Shuru
Apke Nagar Ki App…
Delhi
Masoom gujjar
Delhi
- Masoom gujjarशामली, शामली, उत्तर प्रदेश🤝2 hrs ago
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- सूफ़ीज़्म इस्लाम की वह आध्यात्मिक धारा है जो बाहरी रस्मों से ऊपर उठकर दिल की सच्चाई और इंसानियत को सबसे ऊँचा स्थान देती है। सूफ़ी दर्शन का मूल मंत्र "इंसानियत सबसे ऊपर" है। सूफ़ी संतों का मानना था कि ईश्वर की खोज नाम, रूप या धर्म की दीवारों में नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और मानव सेवा में छिपी है। हज़रत रूमी के अनुसार जब मनुष्य अपने अंदर के झूठे अहंकार को तोड़ देता है, तब वह पूरे ब्रह्मांड से जुड़ जाता है। सूफ़ी सिलसिलों में ज़िक्र, ध्यान और समा (संगीत) के माध्यम से साधक स्वयं को भूलकर ईश्वर और सृष्टि में विलीन हो जाता है, जिससे हिंदू-मुस्लिम या ऊँच-नीच का भेद समाप्त होकर केवल इंसानियत रह जाती है। भारत में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, निज़ामुद्दीन औलिया, बुल्ले शाह और शाह लतीफ़ जैसे महान सूफ़ियों ने मज़हब की संकीर्णता को तोड़कर लोगों को सिखाया कि सबसे बड़ा धर्म इंसानियत ही है। उनकी दरगाहें आज भी बिना किसी जात-पात या पूजा-पाठ के बंधन के हिंदू और मुस्लिम सभी के लिए शरणस्थली बनी हुई हैं। आज के विभाजित और तनावपूर्ण समय में सूफ़ी संतों की यह शिक्षा और भी प्रासंगिक हो जाती है कि अपने दिल को इतना चौड़ा करो कि सारी दुनिया उसमें समा जाए। सूफ़ीज़्म हमें याद दिलाता है कि धर्म का अंतिम लक्ष्य मनुष्य को मानव बनाना है, न कि उसे किसी खांचे में कैद करना।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना भवन में छात्रों का तिलक और कलावा हटवाए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कॉलेज के मुस्लिम योगा टीचर द्वारा छात्र-छात्राओं का तिलक और कलावा हटवाने की घटना से नाराज एबीवीपी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा काटा। मामले के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुस्लिम योगा टीचर को हटा दिया है।1
- शामली जिले के तितौली गांव में इसे आजाद कर दिया गया है। इस कदम के बाद लोगों से इसे लाइक और सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इसके साथ ही कमेंट सेक्शन में यह राय मांगी गई है कि यह काम अच्छा किया गया या गलत।1
- सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के संबंध में दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत के इस कदम के बाद अब यह सवाल और चिंता खड़ी हो गई है कि आगे जनता का क्या हाल होगा।1
- सदन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं, बल्कि यह युवाओं, छात्रों और नौजवानों का मुद्दा है। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा, “क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?”1
- मगरमच्छ द्वारा एक बच्चे को जिंदा निगल जाने की घटना पर योगी आदित्यनाथ बेहद आहत दिखे हैं। इस दुखद हादसे के सामने आने के बाद उन्होंने बरसात के मौसम में लोगों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की है।1
- Delhi2