Shuru
Apke Nagar Ki App…
*दिल्ली* *मंत्री प्रवेश वर्मा का थप्पड़ मारने का वीडियो* *दिल्ली सरकार में मंत्री हैं प्रवेश वर्मा* *मंत्री को घटिया सड़क निर्माण दिखा रहे थे लोग* *मंत्री प्रवेश वर्मा ने कैमरामैन को थप्पड़ मारा* *वीडियो बना रहे शख्स को मारा थप्पड़* *दिल्ली के तिलक नगर इलाके का मामला*
Ramnaresh vishwkarma
*दिल्ली* *मंत्री प्रवेश वर्मा का थप्पड़ मारने का वीडियो* *दिल्ली सरकार में मंत्री हैं प्रवेश वर्मा* *मंत्री को घटिया सड़क निर्माण दिखा रहे थे लोग* *मंत्री प्रवेश वर्मा ने कैमरामैन को थप्पड़ मारा* *वीडियो बना रहे शख्स को मारा थप्पड़* *दिल्ली के तिलक नगर इलाके का मामला*
More news from Bhind and nearby areas
- *दिल्ली* *मंत्री प्रवेश वर्मा का थप्पड़ मारने का वीडियो* *दिल्ली सरकार में मंत्री हैं प्रवेश वर्मा* *मंत्री को घटिया सड़क निर्माण दिखा रहे थे लोग* *मंत्री प्रवेश वर्मा ने कैमरामैन को थप्पड़ मारा* *वीडियो बना रहे शख्स को मारा थप्पड़* *दिल्ली के तिलक नगर इलाके का मामला*1
- *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।*खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। *खुशियों की दास्तां* *वर्षों बाद खुशियों की दास्ताँ: जल जीवन मिशन बना बदलाव की नई तस्वीर* *अब नलों से बह रही है खुशियों की धारा* *05 किमी. दूर से घर-घर पहुंचा स्वच्छ मीठा पेयजल* *भिण्ड 27 सितम्बर 2026/* हर घर तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रारंभ हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भिण्ड जिला निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले के विकासखण्ड गोहद के पाँच गाँव—हिन्नाईपुरा, जनकपुरा, मुड़ेना, केशवपुरा और कालोनी—लंबे समय से खारे पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन योजना के तहत कड़ी मेहनत के बाद नैनोली हार क्षेत्र में मीठे पानी का एक विश्वसनीय स्रोत खोजा। विभाग की टीम ने इस स्रोत से पाँच बोर करवाए और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी से पाइपलाइन बिछाकर इन पाँचों गाँवों तक मीठा पेयजल पहुँचाया। इस पहल से कुल 1843 ग्रामीणों को अब सुरक्षित और निरंतर पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को “खुशियों की दास्ताँ” बताते हुए सराहना की है, क्योंकि वर्षों बाद उन्हें दूर-दराज से पानी भरकर लाने की मजबूरी से राहत मिली है। यह सफलता जल जीवन मिशन के लक्ष्य—हर घर को नल से जल—की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जल जीवन मिशन के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जिन गांवों में पहले खारा पानी था, ग्रामीणों को विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के कुओं, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों से पानी लाने के लिए काफी समय और श्रम करना पड़ता था, वहीं अब घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर के आंगन में ही पानी की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ता। नल से नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है। स्वच्छ मीठे जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल रही है। वहीं महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत हो रही है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग महिलाएं कृषि कार्य, स्वरोजगार, घरेलू गतिविधियों तथा अन्य आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में कर रही हैं। जल जीवन मिशन का लाभ केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिल रहा है। घर के समीप ही पानी उपलब्ध होने से पशुओं के लिए भी आसानी से पानी की व्यवस्था हो रही है। इससे कुएं, तालाब एवं अन्य दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से जिले के विकासखण्ड गोहद के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही खारे पानी की समस्या का समाधान हुआ है। घर-घर नल से शुद्ध मीठा जल पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सुविधा, समय की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।1
- बारिश-तेज हवाओं ने खेतों में बिछाई बाजरे की फसल, लगातार दो दिन हुई बारिश से खेत जलमग्न, तैयार फसल गिरने से किसानों को नुकसान की चिंता; सर्वे कराकर मुआवजे की मांग जसवंतनगर। क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी बाजरे की फसल बारिश के पानी और तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई। कई खेतों में पानी भरने से फसल के खराब होने की आशंका है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। घुरहा जाखन गांव निवासी किसान डिप्टी सिंह, सत्यराम, लल्लू राम, रामऔतार सिंह, चंद्रभान, दशरथ सिंह और उमाशंकर समेत कई किसानों की बाजरे की फसल बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया, जबकि तेज हवाओं के कारण तैयार फसल खेतों में गिर गई। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसी तरह नगला तौर गांव में पुनीत, लव किशोर, अशोक, गिर्राज, व्रज नंदन, शैलेंद्र, शिवेंद्र, सुबोध, राजनारायन, नीरेश, योगेश, अखिलेश और आशीष समेत अन्य किसानों की बाजरे की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय हुई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन कराने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जल्द सर्वे कराया जाए, ताकि नुकसान के आधार पर उन्हें राहत मिल सके। फोटो: बारिश और तेज हवाओं के कारण खेत में जमीन पर बिछी बाजरे की फसल।1
- पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल आगरा ब्रेकिंग पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल हादसे के बाद मौके पर मची चीख-पुकार घायलों में चार की हालत बताई जा रही गंभीर गंभीर घायलों को इलाज के लिए आगरा किया रेफर 10 घायलों का सीएचसी पर चल रहा इलाज घर में गमी के माहौल के बीच हुआ दर्दनाक हादसा घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप4
- इटावा - बसरेहर के सोनू कुमार को इंतज़ार है कभी तो मिलेगा हुनर को मुकाम… बसरेहर की गलियों से निकलकर पहचान बनाने को बेताब प्रतिभा1
- यूपी इंटरनेशनल टेस्ट शो ग्रेटर नोएडा में इटावा के माता के आलू खीर मोहन का जलवा *यूपी इन्टरनेशनल टेड शो ग्रेटर नोयडा में इटावा के मठ्ठा के आलू और खीर मोहन का जलवा* *इटावा* एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत ग्रेटर नोएडा में लगे यूपी इन्टरनेशनल टेड शो में इटावा के मठ्ठा के आलू और खीर मोहन अपना जलवा बिखेर रहे हैं,२५ सितंबर से २९ सितम्बर तक चलने वाले इस टेड शो में जहां पूरे देश सहित विदेशों से भी लोग आ रहे हैं वहां ठेठ इटावी मठ्ठा के आलू और खीर मोहन का स्वाद लेने को भीड़ लगी हुई है,इन व्यंजनों के व्यापार मेले में दो स्टाल लगे हुए हैं जिन पर लगातार भीड़ उमड़ रही है आज उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित ने नोएडा पहुंच कर इटावा के व्यापारियों का उत्साह वर्धन किया, उन्होंने बताया कि इटावा के इन व्यंजनों का स्वाद फास्ट फूड के इस दौर में सबसे अलग है इसलिए लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं, यहां मेले में अन्य जनपदों के व्यंजनों के स्टाल लगे हुए जिसमें मैनपुरी जनपद के सोनपापड़ी और औरया जनपद की बालूशाही तथा कानपुर के ठग्गू के लड्डू, और आगरा का,पेठा, कन्नौज के गट्टा, मथुरा के पेड़े आदि प्रमुख हैं1
- पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल आगरा पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में बड़ा हादसा बरामदे की छत गिरने से 14 लोग हुए घायल हादसे के बाद मौके पर मची चीख-पुकार घायलों में चार की हालत बताई जा रही गंभीर गंभीर घायलों को इलाज के लिए आगरा किया रेफर 10 घायलों का सीएचसी पर चल रहा इलाज घर में गमी के माहौल के बीच हुआ दर्दनाक हादसा घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप4
- कनाबर में क्वारी नदी में मिले डूबे तीनों शव, NDRF ने किया रेस्क्यू ऊमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनाबर में क्वारी नदी में मृतकों के शवों को NDRF ने रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया।दरअसल शुक्रबार की रोज कनाबर में क्वारी नदी पर तीन लोग गणेश प्रतिमा को विसर्जन करने क्वारी नदी पर गए थे विसर्जन के दौरान ही नदी की गहराई में पैर कृष्णा भदौरिया फिसल गया वेसे ही उसके साथ मे मौजूद अभिजीत सिंह ओर मदन भी कृष्णा भदौरिया को बचाने के लिए नदी में कूद गए लेकिन वह भी नदी में डूब गए तो मौके पर मौजूद लोगों ने तुरन्त ही घटना की सूचना पुलिस को दी जिसके पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुँची रेस्क्यू किया अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद करना पड़ा लेकिन शनिबार की रोज सुबह से रेस्क्यू फिर से चालू कर दिया गया जिसमे NDRF ओर SDRF टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू किया लेकिन सफलता हासिल नही हो सकी जिसके बाद रविबार की रोज सुबह करीब 6 बजे दो NDRF टीम दो SDRF टीम ने रेस्क्यू शुरू किया तो NDRF टीम ने तीनो शवों को रेस्क्यू करके नदी से बाहर निकाल लिया जिसके बाद जिला अस्पताल शव ग्रह तीनो शवों को भेज दिया जहाँ पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई1