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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पिछले एक माह के भीतर चार हाथियों की अचानक मौत हो गई है। यह घटना जिले में हाथियों के संरक्षण पर सवाल खड़े करती है।

7 hrs ago
user_Ratan Choudhry
Ratan Choudhry
Insurance Agent बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
7 hrs ago

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पिछले एक माह के भीतर चार हाथियों की अचानक मौत हो गई है। यह घटना जिले में हाथियों के संरक्षण पर सवाल खड़े करती है।

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  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पिछले एक माह के भीतर चार हाथियों की अचानक मौत हो गई है। यह घटना जिले में हाथियों के संरक्षण पर सवाल खड़े करती है।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पिछले एक माह के भीतर चार हाथियों की अचानक मौत हो गई है। यह घटना जिले में हाथियों के संरक्षण पर सवाल खड़े करती है।
    user_Ratan Choudhry
    Ratan Choudhry
    Insurance Agent बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), गढ़वा के तत्वावधान में 90 दिवसीय आउटरीच जागरूकता अभियान के तहत रंका खुर्द गाँव में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज सोमवार को रंका प्रखंड के पीएलवी कैमुदीन अंसारी और मानपुर ग्राम पंचायत के पीएलवी अमरेन्द्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से कंचनपुर ग्राम पंचायत के रंका खुर्द गाँव में युवाओं और ग्रामीणों के लिए आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद तथा सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान यूथ क्लब से जुड़े युवाओं एवं ग्रामीणों को बाल विवाह, नशाखोरी, बाल व्यापार, बाल मजदूरी, धूम्रपान और साइबर क्राइम जैसे गंभीर सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। पीएलवी द्वारा यह बताया गया कि बाल विवाह एवं बाल मजदूरी बच्चों के अधिकारों का हनन है और यह कानूनी अपराध है। उन्होंने नशाखोरी और धूम्रपान से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।
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    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), गढ़वा के तत्वावधान में 90 दिवसीय आउटरीच जागरूकता अभियान के तहत रंका खुर्द गाँव में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज सोमवार को रंका प्रखंड के पीएलवी कैमुदीन अंसारी और मानपुर ग्राम पंचायत के पीएलवी अमरेन्द्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से कंचनपुर ग्राम पंचायत के रंका खुर्द गाँव में युवाओं और ग्रामीणों के लिए आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद तथा सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के दौरान यूथ क्लब से जुड़े युवाओं एवं ग्रामीणों को बाल विवाह, नशाखोरी, बाल व्यापार, बाल मजदूरी, धूम्रपान और साइबर क्राइम जैसे गंभीर सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। पीएलवी द्वारा यह बताया गया कि बाल विवाह एवं बाल मजदूरी बच्चों के अधिकारों का हनन है और यह कानूनी अपराध है। उन्होंने नशाखोरी और धूम्रपान से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।
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    महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।

बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई।

उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।

यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।
    user_आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    9 hrs ago
  • बेंगलुरु शहर में एक आध्यात्मिक केंद्र, ध्याण मंदिर, को राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है। यह समर्पण राष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल का प्रतीक है।
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    बेंगलुरु शहर में एक आध्यात्मिक केंद्र, ध्याण मंदिर, को राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है। यह समर्पण राष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल का प्रतीक है।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • गढ़वा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केतार थाना क्षेत्र के परती कुशवानी गांव में हुई 17 वर्षीय आकृति कुमारी की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को 19 मई 2026 को निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने दंडाधिकारी की मौजूदगी में घर का दरवाजा खुलवाया, जहां जमीन पर आकृति कुमारी का शव मिला, जिससे दुर्गंध आ रही थी। प्रारंभिक जांच में घटना 2-3 दिन पुरानी प्रतीत हुई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह के बयान पर केतार थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी निर्मल सिंह घटना के बाद राजस्थान भाग गया था और जमानत कराने के उद्देश्य से वापस गढ़वा आने वाला था। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 27 मई 2026 को खरौंधी थाना क्षेत्र के बजरमरवा गांव के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मृतका की शादी राजस्थान में तय की गई थी, जहां उसके पिता काम करते थे। हालांकि, युवती वहां शादी नहीं करना चाहती थी और अपने गांव में ही रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि जब युवती राजस्थान जाने से मना कर रही थी, तब पिता ने सोई अवस्था में रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
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    गढ़वा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केतार थाना क्षेत्र के परती कुशवानी गांव में हुई 17 वर्षीय आकृति कुमारी की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस को 19 मई 2026 को निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने दंडाधिकारी की मौजूदगी में घर का दरवाजा खुलवाया, जहां जमीन पर आकृति कुमारी का शव मिला, जिससे दुर्गंध आ रही थी। प्रारंभिक जांच में घटना 2-3 दिन पुरानी प्रतीत हुई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह के बयान पर केतार थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया।

तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी निर्मल सिंह घटना के बाद राजस्थान भाग गया था और जमानत कराने के उद्देश्य से वापस गढ़वा आने वाला था। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 27 मई 2026 को खरौंधी थाना क्षेत्र के बजरमरवा गांव के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, मृतका की शादी राजस्थान में तय की गई थी, जहां उसके पिता काम करते थे। हालांकि, युवती वहां शादी नहीं करना चाहती थी और अपने गांव में ही रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि जब युवती राजस्थान जाने से मना कर रही थी, तब पिता ने सोई अवस्था में रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
    user_SAMACHAR TV GLOBAL
    SAMACHAR TV GLOBAL
    Garhwa, Jharkhand•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट के टाइगर पॉइंट से दिखने वाला नज़ारा बेहद मनमोहक है, जिसकी तुलना शिमला के ख़ूबसूरत दृश्यों से की जा सकती है। यह प्राकृतिक सुंदरता विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय के लोगों को समर्पित है, और उनसे अपील की गई है कि वे इस मनोरम दृश्य पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए लाइक और कमेंट अवश्य करें।
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    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट के टाइगर पॉइंट से दिखने वाला नज़ारा बेहद मनमोहक है, जिसकी तुलना शिमला के ख़ूबसूरत दृश्यों से की जा सकती है। यह प्राकृतिक सुंदरता विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय के लोगों को समर्पित है, और उनसे अपील की गई है कि वे इस मनोरम दृश्य पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए लाइक और कमेंट अवश्य करें।
    user_Bakumar Taigar
    Bakumar Taigar
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों में से एक है, जिसका इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, रामानंदी संप्रदाय के प्रसिद्ध संत स्वामी बालानंद ने 1730 ईस्वी के आसपास इस मंदिर की स्थापना की थी, जो शुरुआत में एक छोटा सा संतों का आश्रम था। वर्ष 1900 से 1948 तक इस मंदिर पर गोसाईं संन्यासियों का नियंत्रण रहा। इसके बाद, 1948 ईस्वी में पटना उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत इसे एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। वर्तमान भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण 1983 से 1985 के बीच प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व तथा उनके भक्तों के सहयोग से किया गया था। इस मंदिर की मुख्य विशेषताओं में हनुमान जी की दो मूर्तियाँ (जुग्म प्रतिमा) एक साथ स्थापित होना शामिल है। इनमें से एक मूर्ति 'परित्राणाय साधूनाम्' अर्थात भक्तों की रक्षा के लिए, और दूसरी 'विनाशाय च दुष्कृताम्' अर्थात दुष्टों के विनाश के लिए प्रतीक है। श्री शंकर महादेव जी और श्री हनुमान जी की ये प्रतिमाएं अत्यंत सुंदर और मनमोहक हैं।
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    पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों में से एक है, जिसका इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, रामानंदी संप्रदाय के प्रसिद्ध संत स्वामी बालानंद ने 1730 ईस्वी के आसपास इस मंदिर की स्थापना की थी, जो शुरुआत में एक छोटा सा संतों का आश्रम था।

वर्ष 1900 से 1948 तक इस मंदिर पर गोसाईं संन्यासियों का नियंत्रण रहा। इसके बाद, 1948 ईस्वी में पटना उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत इसे एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। वर्तमान भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण 1983 से 1985 के बीच प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व तथा उनके भक्तों के सहयोग से किया गया था।

इस मंदिर की मुख्य विशेषताओं में हनुमान जी की दो मूर्तियाँ (जुग्म प्रतिमा) एक साथ स्थापित होना शामिल है। इनमें से एक मूर्ति 'परित्राणाय साधूनाम्' अर्थात भक्तों की रक्षा के लिए, और दूसरी 'विनाशाय च दुष्कृताम्' अर्थात दुष्टों के विनाश के लिए प्रतीक है। श्री शंकर महादेव जी और श्री हनुमान जी की ये प्रतिमाएं अत्यंत सुंदर और मनमोहक हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • बेंगलुरु में स्थित एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र, ध्याण मंदिर, को अब राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है।
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    बेंगलुरु में स्थित एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र, ध्याण मंदिर, को अब राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
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