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जयपुर में बारिश के कारण सुरंग में लगा जाम लेकिन टू व्हीलर नो एंट्री जोन में भी गाड़ियां अंदर कैसे ? 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ जयपुर में बारिश के कारण सुरंग में लगा लंबा जाम जयपुर में तेज बारिश के चलते शहर की एक सुरंग में पानी भरने और वाहनों की अधिक भीड़ के कारण लंबा जाम लग गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि 👉 टू-व्हीलर नो एंट्री जोन होने के बावजूद कई दोपहिया वाहन सुरंग के अंदर नजर आए। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी बल्कि हादसे का खतरा भी बढ़ गया। 👉 प्रशासन की लापरवाही या नियमों की अनदेखी? यह सवाल अब खड़ा हो रहा है। 📢 ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें 👉 VK News Rajasthan चैनल को Follow करें
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जयपुर में बारिश के कारण सुरंग में लगा जाम लेकिन टू व्हीलर नो एंट्री जोन में भी गाड़ियां अंदर कैसे ? 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ जयपुर में बारिश के कारण सुरंग में लगा लंबा जाम जयपुर में तेज बारिश के चलते शहर की एक सुरंग में पानी भरने और वाहनों की अधिक भीड़ के कारण लंबा जाम लग गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि 👉 टू-व्हीलर नो एंट्री जोन होने के बावजूद कई दोपहिया वाहन सुरंग के अंदर नजर आए। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी बल्कि हादसे का खतरा भी बढ़ गया। 👉 प्रशासन की लापरवाही या नियमों की अनदेखी? यह सवाल अब खड़ा हो रहा है। 📢 ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें 👉 VK News Rajasthan चैनल को Follow करें
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- 🚨 बड़ी खबर | जयपुर 🚨 घाट गेट स्थित अंकुर सिनेमा के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रॉन्ग साइड से आ रहा एक ट्रैक्टर अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर ट्रैफिक जाम लग गया और राहगीरों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर तेज़ रफ्तार में गलत दिशा से आ रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। 🚧 क्रेन की मदद से हटाया गया ट्रैक्टर सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और क्रेन की सहायता से पलटे हुए ट्रैक्टर को हटाकर सड़क को साफ किया गया, जिसके बाद ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य हुआ। ⚠️ बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन? सड़क की खराब हालत? रॉन्ग साइड चलाने वाला ड्राइवर? या फिर प्रशासन की लापरवाही? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क की हालत काफी खराब है और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी आम बात हो गई है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। 👉 प्रशासन से मांग की जा रही है कि सड़क सुधार और ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालना करवाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। #Jaipur #RoadAccident #TrafficJam #BreakingNews1
- दौसा। कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रस्तावित MDR-48 को स्टेट हाईवे-78 में तब्दील कर सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क वर्ष 1979 में स्वीकृत हुई थी और 1984 में निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन डामरीकरण से पहले ही कार्य रुक गया, जो आज तक अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय अधिकांश भूमि का मुआवजा भी दिया जा चुका था, बावजूद इसके कुछ लोगों द्वारा स्टे लेने से निर्माण कार्य ठप हो गया। अब दोबारा कार्य शुरू कराने के प्रयासों में भी प्रशासन की ओर से उदासीनता बरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे तीसरी बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर नाप-जोख में अनियमितता के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि गिरदावर और पटवारी द्वारा तीन-चार बार नाप की गई, लेकिन हर बार अलग-अलग स्थानों पर निशान लगाए गए, जिससे लोगों में असंतोष है। ग्रामीणों ने इसे गलत तरीके से की गई नाप बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, कुण्डल सरपंच फूली देवी ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग के स्थान पर पहले से बरसाती नाला है, जिससे कई मकानों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज कर निर्माण करना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने गिनाए प्रस्तावित मार्ग के फायदे ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित स्टेट हाईवे-78 गांव के नजदीक से गुजरते हुए स्थानीय आवागमन को सुगम बनाएगा और मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित करेगा। यह मार्ग खोर्रा खुर्द, चौबड़ीवाला, सौरतलाई, बगड़ेड़ा, भावती, उरवाड़ी, कोलेश्वर, चांदेरा, रेहड़िया सहित कई गांवों को जोड़ेगा। साथ ही नारायणी माता रोड, भानगढ़, भर्तहरी धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा सड़क के जरिए स्कूल, पंचायत भवन, पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय और प्रस्तावित सीएचसी, पुलिस थाना व निर्माणाधीन तहसील भवन तक पहुंच सुगम होगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा। वर्तमान मार्ग को बताया अनुपयुक्त ग्रामीणों ने वर्तमान स्टेट हाईवे-78 मार्ग को तकनीकी दृष्टि से अनुपयुक्त बताया। उनका कहना है कि यह मार्ग प्राकृतिक बरसाती नाले से होकर गुजरता है, जहां 8-10 गांवों का पानी आता है, जिससे बारिश के समय गांव में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। साथ ही सड़क संकरी और घुमावदार होने से हादसों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, तारा प्रकाश शर्मा, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा, विमल बडाला, दिनेश शर्मा, रवि शर्मा, विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, शान्ति देवी, लडो देवी महवार, रोहिताश शर्मा, धर्मेन्द्र कोली, राकेश कोली, निक्की शर्मा, दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- सीगपुरा के हीरामन बाबा के मेले में उमड़े लोगः भंडारी के साथ हुआ मेले का समापन, कई ग्राम पंचायत से श्रद्धालु पहुंचे सैथल उपखंड मुख्यालय ग्राम पंचायत बिशनपुरा के सिगपुरा गांव में स्थित हीरामन बाबा का प्राचीन देव स्थान है। यहां पंचमी पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। हर साल की तरह इस साल भी मेले का आयोजन हुआ। मेले में दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर प्रसाद चढ़ाया। मंदिर की परिक्रमा लगाई और बाबा के दर्शन किए। हीरामन देव बाबा को अल सुबह से ही बाबा के भक्तों का आना शुरू हो गया, जो देर शाम तक अनवरत चला। साल में एक दिन लगने वाले इस मेले में करीबन हजार लोगों ने बाबा के दरबार में मत्था टेका।सेवक मुकेश कुमार गुर्जर ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि मंदिर की पांच परिक्रमा लगाने और भभूति लगाने से लोगों को पीलिया से मुक्ति मिल जाती है। यहां हर साल अमावस्या के बाद भाद्र भद्र पंचमी के दिन विशाल मेला लगता है और इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हीरामन बाबा के चमत्कारी स्थान की मान्यता के चलते साल भर में ग्राम पंचायत बिशनपुरा कालीपहाडी बडोली सिण्डोली कुण्डल कालोता जौपाडा खानभाकरी के कई क्षेत्र से स्थानों से बड़ी संख्या में लोग आते है। हीरामन देव बाबा स्थान मेले का समापन के भंडारी का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी पाई । इस मौके पर गांव के पंच पटेल मौजूद रहे।4
- यह कलश व शोभायात्रा यात्रा हीरामल महाराज के स्थान से रवाना होकर गांव की नगर परिक्रमा कर वापस हीरामल बाबा के स्थान पर पहुंची जहां पर ग्रामीणों के द्वारा कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया इस दौरान रात्रि में बाहर के कलाकारों के द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी इस दौरान महिलाएंओ ने कलश यात्रा में कलश लेकर डीजे की धुन पर नृत्य करती हुई कलश यात्रा में भाग लिया इस दौरान श्रद्धालुओं ने महाराज को ढोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया इस दौरान हीरामल बाबा के स्थान पर फूल बंगला झांकी सजाई गई और इसी कार्यक्रम के साथ आज मेले का आयोजन किया जाएगा जिसमें आसपास के गांवों के श्रद्धालु हीरामल बाबा के मेले में पहुंचेंगे इस दौरान गुडला रेवडमल,श्रीनारायण सैनी,नानगराम, कंचन सैनी,सत्यनारायण, जगदीश, महादेव सैनी, सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे2
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- जनगणना 2026 में आदिवासियों के लिए पृथक कॉलम की मांग महापंचायत ने राज्यपाल के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, सटीक आंकड़ों की आवश्यकता बताई1
- गंगापुर सिटी। जनगणना-2026 में आदिवासी समुदायों के लिए पृथक कॉलम निर्धारित करने की मांग को लेकर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में होने वाली जनगणना के आंकड़े नीतियों और योजनाओं के निर्धारण का आधार होते हैं, लेकिन वर्तमान प्रपत्रों में आदिवासी समुदायों की अलग पहचान के लिए स्पष्ट कॉलम का अभाव है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1871 से 1941 तक की जनगणनाओं में आदिवासी समुदायों की पृथक गणना होती रही थी, जिससे उनकी वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति का आकलन संभव था। वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं होने से आदिवासी समुदायों की सटीक पहचान प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासियों की अलग पहचान को मान्यता दी गई है और उनके पृथक आंकड़े संकलित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। महापंचायत ने तर्क दिया कि अनुसूचित जनजातियों की गणना को ही पूर्ण आदिवासी गणना मानना उचित नहीं है, क्योंकि कई समुदाय विभिन्न श्रेणियों में शामिल हैं। इससे आदिवासियों की परंपराओं, पहचान और संवैधानिक हिस्सेदारी पर प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि जनगणना 2026 में ‘आदिवासी कॉलम’ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आवश्यकताओं का सही आकलन हो सके। इससे योजनाओं और संसाधनों का वितरण भी अधिक न्यायसंगत हो सकेगा। अंत में चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक असंतोष उत्पन्न हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ जयपुर में बारिश के कारण सुरंग में लगा लंबा जाम जयपुर में तेज बारिश के चलते शहर की एक सुरंग में पानी भरने और वाहनों की अधिक भीड़ के कारण लंबा जाम लग गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि 👉 टू-व्हीलर नो एंट्री जोन होने के बावजूद कई दोपहिया वाहन सुरंग के अंदर नजर आए। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी बल्कि हादसे का खतरा भी बढ़ गया। 👉 प्रशासन की लापरवाही या नियमों की अनदेखी? यह सवाल अब खड़ा हो रहा है। 📢 ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें 👉 VK News Rajasthan चैनल को Follow करें1