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बेतिया नगर निगम आयुक्त द्वारा ज़मीनी स्तर पर कार्यों का गहन मूल्यांकन किया गया। 17 April. आज बेतिया द्वारा शहर में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा हेतु व्यापक निरीक्षण किया गया। 17.04.2026.
Vivek Kumar (Shrivastava).
बेतिया नगर निगम आयुक्त द्वारा ज़मीनी स्तर पर कार्यों का गहन मूल्यांकन किया गया। 17 April. आज बेतिया द्वारा शहर में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा हेतु व्यापक निरीक्षण किया गया। 17.04.2026.
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- प्रेम प्रसंग मामले में नामजद अभियुक्त गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया मझौलिया। मझौलिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रेम प्रसंग से जुड़े एक मामले में नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमर कुमार ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मझौलिया थाना कांड संख्या 379/26 के नामजद अभियुक्त चंदन कुमार (उम्र लगभग 24 वर्ष), पिता विनोद राम, निवासी जोकहा थाना मनुआपुल को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके उपरांत उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अन्य अभियुक्तों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- आज बेतिया द्वारा शहर में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा हेतु व्यापक निरीक्षण किया गया। 17.04.2026.1
- दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर हमले के विरोध में बेतिया में पुतला दहन सीटू के बैनर तले प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी और अधिकारों को लेकर उठी आवाज बेतिया दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर कथित हमलों के विरोध में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के बैनर तले बेतिया में जोरदार प्रदर्शन किया गया। मीना बाजार स्थित सीटू कार्यालय से मजदूरों ने मार्च निकालकर सोवा बाबू चौक पर सभा की और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य रिक्शा मजदूर सभा के अध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्यों की सरकारें मजदूरों के जनतांत्रिक अधिकारों को दबा रही हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा और गुड़गांव में मजदूर 26 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी और 8 घंटे काम की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी आवाज दबाई जा रही है। जिला सचिव शंकर कुमार राव ने कहा कि सीटू नेताओं को हाउस अरेस्ट कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश हो रही है। वहीं अन्य नेताओं ने मजदूरों को धमकाने की घटनाओं की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों की मांगों को जल्द पूरा करने और दमनात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की।1
- बैरिया अंचल क्षेत्र की लौकरिया पंचायत अंतर्गत मुशहरी गांव (वार्ड संख्या-05) में 10 अप्रैल 2026 को हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित पहल करते हुए प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी है। आग लगने की इस घटना में कुल 127 ग्रामीण परिवारों के आवासीय घर क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए थे। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ किया गया। प्रभारी पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन श्रीमती नगमा तबस्सुम ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए तत्काल सामुदायिक किचेन संचालित किया गया। 11 एवं 12 अप्रैल को कुल 127 परिवारों के 511 लोगों को सुबह एवं शाम भोजन उपलब्ध कराया गया, ताकि आपदा की घड़ी में किसी भी परिवार को भोजन की समस्या न हो। राहत सामग्री वितरण के तहत प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के बीच 198 प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराई गईं, जिससे अग्निपीड़ित परिवार अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर सके। इसी क्रम में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की बहाली सुनिश्चित करते हुए विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, बेतिया द्वारा प्रभावित घरों में बिजली आपूर्ति पुनः शुरू कर दी गई। वहीं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल द्वारा चापाकलों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति को भी सुचारू किया गया। जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से अग्निकांड प्रभावित परिवारों को सहायता अनुदान के रूप में कुल 25 लाख 40 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। बैरिया अंचल कार्यालय द्वारा राशि की निकासी कर आरटीजीएस के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। प्रशासन द्वारा प्रत्येक प्रभावित परिवार को निम्न मदों में सहायता राशि प्रदान की गई— 7,000 रुपये नगद सहायता (जीआर मद) 8,000 रुपये क्षतिग्रस्त झोपड़ी मद 5,000 रुपये बर्तन एवं वस्त्र मद जिला प्रशासन ने बताया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है तथा सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से अग्निकांड पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है और पुनर्वास प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है।1
- तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सुगौली के कैथवलिया बाइक सवार को मारी जबरदस्त ठोकर। बाइक सवार की हुई दर्दनाक मौत ,बाइक हुई क्षतिग्रस्त। ट्रेक्टर लेकर ड्राइवर हुआ फरार।पहुँची पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम में।1
- समर स्पेशल ट्रेनें शुरू: बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत, कई रूट पर बढ़ी सुविधा1
- तो आप देख सकते हैं जैसे कि हमारे स्टेशन पर ट्रेन का टाइम ग्यारह बजकर बीस मिनट पर है। गाज़ियाबाद से काठगोदाम को जाने वाली ट्रेन रुद्रपुर स्टेशन के दूसरे प्लेटफ़ॉर्म पर खड़ी है। और हमारी गाड़ी बाघ एक्सप्रेस है जो प्लेटफार्म नंबर एक पर आएगी।जो इसी जगह दोनों गाड़ियों का क्रॉसिंग होगा।जो काठगोदाम से गोरखपुर होते हुए हावड़ा जंक्शन तक जाएगी।1
- आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए नगर निगम की पहल तेज, एबीसी कार्यक्रम लागू करने की तैयारी बेतिया। नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों एवं अन्य पशुओं की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए प्रशासनिक पहल तेज कर दी गई है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जानकारी देते हुए बताया कि “पशु जन्म निषेध कार्यक्रम (एनिमल बर्थ कंट्रोल-ABC)” के प्रभावी संचालन के लिए सक्षम एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महापौर ने बताया कि नगर निगम द्वारा ई-टेंडरिंग के माध्यम से विस्तृत निविदा जारी कर इच्छुक एवं योग्य संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशों के अनुसार चयनित एजेंसी को पूरे नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों एवं अन्य पशुओं की नसबंदी, टीकाकरण और आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य के दौरान पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार, सुरक्षित पकड़ने तथा उपचार के बाद पुनः छोड़ने की प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा। निविदा दस्तावेज में एजेंसियों की तकनीकी क्षमता, अनुभव और वित्तीय शर्तों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया के अनुसार, इस पहल से न केवल आवारा पशुओं की अनियंत्रित वृद्धि पर रोक लगेगी, बल्कि रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। इससे शहरवासियों के सुरक्षित आवागमन और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने में भी सहूलियत मिलेगी। 2 मई तक ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित द्वारा जारी निविदा के अनुसार, एबीसी कार्यक्रम के तहत केंद्रों का निर्माण, उपकरण आपूर्ति, संचालन एवं अनुरक्षण की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी को सौंपी जाएगी। निविदा प्रक्रिया 4 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 2 मई 2026 निर्धारित की गई है। प्री-बिड बैठक 20 अप्रैल को नगर निगम कार्यालय में आयोजित होगी। तकनीकी बिड 7 मई को खोली जाएगी। निविदा शर्तों के अनुसार एजेंसियों को पांच लाख रुपये की एफडी और 5 प्रतिशत सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। चयन प्रक्रिया “न्यूनतम दर” के आधार पर पारदर्शी तरीके से की जाएगी। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इस योजना से शहर में आवारा पशुओं की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के साथ आमजन को हो रही परेशानियों में कमी आएगी।1