सिमडेगा में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त कंचन सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत कोलेबिरा प्रखंड में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी प्रगति की समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त महोदया ने कोलेबिरा स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नावाटोली (छेगरिबांधा गांव), और आरसी बालक मध्य विद्यालय, बरवाडीह में बीएलओ एवं शिक्षकों द्वारा किए जा रहे एसआईआर कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित बीएलओ एवं शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे प्रपत्रों को पूरी सावधानी और त्रुटिरहित ढंग से भरें। उपायुक्त ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी बीएलओ को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सभी कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया, साथ ही कई अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। निरीक्षण के समय अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड निर्वाचन प्रभारी पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सिमडेगा में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त कंचन सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत कोलेबिरा प्रखंड में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी प्रगति की समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त महोदया ने कोलेबिरा स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नावाटोली (छेगरिबांधा गांव), और आरसी बालक मध्य विद्यालय, बरवाडीह में बीएलओ एवं शिक्षकों द्वारा किए जा रहे एसआईआर कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित बीएलओ एवं शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे प्रपत्रों को पूरी सावधानी और त्रुटिरहित ढंग से भरें। उपायुक्त ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी बीएलओ को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सभी कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया, साथ ही कई अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। निरीक्षण के समय अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड निर्वाचन प्रभारी पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- सिमडेगा ज़िले के कोलेबिरा प्रखंड के मौजा जामटोली स्थित पुराने पत्थर खनन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और परित्यक्त खनन क्षेत्रों के पुनर्विकास के उद्देश्य से एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल वन विभाग और खनन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुई। इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने स्वयं पौधारोपण किया। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी शांशक शेखर सिंह, अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, ज़िला खनन पदाधिकारी महेंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्थानीय मुखिया अंजना लकड़ा तथा राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए, जिनमें सागवान, बरगद, अरकासिया और गम्हार शामिल थे। उपायुक्त ने लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी मुखिया को सौंपते हुए विशेष निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ज़िला खनन पदाधिकारी को पौधों की सुरक्षा हेतु आवश्यक घेराबंदी और संरक्षण संबंधी सभी ज़रूरी व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।1
- झारखंड के गुमला जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर बिशुनपुर प्रखंड के बनारी स्थित प्राचीन बरमहादेव मंदिर इन दिनों 1009 घंटे के ऐतिहासिक महायज्ञ के कारण भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर रामनाम की गूंज, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। मंदिर के पुजारी कल्याण बाबा के अनुसार, यह बरमहादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का संगम है। उन्होंने बताया कि 13 जून से शुरू हुए इस महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन तीन पहर सुंदरकांड पाठ और चार पहर रुद्राभिषेक सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। पुजारी कल्याण बाबा पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते आ रहे हैं, जिससे मंदिर की धार्मिक परंपरा और सुदृढ़ हुई है। महायज्ञ में दूर-दूर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की गई है, सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी भक्त प्रसाद ग्रहण किए बिना वापस न लौटे। इस भव्य आयोजन में हनुमत कीर्तन मंडल द्वारा लगातार अखंड रामनाम संकीर्तन किया जा रहा है, जिसके मुख्य आचार्य ने इसे गुमला जिले के इतिहास का पहला इतना विशाल और भव्य महायज्ञ बताया है। हालांकि, इस भव्य धार्मिक आयोजन के बीच स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन ने मूलभूत सुविधाओं की कमी पर गहरी नाराजगी जताई है। पुजारी कल्याण बाबा और ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क जर्जर है और पेयजल तथा बिजली की उचित व्यवस्था का अभाव है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए, उन्होंने जिला प्रशासन से मंदिर क्षेत्र में सड़क, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। बरमहादेव मंदिर में चल रहा यह ऐतिहासिक महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन भी इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगा।3
- गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित महादेव कोणा में एक जंगली भालू की गड्ढे में गिरने से मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना फॉरेस्टर शेखर सिंह को दी। जानकारी मिलने पर, फॉरेस्टर शेखर सिंह ने मृत जंगली भालू के शरीर का पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद विधिवत उसे दफना दिया।1
- एक बड़े हादसे को टाल दिया गया है, क्योंकि आखिरकार एक कुएँ पर जाली लगा दी गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और दृश्य यू-ट्यूब चैनल 'Aevlogs' पर देखे जा सकते हैं।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत बसिया रोड पर विगत कई वर्षों से अवैध रूप से संचालित एक चमड़ा गोदाम को हिन्दू समाज के लोगों के एकजुट विरोध के बाद तत्काल बंद कर दिया गया। इस गोदाम से लगातार आ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, खासकर लगातार हो रही बारिश से यह समस्या और बढ़ गई थी। लंबे समय से इस गोदाम में भारी मात्रा में चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। दुर्गंध की समस्या बढ़ने पर हिन्दू संगठनों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए गोदाम संचालक के विरुद्ध प्रदर्शन किया और अविलंब गोदाम बंद करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा गोदाम संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई। संचालक द्वारा दोबारा गोदाम संचालित न करने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही यह विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा के साथ पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित सरना सनातनी समाज के भारी संख्या में लोग मौजूद थे।2
- गुमला के सिसई प्रखंड क्षेत्र के बसिया रोड पर पिछले कई वर्षों से संचालित एक चमड़ा गोदाम से आ रही अति तीव्र दुर्गंध से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। इस गोदाम में मृत गायों के चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। यह स्थान पहले खुले मैदान में था, लेकिन आबादी बढ़ने के बाद अब यह घरों से घिर गया है, जिससे गोदाम से निकलने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा सता रहा है और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला हिन्दू समाज के संज्ञान में आने के बाद लोग खासे आक्रोशित हो उठे। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने तत्काल एक बैठक कर गोदाम संचालक के विरुद्ध कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अविलंब गोदाम को बंद करने की मांग की, जिस पर समाजसेवी रोहित शर्मा और मुकेश श्रीवास्तव डेविड ने गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा इसे संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी। विरोध प्रदर्शन के बाद गोदाम संचालक ने माफी मांगते हुए यह आश्वासन दिया कि वह रात्रि में गड्ढा खोदकर जानवरों के सभी अवशेषों को दफ़न कर देगा और दोबारा गोदाम संचालित नहीं करेगा। इस आश्वासन के बाद ही विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा, पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित भारी संख्या में सरना सनातन समाज के लोग मौजूद थे।4
- हाल ही में एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया है, जिसमें दो बच्चों की एक मां अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद पति गहरे सदमे में डूब गया और उसने अपनी जान दे दी।1
- सिमडेगा में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त कंचन सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत कोलेबिरा प्रखंड में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी प्रगति की समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त महोदया ने कोलेबिरा स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नावाटोली (छेगरिबांधा गांव), और आरसी बालक मध्य विद्यालय, बरवाडीह में बीएलओ एवं शिक्षकों द्वारा किए जा रहे एसआईआर कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित बीएलओ एवं शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे प्रपत्रों को पूरी सावधानी और त्रुटिरहित ढंग से भरें। उपायुक्त ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी बीएलओ को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सभी कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया, साथ ही कई अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। निरीक्षण के समय अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड निर्वाचन प्रभारी पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।1