सागर मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक सागर मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक सागर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्र. 2, सागर में बुधवार को विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मलेरिया उन्मूलन विभाग, मकरोनिया, सागर के सुशील यादव ने विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया के कारण, लक्षण, संक्रमण के माध्यम तथा इनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव तथा अपने आसपास स्वच्छ एवं मच्छरमुक्त वातावरण बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और स्वच्छता अपनाना मच्छरजनित रोगों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इन रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मनीष कुमार गुप्ता विनोद सोनकर, श्रीमती कल्याणी साह एवं श्रीमती पूजा यादव सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।
सागर मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक सागर मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक सागर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्र. 2, सागर में बुधवार को विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मलेरिया उन्मूलन विभाग, मकरोनिया, सागर के सुशील यादव ने विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया के कारण, लक्षण, संक्रमण के माध्यम तथा इनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मलेरिया एवं
चिकनगुनिया से बचाव तथा अपने आसपास स्वच्छ एवं मच्छरमुक्त वातावरण बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और स्वच्छता अपनाना मच्छरजनित रोगों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इन रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मनीष कुमार गुप्ता विनोद सोनकर, श्रीमती कल्याणी साह एवं श्रीमती पूजा यादव सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।
- सागर मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक सागर मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक सागर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्र. 2, सागर में बुधवार को विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मलेरिया उन्मूलन विभाग, मकरोनिया, सागर के सुशील यादव ने विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया के कारण, लक्षण, संक्रमण के माध्यम तथा इनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव तथा अपने आसपास स्वच्छ एवं मच्छरमुक्त वातावरण बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और स्वच्छता अपनाना मच्छरजनित रोगों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इन रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मनीष कुमार गुप्ता विनोद सोनकर, श्रीमती कल्याणी साह एवं श्रीमती पूजा यादव सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।2
- कानून के दायरे में रहकर ही काम करें, अन्यथा कि स्थिति में आप स्वयं जिम्मेदार होंगे कानून व्यवस्था बनाए रखने की सागर पुलिस अधीक्षक ने की अपील1
- गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार गौरझामर में बैंक के चक्कर काट रहा 18 वर्ष से अधिक उम्र का दिव्यांग बालक, 4 साल बाद भी नहीं हुआ खाते का सुधार आधार में दर्ज मोबाइल नंबर दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक, KYC के अभाव में एक साल से रुकी विकलांग पेंशन गौरझामर। सेंट्रल बैंक शाखा गौरझामर से जुड़ा एक मामला बैंकिंग व्यवस्था और खाताधारक की परेशानियों पर सवाल खड़े कर रहा है। 18 वर्ष से अधिक उम्र का यह दिव्यांग बालक पिछले करीब चार वर्षों से अपने बैंक खाते में सुधार के लिए बैंक शाखा के चक्कर काट रहा है, लेकिन समस्या अब तक जस की तस बनी हुई है। बताया गया है कि आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर ही बैंक खाते से लिंक होना आवश्यक है, लेकिन इस बालक के मामले में आधार से संबंधित मोबाइल नंबर उसी बैंक में किसी अन्य प्रदेश के दूसरे खाताधारक के खाते से लिंक है। स्थिति यह है कि उस खाते में होने वाले लेनदेन के SMS भी इस मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो रहे हैं। इस संबंध में वर्ष 2022 में लिखित रूप से तत्कालीन शाखा प्रबंधक को सूचना दिए जाने का दावा किया गया है, लेकिन वर्ष 2026 में भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। अब पेंशन पर पड़ा सीधा असर मामला उस समय और गंभीर हो गया जब इस बालक को मिलने वाली विकलांग पेंशन KYC पूरी नहीं होने के कारण पिछले वर्ष से रुक गई। KYC के लिए सामान्यतः दो विकल्प सामने आते हैं— 1. बायोमैट्रिक: फिंगर कैप्चर के माध्यम से 2. OTP: पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी करना। बालक के हाथ शारीरिक रूप से मुड़े होने के कारण बायोमैट्रिक मशीन पर फिंगर कैप्चर नहीं हो पा रहे हैं। वहीं OTP जिस मोबाइल नंबर पर आना चाहिए, वह नंबर किसी अन्य खाताधारक के खाते से लिंक होने के कारण बालक को OTP प्राप्त नहीं हो रही है। चार साल में समाधान नहीं, आखिर जवाबदारी किसकी? एक ओर दिव्यांग बालक बैंक की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगातार शाखा के चक्कर लगा रहा है, दूसरी ओर उसके खाते से जुड़ी तकनीकी समस्या का समाधान वर्षों से लंबित है। अब सवाल यह है कि यदि 2022 में लिखित सूचना दिए जाने के बावजूद 2026 तक बैंक खाते की स्थिति नहीं सुधरी, तो इस देरी की जवाबदारी किसकी है? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि KYC की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद एक दिव्यांग खाताधारक को अपनी पेंशन के लिए इतने वर्षों तक बैंक के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं? बैंक प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खाते की मोबाइल लिंकिंग एवं KYC की समस्या का तत्काल निराकरण कर पेंशन संबंधी परेशानी दूर की जाए। GAG News | जनहित में सवाल संपादक – गौसेवक अखलेश गौरझामर1
- बुंदेली सॉन्ग शक्कर की महगाई पर स्पेशल गाना2
- सड़क किनारे खड़े दंपति में कार ने मारी टक्कर, हादसे का वीडियो हुआ वायरल पेट्रोल पम्प के सामने सड़क किनारे खड़े दंपति को सामने से आ रहे तेज रफ्तार अनियंत्रित कार टक्कर मारते हुये खड्डे में जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में ग्रामीणों को मामूली चोटें आयीं कोई गंभीर घायल नहीं हुआ। इस हादसे का वीडियो पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में कैद हो गया। मामला बीते 31 अगस्त का बताया जा रहा है जो थाना मदनपुर अंतर्गत ग्राम दिदोनिया स्थित पेट्रोल पंप के सामने का है जिसमें घायल हुये बाइक सवार दंपति मध्यप्रदेश के निवासी बताए हैं वहीं कार कस्बा मड़ावरा को बताई गई है। इस प्रकरण के बावत थानाध्यक्ष मदनपुर राजपाल सिंह ने बताया कि मामले में कोई गंभीर चोटिल नहीं हुआ और दोनों पक्षों के बीच राजीनामा होने से किसी ने कोई शिकायती पत्र पुलिस को नहीं सौंपा है।1
- *पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर में चार बच्चे कुपोषण की SAM श्रेणी में चिन्हित, एक को NRC में कराया भर्ती* लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर में चार बच्चे कुपोषण की SAM श्रेणी में चिन्हित, एक को NRC में कराया भर्ती* बीना। शासन के निर्देशानुसार 29 अगस्त से 4 सितंबर तक बच्चों के लिए पोषण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग बीना शहरी एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त समन्वय से बुधवार को पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बच्चों का वजन, लंबाई एवं MUAC टेप से माप लेकर पोषण स्तर का आकलन किया गया। इसके साथ ही बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। शिविर में बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल, परियोजना अधिकारी श्रीमती प्रभा चतुर्वेदी, एफडी अलीफा खान सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। स्वास्थ्य एवं पोषण परीक्षण के दौरान चार बच्चों को कुपोषण की SAM (गंभीर तीव्र कुपोषण) श्रेणी में चिन्हित किया गया। इनमें से एक बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराया गया, ताकि उसे आवश्यक उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराया जा सके। लापरवाही बरतने वाली कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई शिविर में कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में रुचि नहीं लेने और अपने क्षेत्र से एक भी बच्चे को शिविर में जांच के लिए नहीं लाने का मामला सामने आया। इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना एवं कार्य में लापरवाही मानते हुए परियोजना अधिकारी द्वारा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के दो दिवस का मानदेय काटने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा शासन के निर्देशों के अनुसार शिविरों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी की जाएगी।1
- *पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर में चार बच्चे कुपोषण की SAM श्रेणी में चिन्हित, एक को NRC में कराया भर्ती* लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर में चार बच्चे कुपोषण की SAM श्रेणी में चिन्हित, एक को NRC में कराया भर्ती* बीना। शासन के निर्देशानुसार 29 अगस्त से 4 सितंबर तक बच्चों के लिए पोषण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग बीना शहरी एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त समन्वय से बुधवार को पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बच्चों का वजन, लंबाई एवं MUAC टेप से माप लेकर पोषण स्तर का आकलन किया गया। इसके साथ ही बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। शिविर में बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल, परियोजना अधिकारी श्रीमती प्रभा चतुर्वेदी, एफडी अलीफा खान सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। स्वास्थ्य एवं पोषण परीक्षण के दौरान चार बच्चों को कुपोषण की SAM (गंभीर तीव्र कुपोषण) श्रेणी में चिन्हित किया गया। इनमें से एक बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराया गया, ताकि उसे आवश्यक उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराया जा सके। लापरवाही बरतने वाली कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई शिविर में कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में रुचि नहीं लेने और अपने क्षेत्र से एक भी बच्चे को शिविर में जांच के लिए नहीं लाने का मामला सामने आया। इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना एवं कार्य में लापरवाही मानते हुए परियोजना अधिकारी द्वारा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के दो दिवस का मानदेय काटने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा शासन के निर्देशों के अनुसार शिविरों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी की जाएगी।1
- नवागत सीईओ जिला पंचायत सागर श्री जगदीश कुमार गोमे ने संभाला कार्यभार पदभार ग्रहण के पहले ही दिन सीईओ जिला पंचायत श्री जगदीश कुमार गोमे ने ली ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जगदीश कुमार गोमे ने कार्यभार ग्रहण किया। श्री गोमे वर्ष 2016 बैच के IAS अधिकारी हैं। इसके पूर्व वे बालाघाट, भिण्ड, बड़वानी, कटनी एवं सिंगरौली जिला पंचायत में CEO के पद पर पदस्थ रहे हैं। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने VB-G RAM G, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, नल-जल, वाटरशेड, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, 15वां वित्त एवं एसआरएलएम की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्रस्तुत जानकारी तथ्यात्मक एवं अद्यतन हो तथा कम प्रगति के वास्तविक कारण स्पष्ट रूप से बताए जाएं। VB-G RAM G के अंतर्गत श्रमिक नियोजन की समीक्षा में जनपद पंचायत मालथौन, केसली, रहली, खुरई, देवरी एवं बण्डा में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर संबंधित सीईओ जनपद को सेक्टर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर सतत मॉनीटरिंग कर नियमानुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रगतिरत कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना में एफटीओ एवं लंबित प्रथम किस्त की पेंडेंसी शीघ्र समाप्त करने तथा प्रतिदिन ग्रामवार हितग्राहियों की मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। राज्य स्तर से तकनीकी कारणों से प्रकरण लंबित होने पर तत्काल पत्राचार कर निराकरण कराने को कहा। नल-जल योजनाओं के हस्तांतरण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कराने तथा शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों में पानी समितियों का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जीपीडी गुणवत्तापूर्ण रूप से एक सप्ताह में अपलोड करने तथा प्रगतिरत आंगनबाड़ी, सामुदायिक एवं पंचायत भवनों को शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। अप्रारंभ कार्यों का स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के कार्यों की समीक्षा करते हुए अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने तथा निरस्तीकरण योग्य कार्यों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर कार्यों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने को कहा। सीएम हेल्पलाइन को प्राथमिकता देते हुए शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ अधिकतम शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने पदीय दायित्वों का निष्ठा, लगन एवं ईमानदारी से निर्वहन करने तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। बैठक में कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, उपयंत्री, सहायक यंत्री, जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारी, विकासखण्ड समन्वयक एवं एपीओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1