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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट के टाइगर पॉइंट से दिखने वाला नज़ारा बेहद मनमोहक है, जिसकी तुलना शिमला के ख़ूबसूरत दृश्यों से की जा सकती है। यह प्राकृतिक सुंदरता विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय के लोगों को समर्पित है, और उनसे अपील की गई है कि वे इस मनोरम दृश्य पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए लाइक और कमेंट अवश्य करें।
Bakumar Taigar
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट के टाइगर पॉइंट से दिखने वाला नज़ारा बेहद मनमोहक है, जिसकी तुलना शिमला के ख़ूबसूरत दृश्यों से की जा सकती है। यह प्राकृतिक सुंदरता विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय के लोगों को समर्पित है, और उनसे अपील की गई है कि वे इस मनोरम दृश्य पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए लाइक और कमेंट अवश्य करें।
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- अंबिकापुर स्थित सुषमा ऑटोमोबाइल वाहनों की खरीद, उनकी सर्विसिंग और ग्राहक सेवा के क्षेत्र में अपनी समर्पित टीम के साथ लगातार लोगों का विश्वास जीत रहा है। यह प्रतिष्ठान अपनी बेहतर सुविधाओं, पारदर्शी व्यवहार और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए विशेष पहचान बना चुका है। ग्राहकों की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, सुषमा ऑटोमोबाइल ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और भरोसेमंद कार्यशैली के दम पर अपनी पहचान स्थापित की है, जो इसे उम्मीदों का भरोसेमंद साथी और विश्वास, गुणवत्ता तथा बेहतरीन सेवा का पर्याय बनाती है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पिछले एक माह के भीतर चार हाथियों की अचानक मौत हो गई है। यह घटना जिले में हाथियों के संरक्षण पर सवाल खड़े करती है।1
- चिरमिरी में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) की घोर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी नमक पर आवारा कुत्ते मुँह मार रहे हैं, जिससे गरीबों के हक और उनके लिए निर्धारित सरकारी नमक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना सीधे तौर पर एसडीएम की अनदेखी और लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है, जिसके कारण गरीबों के अधिकार के नमक पर आवारा कुत्ते अपना कब्ज़ा जमा रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक पूर्व महापौर पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।1
- एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है कि उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है।1
- महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।4
- बेंगलुरु में पीएम मोदी ने ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया है। इस दौरान उन्होंने मंदिर के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया।1
- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे 'सुशासन तिहार 2026' अभियान के तहत सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। अमराई की शीतल छांव में आयोजित यह शिविर ग्रामीणों के लिए शासन-प्रशासन से सीधे संवाद करने और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 32 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं, मांगें और सुझाव रखे, वहीं अधिकारियों ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। 'सुशासन तिहार' का मुख्य उद्देश्य आमजन तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से समाधान उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- उप तहसील राजापुर, तहसील मैनपाट, जिला सरगुजा में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान हुई मारपीट, अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा की गंभीर घटना को लेकर प्रदेशभर में प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों के बीच लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से राजस्व अधिकारियों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों में गहरा असंतोष व्याप्त है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने बताया कि उन्होंने पूर्व में 29 मई 2026 को प्रदेशव्यापी सामूहिक अवकाश लेकर विरोध दर्ज कराया था और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। संघ ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन कर रहे न्यायालयीन अधिकारी और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ हुई इतनी गंभीर घटना में भी त्वरित गिरफ्तारी न होने से प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा, जिससे निष्पक्ष कार्यवाही करने वाले अधिकारियों के समक्ष भय और दबाव का वातावरण बनेगा। इस बीच, आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी) ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए अपना समर्थन घोषित किया है। संघ ने निर्णय लिया है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आगामी तीन दिनों तक काली पट्टी धारण कर विरोध दर्ज कराएंगे और अंतिम दो दिनों तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने भी निंदा और समर्थन प्रस्ताव पारित कर घटना की भर्त्सना की है, तथा शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। वहीं, राजस्व पटवारी संघ, छत्तीसगढ़ ने भी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्यवाही की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की मांगों का पूर्ण समर्थन किया है। संघ ने जोर दिया कि यह व्यापक समर्थन इस बात का प्रमाण है कि यह सिर्फ एक अधिकारी का विषय नहीं, बल्कि संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था, न्यायालयीन गरिमा और विधिसम्मत शासन व्यवस्था से जुड़ा हुआ मामला है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की समस्त जिला कार्यकारिणियों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, दिनांक 01 जून 2026 से प्रदेश के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद एवं सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। संघ ने शासन से पुनः आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा राजस्व अधिकारियों एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई, तो प्रदेशभर में राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।4