बच्चों का भविष्य खतरे में, सरकार को जन्मदिन की चिंता: आइसा दीया जलाने से नहीं, स्कूल बचाने से बनेगा विश्वगुरु भारत: आइसा गुठनी में ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत आइसा ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल, सरकार से पूछा—बच्चों के भविष्य की चिंता कब होगी? गुठनी, 18 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा द्वारा देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की गई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच घरों में दीया जलाने की अपील की थी। लेकिन आइसा ने इसी मौके पर एक दूसरा सवाल देश के सामने रखा है—जब सरकारी स्कूलों की हालत खराब है, बच्चों की पढ़ाई संकट में है, युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं और गरीब परिवार महंगाई की मार झेल रहे हैं, तब केवल दीया जलाने से देश विश्वगुरु कैसे बनेगा? इसी सवाल को लेकर आइसा ने पूरे देश में ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ का आह्वान किया है। अभियान के तहत गुठनी प्रखंड में आइसा के साथियों ने स्कूलों का जायजा लिया और शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को देखा। आइसा का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे देश के भविष्य हैं, लेकिन उन्हीं बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्कूलों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की जरूरत है। संगठन ने कहा कि बच्चों के भविष्य को नारों और प्रचार से नहीं, बल्कि मजबूत सरकारी स्कूल, पर्याप्त शिक्षक, बेहतर आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से सुरक्षित किया जा सकता है। बिहार बाढ़ में डूब रहा है, बच्चों की पढ़ाई भी डूब रही है आइसा ने बिहार की बाढ़ की स्थिति पर भी सरकार को घेरा। राज्य में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं और इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 15 जिलों के 1,446 स्कूलों में पढ़ने वाले 3,73,690 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। ऐसे समय में गरीब मजदूर अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान हैं और हजारों परिवार राहत एवं सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं। जब बच्चों के हाथों में किताब की जगह बाढ़ का पानी पहुंच गया हो, तब सरकार की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए—यह सवाल जनता के सामने है। आइसा ने कहा कि बिहार के गरीब और मजदूर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे में सरकार को युद्धस्तर पर राहत, पुनर्वास और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। जनता पूछ रही है—दीया किसके लिए, विकास किसका? आइसा ने कहा कि आज आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है। छोटे व्यापारी और मजदूर अपने-अपने स्तर पर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार और सत्ताधारी दल को उत्सव और प्रचार से आगे बढ़कर जनता की वास्तविक समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। संगठन ने सवाल उठाया— जब स्कूलों में बच्चे परेशान हैं, जब युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, जब गरीब परिवार बाढ़ में अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं, जब महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है, तो फिर सवाल सिर्फ प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीया जलाने का नहीं, बल्कि जनता के घर में चूल्हा जलाने का है। आइसा ने कहा कि देश को विश्वगुरु बनाने का रास्ता केवल दीपक जलाने से नहीं, बल्कि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा, हर युवा को रोजगार और हर गरीब परिवार को सम्मानजनक जीवन देने से होकर जाता है। आइसा का सवाल साफ है—‘स्कूल ठीक करो, बच्चों का भविष्य बचाओ।’ आइसा ने सरकार से मांग की कि सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, स्कूलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और शिक्षा को राजनीतिक प्रचार से ऊपर प्राथमिकता दी जाए। मौके पर आइसा प्रखंड सचिव मंटू चौधरी, आदर्श कुमार सहित अन्य साथी मौजूद रहे।
बच्चों का भविष्य खतरे में, सरकार को जन्मदिन की चिंता: आइसा दीया जलाने से नहीं, स्कूल बचाने से बनेगा विश्वगुरु भारत: आइसा गुठनी में ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत आइसा ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल, सरकार से पूछा—बच्चों के भविष्य की चिंता कब होगी? गुठनी, 18 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा द्वारा देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की गई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 17 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच घरों में दीया जलाने की अपील की थी। लेकिन आइसा ने इसी मौके पर एक दूसरा सवाल देश के सामने रखा है—जब सरकारी स्कूलों की हालत खराब है, बच्चों की पढ़ाई संकट में है, युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं और गरीब परिवार महंगाई की मार झेल रहे हैं, तब केवल दीया जलाने से देश विश्वगुरु कैसे बनेगा? इसी सवाल को लेकर आइसा ने पूरे देश में ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ का आह्वान किया है। अभियान के तहत गुठनी प्रखंड में आइसा के साथियों ने स्कूलों का जायजा लिया और शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को देखा। आइसा का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे देश के भविष्य हैं, लेकिन उन्हीं बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्कूलों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की जरूरत है। संगठन ने कहा कि बच्चों के भविष्य को नारों और प्रचार से नहीं, बल्कि मजबूत सरकारी स्कूल, पर्याप्त शिक्षक, बेहतर आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से सुरक्षित किया जा सकता है। बिहार बाढ़ में डूब रहा है, बच्चों की पढ़ाई भी डूब रही है आइसा ने बिहार की बाढ़ की स्थिति पर भी सरकार को घेरा। राज्य में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं और इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 15 जिलों के 1,446 स्कूलों में पढ़ने वाले 3,73,690 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। ऐसे समय में गरीब मजदूर अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान हैं और हजारों परिवार राहत एवं सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं। जब बच्चों के हाथों में किताब की जगह बाढ़ का पानी पहुंच गया हो, तब सरकार की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए—यह सवाल जनता के सामने है। आइसा ने कहा कि बिहार के गरीब और मजदूर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे में सरकार को युद्धस्तर पर राहत, पुनर्वास और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। जनता पूछ रही है—दीया किसके लिए, विकास किसका? आइसा ने कहा कि आज आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है। छोटे व्यापारी और मजदूर अपने-अपने स्तर पर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार और सत्ताधारी दल को उत्सव और प्रचार से आगे बढ़कर जनता की वास्तविक समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। संगठन ने सवाल उठाया— जब स्कूलों में बच्चे परेशान हैं, जब युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, जब गरीब परिवार बाढ़ में अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं, जब महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है, तो फिर सवाल सिर्फ प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीया जलाने का नहीं, बल्कि जनता के घर में चूल्हा जलाने का है। आइसा ने कहा कि देश को विश्वगुरु बनाने का रास्ता केवल दीपक जलाने से नहीं, बल्कि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा, हर युवा को रोजगार और हर गरीब परिवार को सम्मानजनक जीवन देने से होकर जाता है। आइसा का सवाल साफ है—‘स्कूल ठीक करो, बच्चों का भविष्य बचाओ।’ आइसा ने सरकार से मांग की कि सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, स्कूलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और शिक्षा को राजनीतिक प्रचार से ऊपर प्राथमिकता दी जाए। मौके पर आइसा प्रखंड सचिव मंटू चौधरी, आदर्श कुमार सहित अन्य साथी मौजूद रहे।
- मऊ। दिनांक 16 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय सीजेएम के आदेश के क्रम में मौलाना अबुल कलाम आजाद एजुकेशन सोसाइटी के संबंध में थाना सरायलखन्सी में पंजीकृत अभियोग एवं प्रकरण में की जा रही पुलिस कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक मऊ श्री कमलेश बहादुर ने जानकारी दी। एसपी ने बताया कि प्रकरण में न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मामले से संबंधित तथ्यों एवं अभिलेखों की जांच करते हुए विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।1
- विश्वकर्मा जयंती : देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना, देशभर में उत्साह भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पकार, वास्तुकार और निर्माण एवं तकनीकी कौशल के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए अनेक भव्य भवनों, अस्त्र-शस्त्रों और दिव्य नगरों का निर्माण किया था। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर देशभर में कारखानों, कार्यशालाओं, प्रतिष्ठानों, दुकानों और औद्योगिक संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कारीगर, तकनीकी कर्मचारी, इंजीनियर, शिल्पकार और श्रमिक इस दिन अपने औजारों एवं मशीनों की पूजा कर सुख, समृद्धि और कार्य में सफलता की कामना करते हैं। यह पर्व श्रम, हुनर, तकनीक और सृजनशीलता के सम्मान का भी प्रतीक है।1
- Post by SONI DEVI1
- अर्शद जमाल पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय, अपडेट की मांग मऊ। जन्म प्रमाण पत्र को लेकर अर्शद जमाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित मामले में अधिकारियों से जानकारी ली और अब तक हुई कार्रवाई का अपडेट मांगा। अर्शद जमाल ने अधिकारियों के समक्ष जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने से जुड़ी स्थिति रखी। उन्होंने मामले के शीघ्र निस्तारण और संबंधित प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जन्म प्रमाण पत्र को लेकर अब विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया और आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।1
- Ganesh ji ki aarti baba dhumdham se manaya gaya hai aur Prasad vitran hua ganpati bappa moriya ganpati Puja samaroh Mein Ganesh Ji Ki Aarti ka dhumdham se manaya Gaya Ganesh ji ki aarti pura parivar milkar manaya ganpati bappa moriya1
- गुरुवार को मऊ जनपद के थाना सरायलखन्सी क्षेत्रान्तर्गत वाराणसी - गोरखपुर हाइवे पर हुए सड़क दुर्घटना व की जा रही कार्यवाही के संबंध में पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर की बाइट ।1
- मऊ में वार्ड नंबर 18 हरिकेशपुरा के छेदापुरा में 6.69 लाख रुपये की लागत से 7.5 एचपी नलकूप के रिबोर कार्य का हुआ लोकार्पण मऊ में वार्ड नंबर 18 हरिकेशपुरा के छेदापुरा में 6.69 लाख रुपये की लागत से 7.5 एचपी नलकूप के रिबोर कार्य का लोकार्पण नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल द्वारा किया गया। चेयरमैन के पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। नलकूप चालू होने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल देखने को मिला। इस दौरान वार्ड सभासद गौतम मौर्या भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने बंधे के रास्ते को दोबारा बनवाने की मांग चेयरमैन के सामने रखी। इस पर अरशद जमाल ने सभासद को छेदापुरा से औरंगाबाद ईदगाह रोड तक रास्ते का आहरण तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि सड़क निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके। स्थानीय लोगों ने नलकूप रिबोर कार्य होने पर खुशी जताते हुए नगर पालिका का आभार व्यक्त किया।1
- Balrampur me bhukamp ke jhatke ke baad ithinal company me aag 15majdur fase1
- चंडीगढ़ की 215 पेटी अवैध शराब बिहार ले जाते ट्रक चालक गिरफ्तार g देवरिया, 17 सितंबर। थाना कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से चंडीगढ़ निर्मित 215 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की है। बरामद शराब की कुल मात्रा 1910.88 लीटर बताई गई है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। वाहन समेत बरामद शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है।1