359 मुखी शिवलिंग की कथा प्रतिदिन पूर्ण श्रावण श्रीकृष्ण गोविन्दाय नम शिवाय नम भगवान परशुराम श्रीराम भक्त हनुमंत नम शिवाय खाटूश्याम देवाय कृष्णाय वासुदेवाय नम का 27 बार सुबह दोपहर सांय पाठ कर एक पेड महादेव के नाम एक पेड अपने रामराज्य हिन्दु राष्ट्र भारत के नाम लगाकर पुण्य संकल्प पूर्ण करे। पंडित कुंजबिहारी.वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक 🌹🌺🌹 प्रियवन्धु ॐ नमो नारायणाय , ॐ नमः शिवाय , ॐविष्णवे नमः, हर-हर महादेव , वन्दे मातरम् । आप सपरिवार भगवान् शिवाशिव , भगवान् सीतारामजी व भगवान् लक्ष्मीनारायणजी की कृपा व दर्शन से अपने बाह्य व आंतरिक शत्रुओं का मर्दन करते हुए सतत उन्नति , प्रगति , समृद्धि व उत्कर्ष के पथ पर बढ़ते रहें । आप 359 मुख वाले शिवलिंग की कथा को पढ़कर , पढ़ाकर तथा इसके दर्शन से लाभान्वित हों और दूसरों को भी लाभान्वित करें । 🌹🌺🌹359 मुख वाले शिवलिंग की कथा🌹🌺🌹 प्राचीन समय की एक अद्भुत कथा है जो भगवान् शिव की महिमा और उनकी कृपा को दर्शाती है। यह कथा 359 मुख वाले शिवलिंग के चमत्कार और उसकी उत्पत्ति से जुड़ी है। बहुत समय पहले हिमालय की एक घाटी में एक घने जंगल के बीच एक ऋषि तपस्या कर रहे थे। ऋषि भगवान् शिव के अनन्य भक्त थे और हर रोज उनकी आराधना करते थे। उनकी तपस्या इतनी नियमित, संयमित व कठोर थी कि देवता भी उनके तप से प्रसन्न थे। लेकिन ऋषि को एक बड़ी चिंता सताती थी – वे चाहते थे कि भगवान् शिव का ऐसा प्रतीक हो, जिससे लोग उनकी महिमा और उनके अनंत स्वरूप को समझ सकें। एक दिन ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान् शिव ने प्रकट होकर उनसे वरदान माँगने को कहा। तब ऋषि ने भगवान् शिव से प्रार्थना की कि - हे भोलेनाथ ! हे श्रीराम भक्त ! उमापति ! हे कृपानिधान ! हे सर्वेश्वर ! हे विश्वनाथ ! हे पूर्णेश्वर ! हे दीनानाथ ! आप अनंत हैं , आपकी महिमा का वर्णन करना असंभव है। करोड़ों-करोड़ों शेषजी व सरस्वतीजी भी आपके गुणों का वर्णन करने में सक्षम नहीं हैं । यदि आपका मुझ पर विशेष अनुग्रह है तो आप मुझे कृपा करके ऐसा रूप दिखाइए , जिससे संसार आपके अनंत स्वरूप को देख सके और आपकी महिमा को समझ सके । भगवान् शिव ने मुस्कुराकर कहा - “ तथास्तु ! मैं तुम्हारी इच्छा अवश्य ही पूर्ण करूँगा। “ ऐसा कहकर भगवान् शिव अदृश्य हो गए। कुछ समय बाद उसी स्थान पर एक अद्भुत शिवलिंग प्रकट हुआ। इस शिवलिंग में 359 मुख (चेहरे) बने हुए थे , जो भगवान् शिव के विभिन्न रूपों और गुणों के प्रतीक थे। हर मुख अलग-अलग भंगिमा और भाव दर्शाता था। यह शिवलिंग भगवान् शिव के अनंत स्वरूप और उनकी अपार शक्तियों का प्रमाण था। ऊपरी चेहरों में भगवान् शिव के चेहरे और जटायें दिखाई देती हैं, जबकि निचले चेहरों में शिवजी ध्यान की मुद्रा में बैठे हुए दिखाई देते हैं । ऋषि ने उस शिवलिंग की पूजा-अर्चना शुरू की , और धीरे-धीरे वह स्थान एक पवित्र तीर्थ बन गया। भक्त दूर-दूर से आकर उस शिवलिंग के दर्शन करते और भगवान् शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते और इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही भक्तों को सभी पापों से मुक्ति मिलने लगी। 359 मुख वाले शिवलिंग की कथा हमें यह सिखाती है कि भगवान् शिव अनंत हैं और उनके रूपों का वर्णन करना मानव के लिए असंभव है। यह शिवलिंग उनकी व्यापकता, स्वभाव, समरसता, दयालुता , कृपालुता, करुणा , अखण्डता, प्रेम और शक्ति आदि का प्रतीक है। 359 मुख वाला शिवलिंग हमें यह प्रेरणा भी देता है कि भक्ति , विश्वास और तपस्या से भगवान् शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। वे अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं और उनकी हर चिंता को दूर करते हैं। जो भी देश- विदेश से आने वाला भक्त इस शिवलिंग की पूजा-अर्चना और दर्शन करता है , उसे भगवान् शिव की कृपा से मनोवांछित फल, इहलौकिक-पारलौकिक सुख , शांति , वैभव और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आश्चर्यजनित व विलक्षण जटिलता के साथ अंकित 359 मुख वाला शिवलिंग महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के हरिहरेश्वर मंदिर में स्थापित है । भीमा और सीमा दो नदियों के संगम पर स्थित यह मंदिर भारत के दो राज्यों कर्नाटक और महाराष्ट्र का मिलन बिन्दु है । यह शिवलिंग खुदाई के दौरान मिला था , तभी इसे मंदिर में स्थापित कर दिया गया था । यह शिवलिंग 1.99 मीटर ऊँचा , 4 मीटर परिधि वाला और 4500 किलोग्राम से अधिक वजन का है । धार्मिक, आध्यात्मिक जागृति व संस्कृति का यह मंदिर भगवान् शिव और विष्णु दोनों को समर्पित है , जो इसे अद्वितीय , भव्य व अलौकिक बनाता है - हर हर महादेव, हर हर नारायण ।🌹🌺🌹 एक पेड शिव महादेव के नाम अभियान सफल बनाए आज का एक पेड महादेव शिव परशुरामेश्वर पुरामहादेव के कृपापात्र से हमारे सृष्टि राष्ट्र भारत व विश्व धरातल पृथ्वी-जल संरक्षण संकल्प पूर्ण करेगा संरक्षण आह्वान संकल्प आगे बढाये संकलनकर्ता पंडित कुंजबिहारी.वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक मुरादनगर 🌹🌺🌹
359 मुखी शिवलिंग की कथा प्रतिदिन पूर्ण श्रावण श्रीकृष्ण गोविन्दाय नम शिवाय नम भगवान परशुराम श्रीराम भक्त हनुमंत नम शिवाय खाटूश्याम देवाय कृष्णाय वासुदेवाय नम का 27 बार सुबह दोपहर सांय पाठ कर एक पेड महादेव के नाम एक पेड अपने रामराज्य हिन्दु राष्ट्र भारत के नाम लगाकर पुण्य संकल्प पूर्ण करे। पंडित कुंजबिहारी.वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक 🌹🌺🌹 प्रियवन्धु ॐ नमो नारायणाय , ॐ नमः शिवाय , ॐविष्णवे नमः, हर-हर महादेव , वन्दे मातरम् । आप सपरिवार भगवान् शिवाशिव , भगवान् सीतारामजी व भगवान् लक्ष्मीनारायणजी की कृपा व दर्शन से अपने बाह्य व आंतरिक शत्रुओं का मर्दन करते हुए सतत उन्नति , प्रगति , समृद्धि व उत्कर्ष के पथ पर बढ़ते रहें । आप 359 मुख वाले शिवलिंग की कथा को पढ़कर , पढ़ाकर तथा इसके दर्शन से लाभान्वित हों और दूसरों को भी लाभान्वित करें । 🌹🌺🌹359 मुख वाले शिवलिंग की कथा🌹🌺🌹 प्राचीन समय की एक अद्भुत कथा है जो भगवान् शिव की महिमा और उनकी कृपा को दर्शाती है। यह कथा 359 मुख वाले शिवलिंग के चमत्कार और उसकी उत्पत्ति से जुड़ी है। बहुत समय पहले हिमालय की एक घाटी में एक घने जंगल के बीच एक ऋषि तपस्या कर रहे थे। ऋषि भगवान् शिव के अनन्य भक्त थे और हर रोज उनकी आराधना करते थे। उनकी तपस्या इतनी नियमित, संयमित व कठोर थी कि देवता भी उनके तप से प्रसन्न थे। लेकिन ऋषि को एक बड़ी चिंता सताती थी – वे चाहते थे कि भगवान् शिव का ऐसा प्रतीक हो, जिससे लोग उनकी महिमा और उनके अनंत स्वरूप को समझ सकें। एक दिन ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान् शिव ने प्रकट होकर उनसे वरदान माँगने को कहा। तब ऋषि ने भगवान् शिव से प्रार्थना की कि - हे भोलेनाथ ! हे श्रीराम भक्त ! उमापति ! हे कृपानिधान ! हे सर्वेश्वर ! हे विश्वनाथ ! हे पूर्णेश्वर ! हे दीनानाथ ! आप अनंत हैं , आपकी महिमा का वर्णन करना असंभव है। करोड़ों-करोड़ों शेषजी व सरस्वतीजी भी आपके गुणों का वर्णन करने में सक्षम नहीं हैं । यदि आपका मुझ पर विशेष अनुग्रह है तो आप मुझे कृपा करके ऐसा रूप दिखाइए , जिससे संसार आपके अनंत स्वरूप को देख सके और आपकी महिमा को समझ सके । भगवान् शिव ने मुस्कुराकर कहा - “ तथास्तु ! मैं तुम्हारी इच्छा अवश्य ही पूर्ण करूँगा। “ ऐसा कहकर भगवान् शिव अदृश्य हो गए। कुछ समय बाद उसी स्थान पर एक अद्भुत शिवलिंग प्रकट हुआ। इस शिवलिंग में 359 मुख (चेहरे) बने हुए थे , जो भगवान् शिव के विभिन्न रूपों और गुणों के प्रतीक थे। हर मुख अलग-अलग भंगिमा और भाव दर्शाता था। यह शिवलिंग भगवान् शिव के अनंत स्वरूप और उनकी अपार शक्तियों का प्रमाण था। ऊपरी चेहरों में भगवान् शिव के चेहरे और जटायें दिखाई देती हैं, जबकि निचले चेहरों में शिवजी ध्यान की मुद्रा में बैठे हुए दिखाई देते हैं । ऋषि ने उस शिवलिंग की पूजा-अर्चना शुरू की , और धीरे-धीरे वह स्थान एक पवित्र तीर्थ बन गया। भक्त दूर-दूर से आकर उस शिवलिंग के दर्शन करते और भगवान् शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते और इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही भक्तों को सभी पापों से मुक्ति मिलने लगी। 359 मुख वाले शिवलिंग की कथा हमें यह सिखाती है कि भगवान् शिव अनंत हैं और उनके रूपों का वर्णन करना मानव के लिए असंभव है। यह शिवलिंग उनकी व्यापकता, स्वभाव, समरसता, दयालुता , कृपालुता, करुणा , अखण्डता, प्रेम और शक्ति आदि का प्रतीक है। 359 मुख वाला शिवलिंग हमें यह प्रेरणा भी देता है कि भक्ति , विश्वास और तपस्या से भगवान् शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। वे अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं और उनकी हर चिंता को दूर करते हैं। जो भी देश- विदेश से आने वाला भक्त इस शिवलिंग की पूजा-अर्चना और दर्शन करता है , उसे भगवान् शिव की कृपा से मनोवांछित फल, इहलौकिक-पारलौकिक सुख , शांति , वैभव और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आश्चर्यजनित व विलक्षण जटिलता के साथ अंकित 359 मुख वाला शिवलिंग महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के हरिहरेश्वर मंदिर में स्थापित है । भीमा और सीमा दो नदियों के संगम पर स्थित यह मंदिर भारत के दो राज्यों कर्नाटक और महाराष्ट्र का मिलन बिन्दु है । यह शिवलिंग खुदाई के दौरान मिला था , तभी इसे मंदिर में स्थापित कर दिया गया था । यह शिवलिंग 1.99 मीटर ऊँचा , 4 मीटर परिधि वाला और 4500 किलोग्राम से अधिक वजन का है । धार्मिक, आध्यात्मिक जागृति व संस्कृति का यह मंदिर भगवान् शिव और विष्णु दोनों को समर्पित है , जो इसे अद्वितीय , भव्य व अलौकिक बनाता है - हर हर महादेव, हर हर नारायण ।🌹🌺🌹 एक पेड शिव महादेव के नाम अभियान सफल बनाए आज का एक पेड महादेव शिव परशुरामेश्वर पुरामहादेव के कृपापात्र से हमारे सृष्टि राष्ट्र भारत व विश्व धरातल पृथ्वी-जल संरक्षण संकल्प पूर्ण करेगा संरक्षण आह्वान संकल्प आगे बढाये संकलनकर्ता पंडित कुंजबिहारी.वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्यदेव उपासक मुरादनगर 🌹🌺🌹
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- थाना क्षेत्र भोजपुर में दिल्ली से मेरठ जाने वाले एक्सप्रेसवे पर एक बाइक जिस पर तीन व्यक्ति सवार थे, तीनों की किसी वाहन दुर्घटना में मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भिजवा दिया गया है। प्राथमिक रूप से जाँच में यह बात प्रकाश में आई कि ज्ञान प्रकाश और उनके दो साथी मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं तथा वर्तमान में हरियाणा के झज्जर में रह रहे हैं। मौके पर जाँच की गई तो पाया गया कि बाइक का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह गाड़ी किसी आगे चल रही गाड़ी से टकरा गई थी। उनके बैग से एक शराब की बोतल भी मिली है जो कि आधी खाली थी। उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। अन्य वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। बाइट- श्री भास्कर वर्मा, सहायक पुलिस आयुक्त मोदीनगर1
- Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ के थाना पारा क्षेत्र अंतर्गत घटित घटना के संबंध में DCP डीसीपी पश्चिम बाइट...!!1
- वीरेंद्र कुमार पत्रकार नेशनल टुडे न्यूज़ `गाजियाबाद: मुरादनगर थाना प्रभारी ने किया गंगनहर कांवड़ मार्ग का निरीक्षण | PAC फ्लड टीम के साथ सुरक्षा का लिया जायजा` *कांवड़ यात्रा-2026 सुरक्षा निरीक्षण - थाना मुरादनगर *2. Anchor Intro - 8 सेकंड* *Anchor:* "कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद पुलिस अलर्ट है। आज मुरादनगर थाना प्रभारी ने PAC फ्लड टीम के साथ गंगनहर क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया।" *3. VO - 35 सेकंड* *VO:* "आज दिनांक 05.08.2026 को थाना मुरादनगर प्रभारी ने पुलिस बल और PAC की फ्लड टीम के साथ कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत गंगनहर और उसके आसपास के कांवड़ मार्ग का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उनका सुगम आवागमन कराना और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। थाना प्रभारी ने मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रूट पर बैरिकेडिंग, डायवर्जन, सीसीटीवी निगरानी और गोताखोरों की तैनाती समय से पूरी की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और मेडिकल सुविधा की भी पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।" *L-Third:* `मुरादनगर: गंगनहर कांवड़ मार्ग पर सख्त सुरक्षा | थाना प्रभारी ने किए निरीक्षण` *4. फुल स्क्रीन ग्राफिक्स* निरीक्षण: गंगनहर कांवड़ मार्ग, मुरादनगर दिनांक: 05.08.2026 टीम: थाना प्रभारी + पुलिस बल + PAC फ्लड टीम फोकस: सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, मेडिकल *5. Anchor Outro - 5 सेकंड* *Anchor:* "प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।" --- *6. सोशल मीडिया पोस्ट* `कांवड़ यात्रा 2026 🚩 मुरादनगर थाना प्रभारी ने PAC फ्लड टीम के साथ किया गंगनहर कांवड़ मार्ग का निरीक्षण। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के दिए निर्देश। पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में। #KanwarYatra2026 #Muradnagar #GhaziabadPolice #GangNaher #NationalTodayChannelHD` --- सर ये पॉजिटिव पुलिसिंग वाली न्यूज है। इसमें अगर थाना प्रभारी की बाइट मिल जाए तो 10 सेकंड जोड़ देंगे। इसी फॉर्मेट में VO बना दूं या शॉर्ट 30 सेकंड का वर्जन चाहिए?4
- पिता की मौत पर भी नहीं आई बेटियां, ऑनलाइन कराया अंतिम संस्कार,! समाज किस दिशा में जा रहा है, यह सवाल तब और गहरा हो जाता है जब बच्चों के पास अपने माता-पिता के अंतिम दर्शन के लिए भी समय नहीं होता। हरियाणा के सोनीपत से रिश्तों की सच्चाई को उजागर करने वाला एक ऐसा ही हृदय विदारक मामला सामने आया है। एक पिता ने अपनी बेटियों से मिलने की चाहत में दम तोड़ दिया, लेकिन बेटियों के पास पिता के अंतिम दर्शन के लिए भी समय नहीं था। वृद्ध आश्रम में रह रहे एक कपड़ा व्यापारी की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार में कोई अपना नहीं पहुंचा। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के रहने वाले कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता (74) करीब डेढ़ साल पहले अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ सोनीपत वृद्ध आश्रम में आए थे। उनका कोई बेटा नहीं था, उन्होंने अपनी तीन बेटियों को पढ़ा-लिखाकर कामयाब बनाया, जिनमें से दो को उन्होंने अध्यापिका बनाया। उनकी पत्नी मीना गुप्ता का पहले ही निधन हो चुका था। वृद्ध आश्रम के संचालक आनंद ने 20 दिन पहले शिवचरण रतन गुप्ता की बीमारी की सूचना दी थी!1