवार देर रात करीब 11 बजे कोलायत विधानसभा क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। तूफान की तीव्र गति के कारण क्षेत्रभर में बड़ी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। कई गांवों में देर रात से ही विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंधी-तूफान के चलते अनेक स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ और कई ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हो गए। बिजली विभाग के संजय भदोरिया ने जानकारी दी कि प्रारंभिक आकलन में क्षेत्र में 250 से अधिक बिजली के पोल गिरने की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य क्षतिग्रस्त पोलों का सर्वे और गणना जारी है। व्यापक नुकसान के कारण कई गांवों में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप है, हालांकि विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं और शुक्रवार देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीकोलायत स्थित पवित्र कपिल सरोवर परिसर भी तूफान की चपेट में आ गया, जहाँ वर्षों पुराने विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए और तालाब के किनारे एक बिजली का पोल टूटकर लटक गया, जिससे खतरे की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, कोलायत तहसील के सबसे बड़े गांव झझू में देर रात से बिजली गुल होने के कारण मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिओ टावरों में लगे बैटरी बैकअप ने काम करना बंद कर दिया, जिससे नेटवर्क पूरी तरह गायब हो गया और आपसी संपर्क तथा आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान में दिक्कतें आईं। ग्रामीणों ने जिओ कंपनी के अधिकारियों से पर्याप्त बैटरी बैकअप और वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था की मांग की है। प्रशासन और संबंधित विभाग नुकसान का आकलन करने तथा व्यवस्था को सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं। हालांकि आंधी-तूफान से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन हुए व्यापक नुकसान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
- नागौर पुलिस ने 'नशा मुक्त नागौर अभियान' के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई लगभग ₹1 करोड़ 13 लाख 45 हज़ार रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और वृताधिकारी जतिन जैन के निकट पर्यवेक्षण तथा आईपीएस अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में खींवसर पुलिस थाना के हिस्ट्रीशीटर और नामी तस्कर भोपालराम पुत्र खम्माराम विश्नोई की संपत्ति जब्त की गई। भोपालराम, जो पांचलासिद्धा के विश्नोईयों की ढाणी का निवासी है, साल 2018 से अवैध डोडा पोस्त की तस्करी कर रहा था और साल 2020 से मादक पदार्थ बेचकर अर्जित रुपयों से ये बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें पांचलासिद्धा में दो आलीशान मकान, पांचलासिद्धा से पांचौड़ी जाने वाली सड़क पर एक निर्माणाधीन दुकानें कॉम्पलेक्स, नाल हाईवे बीकानेर रोड पर 0.4875 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन और चार वाहन (ट्रैक्टर, क्रेटा गाड़ी, बोलेरो पीकअप, बाइक) शामिल हैं। ये सभी संपत्तियां उसने अपने पारिवारिक रिश्तेदारों जैसे पिता खम्माराम, पत्नी शारदा, भाई गोपाल विश्नोई, भाई की पत्नी सुशीला, और साले रामस्वरूप व सुभाष के नाम करवा दी थीं। आरोपी भोपालराम के खिलाफ राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के कुल 08 प्रकरण दर्ज हैं, और उस पर कुल 15 आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। वर्तमान में वह न्यायिक अभिरक्षा में है, तथा उसके विरुद्ध डेगाना पुलिस थाना, नागौर में प्रकरण संख्या 217/2025 तहत एक मामला जांचाधीन है। राजस्व और आयकर विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड में इन संपत्तियों को अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त सप्लाई से अर्जित किया जाना पाया गया, जिसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत कार्रवाई करते हुए इन्हें फ्रीज किया गया। इस फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली द्वारा भी कंफर्म किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा बेचकर समाज को खोखला करने वाले अपराधियों के खिलाफ इस तरह की प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।4
- पोकरण क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा सरकारी और अन्य भूमि पर कथित रूप से कब्जा किए जाने के आरोपों को लेकर पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ निचले स्तर के कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिससे बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। फकीर ने दावा किया कि जमीनों के रिकॉर्ड (टर्मिन) को कथित रूप से गलत तरीके से बदलकर उन्हें अन्य स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। पूर्व जिला प्रमुख ने पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी को भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए। अन्यथा, फकीर के अनुसार, विधायक को यह स्वीकार करना होगा कि वे इन भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। इस बयान के बाद क्षेत्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। फिलहाल, विधायक पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- सिंधु सांस्कृति गौरव यात्रा का जैतसर के क्रिस्टल पैलेस 5जीबी में पहुँचने पर भानुशाली काच्छी सिंधी समाज और पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा वीरवार को पुष्प वर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर मोरवानी, सिंधी संस्कृति गौरव यात्रा के सह प्रभारी डॉक्टर प्रदीप गेहानी, संभाग प्रभारी मानसिंह मामनानी, बीकानेर संभाग से घनश्याम हरवाणी, संभाग प्रभारी गंग हनुमानगढ़ से महेश कौढवानी और बीकानेर से सुरेश केसवानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति यात्रा में शामिल थे। यात्रा के वक्ताओं ने इसके मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास के नेतृत्व में साधु-संतों के आशीर्वाद से पूरे प्रदेश के सभी जिलों में 5000 किलोमीटर की यह यात्रा आयोजित की जा रही है। इसका प्राथमिक लक्ष्य युवा पीढ़ी को सिंधु सनातन संस्कृति से जोड़ना है। साथ ही, समाज की मातृशक्ति और हर वर्ग के जुड़ाव को मजबूत करते हुए गौरवमयी सिंधी संस्कृति, साहित्य और महापुरुषों के चित्रों से लोगों को अवगत कराना और बच्चों को सिंधी संस्कृति से जोड़ने का आह्वान करना भी इसके महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल है। मीडिया प्रभारी पवन नंदा के अनुसार, स्वागत समारोह के दौरान भानुशाली काच्छी सिंधी समाज के अध्यक्ष लेखराज गजरा, ताराचंद फुलिया, टीकम गोरी, बबलू मिठिया, दौलत गोरी, दीपक बदरा, अशोक गजरा, संजय फुलिया, मनू मिठिया, किशन बदरा, राहुल गजरा, रामचन्द्र कटारिया, किशन मिठिया, दिनेश फुलिया, हिमांशु बक्कड़, हेमंत कुमार, चेतन फुलिया, जेठा बदरा, पवन नंदा और दौलत गोरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। पूज्य सिंधी पंचायत की ओर से अध्यक्ष दयाल चन्द आयलानी, मोहनलाल जेसाणी, दलीप कंधराणी, शतिष वधालानी, सुन्दर लाल, जितेन्द्र जियाणी, मनोज जियाणी, केशव कुमार, टेकचंद कंधराणी, अनिल मेधाणी और सुरेश जियाणी सहित सिंधी समाज के अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।2
- Post by Keshari chand1
- जोधपुर से जुड़ी एक महिला इन्फ्लुएंसर के बारे में एक विशेष समाचार न्यूज़ इंडिया पर दिखाया गया है।1
- प्रशासन ने ग्रामीणों की चौपाल में भाग लिया और जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान, प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया।1
- परीक्षा से संबंधित जाँच प्रक्रिया में अनियमितता का मामला सामने आया है, जहाँ विद्यार्थियों और निजी व्यक्तियों द्वारा चेकिंग की जा रही है। बताया गया है कि परीक्षा परिणाम से जुड़े इस कार्य में पुलिस प्रशासन का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है, इसके बावजूद भी यह जाँच निजी लोगों की तरफ से हो रही है।1
- जैसलमेर जिले के मड़ाई गांव के पास रहीम की ढाडी में सोलह बिजली के पोल गिर गए हैं, जिसके कारण पिछले पांच दिनों से गांव में बिजली नहीं आ रही है। इस घटना से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण फतेहगढ़ बिजली घर गए थे, जहाँ के कर्मचारियों ने बिजली ठीक करने के लिए उनसे बहुत सारे पैसे मांगे। ग्रामीणों द्वारा पैसे न दिए जाने पर, कर्मचारियों ने कथित तौर पर कहा कि वे अगले दस दिनों तक बिजली बहाल नहीं करेंगे।1
- नागौर जिले के ओसियां के गोपासरिया गांव में बिजली के ट्रांसफर (डीपी) को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि वे बिजली के इस ट्रांसफर को किसी भी सूरत में दूसरी जगह नहीं जाने देंगे।1