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हां हम बिहारी हैं बिहार के वासी को बिहारी क्यों कहा जाता है इसका मुख्य कारण खान सर ने अपने जुबान से टिप्पणी किया जो कि दिल को छू जाता है
Santosh Mourya
हां हम बिहारी हैं बिहार के वासी को बिहारी क्यों कहा जाता है इसका मुख्य कारण खान सर ने अपने जुबान से टिप्पणी किया जो कि दिल को छू जाता है
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- सही रास्ता बताने वाले बहुत कम मिलते हैं फिर भी अगर आप उसे इग्नोर करते हैं तो भविष्य में आप कुछ नहीं कर सकते हैं इसी पर आधारित एक छोटा सा वीडियो क्लिप आपके बीच अपना प्रतिक्रिया जरुर दें ताकि हमें और बेहतर बनाने का मौका मिले।1
- Post by Md Maruf1
- देश की राजधानी Delhi के Guru Teg Bahadur Hospital से सामने आई तस्वीरें स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। मरीजों के परिजन गंदे फर्श पर कार्डबोर्ड बिछाकर सोने को मजबूर हैं। अस्पताल में गंदगी फैली हुई है, वॉशरूम में पानी नहीं है और आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते हुए दीवारों पर पेशाब करते नजर आ रहे हैं। यह हालात मरीजों के लिए खतरे की घंटी हैं। 👉 ऐसी ही ज़मीनी और सच्ची खबरों के लिए Lock MooD News को फॉलो करें।1
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- बिहार के मधेपुरा जिले में पुरानी रंजिश में एक महिला की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में 2021 में हुई इस वारदात में मुख्य आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया गया है। मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में वर्ष 2021 में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में न्यायालय ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। एडीजे-9 रघुवीर प्रसाद की अदालत ने अभियुक्त मो. आलम को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला 28 अगस्त 2021 का है। मृतका के पति मो. शाहीद साह के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे जब वे काम से घर लौटे तो देखा कि उनके पड़ोसी मो. आलम अपने परिजनों के साथ मिलकर उनकी पत्नी जूही प्रवीण पर चाकू से हमला कर रहे थे। आरोप है कि हमलावरों ने जूही प्रवीण का गला और पेट चाकू से रेत दिया। घटना के दौरान घर में मौजूद बच्चों और परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे। भीड़ को देख आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में जूही प्रवीण को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतका के पति ने सिंहेश्वर थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक जय नारायण पंडित ने प्रभावी बहस करते हुए अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं आधारों पर अदालत ने मो. आलम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। बाइट -अपर लोक, अभियोजक बाइट --जय नारायण, पंडित "अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाया है। यह हत्या अत्यंत निर्ममता के साथ की गई थी। न्यायालय ने गंभीरता को देखते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।"3
- सिमरी बख्तियारपुर के बेलवाड़ा अंतर्गत फरेवा मुसहरी निवासी चार दोस्तो ने खाया कीटनाशक, तीन दोस्तों की मौत..जो बचा उसने बता दिया पूरी कहानी.. पहला एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, खगड़िया से..1
- Post by Sanjeet kumar saharsa jila1
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