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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल नहीं लगेगा: 4700 करोड़ में बना; बार-बार धंसने के बाद NHAI ने कहा- ठीक होने तक टैक्स नहीं लेंगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स पर रोक लगा दी गई है। बारिश में सड़क बार-बार धंसने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार को यह फैसला लिया। NHAI ने कहा- एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ठीक होने तक टोल नहीं लिया जाएगा। अभी तक एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ से कानपुर तक फोर व्हीलर (कार) से 290 रुपए का टैक्स एक तरफ से वसूला जाता था। NHAI ने एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। अब कंपनी को NHAI की ओर से कोई नया काम नहीं मिलेगा। साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजर और 2 इंजीनियरों को भी हटा दिया है। 63 किमी लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 4,700 करोड़ रुपए की लागत से बना है। 23 दिन पहले 13 जुलाई को इसका उद्घाटन हुआ था। एक्सप्रेस-वे को आगरा की PNC कंपनी ने बनाया है। PNC के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं। सड़क धंसने की 2 तस्वीरें देखिए

2 hrs ago
user_कमलेश गुप्ता
कमलेश गुप्ता
Local News Reporter राजातालाब, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल नहीं लगेगा: 4700 करोड़ में बना; बार-बार धंसने के बाद NHAI ने कहा- ठीक होने तक टैक्स नहीं लेंगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स पर रोक लगा दी गई है। बारिश में सड़क बार-बार धंसने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार को यह फैसला लिया। NHAI ने कहा- एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ठीक होने तक टोल नहीं लिया जाएगा। अभी तक एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ से कानपुर तक फोर व्हीलर (कार) से 290 रुपए का टैक्स एक तरफ से वसूला जाता था। NHAI ने एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। अब कंपनी को NHAI की ओर से कोई नया काम नहीं मिलेगा। साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजर और 2 इंजीनियरों को भी हटा दिया है। 63 किमी लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 4,700 करोड़ रुपए की लागत से बना है। 23 दिन पहले 13 जुलाई को इसका उद्घाटन हुआ था। एक्सप्रेस-वे को आगरा की PNC कंपनी ने बनाया है। PNC के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं। सड़क धंसने की 2 तस्वीरें देखिए

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • राममंदिर चढ़ावा चोरी के 2 महीने बाद चंपत राय दिखेः अयोध्या में उंगली दिखाकर कैमरे बंद कराए, बोले- मरते दम तक यहीं रहूंगा राम मंदिर चढ़ावा चोरी के करीब 2 महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय मंगलवार को पहली बार अयोध्या में नजर आए। वह तपस्वी छावनी मंदिर पहुंचे। जब वह मंदिर जा रहे थे तो मीडियाकर्मी उनकी फोटो-वीडियो बनाने लगे। इस पर चंपत राय गुस्से में नजर आए और उंगली से इशारा करके अपने साथियों से कैमरे बंद कराने को कहा। चंपत राय से मुलाकात के बाद तपस्वी छावनी मंदिर के परमहंस आचार्य ने कहा- हम लोगों ने चंपत से निवेदन किया कि आप अयोध्या धाम मत छोड़िए। उन्होंने हमारा निवेदन स्वीकार किया और कहा कि अंतिम सांस तक मैं अयोध्या में रहूंगा। इससे पहले चंपत राय ने 7 जून को वीडियो जारी कर सफाई दी थी कि राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई है। राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला 6 जून, 2026 को सामने आया था। अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले के बाद चंपत राय ने 26 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
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    राममंदिर चढ़ावा चोरी के 2 महीने बाद चंपत राय दिखेः अयोध्या में उंगली दिखाकर कैमरे बंद कराए, बोले- मरते दम तक यहीं रहूंगा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के करीब 2 महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय मंगलवार को पहली बार अयोध्या में नजर आए। वह तपस्वी छावनी मंदिर पहुंचे। जब वह मंदिर जा रहे थे तो मीडियाकर्मी उनकी फोटो-वीडियो बनाने लगे।
इस पर चंपत राय गुस्से में नजर आए और उंगली से इशारा करके अपने साथियों से कैमरे बंद कराने को कहा।
चंपत राय से मुलाकात के बाद तपस्वी छावनी मंदिर के परमहंस आचार्य ने कहा- हम लोगों ने चंपत से निवेदन किया कि आप अयोध्या धाम मत छोड़िए। उन्होंने हमारा निवेदन स्वीकार किया और कहा कि अंतिम सांस तक मैं अयोध्या में रहूंगा।
इससे पहले चंपत राय ने 7 जून को वीडियो जारी कर सफाई दी थी कि राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई है। राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला 6 जून, 2026 को सामने आया था। अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले के बाद चंपत राय ने 26 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
    user_कमलेश गुप्ता
    कमलेश गुप्ता
    Local News Reporter राजातालाब, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • टांडाकलां से बाबा बैजनाथ धाम के लिए 200 कांवड़ियों का जत्था रवाना, 'बोल बम' के जयकारों से गूंजा क्षेत्र जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकलां। स्थानीय बाजार एवं सोनबरसा क्षेत्र से बुधवार को लगभग 200 कांवड़ियों का विशाल जत्था बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। प्रस्थान से पहले श्रद्धालुओं ने गांव के शिवालयों में पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पूरा क्षेत्र 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। आयोजक पिंटू जायसवाल (बम) और साजन साहू (बम) के नेतृत्व में कांवड़ियों का जत्था पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्टेशन पहुंचा, जहां से वे ट्रेन के माध्यम से सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक निजी बस की भी व्यवस्था की गई है, जो पूरे यात्रा मार्ग में उनके साथ रहेगी। सुल्तानगंज पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर पवित्र गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैजनाथ धाम की यात्रा प्रारंभ करेंगे। यात्रा के दौरान थकान या अस्वस्थता महसूस करने वाले कांवड़ियों के लिए बस में विश्राम की व्यवस्था की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को श्रद्धालु बाबा बैजनाथ धाम में जलाभिषेक कर ध्वजा अर्पित करेंगे, इसके बाद शेष गंगाजल लेकर बासुकीनाथ धाम पहुंचकर अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिजन कांवड़ियों को बस स्टैंड और टेम्पो स्टैंड तक छोड़ने पहुंचे तथा 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ भावभीनी विदाई दी।
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    टांडाकलां से बाबा बैजनाथ धाम के लिए 200 कांवड़ियों का जत्था रवाना, 'बोल बम' के जयकारों से गूंजा क्षेत्र

जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली 
टांडाकलां। स्थानीय बाजार एवं सोनबरसा क्षेत्र से बुधवार को लगभग 200 कांवड़ियों का विशाल जत्था बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। प्रस्थान से पहले श्रद्धालुओं ने गांव के शिवालयों में पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पूरा क्षेत्र 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
आयोजक पिंटू जायसवाल (बम) और साजन साहू (बम) के नेतृत्व में कांवड़ियों का जत्था पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्टेशन पहुंचा, जहां से वे ट्रेन के माध्यम से सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक निजी बस की भी व्यवस्था की गई है, जो पूरे यात्रा मार्ग में उनके साथ रहेगी। सुल्तानगंज पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर पवित्र गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैजनाथ धाम की यात्रा प्रारंभ करेंगे।
यात्रा के दौरान थकान या अस्वस्थता महसूस करने वाले कांवड़ियों के लिए बस में विश्राम की व्यवस्था की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को श्रद्धालु बाबा बैजनाथ धाम में जलाभिषेक कर ध्वजा अर्पित करेंगे, इसके बाद शेष गंगाजल लेकर बासुकीनाथ धाम पहुंचकर अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण करेंगे।
कांवड़ यात्रा को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिजन कांवड़ियों को बस स्टैंड और टेम्पो स्टैंड तक छोड़ने पहुंचे तथा 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ भावभीनी विदाई दी।
    user_जनता न्यूज टीवी
    जनता न्यूज टीवी
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रयागराज के दबंग पूर्व विधायक उदयभान करवरीया समाजसेवी नेता है या एक दबंग बाहुबली जानिए बेबाक परिचर्चा में। Breking news
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    प्रयागराज के दबंग पूर्व विधायक उदयभान करवरीया समाजसेवी नेता है या एक दबंग बाहुबली जानिए बेबाक परिचर्चा में।
Breking news
    user_आवाज News
    आवाज News
    Nurse सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कलम की धार से | अयोध्या बंगला नंबर चार: नोटिस कहां, ताला पहले" प्रशासन ने खाली कराया, आवंटी बोले - मिली सिर्फ मौखिक सूचना अयोध्या। सिविल लाइन, रामपथ किनारे स्थित नगर निगम का बंगला नंबर चार मंगलवार को प्रशासन की कार्रवाई का केंद्र बना। जिला प्रशासन ने ताला तोड़कर बंगला खाली करवा दिया। मामला क्या है मुलायम सरकार के समय पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थान के संचालन के लिए यह बंगला वरिष्ठ पत्रकार स्व. शीतला सिंह को आवंटित हुआ था। बंगला मंडलायुक्त आवास के सामने है। 17 जुलाई को इस बंगले को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आदित्य विक्रम अग्रवाल के नाम एलाट कर दिया गया। प्रशासन का दावा था कि बंगला 3 साल से खाली है। संपादक के निधन के बाद इसे रिक्त मानते हुए खाली करने का नोटिस दिए जाने की बात कही गई। और फिर मंगलवार को कार्रवाई - बंगले का ताला तोड़ा गया, सारा सामान बाहर निकाला गया और प्रशासन ने अपना ताला जड़ दिया। आवंटी परिवार का आरोप स्व. शीतला सिंह के पुत्र सूर्य नारायण सिंह का कहना है: 1. न ट्रस्ट को, न परिवार को कोई नोटिस मिली। सिर्फ 26 जुलाई को तहसीलदार घर पहुंचे और मौखिक सूचना देकर तुरंत खाली करने को कहा। 2. 28 जुलाई को संपादक की पत्नी की तेरहवीं थी। मोहलत मांगी गई, पर प्रशासन दबाव बनाता रहा। 3. सामान में 5 तख्त, 2 सोफा सेट, बिस्तर, 90 कुर्सियां, 4 अलमारी, गैस चूल्हा, बर्तन, जरूरी कागजात तक बाहर निकाल दिए गए। उनका सवाल सीधा है - "प्रशासन को विधिक नोटिस देनी चाहिए थी।" प्रशासन का पक्ष जिला प्रशासन का कहना है कि संपादक के निधन के बाद बंगला रिक्त माना गया और नोटिस दिए जाने के बाद कार्रवाई की गई। कलम की तेज धार से कटाक्ष कानून कहता है - पहले नोटिस, फिर कार्रवाई। यहां हुआ - पहले ताला, फिर बहस। एक तरफ तेरहवीं का शोक, दूसरी तरफ सामान सड़क पर। 90 कुर्सियां थीं, शायद बैठकर बात करने के लिए। पर बात करने वाला कोई नहीं मिला। 3 साल से खाली बताकर 17 जुलाई को नया आवंटन, और 21 जुलाई को ही एलाट। इतनी फुर्ती! पर परिवार को कागज पर सूचना देने की फुर्ती क्यों नहीं दिखी? प्रशासन की मंशा पर सवाल नहीं, पर प्रक्रिया पर सवाल जरूर है। सरकारी बंगला सरकारी है, पर उसमें रखा सामान और सम्मान भी सरकारी जिम्मेदारी है। अगर गलती थी तो नोटिस दीजिए, मौका दीजिए, फिर कार्रवाई कीजिए। ताला तोड़ना आसान है, भरोसा तोड़ना मुश्किल। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच करे और परिवार को सुनवाई का उचित अवसर दे।
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    कलम की धार से | अयोध्या  
बंगला नंबर चार: नोटिस कहां, ताला पहले"  
प्रशासन ने खाली कराया, आवंटी बोले - मिली सिर्फ मौखिक सूचना
अयोध्या। 
सिविल लाइन, रामपथ किनारे स्थित नगर निगम का बंगला नंबर चार मंगलवार को प्रशासन की कार्रवाई का केंद्र बना। जिला प्रशासन ने ताला तोड़कर बंगला खाली करवा दिया।
मामला क्या है
मुलायम सरकार के समय पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थान के संचालन के लिए यह बंगला वरिष्ठ पत्रकार स्व. शीतला सिंह को आवंटित हुआ था। बंगला मंडलायुक्त आवास के सामने है।
17 जुलाई को इस बंगले को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आदित्य विक्रम अग्रवाल के नाम एलाट कर दिया गया। प्रशासन का दावा था कि बंगला 3 साल से खाली है। संपादक के निधन के बाद इसे रिक्त मानते हुए खाली करने का नोटिस दिए जाने की बात कही गई।
और फिर मंगलवार को कार्रवाई - बंगले का ताला तोड़ा गया, सारा सामान बाहर निकाला गया और प्रशासन ने अपना ताला जड़ दिया।
आवंटी परिवार का आरोप
स्व. शीतला सिंह के पुत्र सूर्य नारायण सिंह का कहना है:
1. न ट्रस्ट को, न परिवार को कोई नोटिस मिली। सिर्फ 26 जुलाई को तहसीलदार घर पहुंचे और मौखिक सूचना देकर तुरंत खाली करने को कहा।
2. 28 जुलाई को संपादक की पत्नी की तेरहवीं थी। मोहलत मांगी गई, पर प्रशासन दबाव बनाता रहा।
3. सामान में 5 तख्त, 2 सोफा सेट, बिस्तर, 90 कुर्सियां, 4 अलमारी, गैस चूल्हा, बर्तन, जरूरी कागजात तक बाहर निकाल दिए गए।
उनका सवाल सीधा है - "प्रशासन को विधिक नोटिस देनी चाहिए थी।"
प्रशासन का पक्ष
जिला प्रशासन का कहना है कि संपादक के निधन के बाद बंगला रिक्त माना गया और नोटिस दिए जाने के बाद कार्रवाई की गई।
कलम की तेज धार से कटाक्ष
कानून कहता है - पहले नोटिस, फिर कार्रवाई।  
यहां हुआ - पहले ताला, फिर बहस।
एक तरफ तेरहवीं का शोक, दूसरी तरफ सामान सड़क पर। 90 कुर्सियां थीं, शायद बैठकर बात करने के लिए। पर बात करने वाला कोई नहीं मिला।
3 साल से खाली बताकर 17 जुलाई को नया आवंटन, और 21 जुलाई को ही एलाट। इतनी फुर्ती! 
पर परिवार को कागज पर सूचना देने की फुर्ती क्यों नहीं दिखी?
प्रशासन की मंशा पर सवाल नहीं, पर प्रक्रिया पर सवाल जरूर है। सरकारी बंगला सरकारी है, पर उसमें रखा सामान और सम्मान भी सरकारी जिम्मेदारी है।
अगर गलती थी तो नोटिस दीजिए, मौका दीजिए, फिर कार्रवाई कीजिए।  
ताला तोड़ना आसान है, भरोसा तोड़ना मुश्किल।
प्रशासन से अपेक्षा है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच करे और परिवार को सुनवाई का उचित अवसर दे।
    user_Dharmendra Chaurasia
    Dharmendra Chaurasia
    Varanasi, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • "Why did he try to jab a baton at my buttocks?" - ऐसा ऑर्डर देने वाला अधिकारी अगर मुझसे माफी मांग ले तो मुझे भी बहुत खुशी होगी मुस्कान शर्मा वही प्रोटेस्टर हैं, जिनके साथ एक पुलिसकर्मी ने प्रोटेस्ट के दौरान दुर्व्यवहार किया था और उसके बैक पार्ट में डंडा घुसाने की कोशिश की थी
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    "Why did he try to jab a baton at my buttocks?"

- ऐसा ऑर्डर देने वाला अधिकारी अगर मुझसे माफी मांग ले तो मुझे भी बहुत खुशी होगी

मुस्कान शर्मा वही प्रोटेस्टर हैं, जिनके साथ एक पुलिसकर्मी ने प्रोटेस्ट के दौरान दुर्व्यवहार किया था और उसके बैक पार्ट में डंडा घुसाने की कोशिश की थी
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    23 min ago
  • कलम की धार से | अयोध्या "हरित अयोध्या की ओर एक कदम" संजीवनी उपवन व जानकी जलाशय की ओर पलिया शाहबदी में मियावाकी पद्धति से बनेगा संजीवनी उपवन, जानकी जलाशय का भी होगा विकास अयोध्या। रामनगरी अब सिर्फ आस्था से ही नहीं, हरियाली से भी पहचानी जाएगी। नगर निगम अयोध्या और आईपीएल संस्था के संयुक्त प्रयास से पलिया शाहबदी क्षेत्र में सीएसआर फंड से एक बड़ी पर्यावरणीय परियोजना शुरू हुई है। क्या है परियोजना मियावाकी पद्धति पर आधारित "संजीवनी उपवन" और "जानकी जलाशय" का विकास किया जाएगा। मंगलवार को भूमिपूजन के साथ ही इसका शुभारंभ हो गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने की। मुख्य अतिथि - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर विशिष्ट अतिथि - राज्य सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी रहे। क्या कहा मंच से कौशल किशोर जी ने कहा: "रामनगरी को अधिक हरित और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने की दिशा में यह उपवन एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकृति संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।" महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा: "नगर निगम लगातार हरित आवरण बढ़ाने के लिए छोटे-बड़े उपवन विकसित कर रहा है। मियावाकी पद्धति से बनने वाला यह उपवन कम स्थान में घना, जैव विविधता से भरपूर होगा। जानकी जलाशय वर्षा जल संरक्षण और भूजल संवर्धन में अहम भूमिका निभाएगा।" राज्य सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी ने कहा कि जानकी जलाशय जल संरक्षण का प्रेरणादायी मॉडल बनेगा। 2 साल में होगा पूरा आईपीएल संस्था से पवन पांडे ने बताया कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लगभग दो वर्षों में विकसित किया जाएगा। भूमिपूजन के साथ ही कार्य शुरू कर दिया गया है। लक्ष्य है निर्धारित समय में इसे पूरा करना। कलम की धार मियावाकी मतलब - कम जगह, ज्यादा पेड़, ज्यादा ऑक्सीजन। संजीवनी उपवन नाम ही बता रहा है - ये उपवन शहर को नई सांस देगा। कंक्रीट के जंगल के बीच जब हरियाली का जंगल उगेगा, तो गर्मी भी कम होगी, पक्षी भी आएंगे और भूजल भी बचेगा। जानकी जलाशय सिर्फ पानी का तालाब नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का स्रोत बनेगा। सराहनीय पहल। अब जरूरत है इसे जन आंदोलन बनाने की। पेड़ लगाएं, बचाएं और संभालें। हरित अयोध्या - स्वच्छ अयोध्या
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    कलम की धार से | अयोध्या 
"हरित अयोध्या की ओर एक कदम" संजीवनी उपवन व जानकी जलाशय की ओर 
पलिया शाहबदी में मियावाकी पद्धति से बनेगा संजीवनी उपवन, जानकी जलाशय का भी होगा विकास
अयोध्या। 
रामनगरी अब सिर्फ आस्था से ही नहीं, हरियाली से भी पहचानी जाएगी। नगर निगम अयोध्या और आईपीएल संस्था के संयुक्त प्रयास से पलिया शाहबदी क्षेत्र में सीएसआर फंड से एक बड़ी पर्यावरणीय परियोजना शुरू हुई है।
क्या है परियोजना
मियावाकी पद्धति पर आधारित "संजीवनी उपवन" और "जानकी जलाशय" का विकास किया जाएगा। 
मंगलवार को भूमिपूजन के साथ ही इसका शुभारंभ हो गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने की।  
मुख्य अतिथि - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर  
विशिष्ट अतिथि - राज्य सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी रहे।
क्या कहा मंच से
कौशल किशोर जी ने कहा:  
"रामनगरी को अधिक हरित और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने की दिशा में यह उपवन एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकृति संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा:  
"नगर निगम लगातार हरित आवरण बढ़ाने के लिए छोटे-बड़े उपवन विकसित कर रहा है। मियावाकी पद्धति से बनने वाला यह उपवन कम स्थान में घना, जैव विविधता से भरपूर होगा। जानकी जलाशय वर्षा जल संरक्षण और भूजल संवर्धन में अहम भूमिका निभाएगा।"
राज्य सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी ने कहा कि जानकी जलाशय जल संरक्षण का प्रेरणादायी मॉडल बनेगा।
2 साल में होगा पूरा
आईपीएल संस्था से पवन पांडे ने बताया कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लगभग दो वर्षों में विकसित किया जाएगा। भूमिपूजन के साथ ही कार्य शुरू कर दिया गया है। लक्ष्य है निर्धारित समय में इसे पूरा करना।
कलम की धार
मियावाकी मतलब - कम जगह, ज्यादा पेड़, ज्यादा ऑक्सीजन।  
संजीवनी उपवन नाम ही बता रहा है - ये उपवन शहर को नई सांस देगा।
कंक्रीट के जंगल के बीच जब हरियाली का जंगल उगेगा, तो गर्मी भी कम होगी, पक्षी भी आएंगे और भूजल भी बचेगा।
जानकी जलाशय सिर्फ पानी का तालाब नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का स्रोत बनेगा।
सराहनीय पहल। अब जरूरत है इसे जन आंदोलन बनाने की। पेड़ लगाएं, बचाएं और संभालें।
हरित अयोध्या - स्वच्छ अयोध्या
    user_Dharmendra Chaurasia
    Dharmendra Chaurasia
    Varanasi, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
  • PDA में PD “पंडित” का ही शार्ट फार्म है… -अखिलेश यादव
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    PDA में PD “पंडित” का ही शार्ट फार्म है…

-अखिलेश यादव
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    2 hrs ago
  • नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, रिश्तेदार युवक हिरासत में भरोसे के रिश्ते को तारतार और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, रिश्तेदार युवक हिरासत में भरोसे के रिश्ते को तारतार और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना
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    नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, रिश्तेदार युवक हिरासत में
भरोसे के रिश्ते को तारतार और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना
नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, रिश्तेदार युवक हिरासत में
भरोसे के रिश्ते को तारतार और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना
    user_Anis Akhtar
    Anis Akhtar
    Local News Reporter औराई, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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