कन्नौद नगर में अतिक्रमण के चलते धार्मिक आयोजनों के दौरान बिगड़ती यातायात व्यवस्था वाहन चालको सहित यात्रीयो को होती है परेशानी कन्नौद, नगर में निकलने वाले चल समारोह शोभायात्रा सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था नगर की अस्त-व्यस्त हो जाती है क्योंकि नगर में अतिक्रमण की बाढ़ जो आई हुई है अतिक्रमण के चलते मुख्य मार्ग पर किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आए दिन यातायात का अत्यधिक दबाव के चलते जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है आज शुक्रवार को करीब 4:00 बजे 51 कुंडीय यज्ञ के आयोजन को लेकर एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई जो मुख्य मार्ग से होती है इंदौर रोड से होते हुए रतलाम रोड यज्ञशाला तक पहुंची इस दौरान नगर पंचायत चौराहे से लेकर कार्यक्रम स्थल के जोड़ तक यातायात को रोका गया था जिसके चलते इंदौर रोड एवं नेमावर रोड पर करीब चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया जिसके चलते वाहन चालक कारों में बैठे यात्रीगण तथा लंबी दूरी की यात्रा बस में कर रहे यात्री भी घंटे परेशान होते रहे प्रशासन को चाहिए कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के दौरान नगर के दोनों ओर अन्य वाहनों का यातायात को बंद रखा जाए जिससे कि जाम जैसी स्थिति ना बने तथा जाम के कारण वाहन चालकों सहित अन्य वाहनों में बैठे यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े
कन्नौद नगर में अतिक्रमण के चलते धार्मिक आयोजनों के दौरान बिगड़ती यातायात व्यवस्था वाहन चालको सहित यात्रीयो को होती है परेशानी कन्नौद, नगर में निकलने वाले चल समारोह शोभायात्रा सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था नगर की अस्त-व्यस्त हो जाती है क्योंकि नगर में अतिक्रमण की बाढ़ जो आई हुई है अतिक्रमण के चलते मुख्य मार्ग पर किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आए दिन यातायात का अत्यधिक दबाव के चलते जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है आज शुक्रवार को करीब 4:00 बजे 51 कुंडीय यज्ञ के आयोजन को लेकर एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई जो मुख्य मार्ग से होती है इंदौर रोड से होते हुए रतलाम रोड यज्ञशाला तक पहुंची इस दौरान नगर पंचायत चौराहे से लेकर कार्यक्रम स्थल के जोड़ तक यातायात को रोका गया था जिसके चलते इंदौर रोड एवं नेमावर रोड पर करीब चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया जिसके चलते वाहन चालक कारों में बैठे यात्रीगण तथा लंबी दूरी की यात्रा बस में कर रहे यात्री भी घंटे परेशान होते रहे प्रशासन को चाहिए कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के दौरान नगर के दोनों ओर अन्य वाहनों का यातायात को बंद रखा जाए जिससे कि जाम जैसी स्थिति ना बने तथा जाम के कारण वाहन चालकों सहित अन्य वाहनों में बैठे यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े
- #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के ग्राम मुगली प्राचीन बावड़ी में जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने किया। यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गोपालसिंह इंजीनियर ने।1
- देवास में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। रसलपुर बायपास स्थित देवास मेटल फैक्ट्री के सामने तेज रफ्तार बस ने एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बस तेज गति में थी और अचानक सामने आए युवक को संभलने का मौका नहीं मिला। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल युवक की पहचान और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।4
- उज्जैन-भोपाल रेल लाइन पर बड़ा हादसाः गार्डर बदलते समय क्रेन नदी में गिरी, ट्रेनें प्रभावित उज्जैन | 2 घंटे पहले 0:18 शेयर उज्जैन-भोपाल रेल लाइन पर शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। रेलवे ब्रिज की मरम्मत करने पहुंची क्रेन गार्डर सहित नदी में गिर गई। हादसे में कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन लाखों रुपए का नुकसान हुआ है और उज्जैन आने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। उज्जैन से भोपाल रूट पर शहर से करीब 30 किमी दूर तराना स्टेशन के पास टिल्लर नदी पर दो ब्रिज से अप-डाउन टेनों की आवाजाही होती है। इनमें से एकअप-डाउन ट्रेनों की आवाजाही होती है। इनमें से एक पुराने ब्रिज के गार्डर में खराबी होने के चलते गुरुवार से उसे बदलने का काम चल रहा था। आज क्रेन से गार्डर बदला जा रहा था। दोपहर में इसी दौरान असंतुलित होने के कारण क्रेन गार्डर सहित नदी में जा गिरी। इधर, सूचना मिलते ही उज्जैन रेलवे स्टेशन से राहत दल मौके पर भेजा गया। घटना के बाद कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। अभी एक ही ब्रिज से ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इस संबंध में मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। शाम तक फिर से रूट शुरू होने की संभावना है। कर्मचारियों ने बताया कि अगर क्रेन कुछ आगे गिरती तो ब्रिज टूटने की संभावना थी।1
- झकलाय रेलवे गेट 22 मार्च से रहेगा पूर्णत: बंद, आरओबी निर्माण के चलते बदलेगा ट्रैफिक रूट सिवनी मालवा से शिवपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित झकलाय रेलवे गेट (समपार फाटक क्रमांक 218) को रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य के चलते 22 मार्च 2026 से पूर्णतः बंद किया जा रहा है। इस संबंध में रेलवे विभाग द्वारा आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है, साथ ही इसकी स्वीकृति कलेक्टर नर्मदापुरम द्वारा पूर्व में ही प्रदान की जा चुकी है। रेलवे विभाग के अनुसार, सिवनी मालवा-शिवपुर मार्ग पर कि.मी. 709/3-5 पर स्थित समपार फाटक क्रमांक 218 पर लंबे समय से ओवरब्रिज निर्माण की योजना प्रस्तावित थी, जिसे अब अमल में लाया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से फाटक को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। वैकल्पिक मार्ग किए गए निर्धारित गेट बंद होने के बाद आवागमन पूरी तरह से वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। विभाग ने इसके लिए: शिवपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों और ग्रामीणों को अब झकलाय गेट के स्थान पर: 1.ठाकुर मोहल्ला होते हुए चतरखेड़ा मार्ग (LHS 217) 2. तवा कॉलोनी के सामने स्थित अंडरब्रिज (LHS 219) 3.बानापुरा होते हुए चतरखेड़ा से झकलाय मार्ग का उपयोग करना होगा। आमजन को होगी असुविधा, लेकिन मिलेगा स्थायी समाधान गौरतलब है कि झकलाय रेलवे गेट क्षेत्र में अक्सर ट्रेनों के आवागमन के कारण लंबा जाम लग जाता था, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। आरओबी निर्माण के बाद इस समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण अवधि के दौरान लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी और असुविधा भी हो सकती है। प्रशासन ने की सहयोग की अपील प्रशासन और रेलवे विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और निर्माण कार्य में सहयोग करें। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मार्ग की जानकारी लेकर ही निकलें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।1
- तत्काल का मामला ट्रक ओर कार की टक्कर रोशन पूरा चौराहे पर भीषण सड़क हादसा कोई जन हानि नहीं।1
- वार्ड क्रमांक 40 जवाहरलाल कॉलोनी ऐशबाग स्टेडियम भोपाल,नर्मदा वॉल के चेंबर में गंदा पानी भरा हुआ है1
- देवास से ( साजिद अली ) यह फ्लैग मार्च पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोद के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती सौम्या जैन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री हरनारायण बाथम के मार्गदर्शन में जिले के समस्त एसडीओपी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया गया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के संवेदनशील एवं प्रमुख स्थानों का भ्रमण कर आमजन में सुरक्षा का विश्वास उत्पन्न किया गया तथा असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश दिया गया कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। देवास पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे आपसी भाईचारे एवं सौहार्द बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। *देवास पुलिस द्वारा ईद पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिससे आमजन सुरक्षित एवं निर्भीक होकर त्योहार मना सकें।*4
- सीहोर में जंगल-खेतों में आग के मामले बढ़ेः वन्यजीव छोड़ रहे ठिकाना, अब चार एकड़ खेत में लगी आग, एक हफ्ते में दर्जन भर घटनाएं सीहोर 6 घंटे पहले 0:36 शेयर सीहोर जिले के बेशकीमती जंगल लगातार आग की चपेट में हैं, जिससे वन्यजीव पलायन को मजबूर हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में जिले में खेतों और जंगलों में आग लगने की दर्जनभर से अधिक घटनाएं सामने आई हैं। वन विभाग और वन विकास निगम के जंगलों में बार-बार आग लगने से इनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।गुरुवार रात बारवाखेड़ी खेड़ी में चार एकड़ खेत में आग लगने से हजारों का नुकसान हुआ। इससे पहले, सोमवार को ग्राम जमुनिया फतेहपुर के खेत में आग लगी थी, जबकि 9 मार्च को निपानिया खुर्द के खेत में भी आगजनी की घटना हुई थी। तीन दिन पहले आलमपुरा में 40 एकड़ फसल जलकर राख हो गई थी। जंगलों में बढ़ी आग की घटनाएं गर्मी बढ़ने के साथ ही मार्च के तीसरे सप्ताह से जिले की भेरूंदा तहसील स्थित सरकारी सागवान के जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। नयापुरा सब-रेंज के जंगलों में भी आग देखी गई है। इसके अतिरिक्त, बसंतपुर कुरी नयापुरा, सन कोटा कोसमी और सिराड़ी के जंगल भी आग से प्रभावित हुए हैं। पिपलानी सब-रेंज के खजूर पानी, इटावा, सिराली और डोगला पानी जैसे कई वन क्षेत्र भी बार-बार आग की घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। वन्यजीवों छोड़ रहे ठिकाना इन आगजनी की घटनाओं के कारण वन्यप्राणी भी अपने आवास छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं। रात के समय जंगल लाल रोशनी से जगमगाते दिखाई देते हैं, जो आग की भयावहता को दर्शाता है।1
- बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने बढ़ाई किसानों की चिंता, गेहूं की कटाई पर मंडराया संकट सिवनी मालवा तहसील क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात अचानक मौसम में आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रात करीब 2:30 बजे तेज हवाओं के साथ मौसम ने करवट ली, जिसके बाद हल्की बारिश शुरू हो गई। यह बारिश लगभग आधे घंटे तक जारी रही। हालांकि बारिश ज्यादा तेज नहीं थी, लेकिन इस समय हुई बेमौसम बरसात ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। वर्तमान समय में तहसील क्षेत्र में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है और कई स्थानों पर कटाई का कार्य शुरू भी हो चुका है। ऐसे में अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं ने फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ता रहा, तो तैयार फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ग्राम सूरजपुर के किसान शेखर रघुवंशी ने बताया कि उनके गांव में सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हल्की बारिश हुई। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनकी गेहूं की फसल खेत में गिरी नहीं है, लेकिन बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ गई है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित होगा। उन्होंने आशंका जताई कि यदि दोबारा बारिश होती है, तो फसल के गिरने और खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। किसानों के अनुसार, इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है और कटाई के लिए उपयुक्त समय चल रहा है। ऐसे में बारिश होने से न केवल कटाई में देरी होगी, बल्कि दाने की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। नमी बढ़ने से गेहूं में फफूंद लगने और दाने काले पड़ने की संभावना भी बनी रहती है, जिससे बाजार में उचित दाम मिलने में भी परेशानी हो सकती है।1