महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।
महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी
टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा
भी तैयार की गई। उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और
नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।
- महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।4
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को गुमला के सदर अस्पताल परिसर से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान की संयुक्त शुरुआत उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी और एलआरडीसी गुमला राजीव कुमार ने की। कार्यक्रम के दौरान जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार-प्रसार जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही, तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाने और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मौके पर अस्पताल प्रबंधक, जिला परामर्शी (तंबाकू निषेध कोषांग), मनोवैज्ञानिक तंबाकू मुक्ति केंद्र, एफएलसी-एनसीडी के प्रतिनिधि, सहियाएं तथा सदर अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।3
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को गारू थाना परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा समाज को इनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, जिससे कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आम लोगों को भी तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। शपथ ग्रहण के दौरान उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने स्वयं तंबाकू का सेवन न करने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने समाज को नशामुक्त और तंबाकूमुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता फैलाने का कार्य करने का भी प्रण लिया। इस अवसर पर तंबाकू निषेध से संबंधित संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया।2
- लातेहार जिला के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत गढ़बुढ़नी पंचायत के चुटिया टोला के चुरखाड़ में इन दिनों भीषण जल संकट गहरा गया है। 48 घंटे पहले हुई तेज बारिश के कारण नदी का गंदा पानी ग्रामीणों के एकमात्र सहारा रहे चुआड़ी में घुस गया है, जिससे पूरा टोला शुद्ध पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के सभी जलमीनार सालों से खराब पड़े हैं और नल-जल योजना का लाभ भी आज तक उन्हें नहीं मिला है। ऐसे में नदी किनारे खुद से बनाया गया चुआड़ी ही उनकी प्यास बुझाने, खाना बनाने और बच्चों को पानी पिलाने का एकमात्र स्रोत था। हालांकि, दो दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदी में उफान आ गया और बाढ़ का कीचड़, कचरा व गंदगी से भरा पानी सीधे चुआड़ी में भर गया, जिससे वह पानी अब पीने लायक नहीं बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी से दुर्गंध आ रही है और इसके इस्तेमाल से बीमारी का खतरा है। चुआड़ी के खराब होने के बाद से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं। महिलाएं और बच्चे सुबह से शाम तक दूर-दराज के झरनों और डोभा की तलाश में भटक रहे हैं। कई परिवारों के पास तो आज खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं है। एक ग्रामीण महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि 48 घंटे से उनके बच्चे प्यासे हैं और नहाने-धोने तो दूर, पीने को एक लोटा साफ पानी भी नहीं मिल रहा। उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी नल खराब हैं और अब नदी ने भी धोखा दे दिया है, ऐसे में गरीब लोग कहाँ जाएं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने एक वीडियो जारी कर सांसद, विधायक, उपायुक्त लातेहार और प्रखंड प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांग है कि खराब पड़े जलमीनारों की मरम्मत करके गांव में पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- एक मुस्लिम परिवार के बेघर हो जाने के कारण गांव में चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- डीसी संदीप कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सात ट्रेनी अफसरों को 'जन सेवा की सीख' दी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे फील्ड की ज़मीनी हकीकत को भली-भांति समझें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी पहुँच समाज के आखिरी व्यक्ति तक हो।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के भड़गांव में सोमवार को आम तोड़ने के दौरान एक बच्चा पेड़ से गिरकर घायल हो गया। इस घटना के बाद एक व्यक्ति ने मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहन से घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया।1