विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को गुमला के सदर अस्पताल परिसर से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान की संयुक्त शुरुआत उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी और एलआरडीसी गुमला राजीव कुमार ने की। कार्यक्रम के दौरान जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार-प्रसार जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही, तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाने और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मौके पर अस्पताल प्रबंधक, जिला परामर्शी (तंबाकू निषेध कोषांग), मनोवैज्ञानिक तंबाकू मुक्ति केंद्र, एफएलसी-एनसीडी के प्रतिनिधि, सहियाएं तथा सदर अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को गुमला के सदर अस्पताल परिसर से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान की संयुक्त शुरुआत उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी और एलआरडीसी गुमला राजीव कुमार ने की। कार्यक्रम के
दौरान जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार-प्रसार जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही, तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने
तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाने और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मौके पर अस्पताल प्रबंधक, जिला परामर्शी (तंबाकू निषेध कोषांग), मनोवैज्ञानिक तंबाकू मुक्ति केंद्र, एफएलसी-एनसीडी के प्रतिनिधि, सहियाएं तथा सदर अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को गुमला के सदर अस्पताल परिसर से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान की संयुक्त शुरुआत उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी और एलआरडीसी गुमला राजीव कुमार ने की। कार्यक्रम के दौरान जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार-प्रसार जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही, तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाने और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मौके पर अस्पताल प्रबंधक, जिला परामर्शी (तंबाकू निषेध कोषांग), मनोवैज्ञानिक तंबाकू मुक्ति केंद्र, एफएलसी-एनसीडी के प्रतिनिधि, सहियाएं तथा सदर अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।3
- महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।4
- एक मुस्लिम परिवार के बेघर हो जाने के कारण गांव में चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत लकेया गांव में गौझिन डोभा (तालाब) में गोवंश के कटे हुए अवशेष पाए जाने से हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने तालाब में दो सर, पैर और खाल जैसे अवशेष देखे, जो गौ माता को काटे जाने के बाद फेंके गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन ने तालाब का पानी सुखाकर इन अवशेषों को बरामद किया। इस घटना से पूरे हिन्दू समाज और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। समाजसेवी संजय वर्मा ने इसे जान बूझकर हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाने और माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सिसई विधायक जिगा सुसारण होरो और जिला प्रशासन के संरक्षण में अवैध बूचड़खाने चलाए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर गो-तस्करी हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ माता की हत्या और उसके मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। विहिप बजरंग दल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ प्रशासन शांति समिति की बैठकों में आपसी भाईचारगी और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गोवंश की हो रही लगातार हत्याओं को अब विहिप बजरंग दल बर्दाश्त नहीं करेगा। संगठन ने जिला प्रशासन से अविलंब गो-तस्करी और अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को बंद करने की मांग की है। साथ ही लकेया गांव की घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो विहिप बजरंग दल अवैध बूचड़खानों को बंद कराने और गो-तस्करी को रोकने के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा। इसके अलावा, वे जिले के सभी प्रखंडों में गो-तस्करी के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन चलाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी। वहीं, इस घटना के संबंध में जब लकेया पंचायत की मुखिया सुगिया देवी से पूछा गया, तो वे बिना कुछ बताए घटनास्थल से चली गईं, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि उन्हें अपने वोटरों की चिंता सता रही थी। घटना स्थल पर अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, समाजसेवी संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल गुमला जिला के जिला मंत्री मनीष बाबू, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, सौरभ ताम्रकर, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई आशीष कुमार, अरुण सिंह, पुलिस के जवान सहित सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।4
- गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत लकेया गांव स्थित गौझीन डोभा में गाय के कटे हुए सिर की खोपड़ी, जबड़ा, खाल, सींग और पैर सहित अन्य अवशेष मिलने से हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार सुबह शौच के लिए डोभा के पास गए ग्रामीणों ने पानी में तैरते इन अंगों को देखा, जिसके बाद यह खबर पूरे प्रखंड क्षेत्र में तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही सिसई भरनो थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी, मुखिया, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता, तथा भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज सेवी संजय वर्मा ने गुमला डीसी समेत कई नेता और मंत्री को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सिसई में बूचड़खाना चलाए जाने के कारण ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से नाला बनाकर डोभा का पानी बाहर निकाला और फिर बोरे में सभी अवशेषों को उठाकर दफन करने के लिए ले गए। अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बकरीद पर्व से पूर्व सिसई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई थी, जहाँ सभी समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाने को कहा गया था, इसके बावजूद नियम कानून को ताक पर रखकर ऐसा कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी ने भी गहन जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- शहर के एक क्षेत्र में लंबे समय से खराब और गंदगी से भरे नाले की समस्या से स्थानीय लोग परेशान थे। इस समस्या को उजागर करते हुए एक स्थानीय युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें नाले की बदहाल स्थिति और नागरिकों को हो रही कठिनाइयों को स्पष्ट रूप से दिखाया गया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और बिना देर किए नाले की सफाई का अभियान शुरू कराया। नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और नाले में जमा कचरे तथा गाद को हटाकर उसकी पूर्ण सफाई की। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सोशल मीडिया अब जनसमस्याओं को प्रभावी ढंग से उजागर करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। इस सफाई अभियान में "कॉकरोच जनता पार्टी" के सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग दिया, उन्होंने समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाले की सफाई से अब क्षेत्र में जलभराव, दुर्गंध और गंदगी जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और सभी सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया है। यह पूरी घटना नागरिक जागरूकता, सोशल मीडिया की शक्ति और प्रशासनिक तत्परता के सफल समन्वय का उदाहरण पेश करती है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय समस्याओं का समाधान इस प्रकार से अपेक्षाकृत कम समय में संभव है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के भड़गांव में सोमवार को आम तोड़ने के दौरान एक बच्चा पेड़ से गिरकर घायल हो गया। इस घटना के बाद एक व्यक्ति ने मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहन से घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया।1