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डीएम ने नानपारा के कालीकुण्डा मन्दिर का किया निरीक्षण, सम्बंधितों को दिया आवश्यक दिशा निर्देश बहराइच । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विधायक नानपारा राम निवास वर्मा के साथ तहसील नानपारा अन्तर्गत पर्यटन विभाग की ओर से कराये जा रहे पौराणिक कालीकुण्डा मन्दिर तालाब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने उपजिलाधिकारी नानपारा व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, नानपारा को निर्देशित किया गया कि उक्त निर्माण की सीमा अवधि निर्धारित कर प्रति सप्ताह कार्य का निरीक्षण करें तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी देखें। इसके अतिरिक्त विगत माह जल भराव की समस्या के सम्बन्ध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि नवनिर्मित नाले से पुराने नाले को जोड़ने हेतु आवश्यक एन.ओ.सी. प्राप्त करने की कार्यवाही तत्त्काल की जाये। साथ ही निर्माण कार्य की समय-समय पर समीक्षा करते रहे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रकाश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

17 hrs ago
user_Anil Kumar Chowdhry
Anil Kumar Chowdhry
Media Consultant नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

डीएम ने नानपारा के कालीकुण्डा मन्दिर का किया निरीक्षण, सम्बंधितों को दिया आवश्यक दिशा निर्देश बहराइच । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विधायक नानपारा राम निवास वर्मा के साथ तहसील नानपारा अन्तर्गत पर्यटन विभाग की ओर से कराये जा रहे पौराणिक कालीकुण्डा मन्दिर तालाब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने उपजिलाधिकारी नानपारा व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, नानपारा को निर्देशित किया गया कि उक्त निर्माण की सीमा अवधि निर्धारित कर प्रति सप्ताह कार्य का निरीक्षण करें तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी देखें। इसके अतिरिक्त विगत माह जल भराव की समस्या के सम्बन्ध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि नवनिर्मित नाले से पुराने नाले को जोड़ने हेतु आवश्यक एन.ओ.सी. प्राप्त करने की कार्यवाही तत्त्काल की जाये। साथ ही निर्माण कार्य की समय-समय पर समीक्षा करते रहे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रकाश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

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  • 11vi Shareef Nanpara (Gyarhvi Shareef)2026 URS Mubarak #naatsharif #naat #AnasRazaAttari #11viSharif #11viSarif #gyarhviShareef #gouseazam 11vi Shareef Nanpara (Gyarhvi Shareef)2026 URS Mubarak #naatsharif #naat #AnasRazaAttari #11viSharif #11viSarif #gyarhviShareef #gouseazam
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    11vi Shareef Nanpara (Gyarhvi Shareef)2026 URS Mubarak  #naatsharif  #naat #AnasRazaAttari #11viSharif #11viSarif #gyarhviShareef  #gouseazam
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    user_Ali Sher Qadri
    Ali Sher Qadri
    Local News Reporter नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • नानपारा सब्जी मंडी में आग से लाखों का फल-सब्जी जलाः आढ़तियों को लाखों का नुकसान, कारणों की जांच जारी बहराइच के नानपारा की सब्जी मंडी में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में दुकानों में रखा लाखों रुपये का फल और सब्जी जलकर राख हो गया। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई। दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कई दुकानों में रखा फल और सब्जी जलकर नष्ट हो चुका था। जाँच जारी है इस घटना आढ़तियों को काफी नुकसान हुआ है।
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    नानपारा सब्जी मंडी में आग से लाखों का फल-सब्जी जलाः आढ़तियों को लाखों का नुकसान, कारणों की जांच जारी
बहराइच के नानपारा की सब्जी मंडी में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में दुकानों में रखा लाखों रुपये का फल और सब्जी जलकर राख हो गया। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आग की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई। दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कई दुकानों में रखा फल और सब्जी जलकर नष्ट हो चुका था। जाँच जारी है  इस घटना आढ़तियों को काफी नुकसान हुआ है।
    user_Anil Kumar Chowdhry
    Anil Kumar Chowdhry
    Media Consultant नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • विकसित भारत की थीम पर चित्रकला प्रतियोगिता, मेघा राजपूत ने हासिल किया प्रथम स्थान बहराइच। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर गुरुवार को विकासखंड शिवपुर के ब्लॉक संसाधन केंद्र बरदहा बाजार में ब्लॉक स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश पांडेय ने मां शारदे के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। खंड शिक्षा अधिकारी राम तिलक वर्मा ने अतिथियों राकेश पांडेय, प्रमोद कुमार मिश्रा एवं राहुल गुप्ता का बुके भेंट कर स्वागत किया। शिक्षकों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष रवि शंकर शुक्ल, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जुबेर अहमद एवं जिला महामंत्री प्रवीण श्रीवास्तव ने विकसित भारत मिशन की संकल्पना और सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की जानकारी दी। मुख्य अतिथियों ने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए जा रहे चित्रों का अवलोकन किया।प्रतियोगिता का मूल्यांकन सरोजिनी मिश्रा, गीता देवी, अर्चना गुप्ता, संगीता सिंह एवं अश्विनी शुक्ला ने एआरपी पवन दुबे और शेषराज पाठक की निगरानी में किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान संविलियन विद्यालय चौंगोई की छात्रा मेघा राजपूत, द्वितीय स्थान संविलियन विद्यालय देवदत्तपुर की छात्रा सोनम तथा तृतीय स्थान संविलियन विद्यालय अलीनगर कलां की छात्रा सनोवर ने प्राप्त किया। मुख्य अतिथियों एवं खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि राकेश पांडेय ने शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के प्रति किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। प्रमोद मिश्रा ने बच्चों की चित्रकला की प्रशंसा की और शिक्षकों को प्रत्येक नागरिक के लिए आदरणीय बताया। खंड शिक्षा अधिकारी राम तिलक वर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत की थीम पर विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई चित्रकला की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम कनौजिया ने किया। आयोजन को सफल बनाने में रंजीत श्रीवास्तव, सुमित कुमार, सोनू सरोज, विशाल गौड़ एवं हेमंत यादव ने योगदान दिया। इस दौरान कृष्ण कुमार वर्मा, अंकुर श्रीवास्तव, अवधेश वर्मा, अमर सिंह, अतीक अहमद, भरत शुक्ला, अरविंद वर्मा, धर्मवीर भारती, प्रबुद्ध राव गौतम, शिवशंकर सहित कई शिक्षक एवं अभिभावक मौजूद रहे।
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    विकसित भारत की थीम पर चित्रकला प्रतियोगिता, मेघा राजपूत ने हासिल किया प्रथम स्थान
बहराइच। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर गुरुवार को विकासखंड शिवपुर के ब्लॉक संसाधन केंद्र बरदहा बाजार में ब्लॉक स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश पांडेय ने मां शारदे के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। खंड शिक्षा अधिकारी राम तिलक वर्मा ने अतिथियों राकेश पांडेय, प्रमोद कुमार मिश्रा एवं राहुल गुप्ता का बुके भेंट कर स्वागत किया। शिक्षकों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।
इस अवसर पर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष रवि शंकर शुक्ल, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जुबेर अहमद एवं जिला महामंत्री प्रवीण श्रीवास्तव ने विकसित भारत मिशन की संकल्पना और सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की जानकारी दी। मुख्य अतिथियों ने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए जा रहे चित्रों का अवलोकन किया।प्रतियोगिता का मूल्यांकन सरोजिनी मिश्रा, गीता देवी, अर्चना गुप्ता, संगीता सिंह एवं अश्विनी शुक्ला ने एआरपी पवन दुबे और शेषराज पाठक की निगरानी में किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान संविलियन विद्यालय चौंगोई की छात्रा मेघा राजपूत, द्वितीय स्थान संविलियन विद्यालय देवदत्तपुर की छात्रा सोनम तथा तृतीय स्थान संविलियन विद्यालय अलीनगर कलां की छात्रा सनोवर ने प्राप्त किया।
मुख्य अतिथियों एवं खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि राकेश पांडेय ने शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के प्रति किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों को और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। प्रमोद मिश्रा ने बच्चों की चित्रकला की प्रशंसा की और शिक्षकों को प्रत्येक नागरिक के लिए आदरणीय बताया। खंड शिक्षा अधिकारी राम तिलक वर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत की थीम पर विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई चित्रकला की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम कनौजिया ने किया। आयोजन को सफल बनाने में रंजीत श्रीवास्तव, सुमित कुमार, सोनू सरोज, विशाल गौड़ एवं हेमंत यादव ने योगदान दिया। इस दौरान कृष्ण कुमार वर्मा, अंकुर श्रीवास्तव, अवधेश वर्मा, अमर सिंह, अतीक अहमद, भरत शुक्ला, अरविंद वर्मा, धर्मवीर भारती, प्रबुद्ध राव गौतम, शिवशंकर सहित कई शिक्षक एवं अभिभावक मौजूद रहे।
    user_Anurag Sharma
    Anurag Sharma
    नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • तहसील के कामकाज से लेकर काली मंदिर के निर्माण तक डीएम की पैनी नजर डीएम राजेश कुमार पांडे ने तहसील के सभी कार्यालयों का किया निरीक्षण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश नवरात्रि से पहले काली माता मंदिर का निर्माण पूरा कराने पर जोर, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश नानपारा/बहराइच नानपारा अंतर्गत जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने गुरुवार को नानपारा पहुंचकर तहसील परिसर और नगर के प्राचीन काली माता मंदिर का निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण से तहसील प्रशासन में सक्रियता दिखाई दी। उन्होंने तहसील के विभिन्न कार्यालयों का बारीकी से जायजा लेते हुए अभिलेखों, लंबित प्रकरणों और फरियादियों से संबंधित मामलों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में तेजी लाने तथा आमजन की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसील के अधिकारियों और संबंधित पटल के कर्मचारियों से विभिन्न प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। राजस्व एवं अन्य मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने तहसीलदार और उपजिलाधिकारी को भी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने नानपारा स्थित प्राचीन काली माता मंदिर पहुंचकर वहां चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। डीएम ने कहा कि नवरात्रि पर्व को देखते हुए मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने उपजिलाधिकारी को संबंधित फर्म और अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा, आवागमन और आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। निरीक्षण के दौरान नानपारा विधायक रामनिवास वर्मा भी मौजूद रहे। डीएम ने मंदिर में हो रहे विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से नवरात्रि से पहले व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नानपारा तहसील और काली माता मंदिर का निरीक्षण करते जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे, साथ में विधायक रामनिवास वर्मा व अधिकारी।
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    तहसील के कामकाज से लेकर काली मंदिर के निर्माण तक डीएम की पैनी नजर

डीएम राजेश कुमार पांडे ने तहसील के सभी कार्यालयों का किया निरीक्षण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश

नवरात्रि से पहले काली माता मंदिर का निर्माण पूरा कराने पर जोर, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
नानपारा/बहराइच नानपारा अंतर्गत जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने गुरुवार को नानपारा पहुंचकर तहसील परिसर और नगर के प्राचीन काली माता मंदिर का निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण से तहसील प्रशासन में सक्रियता दिखाई दी। उन्होंने तहसील के विभिन्न कार्यालयों का बारीकी से जायजा लेते हुए अभिलेखों, लंबित प्रकरणों और फरियादियों से संबंधित मामलों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में तेजी लाने तथा आमजन की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तहसील के अधिकारियों और संबंधित पटल के कर्मचारियों से विभिन्न प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। राजस्व एवं अन्य मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने तहसीलदार और उपजिलाधिकारी को भी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने नानपारा स्थित प्राचीन काली माता मंदिर पहुंचकर वहां चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। डीएम ने कहा कि नवरात्रि पर्व को देखते हुए मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने उपजिलाधिकारी को संबंधित फर्म और अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा, आवागमन और आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
निरीक्षण के दौरान नानपारा विधायक रामनिवास वर्मा भी मौजूद रहे। डीएम ने मंदिर में हो रहे विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से नवरात्रि से पहले व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नानपारा तहसील और काली माता मंदिर का निरीक्षण करते जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे, साथ में विधायक रामनिवास वर्मा व अधिकारी।
    user_Arvind Kumar Chaudhari
    Arvind Kumar Chaudhari
    Teacher नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • 🚨 प्रसूता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, न्यू इंडिया हॉस्पिटल सील बहराइच/मिहींपुरवा। सुजौली क्षेत्र की एक प्रसूता महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए मिहींपुरवा नगर पंचायत में संचालित न्यू इंडिया हॉस्पिटल को सील कर दिया है। जानकारी के अनुसार, महिला का करीब तीन दिन पहले इसी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे जिला मुख्यालय रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि बाद में महिला को बिना स्पष्ट जानकारी दिए लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को अस्पताल पहुंची। नोडल अधिकारी डॉ. थानेदार और सीपीसी अधीक्षक डॉ. महेश विश्वकर्मा की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया गया। अब पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच पर नजर है। आखिर प्रसूता की हालत ऑपरेशन के बाद क्यों बिगड़ी, समय पर उचित उपचार और रेफरल की प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं, तथा महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा—इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी। ⚠️ मामला बेहद गंभीर है। प्रसूता और नवजात की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि जांच में किसी की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।,, मनोज कुमार चौरसिया की रिपोर्ट आप किसी नजर से देखते हैं कमेंट में जरूर बताएं स्वास्थ्य सेवा भरोसे का विषय है—यहां लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। #बहराइच #सुजौली #मिहींपुरवा #न्यूइंडियाहॉस्पिटल #स्वास्थ्यविभाग #प्रसूता #अस्पताल #कार्रवाई #जांच #जनहित
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    🚨 प्रसूता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, न्यू इंडिया हॉस्पिटल सील
बहराइच/मिहींपुरवा। सुजौली क्षेत्र की एक प्रसूता महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए मिहींपुरवा नगर पंचायत में संचालित न्यू इंडिया हॉस्पिटल को सील कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, महिला का करीब तीन दिन पहले इसी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे जिला मुख्यालय रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि बाद में महिला को बिना स्पष्ट जानकारी दिए लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को अस्पताल पहुंची। नोडल अधिकारी डॉ. थानेदार और सीपीसी अधीक्षक डॉ. महेश विश्वकर्मा की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया गया।
अब पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच पर नजर है। आखिर प्रसूता की हालत ऑपरेशन के बाद क्यों बिगड़ी, समय पर उचित उपचार और रेफरल की प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं, तथा महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा—इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
⚠️ मामला बेहद गंभीर है। प्रसूता और नवजात की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि जांच में किसी की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।,, मनोज कुमार चौरसिया की रिपोर्ट आप किसी नजर से देखते हैं कमेंट में जरूर बताएं
स्वास्थ्य सेवा भरोसे का विषय है—यहां लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
#बहराइच #सुजौली #मिहींपुरवा #न्यूइंडियाहॉस्पिटल #स्वास्थ्यविभाग #प्रसूता #अस्पताल #कार्रवाई #जांच #जनहित
    user_Manoj kumar chursya
    Manoj kumar chursya
    Salesperson मिहीनपुरवा मोतीपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पीली बालू के इस्तेमाल का आरोप जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में सुबह शुरू हुआ निर्माण, कुछ ही घंटों में आधी सड़क तैयार होने का दावा — स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच की मांग उठाई नानपारा, बहराइच। नगर नानपारा के मोहल्ला जुबलीगंज, वार्ड नंबर 3 में नगर पालिका की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। सड़क निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, सड़क की तैयारी और काम की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में पीली बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है और इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे पर्याप्त बेस तैयार करने तथा कुटाई की प्रक्रिया मौके पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कार्य आज सुबह से शुरू हुआ और देखते ही देखते सड़क के एक बड़े हिस्से में इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछा दिए गए। लोगों के अनुसार निर्माण कार्य की गति काफी तेज है। उनका सवाल है कि इतनी तेजी से काम होने के दौरान क्या सड़क की प्रत्येक परत, उसकी मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी साथ-साथ की जा रही है? सड़क निर्माण में पीली बालू के इस्तेमाल को लेकर सवाल मौके पर निर्माण कार्य में पीली बालू दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार की बालू का इस्तेमाल संबंधित सड़क के स्वीकृत BOQ और तकनीकी specification के अनुसार किया जा रहा है। हालांकि केवल देखकर किसी सामग्री को मानक के विपरीत घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग द्वारा BOQ, DPR, estimate तथा तकनीकी specification से मौके पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री का मिलान और आवश्यकता होने पर सामग्री की जांच कराना जरूरी होगा। क्या सड़क के नीचे पर्याप्त बेस और कुटाई हुई? स्थानीय लोगों का दूसरा बड़ा सवाल सड़क की नींव को लेकर है। लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे किस प्रकार का बेस तैयार किया गया और उसकी कितनी मोटाई रखी गई, यह स्पष्ट नहीं है। इंटरलॉकिंग सड़क की मजबूती केवल ऊपर दिखाई देने वाले ब्लॉक पर निर्भर नहीं करती। सड़क के नीचे जमीन की तैयारी, बेस सामग्री, उसकी मोटाई, लेवलिंग और उचित compaction जैसे तकनीकी पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसीलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर पालिका के संबंधित अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता मौके पर पहुंचकर सड़क की परतों और निर्माण सामग्री की जांच करें। काम की रफ्तार भी बनी चर्चा का विषय स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ ही घंटों में सड़क के लगभग आधे हिस्से में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम पूरा कर दिया गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इतनी तेजी के बीच निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लोगों का सवाल है कि क्या सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ-साथ इंटरलॉकिंग ब्लॉक की मोटाई, नीचे की परतों की मोटाई और इस्तेमाल होने वाली सामग्री का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध है? दो साल पहले बनी सड़क भी बैठने का स्थानीय लोगों का दावा इसी बीच स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पहले कराए गए सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूसरी तरफ करीब दो वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क कई स्थानों पर बैठ गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि पहले बनी सड़क की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की भी जांच की जाए तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोगों का कहना है कि अब उसी क्षेत्र में नया निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए पुराने और नए दोनों कार्यों की गुणवत्ता की जांच होना आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने उठाया बड़ा सवाल—पुरानी सड़क क्यों बैठी? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले बनी सड़क निर्धारित मानकों के अनुसार बनाई गई थी तो उसके बैठने के कारणों की जांच होनी चाहिए। क्या सड़क के नीचे बेस पर्याप्त था? क्या जमीन की उचित कुटाई हुई थी? क्या जल निकासी की व्यवस्था सही थी? या फिर सड़क पर निर्धारित भार के अनुसार निर्माण किया गया था? इन सवालों का जवाब केवल तकनीकी जांच और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आ सकता है। नगर पालिका से स्थानीय लोगों की कई मांगें स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और मौके पर यह स्पष्ट करे कि— • सड़क की स्वीकृत लंबाई और चौड़ाई कितनी है? • इंटरलॉकिंग ब्लॉक की निर्धारित मोटाई कितनी है? • मौके पर लगाए जा रहे ब्लॉक की वास्तविक मोटाई कितनी है? • सड़क के नीचे बेस की निर्धारित मोटाई कितनी है? • बेस में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल की जानी है? • पीली बालू का इस्तेमाल स्वीकृत specification के अनुसार है या नहीं? • ब्लॉक के नीचे bedding layer की निर्धारित मोटाई कितनी है? • सड़क की जमीन और बेस की उचित कुटाई/compaction हुई है या नहीं? • सड़क के किनारों पर पर्याप्त सपोर्ट/कर्ब की व्यवस्था है या नहीं? • पानी की निकासी के लिए उचित ढलान या नाली की व्यवस्था है या नहीं? • निर्माण कार्य की निगरानी नगर पालिका के किस तकनीकी अधिकारी द्वारा की जा रही है? वर्क ऑर्डर और BOQ सामने आने से साफ होगी तस्वीर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका प्रशासन संबंधित सड़क का वर्क ऑर्डर, स्वीकृत estimate और BOQ उपलब्ध करा दे तो मौके पर हो रहे निर्माण कार्य का वास्तविक मिलान किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के निर्माण में कौन-कौन सी सामग्री, किस मात्रा में और किस निर्धारित specification के अनुसार इस्तेमाल की जानी है। क्या होगी कार्रवाई या होगी केवल खानापूर्ति? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की तकनीकी जांच करेंगे? क्या निर्माण सामग्री और सड़क की परतों की गुणवत्ता जांची जाएगी? क्या पहले बनी सड़क के बैठने के कारणों की भी जांच होगी? फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और स्थानीय लोग चाहते हैं कि सड़क का काम पूरा होने से पहले ही उसकी तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि बाद में सड़क खराब होने के बाद जांच कराने की स्थिति न आए। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। निर्माण कार्य में वास्तव में कोई कमी है या नहीं, यह संबंधित विभाग के स्वीकृत दस्तावेजों, मौके की तकनीकी जांच और आवश्यकता पड़ने पर सामग्री की लैब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में बन रही इस इंटरलॉकिंग सड़क को लेकर उठे सवालों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। खबर के समन्ध eo नगर पालिका से बात करने की कोशिश की गई जिस में साहब का फ़ोन नहीं उठा खास रिपोर्ट रामेश्वर सिंह भदोरिया इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पीली बालू के इस्तेमाल का आरोप जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में सुबह शुरू हुआ निर्माण, कुछ ही घंटों में आधी सड़क तैयार होने का दावा — स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच की मांग उठाई नानपारा, बहराइच। नगर नानपारा के मोहल्ला जुबलीगंज, वार्ड नंबर 3 में नगर पालिका की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। सड़क निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, सड़क की तैयारी और काम की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में पीली बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है और इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे पर्याप्त बेस तैयार करने तथा कुटाई की प्रक्रिया मौके पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कार्य आज सुबह से शुरू हुआ और देखते ही देखते सड़क के एक बड़े हिस्से में इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछा दिए गए। लोगों के अनुसार निर्माण कार्य की गति काफी तेज है। उनका सवाल है कि इतनी तेजी से काम होने के दौरान क्या सड़क की प्रत्येक परत, उसकी मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी साथ-साथ की जा रही है? सड़क निर्माण में पीली बालू के इस्तेमाल को लेकर सवाल मौके पर निर्माण कार्य में पीली बालू दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार की बालू का इस्तेमाल संबंधित सड़क के स्वीकृत BOQ और तकनीकी specification के अनुसार किया जा रहा है। हालांकि केवल देखकर किसी सामग्री को मानक के विपरीत घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग द्वारा BOQ, DPR, estimate तथा तकनीकी specification से मौके पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री का मिलान और आवश्यकता होने पर सामग्री की जांच कराना जरूरी होगा। क्या सड़क के नीचे पर्याप्त बेस और कुटाई हुई? स्थानीय लोगों का दूसरा बड़ा सवाल सड़क की नींव को लेकर है। लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे किस प्रकार का बेस तैयार किया गया और उसकी कितनी मोटाई रखी गई, यह स्पष्ट नहीं है। इंटरलॉकिंग सड़क की मजबूती केवल ऊपर दिखाई देने वाले ब्लॉक पर निर्भर नहीं करती। सड़क के नीचे जमीन की तैयारी, बेस सामग्री, उसकी मोटाई, लेवलिंग और उचित compaction जैसे तकनीकी पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसीलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर पालिका के संबंधित अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता मौके पर पहुंचकर सड़क की परतों और निर्माण सामग्री की जांच करें। काम की रफ्तार भी बनी चर्चा का विषय स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ ही घंटों में सड़क के लगभग आधे हिस्से में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम पूरा कर दिया गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इतनी तेजी के बीच निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लोगों का सवाल है कि क्या सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ-साथ इंटरलॉकिंग ब्लॉक की मोटाई, नीचे की परतों की मोटाई और इस्तेमाल होने वाली सामग्री का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध है? दो साल पहले बनी सड़क भी बैठने का स्थानीय लोगों का दावा इसी बीच स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पहले कराए गए सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूसरी तरफ करीब दो वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क कई स्थानों पर बैठ गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि पहले बनी सड़क की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की भी जांच की जाए तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोगों का कहना है कि अब उसी क्षेत्र में नया निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए पुराने और नए दोनों कार्यों की गुणवत्ता की जांच होना आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने उठाया बड़ा सवाल—पुरानी सड़क क्यों बैठी? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले बनी सड़क निर्धारित मानकों के अनुसार बनाई गई थी तो उसके बैठने के कारणों की जांच होनी चाहिए। क्या सड़क के नीचे बेस पर्याप्त था? क्या जमीन की उचित कुटाई हुई थी? क्या जल निकासी की व्यवस्था सही थी? या फिर सड़क पर निर्धारित भार के अनुसार निर्माण किया गया था? इन सवालों का जवाब केवल तकनीकी जांच और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आ सकता है। नगर पालिका से स्थानीय लोगों की कई मांगें स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और मौके पर यह स्पष्ट करे कि— • सड़क की स्वीकृत लंबाई और चौड़ाई कितनी है? • इंटरलॉकिंग ब्लॉक की निर्धारित मोटाई कितनी है? • मौके पर लगाए जा रहे ब्लॉक की वास्तविक मोटाई कितनी है? • सड़क के नीचे बेस की निर्धारित मोटाई कितनी है? • बेस में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल की जानी है? • पीली बालू का इस्तेमाल स्वीकृत specification के अनुसार है या नहीं? • ब्लॉक के नीचे bedding layer की निर्धारित मोटाई कितनी है? • सड़क की जमीन और बेस की उचित कुटाई/compaction हुई है या नहीं? • सड़क के किनारों पर पर्याप्त सपोर्ट/कर्ब की व्यवस्था है या नहीं? • पानी की निकासी के लिए उचित ढलान या नाली की व्यवस्था है या नहीं? • निर्माण कार्य की निगरानी नगर पालिका के किस तकनीकी अधिकारी द्वारा की जा रही है? वर्क ऑर्डर और BOQ सामने आने से साफ होगी तस्वीर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका प्रशासन संबंधित सड़क का वर्क ऑर्डर, स्वीकृत estimate और BOQ उपलब्ध करा दे तो मौके पर हो रहे निर्माण कार्य का वास्तविक मिलान किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के निर्माण में कौन-कौन सी सामग्री, किस मात्रा में और किस निर्धारित specification के अनुसार इस्तेमाल की जानी है। क्या होगी कार्रवाई या होगी केवल खानापूर्ति? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की तकनीकी जांच करेंगे? क्या निर्माण सामग्री और सड़क की परतों की गुणवत्ता जांची जाएगी? क्या पहले बनी सड़क के बैठने के कारणों की भी जांच होगी? फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और स्थानीय लोग चाहते हैं कि सड़क का काम पूरा होने से पहले ही उसकी तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि बाद में सड़क खराब होने के बाद जांच कराने की स्थिति न आए। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। निर्माण कार्य में वास्तव में कोई कमी है या नहीं, यह संबंधित विभाग के स्वीकृत दस्तावेजों, मौके की तकनीकी जांच और आवश्यकता पड़ने पर सामग्री की लैब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में बन रही इस इंटरलॉकिंग सड़क को लेकर उठे सवालों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। खबर के समन्ध eo नगर पालिका से बात करने की कोशिश की गई जिस में साहब का फ़ोन नहीं उठा खास रिपोर्ट रामेश्वर सिंह भदोरिया
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    इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पीली बालू के इस्तेमाल का आरोप

जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में सुबह शुरू हुआ निर्माण, कुछ ही घंटों में आधी सड़क तैयार होने का दावा — स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच की मांग उठाई

नानपारा, बहराइच। नगर नानपारा के मोहल्ला जुबलीगंज, वार्ड नंबर 3 में नगर पालिका की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। सड़क निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, सड़क की तैयारी और काम की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में पीली बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है और इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे पर्याप्त बेस तैयार करने तथा कुटाई की प्रक्रिया मौके पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कार्य आज सुबह से शुरू हुआ और देखते ही देखते सड़क के एक बड़े हिस्से में इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछा दिए गए। लोगों के अनुसार निर्माण कार्य की गति काफी तेज है। उनका सवाल है कि इतनी तेजी से काम होने के दौरान क्या सड़क की प्रत्येक परत, उसकी मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी साथ-साथ की जा रही है?

सड़क निर्माण में पीली बालू के इस्तेमाल को लेकर सवाल

मौके पर निर्माण कार्य में पीली बालू दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार की बालू का इस्तेमाल संबंधित सड़क के स्वीकृत BOQ और तकनीकी specification के अनुसार किया जा रहा है।

हालांकि केवल देखकर किसी सामग्री को मानक के विपरीत घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग द्वारा BOQ, DPR, estimate तथा तकनीकी specification से मौके पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री का मिलान और आवश्यकता होने पर सामग्री की जांच कराना जरूरी होगा।

क्या सड़क के नीचे पर्याप्त बेस और कुटाई हुई?

स्थानीय लोगों का दूसरा बड़ा सवाल सड़क की नींव को लेकर है। लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे किस प्रकार का बेस तैयार किया गया और उसकी कितनी मोटाई रखी गई, यह स्पष्ट नहीं है।

इंटरलॉकिंग सड़क की मजबूती केवल ऊपर दिखाई देने वाले ब्लॉक पर निर्भर नहीं करती। सड़क के नीचे जमीन की तैयारी, बेस सामग्री, उसकी मोटाई, लेवलिंग और उचित compaction जैसे तकनीकी पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं।

इसीलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर पालिका के संबंधित अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता मौके पर पहुंचकर सड़क की परतों और निर्माण सामग्री की जांच करें।

काम की रफ्तार भी बनी चर्चा का विषय

स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ ही घंटों में सड़क के लगभग आधे हिस्से में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम पूरा कर दिया गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इतनी तेजी के बीच निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

लोगों का सवाल है कि क्या सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ-साथ इंटरलॉकिंग ब्लॉक की मोटाई, नीचे की परतों की मोटाई और इस्तेमाल होने वाली सामग्री का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध है?

दो साल पहले बनी सड़क भी बैठने का स्थानीय लोगों का दावा

इसी बीच स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पहले कराए गए सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूसरी तरफ करीब दो वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क कई स्थानों पर बैठ गई है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि पहले बनी सड़क की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की भी जांच की जाए तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोगों का कहना है कि अब उसी क्षेत्र में नया निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए पुराने और नए दोनों कार्यों की गुणवत्ता की जांच होना आवश्यक है।

स्थानीय लोगों ने उठाया बड़ा सवाल—पुरानी सड़क क्यों बैठी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले बनी सड़क निर्धारित मानकों के अनुसार बनाई गई थी तो उसके बैठने के कारणों की जांच होनी चाहिए। क्या सड़क के नीचे बेस पर्याप्त था? क्या जमीन की उचित कुटाई हुई थी? क्या जल निकासी की व्यवस्था सही थी? या फिर सड़क पर निर्धारित भार के अनुसार निर्माण किया गया था?

इन सवालों का जवाब केवल तकनीकी जांच और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आ सकता है।

नगर पालिका से स्थानीय लोगों की कई मांगें

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और मौके पर यह स्पष्ट करे कि—

• सड़क की स्वीकृत लंबाई और चौड़ाई कितनी है?
• इंटरलॉकिंग ब्लॉक की निर्धारित मोटाई कितनी है?
• मौके पर लगाए जा रहे ब्लॉक की वास्तविक मोटाई कितनी है?
• सड़क के नीचे बेस की निर्धारित मोटाई कितनी है?
• बेस में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल की जानी है?
• पीली बालू का इस्तेमाल स्वीकृत specification के अनुसार है या नहीं?
• ब्लॉक के नीचे bedding layer की निर्धारित मोटाई कितनी है?
• सड़क की जमीन और बेस की उचित कुटाई/compaction हुई है या नहीं?
• सड़क के किनारों पर पर्याप्त सपोर्ट/कर्ब की व्यवस्था है या नहीं?
• पानी की निकासी के लिए उचित ढलान या नाली की व्यवस्था है या नहीं?
• निर्माण कार्य की निगरानी नगर पालिका के किस तकनीकी अधिकारी द्वारा की जा रही है?

वर्क ऑर्डर और BOQ सामने आने से साफ होगी तस्वीर

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका प्रशासन संबंधित सड़क का वर्क ऑर्डर, स्वीकृत estimate और BOQ उपलब्ध करा दे तो मौके पर हो रहे निर्माण कार्य का वास्तविक मिलान किया जा सकता है।

इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के निर्माण में कौन-कौन सी सामग्री, किस मात्रा में और किस निर्धारित specification के अनुसार इस्तेमाल की जानी है।

क्या होगी कार्रवाई या होगी केवल खानापूर्ति?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की तकनीकी जांच करेंगे? क्या निर्माण सामग्री और सड़क की परतों की गुणवत्ता जांची जाएगी? क्या पहले बनी सड़क के बैठने के कारणों की भी जांच होगी?

फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और स्थानीय लोग चाहते हैं कि सड़क का काम पूरा होने से पहले ही उसकी तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि बाद में सड़क खराब होने के बाद जांच कराने की स्थिति न आए।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। निर्माण कार्य में वास्तव में कोई कमी है या नहीं, यह संबंधित विभाग के स्वीकृत दस्तावेजों, मौके की तकनीकी जांच और आवश्यकता पड़ने पर सामग्री की लैब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में बन रही इस इंटरलॉकिंग सड़क को लेकर उठे सवालों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।
खबर के समन्ध eo नगर पालिका से बात करने की कोशिश की गई जिस में साहब का फ़ोन नहीं उठा 
खास रिपोर्ट रामेश्वर सिंह भदोरिया
इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पीली बालू के इस्तेमाल का आरोप
जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में सुबह शुरू हुआ निर्माण, कुछ ही घंटों में आधी सड़क तैयार होने का दावा — स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच की मांग उठाई
नानपारा, बहराइच। नगर नानपारा के मोहल्ला जुबलीगंज, वार्ड नंबर 3 में नगर पालिका की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। सड़क निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, सड़क की तैयारी और काम की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में पीली बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है और इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे पर्याप्त बेस तैयार करने तथा कुटाई की प्रक्रिया मौके पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कार्य आज सुबह से शुरू हुआ और देखते ही देखते सड़क के एक बड़े हिस्से में इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछा दिए गए। लोगों के अनुसार निर्माण कार्य की गति काफी तेज है। उनका सवाल है कि इतनी तेजी से काम होने के दौरान क्या सड़क की प्रत्येक परत, उसकी मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी साथ-साथ की जा रही है?
सड़क निर्माण में पीली बालू के इस्तेमाल को लेकर सवाल
मौके पर निर्माण कार्य में पीली बालू दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार की बालू का इस्तेमाल संबंधित सड़क के स्वीकृत BOQ और तकनीकी specification के अनुसार किया जा रहा है।
हालांकि केवल देखकर किसी सामग्री को मानक के विपरीत घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग द्वारा BOQ, DPR, estimate तथा तकनीकी specification से मौके पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री का मिलान और आवश्यकता होने पर सामग्री की जांच कराना जरूरी होगा।
क्या सड़क के नीचे पर्याप्त बेस और कुटाई हुई?
स्थानीय लोगों का दूसरा बड़ा सवाल सड़क की नींव को लेकर है। लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे किस प्रकार का बेस तैयार किया गया और उसकी कितनी मोटाई रखी गई, यह स्पष्ट नहीं है।
इंटरलॉकिंग सड़क की मजबूती केवल ऊपर दिखाई देने वाले ब्लॉक पर निर्भर नहीं करती। सड़क के नीचे जमीन की तैयारी, बेस सामग्री, उसकी मोटाई, लेवलिंग और उचित compaction जैसे तकनीकी पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं।
इसीलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर पालिका के संबंधित अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता मौके पर पहुंचकर सड़क की परतों और निर्माण सामग्री की जांच करें।
काम की रफ्तार भी बनी चर्चा का विषय
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ ही घंटों में सड़क के लगभग आधे हिस्से में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम पूरा कर दिया गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इतनी तेजी के बीच निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
लोगों का सवाल है कि क्या सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ-साथ इंटरलॉकिंग ब्लॉक की मोटाई, नीचे की परतों की मोटाई और इस्तेमाल होने वाली सामग्री का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध है?
दो साल पहले बनी सड़क भी बैठने का स्थानीय लोगों का दावा
इसी बीच स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पहले कराए गए सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूसरी तरफ करीब दो वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क कई स्थानों पर बैठ गई है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि पहले बनी सड़क की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की भी जांच की जाए तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोगों का कहना है कि अब उसी क्षेत्र में नया निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए पुराने और नए दोनों कार्यों की गुणवत्ता की जांच होना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने उठाया बड़ा सवाल—पुरानी सड़क क्यों बैठी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले बनी सड़क निर्धारित मानकों के अनुसार बनाई गई थी तो उसके बैठने के कारणों की जांच होनी चाहिए। क्या सड़क के नीचे बेस पर्याप्त था? क्या जमीन की उचित कुटाई हुई थी? क्या जल निकासी की व्यवस्था सही थी? या फिर सड़क पर निर्धारित भार के अनुसार निर्माण किया गया था?
इन सवालों का जवाब केवल तकनीकी जांच और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आ सकता है।
नगर पालिका से स्थानीय लोगों की कई मांगें
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और मौके पर यह स्पष्ट करे कि—
• सड़क की स्वीकृत लंबाई और चौड़ाई कितनी है?
• इंटरलॉकिंग ब्लॉक की निर्धारित मोटाई कितनी है?
• मौके पर लगाए जा रहे ब्लॉक की वास्तविक मोटाई कितनी है?
• सड़क के नीचे बेस की निर्धारित मोटाई कितनी है?
• बेस में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल की जानी है?
• पीली बालू का इस्तेमाल स्वीकृत specification के अनुसार है या नहीं?
• ब्लॉक के नीचे bedding layer की निर्धारित मोटाई कितनी है?
• सड़क की जमीन और बेस की उचित कुटाई/compaction हुई है या नहीं?
• सड़क के किनारों पर पर्याप्त सपोर्ट/कर्ब की व्यवस्था है या नहीं?
• पानी की निकासी के लिए उचित ढलान या नाली की व्यवस्था है या नहीं?
• निर्माण कार्य की निगरानी नगर पालिका के किस तकनीकी अधिकारी द्वारा की जा रही है?
वर्क ऑर्डर और BOQ सामने आने से साफ होगी तस्वीर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका प्रशासन संबंधित सड़क का वर्क ऑर्डर, स्वीकृत estimate और BOQ उपलब्ध करा दे तो मौके पर हो रहे निर्माण कार्य का वास्तविक मिलान किया जा सकता है।
इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के निर्माण में कौन-कौन सी सामग्री, किस मात्रा में और किस निर्धारित specification के अनुसार इस्तेमाल की जानी है।
क्या होगी कार्रवाई या होगी केवल खानापूर्ति?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की तकनीकी जांच करेंगे? क्या निर्माण सामग्री और सड़क की परतों की गुणवत्ता जांची जाएगी? क्या पहले बनी सड़क के बैठने के कारणों की भी जांच होगी?
फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और स्थानीय लोग चाहते हैं कि सड़क का काम पूरा होने से पहले ही उसकी तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि बाद में सड़क खराब होने के बाद जांच कराने की स्थिति न आए।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। निर्माण कार्य में वास्तव में कोई कमी है या नहीं, यह संबंधित विभाग के स्वीकृत दस्तावेजों, मौके की तकनीकी जांच और आवश्यकता पड़ने पर सामग्री की लैब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में बन रही इस इंटरलॉकिंग सड़क को लेकर उठे सवालों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।
खबर के समन्ध eo नगर पालिका से बात करने की कोशिश की गई जिस में साहब का फ़ोन नहीं उठा 
खास रिपोर्ट रामेश्वर सिंह भदोरिया
    user_Rameasuwar Singh Bhadoriya
    Rameasuwar Singh Bhadoriya
    Court reporter महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • *बलहा विधानसभा 282 से* *जे.पी. राव मैदान में* *आजाद समाज पार्टी* (कांशीराम) ने जे.पी. राव को बलहा विधानसभा क्षेत्र से घोषित किया बहराइच। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), बहराइच की ओर से बलहा विधानसभा क्षेत्र-282 से जे.पी. राव को प्रत्याशी घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। जे.पी. राव वर्तमान में मंडल प्रभारी, भाईचारा कमेटी, देवीपाटन मंडल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी की ओर से बलहा विधानसभा क्षेत्र में उन्हें चुनावी मैदान में उतारे जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में हलचल बढ़ने की उम्मीद है। जे.पी. राव का परिचय मंडल प्रभारी, भाईचारा कमेटी, देवीपाटन मंडल पार्टी: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) विधानसभा: बलहा-282, जनपद बहराइच भूमिका: विधानसभा प्रत्याशी बलहा विधानसभा क्षेत्र में अब विभिन्न राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता के बीच जे.पी. राव की दावेदारी भी चुनावी समीकरणों का हिस्सा बन गई है। आने वाले समय में क्षेत्र में उनका जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। *बलहा विधानसभा 282 से* *जे.पी. राव मैदान में* *आजाद समाज पार्टी* (कांशीराम) ने जे.पी. राव को बलहा विधानसभा क्षेत्र से घोषित किया बहराइच। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), बहराइच की ओर से बलहा विधानसभा क्षेत्र-282 से जे.पी. राव को प्रत्याशी घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। *बलहा विधानसभा 282 से* *जे.पी. राव मैदान में* *आजाद समाज पार्टी*
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    *बलहा विधानसभा 282 से* *जे.पी. राव मैदान में*
*आजाद समाज पार्टी*


 (कांशीराम) ने जे.पी. राव को बलहा विधानसभा क्षेत्र से घोषित किया
बहराइच। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), बहराइच की ओर से बलहा विधानसभा क्षेत्र-282 से जे.पी. राव को प्रत्याशी घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जे.पी. राव वर्तमान में मंडल प्रभारी, भाईचारा कमेटी, देवीपाटन मंडल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी की ओर से बलहा विधानसभा क्षेत्र में उन्हें चुनावी मैदान में उतारे जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में हलचल बढ़ने की उम्मीद है।
जे.पी. राव का परिचय
मंडल प्रभारी, भाईचारा कमेटी, देवीपाटन मंडल
पार्टी: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
विधानसभा: बलहा-282, जनपद बहराइच
भूमिका: विधानसभा प्रत्याशी
बलहा विधानसभा क्षेत्र में अब विभिन्न राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता के बीच जे.पी. राव की दावेदारी भी चुनावी समीकरणों का हिस्सा बन गई है। आने वाले समय में क्षेत्र में उनका जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
*बलहा विधानसभा 282 से* *जे.पी. राव मैदान में*
*आजाद समाज पार्टी*
(कांशीराम) ने जे.पी. राव को बलहा विधानसभा क्षेत्र से घोषित किया
बहराइच। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), बहराइच की ओर से बलहा विधानसभा क्षेत्र-282 से जे.पी. राव को प्रत्याशी घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
*बलहा विधानसभा 282 से* *जे.पी. राव मैदान में*
*आजाद समाज पार्टी*
    user_Juned Beg journalist
    Juned Beg journalist
    बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    49 min ago
  • डीएम ने नानपारा के कालीकुण्डा मन्दिर का किया निरीक्षण, सम्बंधितों को दिया आवश्यक दिशा निर्देश बहराइच । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विधायक नानपारा राम निवास वर्मा के साथ तहसील नानपारा अन्तर्गत पर्यटन विभाग की ओर से कराये जा रहे पौराणिक कालीकुण्डा मन्दिर तालाब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने उपजिलाधिकारी नानपारा व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, नानपारा को निर्देशित किया गया कि उक्त निर्माण की सीमा अवधि निर्धारित कर प्रति सप्ताह कार्य का निरीक्षण करें तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी देखें। इसके अतिरिक्त विगत माह जल भराव की समस्या के सम्बन्ध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि नवनिर्मित नाले से पुराने नाले को जोड़ने हेतु आवश्यक एन.ओ.सी. प्राप्त करने की कार्यवाही तत्त्काल की जाये। साथ ही निर्माण कार्य की समय-समय पर समीक्षा करते रहे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रकाश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
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    डीएम ने नानपारा के कालीकुण्डा मन्दिर का किया निरीक्षण, सम्बंधितों को दिया आवश्यक दिशा निर्देश
बहराइच । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विधायक नानपारा राम निवास वर्मा के साथ तहसील नानपारा अन्तर्गत पर्यटन विभाग की ओर से कराये जा रहे पौराणिक कालीकुण्डा मन्दिर तालाब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने उपजिलाधिकारी नानपारा व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, नानपारा को निर्देशित किया गया कि उक्त निर्माण की सीमा अवधि निर्धारित कर प्रति सप्ताह कार्य का निरीक्षण करें तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी देखें। इसके अतिरिक्त विगत माह जल भराव की समस्या के सम्बन्ध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि नवनिर्मित नाले से पुराने नाले को जोड़ने हेतु आवश्यक एन.ओ.सी. प्राप्त करने की कार्यवाही तत्त्काल की जाये। साथ ही निर्माण कार्य की समय-समय पर समीक्षा करते रहे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रकाश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
    user_Anil Kumar Chowdhry
    Anil Kumar Chowdhry
    Media Consultant नानपारा, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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