झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत लकेया गांव में गौझिन डोभा (तालाब) में गोवंश के कटे हुए अवशेष पाए जाने से हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने तालाब में दो सर, पैर और खाल जैसे अवशेष देखे, जो गौ माता को काटे जाने के बाद फेंके गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन ने तालाब का पानी सुखाकर इन अवशेषों को बरामद किया। इस घटना से पूरे हिन्दू समाज और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। समाजसेवी संजय वर्मा ने इसे जान बूझकर हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाने और माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सिसई विधायक जिगा सुसारण होरो और जिला प्रशासन के संरक्षण में अवैध बूचड़खाने चलाए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर गो-तस्करी हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ माता की हत्या और उसके मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। विहिप बजरंग दल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ प्रशासन शांति समिति की बैठकों में आपसी भाईचारगी और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गोवंश की हो रही लगातार हत्याओं को अब विहिप बजरंग दल बर्दाश्त नहीं करेगा। संगठन ने जिला प्रशासन से अविलंब गो-तस्करी और अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को बंद करने की मांग की है। साथ ही लकेया गांव की घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो विहिप बजरंग दल अवैध बूचड़खानों को बंद कराने और गो-तस्करी को रोकने के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा। इसके अलावा, वे जिले के सभी प्रखंडों में गो-तस्करी के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन चलाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी। वहीं, इस घटना के संबंध में जब लकेया पंचायत की मुखिया सुगिया देवी से पूछा गया, तो वे बिना कुछ बताए घटनास्थल से चली गईं, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि उन्हें अपने वोटरों की चिंता सता रही थी। घटना स्थल पर अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, समाजसेवी संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल गुमला जिला के जिला मंत्री मनीष बाबू, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, सौरभ ताम्रकर, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई आशीष कुमार, अरुण सिंह, पुलिस के जवान सहित सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।
झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत लकेया गांव में गौझिन डोभा (तालाब) में गोवंश के कटे हुए अवशेष पाए जाने से हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने तालाब में दो सर, पैर और खाल जैसे अवशेष देखे, जो गौ माता को काटे जाने के बाद फेंके गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन ने तालाब का पानी सुखाकर इन अवशेषों को बरामद किया। इस घटना से पूरे हिन्दू समाज और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। समाजसेवी संजय वर्मा ने इसे जान बूझकर हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाने और माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। उन्होंने
सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सिसई विधायक जिगा सुसारण होरो और जिला प्रशासन के संरक्षण में अवैध बूचड़खाने चलाए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर गो-तस्करी हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ माता की हत्या और उसके मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। विहिप बजरंग दल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ प्रशासन शांति समिति की बैठकों में आपसी भाईचारगी और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि
गोवंश की हो रही लगातार हत्याओं को अब विहिप बजरंग दल बर्दाश्त नहीं करेगा। संगठन ने जिला प्रशासन से अविलंब गो-तस्करी और अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को बंद करने की मांग की है। साथ ही लकेया गांव की घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो विहिप बजरंग दल अवैध बूचड़खानों को बंद कराने और गो-तस्करी को रोकने के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा। इसके अलावा, वे जिले के सभी प्रखंडों में गो-तस्करी के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन चलाएंगे, जिसकी
पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी। वहीं, इस घटना के संबंध में जब लकेया पंचायत की मुखिया सुगिया देवी से पूछा गया, तो वे बिना कुछ बताए घटनास्थल से चली गईं, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि उन्हें अपने वोटरों की चिंता सता रही थी। घटना स्थल पर अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, समाजसेवी संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल गुमला जिला के जिला मंत्री मनीष बाबू, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, सौरभ ताम्रकर, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई आशीष कुमार, अरुण सिंह, पुलिस के जवान सहित सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।
- झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत लकेया गांव में गौझिन डोभा (तालाब) में गोवंश के कटे हुए अवशेष पाए जाने से हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने तालाब में दो सर, पैर और खाल जैसे अवशेष देखे, जो गौ माता को काटे जाने के बाद फेंके गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन ने तालाब का पानी सुखाकर इन अवशेषों को बरामद किया। इस घटना से पूरे हिन्दू समाज और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। समाजसेवी संजय वर्मा ने इसे जान बूझकर हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाने और माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सिसई विधायक जिगा सुसारण होरो और जिला प्रशासन के संरक्षण में अवैध बूचड़खाने चलाए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर गो-तस्करी हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ माता की हत्या और उसके मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। विहिप बजरंग दल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ प्रशासन शांति समिति की बैठकों में आपसी भाईचारगी और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गोवंश की हो रही लगातार हत्याओं को अब विहिप बजरंग दल बर्दाश्त नहीं करेगा। संगठन ने जिला प्रशासन से अविलंब गो-तस्करी और अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को बंद करने की मांग की है। साथ ही लकेया गांव की घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो विहिप बजरंग दल अवैध बूचड़खानों को बंद कराने और गो-तस्करी को रोकने के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा। इसके अलावा, वे जिले के सभी प्रखंडों में गो-तस्करी के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन चलाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी। वहीं, इस घटना के संबंध में जब लकेया पंचायत की मुखिया सुगिया देवी से पूछा गया, तो वे बिना कुछ बताए घटनास्थल से चली गईं, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि उन्हें अपने वोटरों की चिंता सता रही थी। घटना स्थल पर अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, समाजसेवी संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल गुमला जिला के जिला मंत्री मनीष बाबू, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, सौरभ ताम्रकर, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई आशीष कुमार, अरुण सिंह, पुलिस के जवान सहित सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।4
- गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत लकेया गांव स्थित गौझीन डोभा में गाय के कटे हुए सिर की खोपड़ी, जबड़ा, खाल, सींग और पैर सहित अन्य अवशेष मिलने से हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार सुबह शौच के लिए डोभा के पास गए ग्रामीणों ने पानी में तैरते इन अंगों को देखा, जिसके बाद यह खबर पूरे प्रखंड क्षेत्र में तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही सिसई भरनो थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी, मुखिया, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता, तथा भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज सेवी संजय वर्मा ने गुमला डीसी समेत कई नेता और मंत्री को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सिसई में बूचड़खाना चलाए जाने के कारण ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से नाला बनाकर डोभा का पानी बाहर निकाला और फिर बोरे में सभी अवशेषों को उठाकर दफन करने के लिए ले गए। अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बकरीद पर्व से पूर्व सिसई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई थी, जहाँ सभी समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाने को कहा गया था, इसके बावजूद नियम कानून को ताक पर रखकर ऐसा कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी ने भी गहन जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरमू बायपास रोड पर आज सदानंद चौक के समीप एक बड़ा हादसा हो गया। बालू से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक (संख्या Jh –01EB7213) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति में था और सदानंद चौक के पास चालक ने उस पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी लड़खड़ाते हुए बीच सड़क पर पलट गई। ट्रक पर भारी मात्रा में बालू लदा था, जो पूरी सड़क पर बिखर गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे की चपेट में कोई अन्य वाहन या राहगीर नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ट्रक पलटने और बालू बिखरने के कारण व्यस्त हरमू बायपास रोड पर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह ठप हो गया, और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अरगोड़ा थाना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क के बीच से हटवाया। पुलिस ने सड़क पर बिखरी बालू को भी साफ कराने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य कराया जा सका। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है, क्योंकि यह घटना रांची के हरमू बायपास रोड पर तेज रफ्तार का एक उदाहरण बनी।3
- उद्रंगी गांव की उड़ान की डोगरी टोली में मुमताज अंसारी के घर से लेकर स्वर्गीय कयूम अंसारी के घर तक का नाला पूरी तरह से जाम हो गया है, जिससे गंदा पानी रास्ते पर बह रहा है। इस कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह नाला लगभग आधा किलोमीटर तक जाम है। ग्रामीणों ने मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि गर्मी के मौसम में ही ऐसी हालत है, तो बरसात में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, कुछ दिन पहले एक ग्रामीण ने बीडीओ मैडम को एक आवेदन दिया था, जिसमें नाले को खुलवाने का अनुरोध किया गया था। इस आवेदन पर मुखिया साहब ने भी हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, आवेदन दिए जाने और मुखिया के हस्ताक्षर होने के बावजूद, अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं।1
- एक मुस्लिम परिवार के बेघर हो जाने के कारण गांव में चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत राजागढ़ स्थित छाता सरना मैदान में 'कॉम्पाट मुंडा 12 मौजा धनवार बाबा किलि पड़हा जतरा' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और पारंपरिक नृत्य दल शामिल हुए, जिससे पूरा सरना मैदान पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। जतरा समारोह में शनिचाराय भेंगरा बतौर मुख्य अतिथि और अमृता मुंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, खोड़हा मंडलियों और आदिवासी मूलवासी भाई-बहनों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, मांदर की थाप और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पड़हा व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। जतरा का मुख्य उद्देश्य पड़हा संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा। इस आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई तथा आयोजन स्थल पर शराब की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई। समिति की ओर से विभिन्न गांवों से पहुंचे नृत्य दलों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में एदेल संगा पड़हा महारानी अमृता मुंडा, सचिव विरेन्द्र धान, देवान दुबिया मुंडा, हेरेंज पड़हा कार्यवाही राजा हरीनाथ हेरेंज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सचिव फ्रेंकलिन धान, छाता पंचायत मुखिया सुखराम मुंडा, आलोक मुंडा, विश्वनाथ मुंडा, विलियम धान, दीपक धान, गंदुर भगत, फागु धान, बिरसी धान, मरियम धान, चांदू धान, लुदू धान, सनिका धान, सुकरा धान, मंगल धान एवं मार्शल धान समेत अन्य सदस्यों एवं ग्रामीणों की मुख्य भूमिका रही।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के भड़गांव में सोमवार को आम तोड़ने के दौरान एक बच्चा पेड़ से गिरकर घायल हो गया। इस घटना के बाद एक व्यक्ति ने मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहन से घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया।1