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चित्तौड़गढ़: घर में घुसे लंबे सांप का वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू मैघपुरा गांव में घर के अंदर घुसा विशालकाय सांप, दहशत में आया परिवार, वन विभाग की प्रशिक्षित टीम ने रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा
Hello Chittorgarh News
चित्तौड़गढ़: घर में घुसे लंबे सांप का वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू मैघपुरा गांव में घर के अंदर घुसा विशालकाय सांप, दहशत में आया परिवार, वन विभाग की प्रशिक्षित टीम ने रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा
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- असम में फिर बारिश; कश्मीर में हर 20 घंटे में फट रहे बादल नड्डा पहुंचे, कहा-हालात सुधरने में समय लगेगा नई दिल्ली | असम में स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई इलाके में रातभर हुई बारिश के कारण निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ से अब तक 89 की मौत हो चुकी है। जबकि पांच जिलों में 1.22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर में इस मानसून में और बागों को भारी नुकसान पहुंचा बादल फटने से जान-माल, मकानों है। यहां औसतन हर 20 घंटे में एक बार बादल फटने की घटना हुई है, जिसमें कम से कम एक मौत हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि नुकसान इतना व्यापक है कि हालात सामान्य होने में समय लगेगा और केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी। असम दौरे पर बुधवार को पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा। केरल में 26 मौतें, ओडिशा में 8.6 लाख लोग प्रभावित केरल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 26 लोगों की मौत हुई है और 27 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। ओडिशा में बाढ़ से 22 जिलों के करीब 8.63 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश से 153 सड़कें बंद हैं, 191 बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं और 58 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं।1
- पिछले कई सालो से फरार चल रहे आरोपी को किया ग्रीफ्तार निम्बाहेड़ा कोतवाली पुलिस1
- जेल में रंगरैलियां मनाने का वीडियो वायरल मामला तत्कालीन जेलर सहित 4 कार्मिक निलंबित जेल डीजी ने दिया आदेश1
- #चित्तौड़गढ़# जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें पहले एक एंड्रॉयड और एक कीपैड मोबाइल बरामद हुए। इसके दो दिन बाद फिर एक कीपैड मोबाइल दूध की थैली में छिपा हुआ मिला, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। जांच का एक अहम पहलू जेल में हुई दाल-बाटी पार्टी भी रही। जेल में बंदियों के भोजन के लिए निर्धारित भोजन सारणी में दाल-बाटी शामिल नहीं है। इसके बावजूद वीडियो में कई बंदी एक साथ दाल-बाटी खाते दिखाई दिए। वीडियो में दिखाई दे रही भोजन की मात्रा भी निर्धारित संख्या से अधिक प्रतीत हो रही है, जिससे यह जांच का विषय बन गया है कि यह भोजन बंदियों तक कैसे पहुंचा। जेलर बीना मीणा ने बताया कि वायरल वीडियो में बंदी अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि जिस दिन वीडियो बनाया गया, उस दिन जेल स्टाफ के विदाई कार्यक्रम के लिए दाल-बाटी तैयार कराई गई थी, बंदियों के लिए नहीं। मोबाइल बरामदगी, वायरल वीडियो और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर विभागीय जांच जारी है तथा आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। बताया गया कि ऊंकारलाल का तबादला पहले ही अलवर व महेंद्रसिंह का तबादला उदयपुर हो चुका है। जांच के लिए जेल विभाग ने उच्चाधिकारियों को भी भेजा था। जिला कारागृह में बंदियों द्वारा जेल परिसर में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गत 24 जुलाई को जिला कारागृह के कारापाल लोक उज्जवल सिंह राठौड़ ने प्रकरण दर्ज करवाया था। वायरल वीडियो में नजर आ रहे बंदियों से पूछताछ करने पर ए वार्ड के सेल नं. 3 में विचाराधीन बंदी मोहित पुत्र दलवीर सिंह की निशानदेही पर ए वार्ड के सेल्स के सामने एसटीडी कक्ष के अंदर स्टोर रूम से मोबाइल फोन जब्त किया। पुलिस ने बताया कि मोहित पुत्र दलवीर सिंह निवासी फरसमान खास थाना मेहम जिला रोहतक (हरियाणा), भैरूलाल गुर्जर पुत्र हेमराज निवासी दौला जी खेड़ा थाना गंगरार, सत्यनारायण पुत्र उदयराम गुर्जर निवासी बेंठा थाना गंगरार, प्रहलाद राय गुर्जर पुत्र भंवरलाल निवासी मायराघाटा थाना विजयनगर, शोभालाल पुत्र नन्दलाल उर्फ नन्दा निवासी बेंठा थाना गंगरार, विनोद गुर्जर पुत्र रतनलाल निवासी महादेव वाली गली कान्या खेड़ी थाना हमीरगढ़ जिला भीलवाड़ा, हर्षवर्धन सिंह पुत्र केसर सिंह राजपूत निवासी सिंघाना तहसील राशमी, नारायणलाल पुत्र जमनालाल सुथार निवासी जयसिंहपुरा थाना बस्सी, दशरथ पुत्र मांगीलाल गुर्जर निवासी सांगरिया थाना निकुम्भ तथा मनोहरलाल पुत्र किशनलाल जाट निवासी हाथियाना थाना कपासन को गिरफ्तार किया जा चुका है।1
- नीमच जिले में जर्जर स्कूल भवन बना खतरा, बच्चों की पढ़ाई पर लगा ताला विद्यालय की जर्जर इमारत अब मासूम बच्चों की जान के लिए खतरा बन गई है। नीमच जिले की मनासा विधानसभा के ग्राम मालखेड़ा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छत से लगातार प्लास्टर और मलबा गिर रहा है। हादसे की आशंका के चलते स्कूल में ताला लगाना पड़ा, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिसर में फैली गंदगी से स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मांग की है कि भवन की तत्काल मरम्मत या नए सुरक्षित विद्यालय की व्यवस्था की जाए।1
- चित्तौड़गढ़: घर में घुसे लंबे सांप का वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू मैघपुरा गांव में घर के अंदर घुसा विशालकाय सांप, दहशत में आया परिवार, वन विभाग की प्रशिक्षित टीम ने रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा1
- पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर पाक के बलूचिस्तान... हाथ से 70% क्षेत्र गया क्वेटा बलूचिस्तान पाक का सबसे बड़ा सूबा है। ये लगभग 45% क्षेत्र में फैला है। ईरान से इसकी सरहद लगती है। बलूचिस्तान में दूर-दूर तक खाली मैदान और रेगिस्तान हैं। यहां की वीरानगी में इन दिनों बागी तेवर और तेज हो गए हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाके अलग देश की मांग कर रहे हैं। हालात ये हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का बलूचिस्तान सूबे के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल केवल यह नहीं है कि पाकिस्तानी मुरखा बल कितने विद्रोहिया कात कर करते हैं या गिरफ्तार करते हैं। असली सरकार पुलिस स्टेशन खुले रख सकती है, हाईवे पर यातायात चला सकती है, बाजार और कारोबार सामान्य रख सकती है और लोगों को बिना डर के यात्रा करने की सुरक्षा दे सकती है? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके क्वेटा, खुजदार और मसतुंग जैसे शहरों में घुसकर पुलिस थानों और सरकारी - दफ्तरों पर हमले करते हैं। बीएलए के लड़ाके और पश्तून गुट - पर अस्थायी चौकियां बना रहे हैं और वाहनों की तलाशी लेते हैं। खुलेआम - वसूली भी होती है। यह सब बीएलए - फंड के लिए होता है। सड़कों बीएलए की एक आवाज पर बंद बीएलए के बंद के आह्वान पर सूना खुजदार शहर। गुस्सा... खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान की खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है। पाक के बलूचिस्तान... हाथ से 70% क्षेत्र गया क्वेटा बलूचिस्तान पाक का सबसे बड़ा सूबा है। ये लगभग 45% क्षेत्र में फैला है। ईरान से इसकी सरहद लगती है। बलूचिस्तान में दूर-दूर तक खाली मैदान और रेगिस्तान हैं। यहां की वीरानगी में इन दिनों बागी तेवर और तेज हो गए हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाके अलग देश की मांग कर रहे हैं। हालात ये हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का बलूचिस्तान सूबे के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल केवल यह नहीं है कि पाकिस्तानी मुरखा बल कितने विद्रोहिया कात कर करते हैं या गिरफ्तार करते हैं। असली सरकार पुलिस स्टेशन खुले रख सकती है, हाईवे पर यातायात चला सकती है, बाजार और कारोबार सामान्य रख सकती है और लोगों को बिना डर के यात्रा करने की सुरक्षा दे सकती है? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके क्वेटा, खुजदार और मसतुंग जैसे शहरों में घुसकर पुलिस थानों और सरकारी - दफ्तरों पर हमले करते हैं। बीएलए के लड़ाके और पश्तून गुट - पर अस्थायी चौकियां बना रहे हैं और वाहनों की तलाशी लेते हैं। खुलेआम - वसूली भी होती है। यह सब बीएलए - फंड के लिए होता है। सड़कों बीएलए की एक आवाज पर बंद बीएलए के बंद के आह्वान पर सूना खुजदार शहर। गुस्सा... खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान की खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है।1
- सीएम राइज (सांदीपनि) स्कूल निर्माण को लेकर पालक संघ का अल्टीमेटम, विधायक को सौंपा अंतिम ज्ञापन नीमच। सीएम राइज (सांदीपनि) विद्यालय भवन निर्माण कार्य 15 अगस्त से पहले शुरू कराने की मांग को लेकर पालक महासंघ और महिला विंग ने विधायक दिलीप सिंह परिहार को अंतिम ज्ञापन सौंपा। इससे पहले निर्माण स्थल पर मां सरस्वती का पूजन किया गया और रैली निकालकर शिक्षा के अधिकार तथा स्कूल निर्माण जल्द शुरू करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में सामाजिक संगठनों, पालकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विधायक ने भरोसा दिलाया कि ठेकेदार से लगातार संपर्क में हैं और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- पुर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने लगाया पक्षपात का आरोप; कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन भीलवाड़ा शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र पुर रोड पर प्रशासन और नगर विकास न्यास की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में व्यापारी दोपहर करीब 3 बजे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और द्वेषपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। व्यापारियों का आरोप है कि शहर के सौंदर्याकरण और यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर प्रशासन ने केवल चुनिंदा दुकानों पर कार्रवाई की, जबकि समान स्थिति में बने अन्य अतिक्रमणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उनका कहना है कि प्रभावित दुकानदारों को न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त पैमाइश कराई गई। बिना पूर्व सूचना के हुई तोड़फोड़ में कई दुकानों के शेड, साइनबोर्ड, डिस्प्ले काउंटर और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। ज्ञापन में व्यापारियों ने मांग की कि पूरे मामले की किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा संपूर्ण पुर रोड की चूना-लाइन डालकर विधिवत पैमाइश कराई जाए, ताकि सभी व्यापारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सके। व्यापारियों ने यह भी मांग उठाई कि जिन लोगों को कार्रवाई से आर्थिक नुकसान हुआ है, उनका सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आवश्यक है तो पूरे क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से अभियान चलाया जाए और भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले कम से कम 15 दिन का लिखित नोटिस देकर व्यापारियों को अपना पक्ष रखने और व्यवस्था सुधारने का अवसर दिया जाए।1