पुर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने लगाया पक्षपात का आरोप; कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन भीलवाड़ा शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र पुर रोड पर प्रशासन और नगर विकास न्यास की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में व्यापारी दोपहर करीब 3 बजे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और द्वेषपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। व्यापारियों का आरोप है कि शहर के सौंदर्याकरण और यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर प्रशासन ने केवल चुनिंदा दुकानों पर कार्रवाई की, जबकि समान स्थिति में बने अन्य अतिक्रमणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उनका कहना है कि प्रभावित दुकानदारों को न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त पैमाइश कराई गई। बिना पूर्व सूचना के हुई तोड़फोड़ में कई दुकानों के शेड, साइनबोर्ड, डिस्प्ले काउंटर और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। ज्ञापन में व्यापारियों ने मांग की कि पूरे मामले की किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा संपूर्ण पुर रोड की चूना-लाइन डालकर विधिवत पैमाइश कराई जाए, ताकि सभी व्यापारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सके। व्यापारियों ने यह भी मांग उठाई कि जिन लोगों को कार्रवाई से आर्थिक नुकसान हुआ है, उनका सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आवश्यक है तो पूरे क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से अभियान चलाया जाए और भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले कम से कम 15 दिन का लिखित नोटिस देकर व्यापारियों को अपना पक्ष रखने और व्यवस्था सुधारने का अवसर दिया जाए।
पुर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने लगाया पक्षपात का आरोप; कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन भीलवाड़ा शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र पुर रोड पर प्रशासन और नगर विकास न्यास की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में व्यापारी दोपहर करीब 3 बजे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और द्वेषपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। व्यापारियों का आरोप है कि शहर के सौंदर्याकरण और यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर प्रशासन ने केवल चुनिंदा दुकानों पर कार्रवाई की, जबकि समान स्थिति में बने अन्य अतिक्रमणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उनका कहना है कि प्रभावित दुकानदारों को न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त पैमाइश कराई गई। बिना पूर्व सूचना के हुई तोड़फोड़ में कई दुकानों के शेड, साइनबोर्ड, डिस्प्ले काउंटर और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। ज्ञापन में व्यापारियों ने मांग की कि पूरे मामले की किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा संपूर्ण पुर रोड की चूना-लाइन डालकर विधिवत पैमाइश कराई जाए, ताकि सभी व्यापारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सके। व्यापारियों ने यह भी मांग उठाई कि जिन लोगों को कार्रवाई से आर्थिक नुकसान हुआ है, उनका सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आवश्यक है तो पूरे क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से अभियान चलाया जाए और भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले कम से कम 15 दिन का लिखित नोटिस देकर व्यापारियों को अपना पक्ष रखने और व्यवस्था सुधारने का अवसर दिया जाए।
- भीलवाड़ा: विधायक अशोक कुमार कोठारी की जनसुनवाई में उमड़े लोग, विकास कार्यों पर हुई चर्चा । क्राईम न्यूज एवं राजस्थान धरा न्यूज संपादक कुमार प्रवीण सेन भीलवाड़ा। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक कांचीपुरम गेट स्थित निम्बार्क आश्रम के पास विधायक कार्यालय में नियमित जनसुनवाई कर रहे हैं। इस दौरान वे आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं। आज की जनसुनवाई में नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण डाड, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य भगवान सिंह चौहान एवं निगम के पूर्व महापौर रामनाथ योगी भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर अपने सुझाव दिए तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। विधायक अशोक कुमार कोठारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आमजन की हर उचित समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।3
- “जल बचाओ” सिर्फ पोस्टरों में, गंगरार में विभाग खुद बहा रहा हजारों लीटर पानी गंगरार एक ओर सरकार जल संरक्षण और हर बूंद बचाने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर जलदाय विभाग की लापरवाही से प्रतिदिन हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बह रहा है। पंचायत समिति रोड स्थित निजी पेट्रोल पंप के पास लगे जलदाय विभाग के नलकूप की पाइपलाइन लंबे समय से लीकेज है, जिससे लगातार पानी सड़क पर बह रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से पानी बर्बाद हो रहा है, लेकिन विभाग ने अब तक मरम्मत नहीं कराई। इससे न केवल पेयजल की बर्बादी हो रही है, बल्कि सड़क पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति भी बन रही है। लोगों ने विभाग से तत्काल लीकेज ठीक कर पानी की बर्बादी रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- Bhilwara : ANTF और तस्करों के बीच मुठभेड़, गोली लगने से एक तस्कर की मौत #BhilwaraPolice #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee1
- डीएसटी की बड़ी कार्रवाई, 25 हजार रुपये का इनामी वांछित आरोपी गिरफ्तार। दैनिक वीरधरा राजस्थान। चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना सांचौर, जिला जालोर के आबकारी एक्ट के प्रकरण में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी फरार आरोपी नवरत्न वैष्णव को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था तथा अहमदाबाद (गुजरात) में टेम्पू चलाकर मजदूरी करते हुए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि ईनामी आरोपी गिरफ्तार करने हेतु डीएसटी के एएसआई सूरजकुमार मय जाब्ता एएसआई राजकुमार (साइबर सेल) कांस्टेबल अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, जगदीश,।रामकेश की टीम गठित की गई जरिए मुखबिर द्वारा एएसआई सूरज कुमार को सूचना मिली कि पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर के आबकारी एक्ट में फरार आरोपी नवरत्न पिता भेरू दास वैष्णव निवाशी कश्मोर थाना चंदेरिया जो वर्तमान में अहमदाबाद गुजरात में टेम्पू चलाकर मजदूरी कार्य करता है आज अपने गांव में आयेगा सूचना विश्वसनीय होने से पुलिस टीम मुताबिक सूचना मुखबिर की जगह पहुंचे जहां उक्त नवरत्न वैष्णव मिला जिसको डिटेन किया और डिटेन करने की सूचना थाना सांचौर जिला जालोर को दी गई। । आरोपी को पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर के 25,000 ईनामी होंने से नियमानुसार अग्रिम अनुसंधान हेतु पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर को सिपुर्द किया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी में पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर के ए एस आई सुरेन्द्र सिंह एवं कांस्टेबल जयंती लाल का भी योगदान रहा।1
- पुर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने लगाया पक्षपात का आरोप; कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन भीलवाड़ा शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र पुर रोड पर प्रशासन और नगर विकास न्यास की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में व्यापारी दोपहर करीब 3 बजे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और द्वेषपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। व्यापारियों का आरोप है कि शहर के सौंदर्याकरण और यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर प्रशासन ने केवल चुनिंदा दुकानों पर कार्रवाई की, जबकि समान स्थिति में बने अन्य अतिक्रमणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उनका कहना है कि प्रभावित दुकानदारों को न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त पैमाइश कराई गई। बिना पूर्व सूचना के हुई तोड़फोड़ में कई दुकानों के शेड, साइनबोर्ड, डिस्प्ले काउंटर और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। ज्ञापन में व्यापारियों ने मांग की कि पूरे मामले की किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा संपूर्ण पुर रोड की चूना-लाइन डालकर विधिवत पैमाइश कराई जाए, ताकि सभी व्यापारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो सके। व्यापारियों ने यह भी मांग उठाई कि जिन लोगों को कार्रवाई से आर्थिक नुकसान हुआ है, उनका सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आवश्यक है तो पूरे क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से अभियान चलाया जाए और भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले कम से कम 15 दिन का लिखित नोटिस देकर व्यापारियों को अपना पक्ष रखने और व्यवस्था सुधारने का अवसर दिया जाए।1