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जालौन से बड़ी खबर नदियों के घटते जलस्तर से प्रशासन ने ली राहत जालौन। जिले में नदियों के जलस्तर में लगातार कमी आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। यमुना नदी का जलस्तर फिलहाल 100.60 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 108 मीटर निर्धारित है। ऐसे में वर्तमान स्थिति में बाढ़ का कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। हालांकि प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
अखिलेश सोनी
जालौन से बड़ी खबर नदियों के घटते जलस्तर से प्रशासन ने ली राहत जालौन। जिले में नदियों के जलस्तर में लगातार कमी आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। यमुना नदी का जलस्तर फिलहाल 100.60 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 108 मीटर निर्धारित है। ऐसे में वर्तमान स्थिति में बाढ़ का कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। हालांकि प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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- सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद फूटा परिजनों का गुस्सा, शव रखकर लगाया जाम लोडर चालक पर कार्रवाई न होने से नाराज परिजन, पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप; मौके पर पहुंचे एसडीएम राकेश कुमार सोनी कुठौंद। सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने शव को माधौगढ़ चौराहे पर सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। करीब आधा सैकड़ा ग्रामीण भी परिजनों के समर्थन में जाम में शामिल हो गए। परिजनों का आरोप है कि हादसे को 24 घंटे बीत जाने के बाद भी दुर्घटना में शामिल लोडर को पुलिस पकड़ नहीं सकी है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार वाहन चालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। जाम के चलते मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।1
- जालौन में मस्जिद के पास हो रहे निर्माण कार्यों को ढहाया गया नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र के जालौन नगर क्षेत्र से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां नगर क्षेत्र के दबगरान मुहल्ले में स्थित एक मस्जिद के पीछे पड़ी जमीन पर मदरसे का निर्माण कार्य शुरू किया गया तो माहौल बिगडने पर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जांच में निर्माण कार्य अवैध पाया तो तत्काल ढहाया गया4
- जालौन से बड़ी खबर नदियों के घटते जलस्तर से प्रशासन ने ली राहत जालौन। जिले में नदियों के जलस्तर में लगातार कमी आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। यमुना नदी का जलस्तर फिलहाल 100.60 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 108 मीटर निर्धारित है। ऐसे में वर्तमान स्थिति में बाढ़ का कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। हालांकि प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।1
- कदौरा विकास खंड ग्राम पंचायत उड़नपुर से कुसमरा तक रोड की हालत बहुत खराब है जिसमें बच्चों को स्कूल जाने में होती है | कुसमरा की सड़क बनी मुसीबत, 10 मिनट का सफर 45 मिनट में! कदौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कुसमरा में सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान कदौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत कुसमरा में सड़क की हालत बेहद खराब होने से ग्रामीणों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की दुर्दशा के चलते जो रास्ता महज 10 मिनट में पूरा होना चाहिए, उसमें करीब 45 मिनट तक लग रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस रास्ते से एंबुलेंस नहीं गुजरती? अगर किसी मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना पड़े तो खराब सड़क के कारण उसकी जान जोखिम में पड़ सकती है। इसी रास्ते से स्कूल के बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और रोजाना आने-जाने वाले राहगीर गुजरते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है, लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ रही। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सड़क की तत्काल जांच कराकर निर्माण/मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके। 📍 स्थान: ग्राम पंचायत कुसमरा, विकासखंड कदौरा, जनपद जालौन सवाल साफ है—आखिर कब सुधरेगी कुसमरा की सड़क?1
- आम रास्ते पर मदरसा निर्माण को लेकर मचा विवाद, प्रशासन ने गिराई निर्माणाधीन दीवार आम रास्ते पर निर्माण को लेकर मचा विवाद, प्रशासन ने गिराई निर्माणाधीन दीवार हिंदू युवा वाहिनी ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग; जांच में निर्माण कार्य नियमों के विपरीत मिलने पर हुई कार्रवाई जालौन। नगर जालौन के मोहल्ला दवगरान में मंगलवार सुबह आम रास्ते पर कथित रूप से किए जा रहे निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे लोगों ने निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति जताई। मामले को लेकर हिंदू युवा वाहिनी जालौन के निवर्तमान अध्यक्ष राजा सिंह सेंगर द्वारा उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मोहल्ला दवगरान में स्थित करीब 200 वर्ष पुरानी मस्जिद के आसपास निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार मस्जिद का मूल निर्माण क्षेत्र लगभग 27×27 फीट बताया गया है। आरोप है कि इसके आसपास की नजूल भूमि पर कथित रूप से कब्जा कर चारदीवारी का निर्माण कराया गया है। साथ ही मस्जिद के चारों तरफ आम रास्ता होने तथा पूर्व दिशा में करीब 80 फीट खाली भूमि होने की बात भी ज्ञापन में कही गई। आम रास्ते पर छह फीट ऊंची दीवार खड़ी करने का आरोप हिंदू युवा वाहिनी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि मंगलवार सुबह सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर स्थिति देखने पर आम रास्ते की ओर भी निर्माण कार्य होता पाया गया। आरोप है कि रास्ते के हिस्से को घेरते हुए करीब छह फीट ऊंची दीवार खड़ी कर दी गई थी। मौके पर निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति जताए जाने पर दूसरे पक्ष की ओर से कथित तौर पर प्रशासनिक आदेश होने की बात कही गई। इसके बाद हिंदू युवा वाहिनी की ओर से मामले की जानकारी प्रशासन को देते हुए उपजिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर रुकवाया निर्माण ज्ञापन मिलने के बाद उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। प्रशासन द्वारा मौके पर जांच-पड़ताल की गई। जांच के दौरान आम रास्ते में किया जा रहा निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित करा दिया। उपजिलाधिकारी ने संबंधित पक्ष को निर्देश दिए कि आम रास्ते में बनाई गई निर्माणाधीन दीवार को शाम 5 बजे तक स्वयं ध्वस्त कर दिया जाए। निर्धारित समय तक दीवार नहीं हटाए जाने पर प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई। आदेश का पालन नहीं होने पर प्रशासन ने गिराई दीवार निर्धारित समय तक निर्माणाधीन दीवार को स्वयं नहीं हटाया गया। इसके बाद उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी के निर्देश पर नगर पालिका परिषद एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान लेखपाल वैभव त्रिपाठी, नायब तहसीलदार सत्येंद्र सिंह सहित जालौन प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। टीम की मौजूदगी में आम रास्ते पर उठाई गई निर्माणाधीन दीवार का ध्वस्तीकरण कराया गया। प्रशासन की कार्रवाई के बाद मौके पर स्थिति सामान्य हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रास्ते अथवा सरकारी भूमि पर नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के निवर्तमान अध्यक्ष राजा सिंह सेंगर ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर भविष्य में आम रास्ते एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने देने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले से जुड़े दस्तावेजों एवं स्थल की स्थिति की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार किए जाने की बात कही गई है।1
- मदरसा के सामने खाली पड़े प्लाट में हो रहे अवैध निर्माण को नगर पालिका टीम ने ढहाया मुहल्ला दबगरान में अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई, निर्माण कराया ध्वस्त जालौन। नगर जालौन के मुहल्ला दबगरान में अवैध निर्माण की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई की। जालौन एसडीएम के निर्देश पर टीम गठित की गई, जिसमें नायब तहसीलदार, सदर लेखपाल एवं नगर पालिका की टीम शामिल रही। टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद अवैध पाए गए निर्माण को प्रशासन की मौजूदगी में ध्वस्त करा दिया गया। प्रशासन की कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति अथवा नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।2
- 241 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए, खिले चेहरे उरई, जालौन। साइबर थाना एवं जनपद जालौन के विभिन्न थानों पर गठित पुलिस टीम ने गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कुल 241 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 40 लाख 97 हजार रुपये बताई गई है। बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। मोबाइल स्वामियों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार जताया। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि साइबर थाना और जनपद के विभिन्न थानों की पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा एवं खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी माध्यमों की मदद से पुलिस टीम ने इन मोबाइलों को बरामद करने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन आज के समय में लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। गुम मोबाइल की बरामदगी से लोगों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलने के साथ ही उनमें पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए आगे भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों ने पुलिस टीम का धन्यवाद किया और कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। मोबाइल हाथ में आते ही उनके चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।2
- जालौन में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा, मस्जिद कमेटी की कब्जाई भूमि कराई गई मुक्त ज्ञापन मिलते ही एसडीएम राकेश सोनी ने गठित की जांच कमेटी, नगर पालिका टीम ने मौके पर पहुंचकर हटाया अतिक्रमण जालौन। नगर के मोहल्ला दबगरान में आम रास्ते एवं भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में ज्ञापन प्राप्त होते ही उप जिलाधिकारी जालौन राकेश सोनी ने तत्काल जांच कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए। जांच कमेटी में नायब तहसीलदार सत्येंद्र कुमार एवं सदर लेखपाल वैभव त्रिपाठी को शामिल किया गया। टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि एवं अतिक्रमण की जांच की गई। जांच के बाद नगर पालिका एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण की गई भूमि से सरिया, गिट्टी, बालू सहित अन्य निर्माण सामग्री को हटाया गया। टीम ने मौके पर मौजूद अतिक्रमण को हटाकर रास्ते एवं भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद का निर्माण जिस भूमि पर किया गया है, वह अलग भूमि बताई जा रही है, जबकि इसके आसपास की अतिरिक्त भूमि पर कथित रूप से कब्जा किए जाने की शिकायत की गई थी। हालांकि इस संबंध में अंतिम स्थिति प्रशासन की जांच एवं अभिलेखों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक रास्ते अथवा सरकारी/अन्य भूमि पर किया गया अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी कि यदि कहीं भी अतिक्रमण पाया जाता है तो जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मौके पर जिस तरह नगर पालिका और प्रशासनिक टीम ने अतिक्रमण हटाया, उससे नगर में योगी सरकार की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई। हालांकि कार्रवाई के दौरान बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया गया, लेकिन टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री हटाते हुए अतिक्रमण को खाली करा दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच के बाद प्रशासन मस्जिद कमेटी अथवा अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई या जुर्माना निर्धारित करता है। प्रशासनिक अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1