सिसई : ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी पर गलत तरीके से जमीन हस्तांतरण करने का लगाया आरोप सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के ग्राम लरंगो के जमीन मालिक भोदरो साहु, स्व रुना साहु, गणेश साहु, सीता देवी, घुरनी देवी, पवन साहु, अजय साहु, बाबूलाल साहु, बालेश्वर साहु सहित राजु साहु, निर्मल साहु एवं स्व जगन साहु के परिवार ने अंचल अधिकारी सिसई अशोक बड़ाईक पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। और कहा है कि उक्त जमीन जिसपर घर, कुंआ, बारी सब बना हुआ है वर्षों से पुरा परिवार निवास करते आ रहे हैं। उक्त जमीन पर पूर्व अंचलाधिकारी नितेश रोशन खलखो के द्वारा जनता दरबार में प्राप्त आवेदन परिवाद पत्र के संबंध में भवदीय के पत्रांक 538/जे.शि.का. दिनांक 31 अक्टुबर 2024 पर जांच करते हुए आवेदक द्वारा दिये गए राजस्व कागजातों का विवरण निम्न प्रकार है रजिस्ट्री संख्या 36 दिनांक 06 जनवरी 1981 विक्रेता भोदरो साहु वो रुना साहु, पिता पंचु तेली एवं क्रेता अघन साहु पति करमा साव, खाता संख्या 196 रकबा 62 डिसमिल वो शुद्धि पत्र दाखिल खारिज वाद संख्या 259R27/2012-13 वो लगान रसीद संख्या 307161,2012-13 एवं रसीद संख्या 118336 वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक की छाया प्रति संलग्न है क्योंकि उक्त भूमि का ऑफलाइन या ऑनलाइन पंजी 2 में जमाबंदी कायम नहीं पाया गया जबकि जांच प्रतिवेदन में अग्रतर कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया था। और द्वितीय पक्ष पर जमीन मोटिवेशन पर पाबंदी लगाते हुए रोक लगाए गए थे। जिसपर वर्तमान अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक द्वारा सारे नियम कानून को ताक में रखकर ग्राम लरंगो के खाता संख्या 196 प्लॉट संख्या 3976 रकबा 62 डिसमिल जमीन भोदरो साहु, रुना साहु पिता पंचु तेली कौम तेली का खतियानी जमीन पर बिना स्थल निरीक्षण किये ही द्वितीय पक्ष के नाम से जमाबंदी कायम करते हुए दाखिल खारिज कर दिया गया है जबकि उक्त जमीन पर जमीन मालिक का मालिकाना हक, दखल एवं 6 से 7 परिवारों का वर्षों से घर बारी बना हुआ है और सभी परिवार वहां रह रहे हैं बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा जमीन दलालों से मिलीभगत कर गलत तरीके से अघनु साहु के नाम उक्त जमीन का दाखिल खारिज कर दिया गया है जबकि उक्त जमीन पर अघनु साहु का कोई दखल कब्जा नहीं है। वर्ष 2015 में ही उक्त जमीन को लेकर ग्रामसभा किया गया था। जिसपर ग्रामसभा द्वारा उक्त भूमि पर जमीन मालिक का हक बताते गया था वहीं द्वितीय पक्ष अघनु साहु का पट्टा डुप्लीकेट पाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन की रजिस्ट्री और पट्टा लिखाने के समय हमलोग मौजूद नहीं थे बावजूद हमारा नाम गवाही और पहचान कर्ता में कैसे दर्ज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हमलोग पढ़े लिखे नहीं है अंगूठा लगाते हैं लेकिन पट्टा पर हमारा हस्ताक्षर दर्ज किया हुआ है। ग्रामीणों ने ये भी कहा कि अघनु साहु का पट्टा रद्द कर असली जमीन मालिक भोदरो साहु को जमीन वापस करने की मांग करने हेतु उपायुक्त गुमला को लिखित रूप से अवगत कराया गया है उसके बावजूद अंचल अधिकारी द्वारा जमीन दलालों के मिलीभगत से उक्त जमीन का हस्तांतरण करना कई तरह के सवाल खड़े करते हैं जो एक जांच का विषय है।
सिसई : ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी पर गलत तरीके से जमीन हस्तांतरण करने का लगाया आरोप सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के ग्राम लरंगो के जमीन मालिक भोदरो साहु, स्व रुना साहु, गणेश साहु, सीता देवी, घुरनी देवी, पवन साहु, अजय साहु, बाबूलाल साहु, बालेश्वर साहु सहित राजु साहु, निर्मल साहु एवं स्व जगन साहु के परिवार ने अंचल अधिकारी सिसई अशोक बड़ाईक पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। और कहा है कि उक्त जमीन जिसपर घर, कुंआ, बारी सब बना हुआ है वर्षों से पुरा परिवार निवास करते आ रहे हैं। उक्त जमीन पर पूर्व अंचलाधिकारी नितेश रोशन खलखो के द्वारा जनता दरबार में प्राप्त आवेदन परिवाद पत्र के संबंध में भवदीय के पत्रांक 538/जे.शि.का. दिनांक 31 अक्टुबर 2024 पर जांच करते हुए आवेदक द्वारा दिये गए राजस्व
कागजातों का विवरण निम्न प्रकार है रजिस्ट्री संख्या 36 दिनांक 06 जनवरी 1981 विक्रेता भोदरो साहु वो रुना साहु, पिता पंचु तेली एवं क्रेता अघन साहु पति करमा साव, खाता संख्या 196 रकबा 62 डिसमिल वो शुद्धि पत्र दाखिल खारिज वाद संख्या 259R27/2012-13 वो लगान रसीद संख्या 307161,2012-13 एवं रसीद संख्या 118336 वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक की छाया प्रति संलग्न है क्योंकि उक्त भूमि का ऑफलाइन या ऑनलाइन पंजी 2 में जमाबंदी कायम नहीं पाया गया जबकि जांच प्रतिवेदन में अग्रतर कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया था। और द्वितीय पक्ष पर जमीन मोटिवेशन पर पाबंदी लगाते हुए रोक लगाए गए थे। जिसपर वर्तमान अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक द्वारा सारे नियम कानून को ताक में रखकर ग्राम लरंगो के खाता संख्या 196 प्लॉट संख्या 3976 रकबा 62 डिसमिल
जमीन भोदरो साहु, रुना साहु पिता पंचु तेली कौम तेली का खतियानी जमीन पर बिना स्थल निरीक्षण किये ही द्वितीय पक्ष के नाम से जमाबंदी कायम करते हुए दाखिल खारिज कर दिया गया है जबकि उक्त जमीन पर जमीन मालिक का मालिकाना हक, दखल एवं 6 से 7 परिवारों का वर्षों से घर बारी बना हुआ है और सभी परिवार वहां रह रहे हैं बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा जमीन दलालों से मिलीभगत कर गलत तरीके से अघनु साहु के नाम उक्त जमीन का दाखिल खारिज कर दिया गया है जबकि उक्त जमीन पर अघनु साहु का कोई दखल कब्जा नहीं है। वर्ष 2015 में ही उक्त जमीन को लेकर ग्रामसभा किया गया था। जिसपर ग्रामसभा द्वारा उक्त भूमि पर जमीन मालिक का हक बताते गया था वहीं
द्वितीय पक्ष अघनु साहु का पट्टा डुप्लीकेट पाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन की रजिस्ट्री और पट्टा लिखाने के समय हमलोग मौजूद नहीं थे बावजूद हमारा नाम गवाही और पहचान कर्ता में कैसे दर्ज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हमलोग पढ़े लिखे नहीं है अंगूठा लगाते हैं लेकिन पट्टा पर हमारा हस्ताक्षर दर्ज किया हुआ है। ग्रामीणों ने ये भी कहा कि अघनु साहु का पट्टा रद्द कर असली जमीन मालिक भोदरो साहु को जमीन वापस करने की मांग करने हेतु उपायुक्त गुमला को लिखित रूप से अवगत कराया गया है उसके बावजूद अंचल अधिकारी द्वारा जमीन दलालों के मिलीभगत से उक्त जमीन का हस्तांतरण करना कई तरह के सवाल खड़े करते हैं जो एक जांच का विषय है।
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के आश्रम बालिका आवासीय विद्यालय कुम्हार मोड़ सिसई व राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय सोंगरा, सिसई के छात्र -छात्राओं एवं शिक्षकों को योगाभ्यास कराया गया। योग गुरु गजराज महतो ने प्रातः 5 बजे आश्रम बालिका विद्यालय में 12 यौगिक जॉगिंग कराते हुए योगाभ्यास प्रारंभ किया। योगगुरु ने योगाभ्यास कर रहे सभी योग जनों को बताया कि प्रतिदिन हमें सूर्योदय से पूर्व उठकर अपने आराध्य देव का ध्यान व धरती मां को सहृदय से नमन करना चाहिए। एवं अपने माता पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना चाहिए।इसके बाद नित्यकर्मों से निवृत होकर स्वच्छ व खुले वतावरण जहां हरियाली हो ऐसे स्थान में प्रति दिन कम से कम आधा घंटा योगाभ्यास करना चाहिए। इससे दिन भर तन मन की स्फुर्ति बनी रहती है। इसके लिए उन्होंने तीन जीवन दायिनी प्राणायाम के साथ सूक्ष्म व्यायाम, बैठकर व लेटकर करने वाले आसनों के बारे में बताया। वहीं ध्यान मुद्रा मे बैठकर माइग्रेन और तनाव से छुटकारा पाने हेतु अपने इष्टदेव का ध्यान करते हुए हृदय चक्र में ध्यान केंद्रित करने को बताया। और अंत में ईश वंदन के साथ योगाभ्यास का समापन किया गया।4
- lagay lelo kariya chasma1
- बसिया (गुमला): बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बसिया सबडिवीजन क्रिकेट अकादमी से एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। यहाँ कोनबीर NHPC मैदान में अभ्यास के लिए रखे गए क्रिकेट मैट को अज्ञात शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। इस घटना से अकादमी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भारी रोष है। *प्रशिक्षण के दौरान जलता मिला मैट* अकादमी के कोच राजू राम ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार की है। जब वे शाम करीब 4:00 बजे बच्चों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देने के लिए मैदान पहुँचे, तो देखा कि लगभग ₹20,000 की लागत वाले मैट में आग लगी हुई है। आनन-फानन में कोच और बच्चों ने मिलकर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मैट पूरी तरह जलकर राख हो गया था। *मैदान बना नशेड़ियों का अड्डा* कोच राजू राम ने मैदान की बदहाली और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि शाम ढलते ही खेल का मैदान नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना बन जाता है। यहाँ अलग-अलग समूहों में बैठकर लोग शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं।नशेड़ी न केवल शराब पीते हैं, बल्कि बोतलों को फोड़कर पूरे ग्राउंड में कांच फैला देते हैं, जिससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। *गरीब खिलाड़ियों के भविष्य पर प्रहार* राजू राम ने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल ₹20,000 के नुकसान की बात नहीं है, बल्कि उन गरीब बच्चों के भविष्य की क्षति है जो देहात क्षेत्रों से आकर यहाँ पसीना बहाते हैं। उन्होंने बताया कि इसी अकादमी से निकले बच्चे जिला और स्टेट लेवल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। ऐसे में संसाधनों का नष्ट होना इन खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ता है। *प्रशासन से की गई अपील* अकादमी प्रबंधन और स्थानीय खिलाड़ियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मैदान में अवैध रूप से बैठने वाले नशेड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।शाम के वक्त पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए ताकि खेल का मैदान सुरक्षित रह सके।3
- Post by AAM JANATA1
- लोहरदगा: कुरु के मराडीह में जंगली हाथियों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत कुरु (लोहरदगा): झारखंड के लोहरदगा जिले में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज सुबह कुरु प्रखंड के मराडीह गांव में जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड देखे जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर रिहायशी इलाके और खेतों के करीब पहुंच गया है1
- चंदवा प्रखंड अंतर्गत मदरसा खैरुल उलूम परिसर में गुरुवार को झारखंड अंजुमन लातेहार की ओर मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल हसन अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अंजुमन की ओर से उनका फूल-माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। मंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान किसी जाति या धर्म से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चंदवा में आयोजित यह शिविर झारखंड के अन्य स्थानों की तुलना में काफी भव्य है। इस मौके पर उन्होंने मदरसा खैरुल उलूम के लिए 50 बेड के हॉस्टल की घोषणा भी की। उन्होने ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की जयंती पर उन्हें नमन किया। झामुमो जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा कि लातेहार जिले में रक्तदान को एक अभियान के रूप में चलाया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर रक्त मिल सके। लातेहार जिले में रक्तदान को एक जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास है कि जिले में किसी भी जरूरतमंद को खून के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। इसके लिए लगातार ऐसे शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। रक्तदान न सिर्फ एक सेवा है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अंजुमन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और लोगों को एकजुट करते हैं। झारखंड अंजुमन के जुनैद अनवर ने मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य जरुरतमंदों की सेवा करना है। उन्होंने बताया कि अब तक अंजुमन 113 लोगों को आर्थिक मदद दे चुका है। समाचार लिखे जाने तक 264 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, नेत्र जांच और परामर्श की भी व्यवस्था की गई। मौके पर झामुमो जिला उपाध्यक्ष सितमोहन मुंडा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीना देवी, शमशुल होदा, प्रखंड उप प्रमुख अश्विनी मिश्रा, प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष अंकित तिवारी, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला उपाध्यक्ष नौशाद अंसारी समेत अंजुमन कमेटी के फिरोज अहमद, मो आफदाल, समेत कई सदस्य मौजूद थे।2
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- बसिया (गुमला): गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बसिया शनिचर टोली में आज सुबह उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब चुटिया नदी में नहाने गई दो सगी और फुफेरी बहनों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान काजल कुमारी (20 वर्ष), पिता सुकेश लोहरा और उसकी फुफेरी बहन दीपशिखा कुमारी, पिता शनिचर लोहरा के रूप में हुई है। *कैसे हुई घटना?* प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे दोनों बहनें बसिया सरना मैदान के पीछे स्थित चुटिया नदी में नहाने और कपड़े धोने गई थीं। दीपशिखा कुमारी कपड़े धोने के बाद जैसे ही नहाने के लिए पानी में उतरी, वह नदी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाई और अचानक डूबने लगी। अपनी बहन को डूबता देख काजल कुमारी ने बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। लेकिन पानी गहरा होने के कारण काजल भी खुद को संभाल नहीं पाई और दोनों बहनें गहरे पानी में समा गईं। *बचाने की कोशिशें रहीं नाकाम* नदी में मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाया और उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सकीं। घटना की सूचना तुरंत परिजनों को दी गई। काजल के पिता सुकेश लोहरा और गांव के अन्य युवकों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को नदी से बाहर निकाला। *अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित* आनन-फानन में दोनों को बसिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे शनिचर टोली गांव में इस हृदयविदारक घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।2
- जब कोई नेता किसी सड़क को क्रॉस करता है तो सड़क के दोनों तरफ आम नागरिकों के लिए रास्ता को बंद कर दिया जाता है यह कौन सी व्यवस्था है? केपी अहमद, अमन समाज पार्टी आम जनता को घंटों रोकना कई बार अनुचित लगता है एम्बुलेंस, छात्र, कामकाजी लोग प्रभावित होते हैं लोकतंत्र में "जनता सर्वोपरि" का सिद्धांत कमजोर पड़ता दिखता है1