बैंक में महिला के 23 हजार रुपये गायब, सीसीटीवी में संदिग्ध महिलाएं कैद फूलपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में स्वयं सहायता समूह का पैसा निकालने पहुंची महिला के 23 हजार रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज निकलवाई है, जिसमें घटना के समय बैंक परिसर में कुछ संदिग्ध महिलाएं नजर आ रही हैं। पुलिस अब उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। कोड़ापुर गांव निवासी अनीता देवी पत्नी ज्ञान चंद्र ने फूलपुर थाने में दी तहरीर में बताया कि वह शक्ति आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। 18 अगस्त को वह समूह का पैसा निकालने के लिए फूलपुर स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक पहुंची थीं। दोपहर करीब 12:30 बजे उन्होंने बैंक से समूह के 23 हजार रुपये निकाले। रकम को एक छोटे झोले में रखकर उन्होंने साथ मौजूद समूह की महिला सरिता देवी के बैग में रख दिया। इसके बाद अनीता देवी पासबुक प्रिंट कराने के लिए बैंक में लगी लाइन में चली गईं। इसी दौरान आरोप है कि दो महिलाओं ने सरिता देवी के बैग से रुपये निकाल लिए। कुछ देर बाद बैग देखने पर उसमें रखे 23 हजार रुपये गायब मिले। रुपये गायब होने की जानकारी मिलते ही समूह से जुड़ी कई महिलाएं बैंक पहुंचीं और मामले में कार्रवाई की मांग की। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में घटना के दौरान बैंक परिसर में मौजूद संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस बैंक के आसपास और आने-जाने वाले रास्तों की जानकारी भी जुटा रही है। संदिग्ध महिलाओं के ऑटो से जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने ऑटो चालकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद उनकी तलाश कर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक में महिला के 23 हजार रुपये गायब, सीसीटीवी में संदिग्ध महिलाएं कैद फूलपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में स्वयं सहायता समूह का पैसा निकालने पहुंची महिला के 23 हजार रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज निकलवाई है, जिसमें घटना के समय बैंक परिसर में कुछ संदिग्ध महिलाएं नजर आ रही हैं। पुलिस अब उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। कोड़ापुर गांव निवासी अनीता देवी पत्नी ज्ञान चंद्र ने फूलपुर थाने में दी तहरीर में बताया कि वह शक्ति आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। 18 अगस्त को वह समूह का पैसा निकालने के लिए फूलपुर स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक पहुंची थीं। दोपहर करीब 12:30 बजे उन्होंने बैंक से समूह के 23 हजार रुपये निकाले। रकम को एक छोटे झोले में रखकर उन्होंने साथ मौजूद समूह की महिला सरिता देवी के बैग में रख दिया। इसके बाद अनीता देवी पासबुक प्रिंट कराने के लिए बैंक में लगी लाइन में चली गईं। इसी दौरान आरोप है कि दो महिलाओं ने सरिता देवी के बैग से रुपये निकाल लिए। कुछ देर बाद बैग देखने पर उसमें रखे 23 हजार रुपये गायब मिले। रुपये गायब होने की जानकारी मिलते ही समूह से जुड़ी कई महिलाएं बैंक पहुंचीं और मामले में कार्रवाई की मांग की। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में घटना के दौरान बैंक परिसर में मौजूद संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस बैंक के आसपास और आने-जाने वाले रास्तों की जानकारी भी जुटा रही है। संदिग्ध महिलाओं के ऑटो से जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने ऑटो चालकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद उनकी तलाश कर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- बैंक में महिला के 23 हजार रुपये गायब, सीसीटीवी में संदिग्ध महिलाएं कैद फूलपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में स्वयं सहायता समूह का पैसा निकालने पहुंची महिला के 23 हजार रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज निकलवाई है, जिसमें घटना के समय बैंक परिसर में कुछ संदिग्ध महिलाएं नजर आ रही हैं। पुलिस अब उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। कोड़ापुर गांव निवासी अनीता देवी पत्नी ज्ञान चंद्र ने फूलपुर थाने में दी तहरीर में बताया कि वह शक्ति आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। 18 अगस्त को वह समूह का पैसा निकालने के लिए फूलपुर स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक पहुंची थीं। दोपहर करीब 12:30 बजे उन्होंने बैंक से समूह के 23 हजार रुपये निकाले। रकम को एक छोटे झोले में रखकर उन्होंने साथ मौजूद समूह की महिला सरिता देवी के बैग में रख दिया। इसके बाद अनीता देवी पासबुक प्रिंट कराने के लिए बैंक में लगी लाइन में चली गईं। इसी दौरान आरोप है कि दो महिलाओं ने सरिता देवी के बैग से रुपये निकाल लिए। कुछ देर बाद बैग देखने पर उसमें रखे 23 हजार रुपये गायब मिले। रुपये गायब होने की जानकारी मिलते ही समूह से जुड़ी कई महिलाएं बैंक पहुंचीं और मामले में कार्रवाई की मांग की। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में घटना के दौरान बैंक परिसर में मौजूद संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस बैंक के आसपास और आने-जाने वाले रास्तों की जानकारी भी जुटा रही है। संदिग्ध महिलाओं के ऑटो से जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने ऑटो चालकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद उनकी तलाश कर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- सरायइनायत थाना क्षेत्र बनी चौराहा तेंदुई मैं पानी भर जाने से घरों में गया अपनी एक ही परिवार के हुए कई नुकसान पीड़ित लोगों ने गांव के कुछ दबंग लोगों पर आरोप लगाया है कि उनकी वजह से हम लोगों का घर डूब रहा है ना मिट्टी के आने दे रहे हैं और ना ही पानी निकलने दे रहे हैं इसी वजह से हम लोगों का घर पानी में डूब रहा है और गिर रहा है3
- कडोदरा में ‘मौत की राइड’? राम भरोसे चलने वाला मेला कभी भी कर सकता है बड़ी दुर्घटना! कडोदरा में ‘मौत की राइड’? राम भरोसे चलने वाला मेला कभी भी कर सकता है बड़ी दुर्घटना! कडोदरा: प्रतिदिन, जहाँ हजारों परिवार, मासूम बच्चे और युवा हँसते-खेलते मनोरंजन के लिए आते हैं, वह कडोदरा का मेला वर्तमान में एक जीवंत, भयानक दुर्घटना ज़ोन बन गया है। प्रशासन की कृपा से या आयोजकों की खुली लापरवाही से? यह तो जाँच का विषय है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह मेला 'मनोरंजन' नहीं, बल्कि 'मौत का खेल' साबित हो रहा है। झूला या कबाड़ लोहे का ढेर? स्थल के दृश्यों को देखते ही रोंगटे खड़े हो जाने वाली स्थिति है: ज़मीन के साथ कोई नींव ही नहीं: नियमों के अनुसार, विशाल झूले के लिए ज़मीन में गहरी नींव (एंकरिंग) करके उसे लॉक करना होता है। लेकिन यहाँ केवल अस्थायी समर्थनों (सपोर्ट) पर टन वजन वाले झूले कांप रहे हैं! एक्सपायर हो चुकी कबाड़ सामग्री: झूले में इस्तेमाल किया गया लोहा, नट-बोल्ट और बेयरिंग इतने पुराने और जंग लगे हुए हैं कि वे अपनी एक्सपायरी डेट बहुत पहले पार कर चुके हैं। यात्रियों के वजन से यह ढांचा कभी भी ज़मींदोज़ हो सकता है। जानलेवा इलेक्ट्रिक तार: पूरे मेले में हाई-वोल्टेज तार खुले में बिखरे हुए हैं। बिना किसी सुरक्षा कवच के नीचे फेंके गए ये तार किसी मासूम बच्चे के लिए साक्षात् यमराज बन सकते हैं। फिटनेस सर्टिफिकेट कहाँ से आया? जब मेले में प्राथमिक सुविधा या सुरक्षा के नाम पर 'शून्यता' है, तब बड़ा सवाल यह उठता है कि: १. क्या किसी सरकारी इंजीनियर ने इस जंग लगे झूले की फिटनेस की जाँच की थी? २. क्या प्रशासनिक तंत्र ने बिना स्थल जाँच किए ही अनुमति दे दी, या फिर बिना अनुमति के ही यह खेल चल रहा है? हजारों लोगों की जान जोखिम में डालकर कमाई कर रहे आयोजकों के सामने प्रशासन क्यों मौन है? स्थानीय लोगों की मांग है कि कोई बड़ी दुर्घटना हो और मासूमों की जान जाए, उससे पहले पुलिस और मामलतदार (तहसीलदार) तुरंत छापा मारकर इन खतरनाक राइड्स को बंद कराएं4
- प्रयागराज के सलोरी में फायरिंग और हमले में युवक घायल, अस्पताल में भर्ती प्रयागराज के सलोरी में अंकित कुमार सिंह के पास तारीख 18 अगस्त 2026, रात सवा 11 से साढ़े 11 बजे के बीच अनजाने नंबर से फोन आता है जिसमें दीपक शुक्ला कह रहा है कि कहाँ हो तुम जल्दी आओ अपने घर नहीं तो आज तुम्हें या तुम्हारे पिताजी को मार देंगे जैसे ही अंकित गेट पर पहुंचा, वहां पहले से दीपक शुक्ला पुत्र राजू शुक्ला, निवासी सलोरी पार्षद आवास, प्रयागराज और धनंजय तिवारी, निवासी प्रतापगढ़ मौजूद थे। दोनों ने गाली-गलौज करते हुए अंकित को लात-घूसों से मारना शुरू कर दिया।इसी बीच दीपक शुक्ला ने अवैध पिस्टल निकाल कर अंकित पर फायर कर दिया। गोली दाहिने पैर में लगी और वो लहूलुहान होकर गिर गए। अंकित के पिता उन्हें घर ले आए। इसके बाद निखिल शुक्ला, दिवाकर यादव, पीयूष तिवारी और नीरज मिश्रा भी वहां पहुंचे। इन्होंने घर का गेट पीटा। घर में अंकित की माता, पिता, 2 बहनें और एक छोटा बच्चा था। गेट न खुलने पर 15-20 राउंड फायरिंग की और "जान से मार देंगे" की धमकी दिया फिर अंकित ने 112, ACP कर्नलगंज और कमिश्नर प्रयागराज को फोन किया। पुलिस आई और उन्हें अस्पताल ले गई। पुलिस के सामने भी आरोपियों ने हाथापाई की। अतिरिक्त पुलिस आने के बाद अंकित को अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज हुआ।अंकित ने प्रशासन से सुरक्षा और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- संवाद से ही बचेगा संविधान और लोकतंत्र : राजमणि पटेल पूर्व मंत्री गौहनिया प्रयागराज विधानसभा बारा क्षेत्र स्थित एसएस हॉस्पिटल गौहनिया में बुधवार को सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक एवं लघु संगोष्ठी आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के पूर्व राजस्व मंत्री एवं मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल ने की। बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक चुनौतियों पर मंथन हुआ। राजमणि पटेल ने कहा कि किसान, मजदूर और दलित इस देश की ताकत, पूंजी और धरोहर हैं। अपने श्रम और परिश्रम से यही वर्ग देश के विकास की नींव मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के विश्वास को धर्मांधता के अंधेरे में धकेलकर वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत लोगों को आपस में बैठाकर विचार-विमर्श करने और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर संवाद करने की है। संवाद के जरिए ही समस्याओं का समाधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत किया जा सकता है। राजमणि पटेल ने कहा, “संवाद के माध्यम से ही हमें सामाजिक न्याय की लड़ाई मिलकर लड़नी होगी। देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए हमें अपने दायित्व का निर्वाह करना होगा। संविधान ने हमें जीने का रास्ता दिया है, इसलिए उसे कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना जरूरी है।” बैठक में मौजूद लोगों ने भी सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समानता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए। बैठक में इन मुद्दों पर आगे भी जनसंवाद और विचार-विमर्श जारी रखने का संकल्प लिया गया। बैठक में प्रयागराज के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रमेश पटेल, डॉ. संजय सिंह पटेल, प्रदीप कुमार पटेल, राम सिंह यादव, राम बहादुर यादव, डॉ. उदय राज पटेल, कुलदीप यादव, सरदार उदय पटेल, तिलक राज सिंह, दीपक श्रीवास्तव और रामायण पटेल समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।2
- प्रयागराज: रिठैया गांव में तालाब का पानी सड़क पर भरा, लाखों की लागत से बनी RCC इंटरलॉकिंग सड़क डूबी प्रयागराज: रिठैया गांव में तालाब का पानी सड़क पर भरा, लाखों की लागत से बनी RCC इंटरलॉकिंग सड़क डूबी प्रयागराज। जनपद के ग्राम रिठैया से एक बड़ी खबर सामने आई है। बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद गांव का तालाब पूरी तरह लबालब भर गया, जिसका पानी ओवरफ्लो होकर गांव की नवनिर्मित RCC इंटरलॉकिंग सड़क पर जा भरा। देखते ही देखते पूरी सड़क जलमग्न हो गई। गौरतलब है कि यह सड़क लाखों रुपये की लागत से हाल ही में बनवाई गई थी, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण तालाब का पानी सीधे सड़क पर आ गया। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण के समय तालाब के जलस्तर और निकासी का ध्यान नहीं रखा गया, जिस वजह से हर बारिश में यह समस्या दोहराई जाती है। जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है, वहीं सड़क को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तालाब की मेड़बंदी कराई जाए और उचित जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि नई बनी सड़क सुरक्षित रह सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।2
- एक शाम वतन के नाम: फूलपुर प्रयागराज में महफिल-ए-मुशायरा का आयोजन फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर में “एक शाम वतन के नाम” के शीर्षक से एक शानदार महफिल-ए-मुशायरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभक्ति, मोहब्बत, भाईचारे और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कलाम ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। स्थानीय लोगों और साहित्यप्रेमियों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर शायरों का उत्साहवर्धन किया। मुशायरे में जनाब मखदूम फूलपुरी, जनाब सुरेश कुमार अकेला चंदौली, जनाब शकील फूलपुरी, जनाब डॉक्टर शोएब सिद्दीकी फूलपुरी, जनाब इरफान इलाहाबादी, जनाब चांद फूलपुरी, जनाब आजम इकबाल दानिश इलाहाबादी, जनाब अब्दुल रहमान इलाहाबादी, जनाब अरसलान मुदस्सिर और जनाब सगीर फूलपुरी ने अपने बेहतरीन अशआर और कलाम पेश किए। शायरों ने अपनी शायरी के माध्यम से वतन से मोहब्बत, इंसानियत, आपसी भाईचारे और समाज में सौहार्द का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन शरीक फूलपुरी ने प्रभावी अंदाज में किया, जबकि शेर-ए-निगरानी की जिम्मेदारी सुहैल ठाकुर ने निभाई। कार्यक्रम में मेहमान-ए-खास जनाब अलहाज डॉक्टर मोइनुद्दीन की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। मुशायरे में पूर्व सभासद मोहम्मद कामिल, मोहम्मद अनीस, सुहेल, अधिवक्ता उर्फी, अहमद राजा, अब्दुल्ला अहद, सभासद सेराज, वसीम, टिंकू, अधिवक्ता नौशाद अहमद बाबू समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। शायरों के एक के बाद एक शानदार कलाम पर महफिल में मौजूद लोगों ने जमकर दाद दी। देर तक तालियों और वाह-वाह की आवाजों से पूरा माहौल गूंजता रहा। आयोजकों ने कहा कि ऐसे साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी शायरों, मेहमानों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया। “एक शाम वतन के नाम” की यह महफिल फूलपुर में साहित्य और शायरी के चाहने वालों के लिए यादगार बन गई। पत्रकार अशरफ1
- प्रयागराज की हडिया तहसील अंतर्गत बारिश का ऐसा कर की एडवोकेट के चेंबर में ही पानी डूब गया और देखने से एडवोकेट लोग अपने पैर सिट के ऊपर डाल कर बैठे हुए हैं1