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अटेर विधायक हेमंत कटारे उन लोगों के बीच पहुँचे जो अधूरे चंबल पुल के निर्माण को लेकर धरने पर बैठे थे। विधायक ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
Tarun Dixit
अटेर विधायक हेमंत कटारे उन लोगों के बीच पहुँचे जो अधूरे चंबल पुल के निर्माण को लेकर धरने पर बैठे थे। विधायक ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
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- ग्वालियर के निवासियों को एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें भीख देने से पहले व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया है। इस सलाह के तहत, लोगों से विशेष रूप से यह आग्रह किया गया है कि वे नशे की लत वाले व्यक्तियों को पैसे न दें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान की गई मदद केवल सही और सच्चे ज़रूरतमंदों तक ही पहुँचे, ताकि उनका अधिकार किसी भी तरह से छिनने न पाए। सभी से ऐसे लोगों से सावधान रहने की हिदायत दी गई है।1
- जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम घुघस में 29 वर्षीय सीमा कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष का कहना है कि पति-पत्नी के बीच हुए मामूली विवाद के बाद सीमा ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय ग्वालियर पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं, मायके पक्ष ने इसे हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई रिंकू कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि सीमा दो दिन पहले ही अपने मायके मुरैना खुर्द से पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में ससुराल गई थी। उन्होंने ससुराल पक्ष पर लंबे समय से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का आरोप लगाया। रिंकू कुशवाहा का यह भी दावा है कि उन्हें घटना की सूचना करीब पांच घंटे बाद दी गई और जब वे मौके पर पहुंचे तो सीमा के मुंह से खून निकल रहा था और उसके दांत भी टूटे हुए थे। मृतका के मामा गुलाब सिंह कुशवाहा ने बताया कि सीमा के पति संदीप कुशवाहा की करीब छह-सात महीने पहले सचिव पद पर नौकरी लगने के बाद से उसकी प्रताड़ना बढ़ गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संदीप के किसी अन्य युवती से संबंध थे, जिसके कारण वह सीमा को परेशान करता था। परिवार का यह भी कहना है कि पहले भी दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौते कराए गए थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जौरा थाने में पदस्थ एसआई नरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि फिलहाल मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।1
- नगर में इन दिनों शादियों के चलते जाम की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। इस जाम का मुख्य कारण मैरिज गार्डनों में पार्किंग की व्यवस्था न होना और वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाना है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस की 112 वाहन भी इस जाम में फंस गई।1
- सेवढ़ा के सिंध नदी के भीकमपुरा घाट पर बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन का खेल सामने आया है, जहाँ रेत माफिया पनडुब्बी जैसी मशीनों और मोटर चालित उपकरणों का उपयोग करके नदी की गहराई से लगातार रेत निकाल रहे हैं। आरोप है कि इस अवैध गतिविधि के कारण नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीणों और जलजीवों के अस्तित्व पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन के चलते नदी के तल में 60 से 80 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात और सामान्य दिनों में इन गड्ढों का पता लगाना मुश्किल होता है, जिससे नदी किनारे जाने वाले ग्रामीण, पशुपालक और किसान हादसों का शिकार हो जाते हैं; पूर्व में कुछ किसानों की जान भी जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, नदी से अत्यधिक रेत निकालने से जल प्रवाह और भूजल स्तर प्रभावित होता है, साथ ही नदी की पारिस्थितिकी को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। पनडुब्बियों और सक्शन मशीनों के उपयोग से मछलियों, कछुओं और अन्य जलजीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं, जिससे उनकी जान जा रही है और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया दिन-रात इस काम में लगे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से भीकमपुरा घाट पर हो रहे इस अवैध रेत उत्खनन की निष्पक्ष जांच कराने, पनडुब्बियों और अन्य मशीनों के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो सिंध नदी का अस्तित्व और क्षेत्र का पर्यावरण खतरे में पड़ जाएगा।1
- जौरा शहर में एक दुकान पर नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद श्रम विभाग ने कार्रवाई करते हुए निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान पर नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए, जिसके उपरांत विभाग ने संबंधित दुकान संचालक के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। श्रम विभाग के अधिकारी लकी शिवारे ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और इसमें नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद दुकान संचालक को भविष्य में किसी भी नाबालिग बच्चे से काम न कराने की सख्त हिदायत दी गई। अधिकारी ने यह भी बताया कि बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी नाबालिग बच्चों से काम कराया जाता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।1
- इंदरगढ़ क्षेत्र में ग्वालियर रोड पर स्थित राजीव नगर मोड़ के आगे सड़क पर फैली गिट्टी और रेत लोगों की जान के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। यह स्थिति पिछले लगभग एक सप्ताह से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग ने इसे हटाने या इस ओर ध्यान देने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। गोराघाट और उचाड़ की दिशा से आने वाले दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना इस गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के मोड़ पर बिखरी इस गिट्टी और रेत के कारण बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। दुर्घटनाग्रस्त लोगों का स्पष्ट कहना है कि यही कारण है कि उनके वाहन असंतुलित हो रहे हैं और लगातार हादसे हो रहे हैं। इस समस्या से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सड़क से गिट्टी और रेत को हटाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े और गंभीर हादसे को होने से रोका जा सके। फिलहाल, यह सवाल जस का तस बना हुआ है कि प्रशासन इस जानलेवा समस्या पर कब ध्यान देगा और लोगों को इस खतरे से कब मुक्ति मिलेगी।1