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चौकी के पास कथित अवैध शराब बिक्री का वीडियो वायरल, पुलिस पर हफ्ता लेने के आरोप से मचा हड़कंप! हाईवे किनारे कथित अवैध शराब का खेल? वायरल वीडियो में दुकानदार के पुलिस पर गंभीर आरोप, उठे बड़े सवाल कालपी कोतवाली क्षेत्र की ज्ञान भारती चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हाईवे किनारे टीन शेड में संचालित एक दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अवैध शराब की बिक्री को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में पानी की बोतलें बेचने की आड़ में कथित तौर पर शराब की बिक्री किए जाने का दावा सामने आ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि वायरल वीडियो में कथित शराब विक्रेता खुद यह कहते हुए नजर आ रहा है कि पहले पुलिसकर्मी उसे परेशान करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता क्योंकि पुलिस तक हफ्ता पहुंचने लगा है। वीडियो में पुलिस के कोबरा दस्ते को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और कथित शराब बिक्री की वास्तविकता की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस की निगरानी में या पुलिस की नजरों से दूर? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हाईवे किनारे खुलेआम कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री हो रही थी तो ज्ञान भारती चौकी की पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर जानकारी नहीं थी तो क्षेत्र में पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल क्यों न उठें? वायरल वीडियो में पुलिस को कथित रूप से हफ्ता दिए जाने की बात कही जा रही है। क्या वास्तव में किसी पुलिसकर्मी तक अवैध वसूली की रकम पहुंच रही थी या वीडियो में लगाया गया आरोप महज दावा है? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है। उच्चाधिकारियों से जांच की मांग मामला वायरल होने के बाद अब जरूरत है कि पुलिस के उच्चाधिकारी वीडियो का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएं। कथित शराब बिक्री सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो और यदि पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो यह भी स्पष्ट किया जाए कि वायरल वीडियो में लगाए गए दावों की सच्चाई क्या है। सवाल सिर्फ शराब की बिक्री का नहीं, बल्कि पुलिस की निगरानी और कथित मिलीभगत के आरोपों की जांच का भी है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो पर जिम्मेदार अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और क्या कोई ठोस कार्रवाई सामने आती है? #कालपी #जालौन #कालपीकोतवाली #ज्ञानभारतीचौकी #अवैधशराब #शराबबिक्री #वायरलवीडियो #पुलिसपरआरोप #पुलिसजांच #हाईवे #कानूनव्यवस्था #जालौनपुलिस #कालपीपुलिस #ब्रेकिंगन्यूज #UPPolice #Jalaun #Kalpi

3 hrs ago
user_सोनू महाराज पत्रकार
सोनू महाराज पत्रकार
कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

चौकी के पास कथित अवैध शराब बिक्री का वीडियो वायरल, पुलिस पर हफ्ता लेने के आरोप से मचा हड़कंप! हाईवे किनारे कथित अवैध शराब का खेल? वायरल वीडियो में दुकानदार के पुलिस पर गंभीर आरोप, उठे बड़े सवाल कालपी कोतवाली क्षेत्र की ज्ञान भारती चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हाईवे किनारे टीन शेड में संचालित एक दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अवैध शराब की बिक्री को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में पानी की बोतलें बेचने की आड़ में कथित तौर पर शराब की बिक्री किए जाने का दावा सामने आ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि वायरल वीडियो में कथित शराब विक्रेता खुद यह कहते हुए नजर आ रहा है कि पहले पुलिसकर्मी उसे परेशान करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता क्योंकि पुलिस तक हफ्ता पहुंचने लगा है। वीडियो में पुलिस के कोबरा दस्ते को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और कथित शराब बिक्री की वास्तविकता की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस की निगरानी में या पुलिस की नजरों से दूर? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हाईवे किनारे खुलेआम कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री हो रही थी तो ज्ञान भारती चौकी की पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर जानकारी नहीं थी तो क्षेत्र में पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल क्यों न उठें? वायरल वीडियो में पुलिस को कथित रूप से हफ्ता दिए जाने की बात कही जा रही है। क्या वास्तव में किसी पुलिसकर्मी तक अवैध वसूली की रकम पहुंच रही थी या वीडियो में लगाया गया आरोप महज दावा है? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है। उच्चाधिकारियों से जांच की मांग मामला वायरल होने के बाद अब जरूरत है कि पुलिस के उच्चाधिकारी वीडियो का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएं। कथित शराब बिक्री सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो और यदि पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो यह भी स्पष्ट किया जाए कि वायरल वीडियो में लगाए गए दावों की सच्चाई क्या है। सवाल सिर्फ शराब की बिक्री का नहीं, बल्कि पुलिस की निगरानी और कथित मिलीभगत के आरोपों की जांच का भी है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो पर जिम्मेदार अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और क्या कोई ठोस कार्रवाई सामने आती है? #कालपी #जालौन #कालपीकोतवाली #ज्ञानभारतीचौकी #अवैधशराब #शराबबिक्री #वायरलवीडियो #पुलिसपरआरोप #पुलिसजांच #हाईवे #कानूनव्यवस्था #जालौनपुलिस #कालपीपुलिस #ब्रेकिंगन्यूज #UPPolice #Jalaun #Kalpi

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  • चौकी के पास कथित अवैध शराब बिक्री का वीडियो वायरल, पुलिस पर हफ्ता लेने के आरोप से मचा हड़कंप! हाईवे किनारे कथित अवैध शराब का खेल? वायरल वीडियो में दुकानदार के पुलिस पर गंभीर आरोप, उठे बड़े सवाल कालपी कोतवाली क्षेत्र की ज्ञान भारती चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हाईवे किनारे टीन शेड में संचालित एक दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अवैध शराब की बिक्री को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में पानी की बोतलें बेचने की आड़ में कथित तौर पर शराब की बिक्री किए जाने का दावा सामने आ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि वायरल वीडियो में कथित शराब विक्रेता खुद यह कहते हुए नजर आ रहा है कि पहले पुलिसकर्मी उसे परेशान करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता क्योंकि पुलिस तक हफ्ता पहुंचने लगा है। वीडियो में पुलिस के कोबरा दस्ते को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और कथित शराब बिक्री की वास्तविकता की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस की निगरानी में या पुलिस की नजरों से दूर? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हाईवे किनारे खुलेआम कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री हो रही थी तो ज्ञान भारती चौकी की पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर जानकारी नहीं थी तो क्षेत्र में पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल क्यों न उठें? वायरल वीडियो में पुलिस को कथित रूप से हफ्ता दिए जाने की बात कही जा रही है। क्या वास्तव में किसी पुलिसकर्मी तक अवैध वसूली की रकम पहुंच रही थी या वीडियो में लगाया गया आरोप महज दावा है? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है। उच्चाधिकारियों से जांच की मांग मामला वायरल होने के बाद अब जरूरत है कि पुलिस के उच्चाधिकारी वीडियो का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएं। कथित शराब बिक्री सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो और यदि पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो यह भी स्पष्ट किया जाए कि वायरल वीडियो में लगाए गए दावों की सच्चाई क्या है। सवाल सिर्फ शराब की बिक्री का नहीं, बल्कि पुलिस की निगरानी और कथित मिलीभगत के आरोपों की जांच का भी है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो पर जिम्मेदार अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और क्या कोई ठोस कार्रवाई सामने आती है? #कालपी #जालौन #कालपीकोतवाली #ज्ञानभारतीचौकी #अवैधशराब #शराबबिक्री #वायरलवीडियो #पुलिसपरआरोप #पुलिसजांच #हाईवे #कानूनव्यवस्था #जालौनपुलिस #कालपीपुलिस #ब्रेकिंगन्यूज #UPPolice #Jalaun #Kalpi
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    चौकी के पास कथित अवैध शराब बिक्री का वीडियो वायरल, पुलिस पर हफ्ता लेने के आरोप से मचा हड़कंप!
हाईवे किनारे कथित अवैध शराब का खेल? 
वायरल वीडियो में दुकानदार के पुलिस पर गंभीर आरोप, उठे बड़े सवाल
कालपी कोतवाली क्षेत्र की ज्ञान भारती चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हाईवे किनारे टीन शेड में संचालित एक दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अवैध शराब की बिक्री को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में पानी की बोतलें बेचने की आड़ में कथित तौर पर शराब की बिक्री किए जाने का दावा सामने आ रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि वायरल वीडियो में कथित शराब विक्रेता खुद यह कहते हुए नजर आ रहा है कि पहले पुलिसकर्मी उसे परेशान करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता क्योंकि पुलिस तक हफ्ता पहुंचने लगा है।
वीडियो में पुलिस के कोबरा दस्ते को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। 
ऐसे में वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और कथित शराब बिक्री की वास्तविकता की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
पुलिस की निगरानी में या पुलिस की नजरों से दूर?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हाईवे किनारे खुलेआम कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री हो रही थी तो ज्ञान भारती चौकी की पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? 
अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? 
और अगर जानकारी नहीं थी तो क्षेत्र में पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल क्यों न उठें?
वायरल वीडियो में पुलिस को कथित रूप से हफ्ता दिए जाने की बात कही जा रही है।
क्या वास्तव में किसी पुलिसकर्मी तक अवैध वसूली की रकम पहुंच रही थी या वीडियो में लगाया गया आरोप महज दावा है? 
इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
उच्चाधिकारियों से जांच की मांग
मामला वायरल होने के बाद अब जरूरत है कि पुलिस के उच्चाधिकारी वीडियो का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएं।
कथित शराब बिक्री सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो और यदि पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो यह भी स्पष्ट किया जाए कि वायरल वीडियो में लगाए गए दावों की सच्चाई क्या है।
सवाल सिर्फ शराब की बिक्री का नहीं, बल्कि पुलिस की निगरानी और कथित मिलीभगत के आरोपों की जांच का भी है। 
अब देखना होगा कि वायरल वीडियो पर जिम्मेदार अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और क्या कोई ठोस कार्रवाई सामने आती है?
#कालपी #जालौन #कालपीकोतवाली #ज्ञानभारतीचौकी #अवैधशराब #शराबबिक्री #वायरलवीडियो #पुलिसपरआरोप #पुलिसजांच #हाईवे #कानूनव्यवस्था #जालौनपुलिस #कालपीपुलिस  #ब्रेकिंगन्यूज 
#UPPolice #Jalaun #Kalpi
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कालपी में नजूल भूमि को लेकर हड़कंप, अभिलेखों में अनियमितताओं की जांच से उठे बड़े सवाल कालपी में नजूल भूमि को लेकर हड़कंप, अभिलेखों में अनियमितताओं की जांच से उठे बड़े सवाल कालपी/जालौन। कालपी के अदलसराय इलाके में सरकारी नजूल भूमि से जुड़े विवाद ने प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद तहसीलदार कालपी को प्रकरण की जांच सौंपी गई। 19 अगस्त को सदर लेखपाल की जांच के संबंध में उपलब्ध विवरण में राजस्व अभिलेखों में अनियमितताओं का उल्लेख सामने आया है। शिकायतकर्ता अमर सिंह अहिरवार एडवोकेट ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि अदलसराय, कालपी खास स्थित गाटा संख्या 165, वर्ग-12(ख) की राज्य सरकार की नजूल भूमि तथा नगर पालिका के भूखंड संख्या 1407-1409 से जुड़े अभिलेखों में कथित तौर पर हेरफेर किया गया। शिकायत में एक सेवानिवृत्त नगर पालिका कर्मचारी और कुछ लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। शिकायत में 13 जुलाई 2026 को नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक द्वारा की गई नाप-जोख पर भी आपत्ति जताई गई है। आरोप है कि भूखंड संख्या 1409 के रकबे को कथित रूप से भूखंड संख्या 1407 में शामिल दर्शाया गया। शिकायतकर्ता ने राजस्व और नगर पालिका दोनों के अभिलेखों के आधार पर दोबारा निष्पक्ष सीमांकन कराने की मांग की है। IGRS शिकायत संख्या 40016526017150 से संबंधित उपलब्ध जांच विवरण में गाटा संख्या 165 की सरकारी भूमि के अभिलेखों की जांच किए जाने और उनमें अनियमितताओं का उल्लेख है। इसी के साथ सरकारी भूमि के कथित अनधिकृत विक्रय से जुड़े आरोपों की भी जांच का जिक्र किया गया है। जांच के दौरान कुछ निर्मित मकानों के कथित अतिक्रमण की सीमा में आने की बात भी सामने आने का उल्लेख है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति बनने की बात कही गई है। क्या गाटा संख्या 165 की सरकारी नजूल भूमि के अभिलेखों में वास्तव में कोई हेरफेर हुआ? भूखंड 1407 और 1409 की वास्तविक स्थिति क्या है? 13 जुलाई की नाप-जोख राजस्व रिकॉर्ड से कितनी मेल खाती है? यदि रिकॉर्ड में अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? और कथित बिक्री से जुड़े दस्तावेज वैध हैं या नहीं? इन सभी सवालों का जवाब निष्पक्ष सीमांकन और अभिलेखों की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल उपलब्ध जांच विवरण आरोपों की अंतिम पुष्टि या किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं करता। इसलिए मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष और प्रशासन की अंतिम जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। पत्रकारिता की दृष्टि से किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करने के बजाय सवालों और उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के आधार पर जांच की मांग को सामने रखना ही उचित है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं—क्या दोबारा सीमांकन और रिकॉर्ड की जांच से सरकारी जमीन की वास्तविक स्थिति साफ होगी, या मामला सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा? #Kalpi #Jalaun #KalpiNews #JalaunNews #NuzulLand #SarkariJameen #LandDispute #IGRS #RevenueDepartment #NagarPalikaKalpi
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    कालपी में नजूल भूमि को लेकर हड़कंप, अभिलेखों में अनियमितताओं की जांच से उठे बड़े सवाल
कालपी में नजूल भूमि को लेकर हड़कंप, अभिलेखों में अनियमितताओं की जांच से उठे बड़े सवाल
कालपी/जालौन। कालपी के अदलसराय इलाके में सरकारी नजूल भूमि से जुड़े विवाद ने प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद तहसीलदार कालपी को प्रकरण की जांच सौंपी गई। 19 अगस्त को सदर लेखपाल की जांच के संबंध में उपलब्ध विवरण में राजस्व अभिलेखों में अनियमितताओं का उल्लेख सामने आया है।
शिकायतकर्ता अमर सिंह अहिरवार एडवोकेट ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि अदलसराय, कालपी खास स्थित गाटा संख्या 165, वर्ग-12(ख) की राज्य सरकार की नजूल भूमि तथा नगर पालिका के भूखंड संख्या 1407-1409 से जुड़े अभिलेखों में कथित तौर पर हेरफेर किया गया। शिकायत में एक सेवानिवृत्त नगर पालिका कर्मचारी और कुछ लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
शिकायत में 13 जुलाई 2026 को नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक द्वारा की गई नाप-जोख पर भी आपत्ति जताई गई है। आरोप है कि भूखंड संख्या 1409 के रकबे को कथित रूप से भूखंड संख्या 1407 में शामिल दर्शाया गया। शिकायतकर्ता ने राजस्व और नगर पालिका दोनों के अभिलेखों के आधार पर दोबारा निष्पक्ष सीमांकन कराने की मांग की है।
IGRS शिकायत संख्या 40016526017150 से संबंधित उपलब्ध जांच विवरण में गाटा संख्या 165 की सरकारी भूमि के अभिलेखों की जांच किए जाने और उनमें अनियमितताओं का उल्लेख है। इसी के साथ सरकारी भूमि के कथित अनधिकृत विक्रय से जुड़े आरोपों की भी जांच का जिक्र किया गया है।
जांच के दौरान कुछ निर्मित मकानों के कथित अतिक्रमण की सीमा में आने की बात भी सामने आने का उल्लेख है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति बनने की बात कही गई है।
क्या गाटा संख्या 165 की सरकारी नजूल भूमि के अभिलेखों में वास्तव में कोई हेरफेर हुआ?
भूखंड 1407 और 1409 की वास्तविक स्थिति क्या है?
13 जुलाई की नाप-जोख राजस्व रिकॉर्ड से कितनी मेल खाती है?
यदि रिकॉर्ड में अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
और कथित बिक्री से जुड़े दस्तावेज वैध हैं या नहीं?
इन सभी सवालों का जवाब निष्पक्ष सीमांकन और अभिलेखों की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल उपलब्ध जांच विवरण आरोपों की अंतिम पुष्टि या किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं करता। इसलिए मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष और प्रशासन की अंतिम जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। पत्रकारिता की दृष्टि से किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करने के बजाय सवालों और उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के आधार पर जांच की मांग को सामने रखना ही उचित है।
अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर हैं—क्या दोबारा सीमांकन और रिकॉर्ड की जांच से सरकारी जमीन की वास्तविक स्थिति साफ होगी, या मामला सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा?
#Kalpi #Jalaun #KalpiNews #JalaunNews #NuzulLand #SarkariJameen #LandDispute #IGRS #RevenueDepartment #NagarPalikaKalpi
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जिलाधिकारी ने माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में की जनसुनवाई, संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का संतोषपरक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रगति एवं स्थिति से समय-समय पर अवगत कराया जाए।
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    जिलाधिकारी ने माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में की जनसुनवाई, संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश
माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का संतोषपरक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।  शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रगति एवं स्थिति से समय-समय पर अवगत कराया जाए।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    16 min ago
  • *मुख्य विकास अधिकारी ने आँगनवाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का किया निरिक्षण , दिए निर्देश* *कक्षाओं में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री न मिलने एवं परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश* *पंजीकृत छात्र छात्राओं की विद्यालय में शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए,अन्यथा प्रधानध्यापक के विरुद्ध की जायेगी कार्यवाही* *बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए: मुख्य विकास अधिकारी* कानपुर देहात :- दिनांक : 21 अगस्त 2026 मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा आज जनपद के विकासखण्ड मलासा के आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सर्वप्रथम आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया, निरिक्षण के समय मौके पर 19 छात्र छात्रायें पंजीकृत पाए पर मात्र 03 छात्र ही मौके पर उपस्थित मिले। मौके पर उपस्थित बच्चों में शिक्षा का अभाव मिला इसके पश्चात उनके द्वारा प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया गया निरिक्षण के समय विद्यालय के प्रधानध्यापक दिनेश कुमार उपस्थित मिले इसके अतिरिक्त अजय कुमार शिक्षा मित्र मौके पर अनुपस्थित पाए गए , मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पूछे जाने पर प्रधानध्यापक द्वारा बताया गया कि वे किसी काम से बीआरसी गए हुए है जिस पर उन्होंने सम्बंधित का स्पष्टीकरण प्राप्त किये जाने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए । वहीं विद्यालय में 68 छात्र छात्राओं का पंजीकरण हुआ है जिसके सापेक्ष मात्र 49 छात्र/छात्रायें उपस्थित पाए गए उन्होंने प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाए साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने वाले सभी छात्र/छात्राएं पूरी ड्रेस में ही आये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की तथा उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने अध्यापकों को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, पाठ्य सामग्री तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। वहीं विद्यायल में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री नहीं मिली जिस पर उन्होंने संबंधित प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि सभी कक्षाओं में सामग्री उपलब्ध रहे अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। विद्यालय परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न होने पर प्रधानध्यापक को फटकार लगाते हुये तत्काल कराये जाने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश। मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल व्यवस्था को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
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    *मुख्य विकास अधिकारी ने आँगनवाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का किया निरिक्षण , दिए निर्देश* 
*कक्षाओं में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री न मिलने एवं परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश*
*पंजीकृत छात्र छात्राओं की विद्यालय में  शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए,अन्यथा प्रधानध्यापक के विरुद्ध की जायेगी कार्यवाही* 
*बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए: मुख्य विकास अधिकारी*
कानपुर देहात :- दिनांक : 21 अगस्त  2026
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा आज जनपद के विकासखण्ड मलासा के आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर  एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर  का 
औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सर्वप्रथम आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया, निरिक्षण के समय मौके पर 19 छात्र छात्रायें पंजीकृत पाए  पर मात्र 03 छात्र ही मौके पर उपस्थित मिले। मौके पर उपस्थित बच्चों में शिक्षा का अभाव मिला इसके पश्चात उनके द्वारा प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया गया  निरिक्षण के समय विद्यालय के प्रधानध्यापक दिनेश कुमार उपस्थित मिले इसके अतिरिक्त अजय कुमार शिक्षा मित्र मौके पर अनुपस्थित पाए गए , मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पूछे जाने पर प्रधानध्यापक द्वारा बताया गया कि वे किसी काम से बीआरसी गए हुए है जिस पर उन्होंने सम्बंधित का स्पष्टीकरण  प्राप्त किये जाने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए । वहीं विद्यालय में 68 छात्र छात्राओं का पंजीकरण हुआ है जिसके सापेक्ष मात्र 49 छात्र/छात्रायें उपस्थित पाए गए उन्होंने प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाए साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने वाले सभी छात्र/छात्राएं पूरी ड्रेस में ही आये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की तथा उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने अध्यापकों को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, पाठ्य सामग्री तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। वहीं विद्यायल में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री नहीं मिली जिस पर उन्होंने संबंधित प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि सभी कक्षाओं में सामग्री उपलब्ध रहे अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। विद्यालय परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न होने पर प्रधानध्यापक को फटकार लगाते हुये तत्काल कराये जाने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश। मुख्य विकास अधिकारी ने  विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल व्यवस्था को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
    user_Anand shukla
    Anand shukla
    अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    41 min ago
  • कानपुर देहात ब्रांडेड नमकीन के पैकेट में मिला मरा चूहा मचा हड़कंप। कानपुर देहात: ब्रांडेड नमकीन के पैकेट में मिला मरा चूहा, मचा हड़कंप कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में एक किराना दुकान से खरीदे गए ब्रांडेड नमकीन के पैकेट में मरा हुआ चूहा मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद उपभोक्ता और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। उपभोक्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, राजपुर कस्बा निवासी जावेद खां ने बुधवार को मुगल सड़क किनारे स्थित एक किराना दुकान से बच्चों के लिए करीब 80 रुपये का नमकीन का पैकेट खरीदा था। घर पहुंचने के बाद जब उन्होंने पैकेट खोलकर नमकीन खाना शुरू किया तो उन्हें उसमें कुछ गड़बड़ दिखाई दी। जब पैकेट को ध्यान से देखा गया तो उसमें मरे हुए चूहे का बच्चा मिलने की बात सामने आई। इसके बाद परिवार के लोग घबरा गए। जावेद खां का कहना है कि अगर नमकीन खाने के दौरान चूहे का बच्चा दिखाई नहीं देता और उसे खा लिया जाता, तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकेटबंद सामान की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से नमकीन का नमूना लेकर जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में बिकने वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो। #KanpurDehat #Rajpur #KanpurDehatNews #FoodSafety #FoodSafetyDepartment #Namkeen #FoodNews #BreakingNews #UPNews #UttarPradeshNews #HindiNews #LatestNews #ViralNews #KanpurNews
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    कानपुर देहात ब्रांडेड नमकीन के पैकेट में मिला मरा चूहा मचा हड़कंप।
कानपुर देहात: ब्रांडेड नमकीन के पैकेट में मिला मरा चूहा, मचा हड़कंप
कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में एक किराना दुकान से खरीदे गए ब्रांडेड नमकीन के पैकेट में मरा हुआ चूहा मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद उपभोक्ता और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। उपभोक्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, राजपुर कस्बा निवासी जावेद खां ने बुधवार को मुगल सड़क किनारे स्थित एक किराना दुकान से बच्चों के लिए करीब 80 रुपये का नमकीन का पैकेट खरीदा था। घर पहुंचने के बाद जब उन्होंने पैकेट खोलकर नमकीन खाना शुरू किया तो उन्हें उसमें कुछ गड़बड़ दिखाई दी।
जब पैकेट को ध्यान से देखा गया तो उसमें मरे हुए चूहे का बच्चा मिलने की बात सामने आई। इसके बाद परिवार के लोग घबरा गए। जावेद खां का कहना है कि अगर नमकीन खाने के दौरान चूहे का बच्चा दिखाई नहीं देता और उसे खा लिया जाता, तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकेटबंद सामान की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से नमकीन का नमूना लेकर जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में बिकने वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।
#KanpurDehat #Rajpur #KanpurDehatNews #FoodSafety #FoodSafetyDepartment #Namkeen #FoodNews #BreakingNews #UPNews #UttarPradeshNews #HindiNews #LatestNews #ViralNews #KanpurNews
    user_Kuldeep Kumar
    Kuldeep Kumar
    Journalist 9260920347 Bhognipur, Kanpur Dehat•
    2 hrs ago
  • *मुख्य विकास अधिकारी ने आँगनवाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का किया निरिक्षण , दिए निर्देश* *मुख्य विकास अधिकारी ने आँगनवाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का किया निरिक्षण , दिए निर्देश* *कक्षाओं में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री न मिलने एवं परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश* *पंजीकृत छात्र छात्राओं की विद्यालय में शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए,अन्यथा प्रधानध्यापक के विरुद्ध की जायेगी कार्यवाही* *बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए: मुख्य विकास अधिकारी* कानपुर देहात :- दिनांक : 21 अगस्त 2026 मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा आज जनपद के विकासखण्ड मलासा के आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सर्वप्रथम आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया, निरिक्षण के समय मौके पर 19 छात्र छात्रायें पंजीकृत पाए पर मात्र 03 छात्र ही मौके पर उपस्थित मिले। मौके पर उपस्थित बच्चों में शिक्षा का अभाव मिला इसके पश्चात उनके द्वारा प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया गया निरिक्षण के समय विद्यालय के प्रधानध्यापक दिनेश कुमार उपस्थित मिले इसके अतिरिक्त अजय कुमार शिक्षा मित्र मौके पर अनुपस्थित पाए गए , मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पूछे जाने पर प्रधानध्यापक द्वारा बताया गया कि वे किसी काम से बीआरसी गए हुए है जिस पर उन्होंने सम्बंधित का स्पष्टीकरण प्राप्त किये जाने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए । वहीं विद्यालय में 68 छात्र छात्राओं का पंजीकरण हुआ है जिसके सापेक्ष मात्र 49 छात्र/छात्रायें उपस्थित पाए गए उन्होंने प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाए साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने वाले सभी छात्र/छात्राएं पूरी ड्रेस में ही आये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की तथा उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने अध्यापकों को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, पाठ्य सामग्री तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। वहीं विद्यायल में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री नहीं मिली जिस पर उन्होंने संबंधित प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि सभी कक्षाओं में सामग्री उपलब्ध रहे अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। विद्यालय परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न होने पर प्रधानध्यापक को फटकार लगाते हुये तत्काल कराये जाने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश। मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल व्यवस्था को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
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    *मुख्य विकास अधिकारी ने आँगनवाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का किया निरिक्षण , दिए निर्देश* 
*मुख्य विकास अधिकारी ने आँगनवाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का किया निरिक्षण , दिए निर्देश* 
*कक्षाओं में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री न मिलने एवं परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश*
*पंजीकृत छात्र छात्राओं की विद्यालय में  शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए,अन्यथा प्रधानध्यापक के विरुद्ध की जायेगी कार्यवाही* 
*बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए: मुख्य विकास अधिकारी*
कानपुर देहात :- दिनांक : 21 अगस्त  2026
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा आज जनपद के विकासखण्ड मलासा के आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर  एवं प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर  का 
औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सर्वप्रथम आँगनवाड़ी केंद्र श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया, निरिक्षण के समय मौके पर 19 छात्र छात्रायें पंजीकृत पाए  पर मात्र 03 छात्र ही मौके पर उपस्थित मिले। मौके पर उपस्थित बच्चों में शिक्षा का अभाव मिला इसके पश्चात उनके द्वारा प्राथमिक विद्यालय श्याम सुन्दरपुर का निरिक्षण किया गया  निरिक्षण के समय विद्यालय के प्रधानध्यापक दिनेश कुमार उपस्थित मिले इसके अतिरिक्त अजय कुमार शिक्षा मित्र मौके पर अनुपस्थित पाए गए , मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पूछे जाने पर प्रधानध्यापक द्वारा बताया गया कि वे किसी काम से बीआरसी गए हुए है जिस पर उन्होंने सम्बंधित का स्पष्टीकरण  प्राप्त किये जाने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए । वहीं विद्यालय में 68 छात्र छात्राओं का पंजीकरण हुआ है जिसके सापेक्ष मात्र 49 छात्र/छात्रायें उपस्थित पाए गए उन्होंने प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाए साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने वाले सभी छात्र/छात्राएं पूरी ड्रेस में ही आये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की तथा उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया। उन्होंने अध्यापकों को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, पाठ्य सामग्री तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। वहीं विद्यायल में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री नहीं मिली जिस पर उन्होंने संबंधित प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि सभी कक्षाओं में सामग्री उपलब्ध रहे अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। विद्यालय परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न होने पर प्रधानध्यापक को फटकार लगाते हुये तत्काल कराये जाने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश। मुख्य विकास अधिकारी ने  विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल व्यवस्था को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • निर्माणाधीन पुल टूटा, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—वैकल्पिक रास्ते की मांग को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे दर्जनों ग्रामीण जालौन/उरई। ग्राम रगौली के ग्रामीणों की परेशानी अब सड़क से निकलकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गई है। निर्माणाधीन पुल की स्लैब टूटकर बह जाने के बाद करीब एक माह से गांव का आवागमन प्रभावित है। शुक्रवार को दर्जनों ग्रामीण ट्रैक्टरों में सवार होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर तत्काल वैकल्पिक रास्ता बनवाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव के बच्चों की स्कूल तक पहुंच प्रभावित हो रही है, जबकि गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने ठेकेदार से कई बार वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि मानवीय जरूरतों को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को परेशानी न हो। साथ ही निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता और निर्माण कार्य की मानकों के अनुसार जांच कराकर जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि एक महीने से आवागमन बाधित होने के बावजूद ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्ता क्यों नहीं मिला? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, यह देखने वाली बात होगी। आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #जालौन #उरई #रगौली #ब्रेकिंगन्यूज #डीएमजालौन #ग्रामीणोंकीसमस्या #निर्माणाधीनपुल #पुलटूटा #वैकल्पिकरास्ता #जालौनन्यूज #ग्रामीणोंकीआवाज #प्रशासन #विकासकार्य #जनसमस्या
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    निर्माणाधीन पुल टूटा, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—वैकल्पिक रास्ते की मांग को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे दर्जनों ग्रामीण
जालौन/उरई। ग्राम रगौली के ग्रामीणों की परेशानी अब सड़क से निकलकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गई है। निर्माणाधीन पुल की स्लैब टूटकर बह जाने के बाद करीब एक माह से गांव का आवागमन प्रभावित है। शुक्रवार को दर्जनों ग्रामीण ट्रैक्टरों में सवार होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर तत्काल वैकल्पिक रास्ता बनवाने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव के बच्चों की स्कूल तक पहुंच प्रभावित हो रही है, जबकि गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने ठेकेदार से कई बार वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि मानवीय जरूरतों को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को परेशानी न हो। साथ ही निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता और निर्माण कार्य की मानकों के अनुसार जांच कराकर जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि एक महीने से आवागमन बाधित होने के बावजूद ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्ता क्यों नहीं मिला? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, यह देखने वाली बात होगी।
आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
#जालौन #उरई #रगौली #ब्रेकिंगन्यूज #डीएमजालौन #ग्रामीणोंकीसमस्या #निर्माणाधीनपुल #पुलटूटा #वैकल्पिकरास्ता #जालौनन्यूज #ग्रामीणोंकीआवाज #प्रशासन #विकासकार्य #जनसमस्या
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भाल के मुख्य मार्ग पर मृत पशुओं से फैली दुर्गंध, राहगीरों और स्कूली बच्चों का निकलना हुआ दूभर भाल गांव के मुख्य मार्ग स्थित नहर पुल के पास मृत पशुओं के पड़े रहने से ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाय, भैंस समेत अन्य मृत पशुओं के अवशेष पड़े होने से क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बीमारी फैलने की आशंका जताते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। भाल निवासी अंकित सिंह और उनके साथियों ने गुरुवार को करीब 3 बजे इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि गांव की मुख्य सड़क पर मृत पशुओं के पड़े रहने से राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी हो रही है। दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है और आसपास के वातावरण में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। अंकित सिंह ने गांव के वरिष्ठजनों और जिम्मेदार लोगों से मामले का संज्ञान लेकर मृत पशुओं के अवशेषों को हटवाने तथा समस्या के स्थायी निस्तारण की अपील की है। वहीं उत्कर्ष फौजी, धर्मेंद्र सिंह, राघवेंद्र, रामकेश, छोटे सिंह, सिद्धे तिवारी सहित अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि मृत
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    भाल के मुख्य मार्ग पर मृत पशुओं से फैली दुर्गंध, राहगीरों और स्कूली बच्चों का निकलना हुआ दूभर
भाल गांव के मुख्य मार्ग स्थित नहर पुल के पास मृत पशुओं के पड़े रहने से ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाय, भैंस समेत अन्य मृत पशुओं के अवशेष पड़े होने से क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बीमारी फैलने की आशंका जताते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
भाल निवासी अंकित सिंह और उनके साथियों ने गुरुवार को करीब 3 बजे इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि गांव की मुख्य सड़क पर मृत पशुओं के पड़े रहने से राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी हो रही है। दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है और आसपास के वातावरण में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है।
अंकित सिंह ने गांव के वरिष्ठजनों और जिम्मेदार लोगों से मामले का संज्ञान लेकर मृत पशुओं के अवशेषों को हटवाने तथा समस्या के स्थायी निस्तारण की अपील की है। वहीं उत्कर्ष फौजी, धर्मेंद्र सिंह, राघवेंद्र, रामकेश, छोटे सिंह, सिद्धे तिवारी सहित अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मृत
    user_Journalist Sonu singh
    Journalist Sonu singh
    Journalist 9651575839 सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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