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जैसलमेर जिले के मड़ाई गांव के पास रहीम की ढाडी में सोलह बिजली के पोल गिर गए हैं, जिसके कारण पिछले पांच दिनों से गांव में बिजली नहीं आ रही है। इस घटना से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण फतेहगढ़ बिजली घर गए थे, जहाँ के कर्मचारियों ने बिजली ठीक करने के लिए उनसे बहुत सारे पैसे मांगे। ग्रामीणों द्वारा पैसे न दिए जाने पर, कर्मचारियों ने कथित तौर पर कहा कि वे अगले दस दिनों तक बिजली बहाल नहीं करेंगे।
Ursa khan
जैसलमेर जिले के मड़ाई गांव के पास रहीम की ढाडी में सोलह बिजली के पोल गिर गए हैं, जिसके कारण पिछले पांच दिनों से गांव में बिजली नहीं आ रही है। इस घटना से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण फतेहगढ़ बिजली घर गए थे, जहाँ के कर्मचारियों ने बिजली ठीक करने के लिए उनसे बहुत सारे पैसे मांगे। ग्रामीणों द्वारा पैसे न दिए जाने पर, कर्मचारियों ने कथित तौर पर कहा कि वे अगले दस दिनों तक बिजली बहाल नहीं करेंगे।
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- जैसलमेर जिले के मड़ाई गांव के पास रहीम की ढाडी में सोलह बिजली के पोल गिर गए हैं, जिसके कारण पिछले पांच दिनों से गांव में बिजली नहीं आ रही है। इस घटना से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण फतेहगढ़ बिजली घर गए थे, जहाँ के कर्मचारियों ने बिजली ठीक करने के लिए उनसे बहुत सारे पैसे मांगे। ग्रामीणों द्वारा पैसे न दिए जाने पर, कर्मचारियों ने कथित तौर पर कहा कि वे अगले दस दिनों तक बिजली बहाल नहीं करेंगे।1
- पोकरण क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा सरकारी और अन्य भूमि पर कथित रूप से कब्जा किए जाने के आरोपों को लेकर पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ निचले स्तर के कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिससे बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। फकीर ने दावा किया कि जमीनों के रिकॉर्ड (टर्मिन) को कथित रूप से गलत तरीके से बदलकर उन्हें अन्य स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। पूर्व जिला प्रमुख ने पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी को भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए। अन्यथा, फकीर के अनुसार, विधायक को यह स्वीकार करना होगा कि वे इन भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। इस बयान के बाद क्षेत्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। फिलहाल, विधायक पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- बाड़मेर में गिरल मामले को लेकर शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी और आदूराम मेघवाल उपस्थित रहे। इस दौरान, उन्होंने खरी-खोटी सुनाई।1
- गिरल धरनास्थल पर पिछले दो महीने से धरना दे रहे श्रमिक जैसाराम मेघवाल की देर रात मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने बयान जारी किया है और वे श्रमिकों तथा परिजनों के साथ बाड़मेर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं।1
- राजस्थान के गिरल में चल रहे धरने पर बैठे एक मजदूर जैसाराम मेघवाल की तबीयत बिगड़ने से दुखद मौत हो गई है। इस घटना ने 'सिस्टम की नाकामी' पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और पूछा जा रहा है कि कल मीडिया में जिस नई एम्बुलेंस का गुणगान किया जा रहा था, वह आज कहाँ है। आरोप लगाया गया है कि इसी व्यवस्थागत विफलता की सजा एक गरीब मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। घटना के बाद शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने जैसाराम के शव को मोर्चरी में रखवाया। जैसाराम मेघवाल निर्धन वर्ग से आते थे और अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक ऐसे पिता के दर्द को सामने ला दिया है जिसने अपने घर के कमाने वाले एकमात्र सदस्य को खो दिया है। ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की गई है।3
- बालोतरा में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व पार्षद डॉ. मानवेन्द्र ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अमराराम सुन्देशा द्वारा कथित तौर पर बनाए गए जाली पट्टों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने जिला कलेक्टर बालोतरा, पचपदरा विधायक अरुण चौधरी और बालोतरा नगरपरिषद आयुक्त को तीन दिनों के भीतर अमराराम सुन्देशा के खिलाफ मुकदमा दर्ज न होने पर आत्मदाह करने की धमकी दी है। डॉ. मानवेन्द्र ने बताया कि वह पिछले एक महीने से नगरपरिषद प्रशासन, जिला कलेक्टर और विधायक अरुण चौधरी को सबूतों सहित दस्तावेज देकर अमराराम सुन्देशा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अपील कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसे उन्होंने निंदनीय बताया। उनका आरोप है कि अमराराम सुन्देशा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की फाइल तैयार होने के बावजूद प्रशासन और विधायक, मोदी जी की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को अनदेखा कर रहे हैं और बालोतरा की पीड़ित जनता की उम्मीदों से खिलवाड़ कर रहे हैं। डॉ. मानवेन्द्र परिहार ने पहले भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, जिला कलेक्टर बालोतरा, विधायक अरुण चौधरी, नगरपरिषद आयुक्त और भाजपा जिला अध्यक्ष भरत मोदी को कई बार सबूत दिए हैं, लेकिन अमराराम सुन्देशा के जाली पट्टा नेक्सस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। पूर्व पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि अमराराम सुन्देशा, उनके परिवार और उनके नेक्सस के सदस्यों द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 22 मई 2026 को बालोतरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दी थी, लेकिन अमराराम सुन्देशा के रसूख के चलते 30 मई 2026 को ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की गई, और आज तक उन्हें पाबंद नहीं किया गया है, जिससे उनके साथ कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने नगरपरिषद बालोतरा के कार्मिकों की भी मिलीभगत का आरोप लगाया, जिसमें A.E.N. रवि राय दईया का नाम लेते हुए कहा कि उनके फर्जी पट्टा सिंडिकेट के सदस्य उन्हें खाना पहुंचाते हैं। डॉ. मानवेन्द्र का कहना है कि नगरपरिषद प्रशासन पट्टों के संबंध में नकल नहीं दे रहा है और फर्जी पट्टों की फाइलों पर कुंडली मारकर बैठा है, जिससे भ्रष्टाचार उजागर नहीं हो रहा, जबकि बालोतरा नगरपरिषद में सैकड़ों-हजारों फर्जी पट्टे बने हुए हैं। उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष भरत मोदी पर भी उपाध्यक्ष अमराराम सुन्देशा के खिलाफ कार्रवाई न करने और उन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाया, यहां तक कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें जिले में दो और दायित्व दिए हैं, जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। डॉ. मानवेन्द्र ने मांग की है कि भाजपा से भ्रष्टाचारियों को हटाकर मोदी जी के सपनों वाली भाजपा और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को कायम रखा जाए तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तीन दिनों के भीतर जाली पट्टा बनाने के आरोप में अमराराम सुन्देशा के खिलाफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वह कलेक्टर कार्यालय बालोतरा या पचपदरा विधायक अरुण चौधरी के घर के बाहर आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला कलेक्टर महोदय और अरुण चौधरी की होगी।1
- बालोतरा वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए हिरण के तीन शिकारियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह कदम वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार को रोकने के प्रयासों का हिस्सा है।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में, जिसे मालाणी की धन्य धरा भी कहा जाता है, महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती का आयोजन 07 जून 2026 को किया जाएगा। वीरता, पराक्रम और शौर्य की प्रतिमूर्ति माने जाने वाले सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती समारोह के लिए पोकरण विधायक महंत प्रताप पूरी जी महाराज ने सभी को सादर आमंत्रित किया है।1