Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना भवन में छात्रों का तिलक और कलावा हटवाए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कॉलेज के मुस्लिम योगा टीचर द्वारा छात्र-छात्राओं का तिलक और कलावा हटवाने की घटना से नाराज एबीवीपी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा काटा। मामले के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुस्लिम योगा टीचर को हटा दिया है।
P7tv
उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना भवन में छात्रों का तिलक और कलावा हटवाए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कॉलेज के मुस्लिम योगा टीचर द्वारा छात्र-छात्राओं का तिलक और कलावा हटवाने की घटना से नाराज एबीवीपी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा काटा। मामले के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुस्लिम योगा टीचर को हटा दिया है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- सूफ़ीज़्म इस्लाम की वह आध्यात्मिक धारा है जो बाहरी रस्मों से ऊपर उठकर दिल की सच्चाई और इंसानियत को सबसे ऊँचा स्थान देती है। सूफ़ी दर्शन का मूल मंत्र "इंसानियत सबसे ऊपर" है। सूफ़ी संतों का मानना था कि ईश्वर की खोज नाम, रूप या धर्म की दीवारों में नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और मानव सेवा में छिपी है। हज़रत रूमी के अनुसार जब मनुष्य अपने अंदर के झूठे अहंकार को तोड़ देता है, तब वह पूरे ब्रह्मांड से जुड़ जाता है। सूफ़ी सिलसिलों में ज़िक्र, ध्यान और समा (संगीत) के माध्यम से साधक स्वयं को भूलकर ईश्वर और सृष्टि में विलीन हो जाता है, जिससे हिंदू-मुस्लिम या ऊँच-नीच का भेद समाप्त होकर केवल इंसानियत रह जाती है। भारत में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, निज़ामुद्दीन औलिया, बुल्ले शाह और शाह लतीफ़ जैसे महान सूफ़ियों ने मज़हब की संकीर्णता को तोड़कर लोगों को सिखाया कि सबसे बड़ा धर्म इंसानियत ही है। उनकी दरगाहें आज भी बिना किसी जात-पात या पूजा-पाठ के बंधन के हिंदू और मुस्लिम सभी के लिए शरणस्थली बनी हुई हैं। आज के विभाजित और तनावपूर्ण समय में सूफ़ी संतों की यह शिक्षा और भी प्रासंगिक हो जाती है कि अपने दिल को इतना चौड़ा करो कि सारी दुनिया उसमें समा जाए। सूफ़ीज़्म हमें याद दिलाता है कि धर्म का अंतिम लक्ष्य मनुष्य को मानव बनाना है, न कि उसे किसी खांचे में कैद करना।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना भवन में छात्रों का तिलक और कलावा हटवाए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कॉलेज के मुस्लिम योगा टीचर द्वारा छात्र-छात्राओं का तिलक और कलावा हटवाने की घटना से नाराज एबीवीपी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा काटा। मामले के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुस्लिम योगा टीचर को हटा दिया है।1
- सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के संबंध में दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत के इस कदम के बाद अब यह सवाल और चिंता खड़ी हो गई है कि आगे जनता का क्या हाल होगा।1
- मुजफ्फरनगर में शेख समाज के लोगों द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाज के सदस्यों ने एकत्रित होकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।1
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित महावीर चौक पर जारी प्रदर्शन के दौरान एक नशे में धुत व्यक्ति के आपत्तिजनक शब्द कहने से कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। शराबी व्यक्ति की इस हरकत के बाद प्रदर्शनकारियों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। मामले की जानकारी देते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। पुलिस ने अपनी सूझबूझ से दोनों पक्षों को शांत कराकर कानून-व्यवस्था को बनाए रखा। उन्होंने बताया कि इसके बाद धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया और वर्तमान में क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।1
- मगरमच्छ द्वारा एक बच्चे को जिंदा निगल जाने की घटना पर योगी आदित्यनाथ बेहद आहत दिखे हैं। इस दुखद हादसे के सामने आने के बाद उन्होंने बरसात के मौसम में लोगों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की है।1
- Delhi2