नोएडा से हरदोई के संडीला पहुँचा प्रमोद का शव, बिलख उठे परिजन,चोरी के शक में मॉब लिंचिंग मर्डर,पैतृक गांव मीरनगर अजिगवां में पसरा मातम,भाकियू नेता रफीक लंबू पहुंचे गांव परिजनों को दी सांत्वना की इंसाफ की मांग........नोएडा में तालिबानी इंसाफ, संडीला में पसरा मातम! 😡😭........ हरदोई के सण्डीला से रोज़ी-रोटी की तलाश में नोएडा गए एक 27 साल के युवक को सिर्फ मोबाइल चोरी के शक में पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। आज जब मृतक प्रमोद कुमार राठौर का शव उसके पैतृक गांव मीरनगर अजिगवां पहुँचा, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया। संडीला क्षेत्र के ग्राम मीरनगर अजिगवां में आज मातम का सन्नाटा पसरा है और हर आँख में आक्रोश के साथ-साथ आंसू हैं। यहाँ का रहने वाला 27 वर्षीय प्रमोद कुमार राठौर घर की गरीबी दूर करने और नौकरी की तलाश में नोएडा के हरौला गया था। लेकिन किसे पता था कि चंद पैसों की उम्मीद में घर से निकला प्रमोद अब कभी जिंदा लौटकर नहीं आएगा।दरअसल, नोएडा के फेज-1 थाना क्षेत्र के हरौला में सोमवार की रात प्रमोद पर एक महिला ने मोबाइल चोरी करने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप है कि इस मामूली से शक के बाद उस महिला, उसके पति और आसपास के कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया। गुस्साए आरोपियों ने आपा खोते हुए प्रमोद को घेर लिया और लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से धुनाई कर दी।पिटाई से प्रमोद इस कदर घायल हुआ कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को जब प्रमोद का शव उसके पैतृक गांव पहुँचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस खौफनाक वारदात की खबर मिलते ही भारतीय किसान यूनियन 'धरतीपुत्र' के प्रदेश अध्यक्ष रफीक लंबू भी शोकाकुल परिवार से मिलने तुरंत मीरनगर अजिगवां पहुँचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और इस मॉब लिंचिंग जैसी वारदात पर गहरा दुख जताते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया।इस मामले में नोएडा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर करीब आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। लेकिन गांव में आज सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है—कि आखिर शक की बिनाह पर 27 साल के बेकसूर प्रमोद को इतनी बेरहमी से मौत के घाट क्यों उतार दिया गया?
नोएडा से हरदोई के संडीला पहुँचा प्रमोद का शव, बिलख उठे परिजन,चोरी के शक में मॉब लिंचिंग मर्डर,पैतृक गांव मीरनगर अजिगवां में पसरा मातम,भाकियू नेता रफीक लंबू पहुंचे गांव परिजनों को दी सांत्वना की इंसाफ की मांग........नोएडा में तालिबानी इंसाफ, संडीला में पसरा मातम! 😡😭........ हरदोई के सण्डीला से रोज़ी-रोटी की तलाश में नोएडा गए एक 27 साल के युवक को सिर्फ मोबाइल चोरी के शक में पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। आज जब मृतक प्रमोद कुमार राठौर का शव उसके पैतृक गांव मीरनगर अजिगवां पहुँचा, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया। संडीला क्षेत्र के ग्राम मीरनगर अजिगवां में आज मातम का सन्नाटा पसरा है और हर आँख में आक्रोश के साथ-साथ आंसू हैं। यहाँ का रहने वाला 27 वर्षीय प्रमोद कुमार राठौर घर की गरीबी दूर करने और नौकरी की तलाश में नोएडा के हरौला गया था। लेकिन किसे पता था कि चंद पैसों की उम्मीद में घर से निकला प्रमोद अब कभी जिंदा लौटकर नहीं आएगा।दरअसल, नोएडा के फेज-1 थाना क्षेत्र के हरौला में सोमवार की रात प्रमोद पर एक महिला ने मोबाइल चोरी करने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप है कि इस मामूली से शक के बाद उस महिला, उसके पति और आसपास के कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया। गुस्साए आरोपियों ने आपा खोते हुए प्रमोद को घेर लिया और लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से धुनाई कर दी।पिटाई से प्रमोद इस कदर घायल हुआ कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को जब प्रमोद का शव उसके पैतृक गांव पहुँचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस खौफनाक वारदात की खबर मिलते ही भारतीय किसान यूनियन 'धरतीपुत्र' के प्रदेश अध्यक्ष रफीक लंबू भी शोकाकुल परिवार से मिलने तुरंत मीरनगर अजिगवां पहुँचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और इस मॉब लिंचिंग जैसी वारदात पर गहरा दुख जताते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया।इस मामले में नोएडा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर करीब आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। लेकिन गांव में आज सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है—कि आखिर शक की बिनाह पर 27 साल के बेकसूर प्रमोद को इतनी बेरहमी से मौत के घाट क्यों उतार दिया गया?
- नोएडा से हरदोई के संडीला पहुँचा प्रमोद का शव, बिलख उठे परिजन,चोरी के शक में मॉब लिंचिंग मर्डर,पैतृक गांव मीरनगर अजिगवां में पसरा मातम,भाकियू नेता रफीक लंबू पहुंचे गांव परिजनों को दी सांत्वना की इंसाफ की मांग........नोएडा में तालिबानी इंसाफ, संडीला में पसरा मातम! 😡😭........ हरदोई के सण्डीला से रोज़ी-रोटी की तलाश में नोएडा गए एक 27 साल के युवक को सिर्फ मोबाइल चोरी के शक में पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। आज जब मृतक प्रमोद कुमार राठौर का शव उसके पैतृक गांव मीरनगर अजिगवां पहुँचा, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया। संडीला क्षेत्र के ग्राम मीरनगर अजिगवां में आज मातम का सन्नाटा पसरा है और हर आँख में आक्रोश के साथ-साथ आंसू हैं। यहाँ का रहने वाला 27 वर्षीय प्रमोद कुमार राठौर घर की गरीबी दूर करने और नौकरी की तलाश में नोएडा के हरौला गया था। लेकिन किसे पता था कि चंद पैसों की उम्मीद में घर से निकला प्रमोद अब कभी जिंदा लौटकर नहीं आएगा।दरअसल, नोएडा के फेज-1 थाना क्षेत्र के हरौला में सोमवार की रात प्रमोद पर एक महिला ने मोबाइल चोरी करने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप है कि इस मामूली से शक के बाद उस महिला, उसके पति और आसपास के कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया। गुस्साए आरोपियों ने आपा खोते हुए प्रमोद को घेर लिया और लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से धुनाई कर दी।पिटाई से प्रमोद इस कदर घायल हुआ कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को जब प्रमोद का शव उसके पैतृक गांव पहुँचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस खौफनाक वारदात की खबर मिलते ही भारतीय किसान यूनियन 'धरतीपुत्र' के प्रदेश अध्यक्ष रफीक लंबू भी शोकाकुल परिवार से मिलने तुरंत मीरनगर अजिगवां पहुँचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और इस मॉब लिंचिंग जैसी वारदात पर गहरा दुख जताते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया।इस मामले में नोएडा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर करीब आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। लेकिन गांव में आज सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है—कि आखिर शक की बिनाह पर 27 साल के बेकसूर प्रमोद को इतनी बेरहमी से मौत के घाट क्यों उतार दिया गया?1
- नारकीय जीवन जी रहे गडरियन खेड़ा के ग्रामीण, सड़क पर बह रहा नालियो का गंदा पानी, गांववासी परेशान औरास, उन्नाव।* विकास के तमाम दावों के बीच मियागंज विकासखंड की ग्राम पंचायत तियर के मजरा गडरियन खेड़ा की तस्वीर आज भी बदहाल है। गांव की मुख्य सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई साल पहले गांव में खड़ंजे का कार्य कराया गया था, लेकिन वह खड़ंजा अब पूरी तरह से गायब हो चुका है। सड़क पर घरों और नालियों का गंदा पानी भरा रहता है। जलभराव के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है। बच्चे-बुजुर्ग बीमारियों की चपेट में, राहगीर हो रहे हादसे का शिकार गंदे पानी के जमाव से बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर फिसलकर घायल हो जाते हैं। हालात ये हैं कि बाइक सवार राहगीरों को यदि दो सवारी हैं तो एक को उतारकर पैदल चलना पड़ता है और दूसरी बाइक को खींचकर निकालना पड़ता है, फिर भी अंदाजा नहीं रहता कि कहां गड्ढा है और कब बाइक गिर जाएगी। *विकास सिर्फ नारा, धरातल पर कुछ नहीं* ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चुनाव के समय माननीय आते हैं, कोरे वादे करके चले जाते हैं, उसके बाद 5 साल तक कोई झांकने तक नहीं आता। विकास के नाम पर सिर्फ नारे लगते हैं, धरातल पर विकास कहीं दिखाई नहीं देता। नाराज ग्रामीणों ने इस बार मन बना लिया है कि "जो बनवाएगा सड़क, उसी की होगी सरकार।"*1
- सेवापुर गांव की ओर ग्राम प्रधान ने बिल्कुल नहीं दिया ध्यान उन्नाव -सफीपुर के ग्राम सेवापुर ददलहा में भारी बरसात के कारण पूरे गांव में जलभराव हो जाने के कारण पूरे गांव को समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है सभी रास्ताओं में पानी भरने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं ग्राम प्रधान ने पांच वर्षों से गांव में कोई भी विकास कार्य आज तक नहीं किया जिससे गांव में समस्या उत्पन्न हो रही है पूरे गांव में गन्दगी व्यापक रूप से फैली हुई है गांव में सूर्या देवी बाल विद्या मन्दिर सेवापुर ददलहा नाम का एक विद्यालय चलता है वहां तक पहुंचना बहुत ही मुश्किल है तो जरा सोचो बच्चे कैसे विद्यालय जाते होंगे और अध्यापक किस तरह से विद्यालय पहुंचते होंगे इन सब चीजों से ग्राम प्रधान को कोई मतलब नहीं उनको मतलब है तो सिर्फ अपने वोटों से चुनाव होने के बाद गांव में देखने तक नहीं है1
- सीतापुर: नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ घाट पर बढ़ते जलस्तर के चलते श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी गई। सीतापुर: नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ घाट पर बढ़ते जलस्तर के चलते श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी गई। कई वर्षों बाद चक्रतीर्थ और आसपास के घाटों पर पानी का स्तर तेजी से बढ़ा। साधु-संतों, पुजारियों और धर्मगुरुओं ने श्रद्धालुओं से स्नान व आचमन के लिए घाट पर न जाने की अपील की। लाउडस्पीकर समेत अन्य माध्यमों से लगातार सावधानी बरतने की सूचना दी जा रही है।1
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- हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती हाथरस सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एडीएचआर की पहल पर जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती डीएम के निर्देश पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा पत्र। एडीएचआर की पहल का असर: पेयजल, शौचालय, जर्जर भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली-पंखे, मध्यान्ह भोजन समेत 18 बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश संवाददाता, नरेश गुप्ता हाथरस। जनपद के सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को बेहतर, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स (एडीएचआर) द्वारा जिलाधिकारी हाथरस को दिए गए विस्तृत ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय व जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल द्वारा दिनांक 27 अगस्त को जिलाधिकारी अतुल वत्स की उपस्थिति मे ओसी कलेक्ट्रेट उपजिलाधिकारी अर्चना शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन में जनपद के सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई थी। ज्ञापन में कहा गया था कि शिक्षा का अधिकार केवल विद्यालय में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित भवन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, उचित फर्नीचर, पर्याप्त शिक्षक, पौष्टिक भोजन और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण मिलना भी आवश्यक है। ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हाथरस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस द्वारा पत्रांक 9264-68/2026-27, दिनांक 01 सितंबर के माध्यम से जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराने तथा की गई कार्रवाई की आख्या कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 18 प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश बीएसए द्वारा भेजे गए पत्र में एडीएचआर के ज्ञापन के साथ संलग्न प्रमुख मांगों एवं व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। इनमें प्रमुख रूप से— स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था। स्वच्छ एवं क्रियाशील शौचालय,जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई,छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त एवं सुरक्षित कक्षाएं,प्रत्येक बच्चे के लिए उचित फर्नीचर।,स्वच्छ एवं खेलने योग्य खेल मैदान,विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता,गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन,गुणवत्तापूर्ण ड्रेस एवं शैक्षिक सामग्री,बिजली, पंखे एवं प्रकाश व्यवस्था,स्वच्छ एवं सुरक्षित विद्यालय परिसर,बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाएं।,दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं सुगम आवागमन,विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण,विद्यालयवार सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था,प्रभावी शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था,बच्चों की गरिमा एवं सुरक्षा तथा भेदभाव रहित वातावरण सुनिश्चित करना,विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता,उपस्थिति एवं सीखने के स्तर की समीक्षा। “सिर्फ प्रवेश नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी जरूरी” एडीएचआर के ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 21-क (21A) का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार तभी वास्तविक रूप से सार्थक माना जा सकता है, जब उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि किसी बच्चे को केवल इसलिए असुविधाजनक या असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह सरकारी विद्यालय में अध्ययन कर रहा है। गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी समान अवसर और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलना चाहिए। अब खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे ज्ञापन में उल्लिखित व्यवस्थाओं को विद्यालयों में समयान्तर्गत सुनिश्चित कराएं तथा की गई कार्रवाई की आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस कार्रवाई से अब यह उम्मीद जगी है कि जनपद के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर कमियों को चिन्हित किया जाएगा और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई होगी। एडीएचआर ने प्रशासन की कार्रवाई का किया स्वागत एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने जिला प्रशासन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा ज्ञापन का संज्ञान लेकर कार्रवाई प्रारंभ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि— “हमारा उद्देश्य किसी विभाग अथवा अधिकारी की आलोचना करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उनका उचित अधिकार दिलाना है। प्रत्येक बच्चे को स्वच्छ पानी, सुरक्षित भवन, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त शिक्षक, फर्नीचर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना चाहिए। अब महत्वपूर्ण यह है कि निर्देश केवल पत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालयों में धरातल पर दिखाई दें।” उन्होंने कहा कि एडीएचआर आगे भी विद्यालयों की व्यवस्थाओं की स्थिति पर जनहित में निगरानी रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को उठाता रहेगा।और सरकारी स्कूलों में बुनियादी-गुणात्मक सुधार तक अपनी यह मुहिम जारी रखेगा “विद्यालयों में बदलाव धरातल पर दिखना चाहिए” ज्ञापन के बाद जिला प्रशासन द्वारा बीएसए को और बीएसए द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन, फर्नीचर, शिक्षक, बिजली, खेल मैदान एवं अन्य सुविधाओं को लेकर सामने आने वाली कमियों का कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से समाधान किया जाता है। एडीएचआर का स्पष्ट संदेश है— “कोई भी सरकारी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे और कोई भी बच्चा केवल गरीबी अथवा सरकारी विद्यालय में पढ़ने के कारण गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शिक्षा से वंचित न हो।”1
- 🚨BREAKING: हरदोई में बारिश का कहर,संडीला के कुरना टिमरुख में दीवार गिरने से 60 वर्षीय किसान रामबिलास की थमीं सांसें,हरदोई में आसमानी आफत लगातार बारिश के बीच गिरी कच्ची दीवार....... उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बरसात अब आफत बनने लगी है। हरदोई जिले के सण्डीला क्षेत्र में आसमानी आफत ने एक गरीब किसान की जान ले ली है। बरसात की वजह से एक कच्ची दीवार भरभरा कर ढह गई, जिसके मलबे में दबकर एक वृद्ध किसान की दर्दनाक मौत हो गई है। दिल को दहला देने वाला यह मामला हरदोई जिले के संडीला कोतवाली क्षेत्र का है।यहाँ के कुरना टिमरुख गाँव में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब लगातार हो रही बारिश के कारण एक घर की कच्ची दीवार अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई।हादसा इतना अचानक और भीषण था कि वहाँ मौजूद 60 साल के वृद्ध किसान रामबिलास को संभलने तक का मौका नहीं मिला।दीवार गिरते ही रामबिलास भारी-भरकम मलबे के नीचे पूरी तरह से दब गए।आवाज़ सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके की तरफ दौड़े और आनन-फानन में मलबे को हटाना शुरू किया।लेकिन जब तक रामबिलास को बाहर निकाला जाता, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।इस हादसे के बाद मृतक किसान के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गाँव में मातम का माहौल है।आपको बता दें कि हरदोई में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बरसात ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।कच्चे मकानों और दीवारों के गिरने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और प्रशासन भी लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।फिलहाल पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जा रहा है। लगातार हो रही यह बारिश अब आम लोगों के लिए काल साबित हो रही है। #Hardoi #Sandila #HardoiNews #HardoiPolice #UPNews #UttarPradesh #HeavyRain #RainAccident #MonsoonHavoc #FarmerDeath #BreakingNews #SadNews #CrimeNews #LocalNews1
- हरदोई में 13 साल की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई परिजनों ने शिक्षक पर स्कूल में बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया ब्रेकिंग हरदोई रिपोर्ट, विपिन कुमार टीचर की पिटाई से छात्रा की मौत का आरोप! हरदोई में 13 साल की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई परिजनों ने शिक्षक पर स्कूल में बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया पिटाई के बाद छात्रा के हाथ में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है आखिरी वीडियो में छात्रा ने कहा- “गुरुजी ने बहुत मारा था” मामले में प्रधानाध्यापक और आरोपी शिक्षक निलंबित किए गए हैं पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है1