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डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' कांकेर जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि का जिस तरह बंदरबांट हो रहा है, उसने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आम जनता पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, लेकिन जिले के आला हुक्मरानों और इंजीनियरों को 150 करोड़ रुपये के 'टीना शेड' खड़े करने में ही असली विकास नजर आ रहा है। जनता के टैक्स और खनिजों से मिले करोड़ों रुपये से मूलभूत जरूरतें पूरी करने के बजाय अधिकारियों की प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ कमिशनखोरी वाले निर्माण कार्य बनकर रह गए हैं। अजूबा-ए-कांकेर: जहां नदी नहीं वहां पुल, जहां सड़क नहीं वहां 20 लाख की पुलिया!

21 hrs ago
user_DEVWRAT TANDIYA
DEVWRAT TANDIYA
भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
21 hrs ago

डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' कांकेर जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि का जिस तरह बंदरबांट हो रहा है, उसने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आम जनता पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, लेकिन जिले के आला हुक्मरानों और इंजीनियरों को 150 करोड़ रुपये के 'टीना शेड' खड़े करने में ही असली विकास नजर आ रहा है। जनता के टैक्स और खनिजों से मिले करोड़ों रुपये से मूलभूत जरूरतें पूरी करने के बजाय अधिकारियों की प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ कमिशनखोरी वाले निर्माण कार्य बनकर रह गए हैं। अजूबा-ए-कांकेर: जहां नदी नहीं वहां पुल, जहां सड़क नहीं वहां 20 लाख की पुलिया!

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  • आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके
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    आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके

आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके
    user_DEVWRAT TANDIYA
    DEVWRAT TANDIYA
    भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    28 min ago
  • सिविल लाइन में ढीमर समाज भवन के पास निकला अजगर, लोगों में बढ़ा डर कांकेर शहर में इन दिनों जंगली जानवरों की लगातार आमद से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बुधवार की रात 8 बजे सिविल लाइन स्थित ढीमर समाज भवन के पास,अजगर निकलने से लोगों में हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। शहर में एक ओर भालू के लगातार रिहायशी इलाकों में पहुंचने और,घरों के दरवाजे तोड़कर राशन व खाद्य सामग्री खाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं तेंदुए की मौजूदगी भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। तेंदुए द्वारा गाय बैल सहित घरों में पाले गए कुत्तों को उठाकर ले जाने की घटनाओं से भी लोग दहशत में हैं।
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    सिविल लाइन में ढीमर समाज भवन के पास निकला अजगर, लोगों में बढ़ा डर
कांकेर शहर में इन दिनों जंगली जानवरों की लगातार आमद से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बुधवार की रात 8 बजे सिविल लाइन स्थित ढीमर समाज भवन के पास,अजगर निकलने से लोगों में हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
शहर में एक ओर भालू के लगातार रिहायशी इलाकों में पहुंचने और,घरों के दरवाजे तोड़कर राशन व खाद्य सामग्री खाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं तेंदुए की मौजूदगी भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। तेंदुए द्वारा गाय बैल सहित घरों में पाले गए कुत्तों को उठाकर ले जाने की घटनाओं से भी लोग दहशत में हैं।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • कोंडागांव/ बुनागाँव के नन्हे कलाकारों ने कागज पर उतारा विकसित भारत 2047 का सपना। चित्रों और भाषणों के जरिए बच्चों ने दिखाया स्वच्छ, सशक्त और नशामुक्त भारत का संकल्प।
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    कोंडागांव/ बुनागाँव के नन्हे कलाकारों ने कागज पर उतारा विकसित भारत 2047 का सपना। चित्रों और भाषणों के जरिए बच्चों ने दिखाया स्वच्छ, सशक्त और नशामुक्त भारत का संकल्प।
    user_ESHENDRA PATEL
    ESHENDRA PATEL
    पत्रकार कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • बस्तर की तरह पूरे प्रदेश के बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिले ₹10 हजार की तत्काल राहत राशि, किसानों की फसल क्षति का भी सर्वे कर मिले उचित मुआवजा - धनेन्द्र नवापारा।धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री म.प्र. एवं छ.ग. शासन ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मुख्य मंत्री विष्णु देव साय से कहा है कि छत्तीसगढ़ में लगातार हुई अत्यधिक वर्षा तथा विभिन्न बांधों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण प्रदेश के अनेक जिलों में बाढ़ एवं जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हुई है। इससे बड़ी संख्या में नागरिक एवं किसान प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा बस्तर में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद प्रभावित परिवारों को ₹10,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। यह प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत का महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन मेरा मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि बस्तर के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों में अतिवृष्टि, बाढ़ और जलभराव से प्रभावित परिवारों के लिए शासन द्वारा कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, इसे भी स्पष्ट किया जाए। वर्तमान में प्रदेश के अनेक जिलों में बाढ़ एवं जलभराव के कारण हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। अनेक परिवारों के घरों में पानी भर जाने से घर में रखा अनाज, कपड़े, घरेलू सामान, आवश्यक दस्तावेज तथा अन्य जरूरी सामग्री बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुई है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही नदियों के किनारे तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भर जाने तथा बाढ़ का पानी बहने के कारण किसानों की मेहनत से तैयार हो रही फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों को भी भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। अतः मेरा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से आग्रह है कि बस्तर की तर्ज पर पूरे प्रदेश में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित सभी पात्र परिवारों को तत्काल कम से कम ₹10,000 की राहत राशि प्रदान करने की घोषणा की जाए। साथ ही, बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए भी तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए तथा प्रत्येक प्रभावित गांव एवं खेत का राजस्व एवं कृषि विभाग के माध्यम से व्यापक एवं पारदर्शी सर्वेक्षण कराया जाए। सर्वेक्षण में किसानों की धान एवं अन्य फसलों को हुई वास्तविक क्षति का आकलन कर शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार उचित फसल क्षतिपूर्तिध्मुआवजा राशि प्रदान की जाए। धनेन्द्र ने कहा ,मेरा मानना है कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राहत केवल मकानों और घरेलू नुकसान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि किसानों की नष्ट एवं क्षतिग्रस्त फसलों को भी आपदा से हुई क्षति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए उन्हें समयबद्ध राहत एवं क्षतिपूर्ति प्रदान की जानी चाहिए एवं माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि पूरे प्रदेश के बाढ़ एवं अतिवृष्टि प्रभावित पात्र परिवारों को ₹10,000 की तत्काल राहत राशि प्रदान की जाए। प्रभावित परिवारों के घरों एवं घरेलू सामान को हुई क्षति का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए। बाढ़ प्रभावित किसानों के खेतों एवं फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। धान एवं अन्य फसलों को हुई वास्तविक क्षति के आधार पर किसानों को उचित क्षतिपूर्तिध्मुआवजा प्रदान किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के किसी भी जिले, गांव या प्रभावित परिवार एवं किसान को राहत एवं क्षतिपूर्ति से वंचित न रहना पड़े। प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार की राहत राशि शीघ्र और समान रूप से प्रभावित नागरिकों एवं किसानों तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। इससे प्रभावित परिवारों को अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में तथा किसानों को फसल क्षति से उत्पन्न आर्थिक संकट से उबरने में सहायता मिलेगी । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से पुनः मांग है कि पूरे छत्तीसगढ़ में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों तथा किसानों के लिए तत्काल राहत की घोषणा की जाए और वास्तविक क्षति के आकलन के बाद नियमानुसार उचित क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।
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    बस्तर की तरह पूरे प्रदेश के बाढ़ प्रभावित
परिवारों को मिले ₹10 हजार की तत्काल राहत राशि, किसानों की फसल क्षति का भी सर्वे कर मिले उचित मुआवजा - धनेन्द्र
नवापारा।धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री म.प्र. एवं छ.ग. शासन ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मुख्य मंत्री विष्णु देव साय से कहा है कि छत्तीसगढ़ में लगातार हुई अत्यधिक वर्षा तथा विभिन्न बांधों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण प्रदेश के अनेक जिलों में बाढ़ एवं जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हुई है। इससे बड़ी संख्या में नागरिक एवं किसान प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा बस्तर में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद प्रभावित परिवारों को ₹10,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। यह प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत का महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन मेरा मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि बस्तर के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों में अतिवृष्टि, बाढ़ और जलभराव से प्रभावित परिवारों के लिए शासन द्वारा कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, इसे भी स्पष्ट किया जाए।
वर्तमान में प्रदेश के अनेक जिलों में बाढ़ एवं जलभराव के कारण हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। अनेक परिवारों के घरों में पानी भर जाने से घर में रखा अनाज, कपड़े, घरेलू सामान, आवश्यक दस्तावेज तथा अन्य जरूरी सामग्री बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुई है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
इसके साथ ही नदियों के किनारे तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भर जाने तथा बाढ़ का पानी बहने के कारण किसानों की मेहनत से तैयार हो रही फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों को भी भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
अतः मेरा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से आग्रह है कि बस्तर की तर्ज पर पूरे प्रदेश में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित सभी पात्र परिवारों को तत्काल कम से कम ₹10,000 की राहत राशि प्रदान करने की घोषणा की जाए।
साथ ही, बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए भी तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए तथा प्रत्येक प्रभावित गांव एवं खेत का राजस्व एवं कृषि विभाग के माध्यम से व्यापक एवं पारदर्शी सर्वेक्षण कराया जाए। सर्वेक्षण में किसानों की धान एवं अन्य फसलों को हुई वास्तविक क्षति का आकलन कर शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार उचित फसल क्षतिपूर्तिध्मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
धनेन्द्र ने कहा ,मेरा मानना है कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राहत केवल मकानों और घरेलू नुकसान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि किसानों की नष्ट एवं क्षतिग्रस्त फसलों को भी आपदा से हुई क्षति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए उन्हें समयबद्ध राहत एवं क्षतिपूर्ति प्रदान की जानी चाहिए एवं माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि
पूरे प्रदेश के बाढ़ एवं अतिवृष्टि प्रभावित पात्र परिवारों को ₹10,000 की तत्काल राहत राशि प्रदान की जाए।
प्रभावित परिवारों के घरों एवं घरेलू सामान को हुई क्षति का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए। बाढ़ प्रभावित किसानों के खेतों एवं फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। धान एवं अन्य फसलों को हुई वास्तविक क्षति के आधार पर किसानों को उचित क्षतिपूर्तिध्मुआवजा प्रदान किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के किसी भी जिले, गांव या प्रभावित परिवार एवं किसान को राहत एवं क्षतिपूर्ति से वंचित न रहना पड़े।
प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार की राहत राशि शीघ्र और समान रूप से प्रभावित नागरिकों एवं किसानों तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। इससे प्रभावित परिवारों को अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में तथा किसानों को फसल क्षति से उत्पन्न आर्थिक संकट से उबरने में सहायता मिलेगी । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से पुनः मांग है कि पूरे छत्तीसगढ़ में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों तथा किसानों के लिए तत्काल राहत की घोषणा की जाए और वास्तविक क्षति के आकलन के बाद नियमानुसार उचित क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • केसीजी जिले के ग्राम पंचायतों में पहुंचा साइबर जागृति अभियान, ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी, केसीजी जिले के ग्राम पंचायतों में पहुंचा साइबर जागृति अभियान, ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी, 30 सितंबर बुधवार को शाम 2 बजे मिली जानकारी अनुसार साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने जिला पुलिस खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के अंतिम सप्ताह में विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीमों ने ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा एवं स्थानीय आयोजनों के दौरान पंच, सरपंच, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद कर साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। ग्रामीणों को फर्जी कॉल, ओटीपी, यूपीआई फ्रॉड, फिशिंग लिंक, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया अपराधों के प्रति सतर्क रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने बताया कि ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। फर्जी नौकरी और अन्य ऑनलाइन ठगी से भी सावधान रहने की अपील की गई। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने और संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को सूचना देने की जानकारी दी गई। जिला पुलिस ने कहा कि अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाकर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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    केसीजी जिले के ग्राम पंचायतों में पहुंचा साइबर जागृति अभियान, ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी, 

केसीजी जिले के ग्राम पंचायतों में पहुंचा साइबर जागृति अभियान, ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी, 
30 सितंबर बुधवार को शाम 2 बजे मिली जानकारी अनुसार  साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने जिला पुलिस खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के अंतिम सप्ताह में विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस टीमों ने ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा एवं स्थानीय आयोजनों के दौरान पंच, सरपंच, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद कर साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। ग्रामीणों को फर्जी कॉल, ओटीपी, यूपीआई फ्रॉड, फिशिंग लिंक, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया अपराधों के प्रति सतर्क रहने की समझाइश दी गई।
पुलिस ने बताया कि ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। फर्जी नौकरी और अन्य ऑनलाइन ठगी से भी सावधान रहने की अपील की गई।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने और संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को सूचना देने की जानकारी दी गई। जिला पुलिस ने कहा कि अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाकर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' कांकेर जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि का जिस तरह बंदरबांट हो रहा है, उसने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आम जनता पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, लेकिन जिले के आला हुक्मरानों और इंजीनियरों को 150 करोड़ रुपये के 'टीना शेड' खड़े करने में ही असली विकास नजर आ रहा है। जनता के टैक्स और खनिजों से मिले करोड़ों रुपये से मूलभूत जरूरतें पूरी करने के बजाय अधिकारियों की प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ कमिशनखोरी वाले निर्माण कार्य बनकर रह गए हैं। अजूबा-ए-कांकेर: जहां नदी नहीं वहां पुल, जहां सड़क नहीं वहां 20 लाख की पुलिया!
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    डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा'
डीएमएफ घोटाला: जनहित का पैसा या भ्रष्टाचार की शेड? कांकेर में विकास के नाम पर 'अंधेर नगरी, चौपट राजा'
कांकेर जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि का जिस तरह बंदरबांट हो रहा है, उसने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आम जनता पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, लेकिन जिले के आला हुक्मरानों और इंजीनियरों को 150 करोड़ रुपये के 'टीना शेड' खड़े करने में ही असली विकास नजर आ रहा है।
जनता के टैक्स और खनिजों से मिले करोड़ों रुपये से मूलभूत जरूरतें पूरी करने के बजाय अधिकारियों की प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ कमिशनखोरी वाले निर्माण कार्य बनकर रह गए हैं।
अजूबा-ए-कांकेर: जहां नदी नहीं वहां पुल, जहां सड़क नहीं वहां 20 लाख की पुलिया!
    user_DEVWRAT TANDIYA
    DEVWRAT TANDIYA
    भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • सरपंच की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, तालाब के पास घायल अवस्था में मिले सरपंच, अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने किया मृत घोषित सरपंच पर खूनी हमला, अस्पताल में मौत, घटनास्थल पर मिले संघर्ष के निशान से गहराया रहस्य *एंकर* :- कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम (56) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह मंगल सिंह गांव के तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े मिले। परिजन उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। वहीं घटनास्थल पर खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिलने से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर मृतक की बाइक भी मिली है। इसके अलावा खेत के किनारे रॉड और डंडे पड़े मिले हैं। _“पंचायत जा रहा हूं” कहकर निकले थे घर से मृतक सरपंच के पुत्र विक्रम ने बताया कि उनके पिता मंगलवार शाम करीब 6 बजे पंचायत कार्यालय जा रहा हूं, कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। गांव में उनके दो घर होने के कारण परिवार को लगा कि संभवतः वे पुराने घर की तरफ रुक गए होंगे। इसी बीच बुधवार सुबह सूचना मिली कि मंगल सिंह मरकाम तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। _परिजनों ने जताई हत्या की आशंका मृतक मंगल सिंह मरकाम के शरीर पर चोट के निशान, घटनास्थल पर मिले खून और संघर्ष के संकेत तथा पास में मिले रॉड-डंडे को लेकर परिजनों ने जानलेवा हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी। परिजनों की रिपोर्ट पर बड़ेडोंगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आसपास के परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। *बाइट* :- विक्रम सिंह मरकाम, मृतक का पुत्र
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    सरपंच की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, तालाब के पास घायल अवस्था में मिले सरपंच, अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने किया मृत घोषित
सरपंच पर खूनी हमला, अस्पताल में मौत, घटनास्थल पर मिले संघर्ष के निशान से गहराया रहस्य
*एंकर* :- कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम (56) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह मंगल सिंह गांव के तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े मिले। परिजन उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मृतक के शरीर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। वहीं घटनास्थल पर खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिलने से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर मृतक की बाइक भी मिली है। इसके अलावा खेत के किनारे रॉड और डंडे पड़े मिले हैं।
_“पंचायत जा रहा हूं” कहकर निकले थे घर से
मृतक सरपंच के पुत्र विक्रम ने बताया कि उनके पिता मंगलवार शाम करीब 6 बजे पंचायत कार्यालय जा रहा हूं, कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। गांव में उनके दो घर होने के कारण परिवार को लगा कि संभवतः वे पुराने घर की तरफ रुक गए होंगे।
इसी बीच बुधवार सुबह सूचना मिली कि मंगल सिंह मरकाम तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
_परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
मृतक मंगल सिंह मरकाम के शरीर पर चोट के निशान, घटनास्थल पर मिले खून और संघर्ष के संकेत तथा पास में मिले रॉड-डंडे को लेकर परिजनों ने जानलेवा हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी।
परिजनों की रिपोर्ट पर बड़ेडोंगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आसपास के परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है।
*बाइट* :- विक्रम सिंह मरकाम, मृतक का पुत्र
    user_रामकुमार भारद्वाज
    रामकुमार भारद्वाज
    कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • गुप्तांग कटने से हेमरेजिक शॉक? प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत का पोस्टमॉर्टम खुलासा वृंदावन (उत्तर प्रदेश) में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी (उर्फ रसिक दुलारी शरण, उम्र 25 वर्ष, मूल मध्य प्रदेश जबलपुर) की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण हेमरेजिक शॉक (अत्यधिक रक्तस्राव से लगा झटका) बताया गया है। घटना का क्रम: 25 सितंबर 2026 सुबह करीब 10:30-10:36 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल/छत से दीपक गिरे। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें छत पर बैठे, फिर अचानक उठकर कूदते दिखाया गया है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुख्य खुलासे (26 सितंबर को किया गया): सिर पर 14 टांके का घाव। निचले होंठ और ठुड्डी पर गहरे कट। सिर के पीछे (ओसीपिटल रीजन) हेयरलाइन फ्रैक्चर और हेमाटोमा। बाईं तरफ 5वीं से 8वीं पसलियां टूटी हुईं और बायां फेफड़ा फटा हुआ। टखने की हड्डी फ्रैक्चर। गुप्तांग (प्राइवेट पार्ट) के जड़ वाले हिस्से पर गहरे घाव और 5 टांके के निशान — रिपोर्ट में गुप्तांग अलग/कटा हुआ दर्ज। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाया, जिससे हेमरेजिक शॉक से मौत हुई। जांच में मिले अन्य तथ्य: कमरे से टाइल्स काटने वाला ग्राइंडर (खून के निशान वाले) बरामद। पुलिस फोरेंसिक जांच कर रही है कि गुप्तांग की चोट खुद दी गई थी या कोई और हाथ था। मोबाइल, डायरी, सीसीटीवी और ब्लड सैंपल फोरेंसिक में भेजे गए। शुरुआती तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन परिवार ने निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वृंदावन के कुछ संतों ने भी हाई-लेवल जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि गिरने से आई चोटों के साथ-साथ गुप्तांग की चोट से भी भारी रक्तस्राव हो सकता है। सटीक कारण फोरेंसिक और आगे की जांच के बाद ही साफ होगा। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ सिर्फ फैक्ट्स लाता है। किसी भी आरोप-प्रत्यारोप से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करें। हम मुद्दों पर बात करते हैं, स्वतंत्रता के साथ। #प्रेमानंदमहाराज #दीपकलोधी #रसिकदुलारीशरण #वृंदावनमौत #पोस्टमॉर्टमखुलासा #हेमरेजिकशॉक #गुप्तांगकटने #गुरुकृपाकुंज #स्वतंत्रन्यूजछत्तीसगढ़ #मुद्दोंपरबात #फुलफैक्ट्स #VrindavanNews #PremanandMaharaj #DeepakLodhi #BreakingNews #UPNews #ViralNews #TrendingNow #SwatantraNewsCG
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    गुप्तांग कटने से हेमरेजिक शॉक? प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत का पोस्टमॉर्टम खुलासा
वृंदावन (उत्तर प्रदेश) में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी (उर्फ रसिक दुलारी शरण, उम्र 25 वर्ष, मूल मध्य प्रदेश जबलपुर) की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण हेमरेजिक शॉक (अत्यधिक रक्तस्राव से लगा झटका) बताया गया है।
घटना का क्रम:
25 सितंबर 2026 सुबह करीब 10:30-10:36 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल/छत से दीपक गिरे। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें छत पर बैठे, फिर अचानक उठकर कूदते दिखाया गया है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुख्य खुलासे (26 सितंबर को किया गया):
सिर पर 14 टांके का घाव।
निचले होंठ और ठुड्डी पर गहरे कट।
सिर के पीछे (ओसीपिटल रीजन) हेयरलाइन फ्रैक्चर और हेमाटोमा।
बाईं तरफ 5वीं से 8वीं पसलियां टूटी हुईं और बायां फेफड़ा फटा हुआ।
टखने की हड्डी फ्रैक्चर।
गुप्तांग (प्राइवेट पार्ट) के जड़ वाले हिस्से पर गहरे घाव और 5 टांके के निशान — रिपोर्ट में गुप्तांग अलग/कटा हुआ दर्ज।
अत्यधिक रक्तस्राव के कारण शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाया, जिससे हेमरेजिक शॉक से मौत हुई।
जांच में मिले अन्य तथ्य:
कमरे से टाइल्स काटने वाला ग्राइंडर (खून के निशान वाले) बरामद।
पुलिस फोरेंसिक जांच कर रही है कि गुप्तांग की चोट खुद दी गई थी या कोई और हाथ था।
मोबाइल, डायरी, सीसीटीवी और ब्लड सैंपल फोरेंसिक में भेजे गए।
शुरुआती तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन परिवार ने निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वृंदावन के कुछ संतों ने भी हाई-लेवल जांच की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि गिरने से आई चोटों के साथ-साथ गुप्तांग की चोट से भी भारी रक्तस्राव हो सकता है। सटीक कारण फोरेंसिक और आगे की जांच के बाद ही साफ होगा।
स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ सिर्फ फैक्ट्स लाता है। किसी भी आरोप-प्रत्यारोप से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करें। हम मुद्दों पर बात करते हैं, स्वतंत्रता के साथ।
#प्रेमानंदमहाराज #दीपकलोधी #रसिकदुलारीशरण #वृंदावनमौत #पोस्टमॉर्टमखुलासा #हेमरेजिकशॉक #गुप्तांगकटने #गुरुकृपाकुंज #स्वतंत्रन्यूजछत्तीसगढ़ #मुद्दोंपरबात #फुलफैक्ट्स #VrindavanNews #PremanandMaharaj #DeepakLodhi #BreakingNews #UPNews #ViralNews #TrendingNow #SwatantraNewsCG
    user_SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
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