Shuru
Apke Nagar Ki App…
नगर में इन दिनों शादियों के चलते जाम की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। इस जाम का मुख्य कारण मैरिज गार्डनों में पार्किंग की व्यवस्था न होना और वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाना है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस की 112 वाहन भी इस जाम में फंस गई।
KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
नगर में इन दिनों शादियों के चलते जाम की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। इस जाम का मुख्य कारण मैरिज गार्डनों में पार्किंग की व्यवस्था न होना और वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाना है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस की 112 वाहन भी इस जाम में फंस गई।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- नगर में इन दिनों शादियों के चलते जाम की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। इस जाम का मुख्य कारण मैरिज गार्डनों में पार्किंग की व्यवस्था न होना और वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाना है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस की 112 वाहन भी इस जाम में फंस गई।1
- भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं। विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करते थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर कब्जे में लिया और कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई जगह सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह का यह भी आरोप है कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ रखा गया और एक कार्यालयनुमा जगह पर रातभर बंद रखने के बाद छोड़ा गया। इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने का प्रयास भी किया गया, जिसे संबंधित अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया गया। घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस प्रकार की घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर बल दिया है, यह मानते हुए कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। उन्होंने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, यह सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- सांदीपनि विद्यालय परिसर में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को उत्साहपूर्ण माहौल के बीच उनके नवीन भवन में लाया गया और फिर कक्षाओं तक पहुँचाया गया। इस भव्य स्वागत से न केवल बच्चों में बल्कि उनके अभिभावकों और नगरवासियों में भी सांदीपनि विद्यालय के प्रति विशेष उत्साह और आकर्षण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य धनीराम कुशवाह ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर नियमित अध्ययन करने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने की महत्वपूर्ण सीख दी। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण भी किया गया। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाने के साथ-साथ अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत किया है। नगर में सांदीपनि विद्यालय के प्रति लगातार बढ़ता रुझान इस सफल आयोजन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- कानपुर में मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन दोनों युवकों के साथ फोटो और वीडियो बनवाने लगी। इसी दौरान एक युवक ने डिब्बा पकड़ने से इनकार करते हुए कहा, "जब मैंने चोरी ही नहीं की, तो डिब्बा कैसे पकड़ लें?" हालांकि, एसीएन भारत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- भांडेर तहसील के ग्राम ततारपुर में कलेक्टर के निर्देशानुसार और शासन की मंशा के तहत चलाए जा रहे "तहसील न्यायालय आपके द्वार" अभियान के तहत सोमवार दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। तहसीलदार सुनील भदौरिया के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे विभिन्न राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। साथ ही, किसान रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हुए किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 8 नामांतरण प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया और 7 नई फार्मर रजिस्ट्री तैयार की गईं, जिनमें कुल 150 खसरा नंबर जोड़े गए। इसके अतिरिक्त, 3 सीमांकन प्रकरणों में आदेश जारी किए गए, एक रास्ता विवाद का समाधान किया गया और अतिक्रमण से संबंधित 4 मामलों का भी मौके पर ही निराकरण किया गया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे। गांव स्तर पर राजस्व सेवाओं की उपलब्धता से ग्रामीणों ने अत्यधिक खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस अभियान को जनहित में एक प्रभावी पहल बताते हुए शासन-प्रशासन की सराहना की।1
- ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली का एक मामला सामने आया है। सहायक अधीक्षक डॉ. एम. एल. माहौर के वाहन से 'चेकिंग' के नाम पर ₹50 का शुल्क लिया गया, जिसे पार्किंग शुल्क बताया गया है। इस घटना ने अस्पताल परिसर में होने वाली शुल्क वसूली की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में मांग की गई है कि यदि यह वसूली निर्धारित नियमों, शर्तों और वैध रसीद के बिना की गई है, तो यह एक गंभीर विषय है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अस्पताल परिसर में कर्मचारियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से की जाने वाली किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली नियमों के अनुरूप और पूर्णतः पारदर्शी हो। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि पार्किंग शुल्क की वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जा रही है। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। जनहित में यह अपेक्षा भी की गई है कि भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था और शुल्क संबंधी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।1
- लखनऊ में एक लाइब्रेरी में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की भयावहता के चलते कई छात्र-छात्राओं को अपनी जान बचाने के लिए ऊपर से कूदना पड़ा। सूचना मिलते ही बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया, जो अभी भी जारी है।1