तहसील सरधना जिला मेरठ ग्राम पंचायत नवाब गढ़ी रजबाहे में पनप रहा है बीमारियों का अड्डा सरधना नवाबगढ़ी गाँव में जब हम पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गए रजवाहे का कूड़े कचरे के देर से अटे देख और उस तरफ शिकायत करने पर भी किसी तरह की कोई कार्यवाही ना होना गांव वालों का जीवन अस्त-व्यस्त हालत में चल रहा है पिछले दिनों हुई वर्षा से आने जाने में होने वाली सभी परेशानियों का सामना वहां पर रहने वाले आवासीय कॉलोनी वालों को झेलनी पड़ी आज भी हालत यह हैं रजवाहे की हालत जस की तस बनी हुई है ग्राम वासियों के बीच पहुंचकर हमने उनकी समस्या के बारे में जानना चाहा उनसे बातचीत की उन्होंने बताया कि हमने कई बार इसकी शिकायतें की लेकिन इस और किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। गाँव के हालात आज भी ऐसे ही है रजवाहा कूड़े से अटा पड़ा है। ग्रामीणों में भी जागरूकता की कमी का आभास पाया गया ।
तहसील सरधना जिला मेरठ ग्राम पंचायत नवाब गढ़ी रजबाहे में पनप रहा है बीमारियों का अड्डा सरधना नवाबगढ़ी गाँव में जब हम पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गए रजवाहे का कूड़े कचरे के देर से अटे देख और उस तरफ शिकायत करने पर भी किसी तरह की कोई कार्यवाही ना होना गांव वालों का जीवन अस्त-व्यस्त हालत में चल रहा है पिछले दिनों हुई वर्षा से आने जाने में होने वाली सभी परेशानियों का सामना वहां पर रहने वाले आवासीय कॉलोनी वालों को झेलनी पड़ी आज भी हालत यह हैं रजवाहे की हालत जस की तस बनी हुई है ग्राम वासियों के बीच पहुंचकर हमने उनकी समस्या के बारे में जानना चाहा उनसे बातचीत की उन्होंने बताया कि हमने कई बार इसकी शिकायतें की लेकिन इस और किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। गाँव के हालात आज भी ऐसे ही है रजवाहा कूड़े से अटा पड़ा है। ग्रामीणों में भी जागरूकता की कमी का आभास पाया गया ।
- दोपहर करीब 2:40 के आस पास छावनी पुलिस चौकी (सेन्ट चार्ल्स स्कूल) पर लाल रंग की गाड़ी तेज गति से होकर गुजर रही थी उस गाड़ी में तीव्र गति से साउंड को बजाकर चलाया जा रहा था जब तिराहे पर प्रशासन ने गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो गाड़ी चालक और उसके साथी ने भागने की कोशिश की बाद में गाड़ी को रोक लिया गया । छावनी चौकी इंचार्ज आदित्य सिंह ने जब अलबख्श पुत्र अब्दुल कलाम, बिलाल पुत्र मुस्तफा दोनों जो कि कालंद के रहने वाले है इस प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की तो पता चला वह गाड़ी किसी ओर मिलने वाले की थी, दोनों ने गल्ती को स्वीकार नही किया बल्कि असभ्य शब्दों से बात की साथ ही चौकी इंचार्ज आदित्य सिंह को उनके मिलने वाले ने कुछ ले देकर मामले को निपटाने की बात कही। चौकी इंचार्ज आदित्य सिंह ने धारा 151 नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत शांति भंग करने में दोनों का चलान कर सरधना थाना रेफर कर दिया ।2
- Post by रेनू सिंह राणा1
- मुज़फ्फरनगर।रंग-बिरंगी पतंगें उड़ा कर लोग खुश होते हैं, लेकिन जिस चीनी मांझे के सहारे ये उड़ाई जाती हैं, वह कई निर्दोष नागरिकों और मासूम पक्षियों के लिए मौत की डोर से कम नहीं साबित हो रहीं। पतंगबाजी के रोमांच के अब आए दिन जानलेवा होने तक की खबरें आ रही हैं और लखनऊ के हैदरगंज फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण बुधवार को एमआर शोएब की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और प्रतिबंधित मांझे की बिक्री व इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद मुज़फ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन पर मुज़फ्फरनगर के समस्त थानाप्रभारीयों ने अपने अधिस्थो को साथ लेकर पतंग की दुकानों पर अभियान चलाया है। तो वही मुख्यमंत्री आदित्य योगी नाथ ने कहा है कि राज्य में अब चाइनीज मांझे से मौत को हत्या का मामला माना जाएगा।इसी क्रम में आज नई मंडी थानाप्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा ने अपने अधीनस्थों को साथ लेकर पैदल मार्च करते हुए चाइनीज मांझा के प्रति जागरूक तो किया ही साथ ही क्षेत्र में पढ़ने वाली पतंग की दुकानो सहित कई प्रतिष्ठानों पर पुलिस ने पहुंचकर चाइनीज मांझे की तलाश की और दुकानदारों को प्रतिबंधित मांझा न बेचने के लिए सख्त चेतावनी दी तथा पतंग दुकानदारों से स्टॉक की जानकारी भी ली।नई मंडी थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा का कहना है कि चाइनीज मांझा बेहद खतरनाक होता है और इससे कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। यह मांझा धातु या सिंथेटिक पदार्थों से बना होता है, जिससे लोगों और जानवरों को गंभीर चोट लग सकती है।नई मंडी थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा ने कहा कि अगर कोई भी दुकानदार चाइनीज मांझा की बिक्री करते हुए पकड़ा गया तो भारी कुर्माने के साथ साथ जेल की जाएगा।3
- Post by सरताज अहमद पत्रकार1
- विसंगति, मैपिंग और नोटिस की समय-सीमा बढ़ी प्रशासन ने विसंगति, मैपिंग और नोटिस की प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब यह कार्य 27 फरवरी के बजाय 27 मार्च तक पूरा किया जा सकेगा। समय बढ़ने से संबंधित पक्षों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में राहत1
- मुज़फ्फरनगर:चरथावल विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पावटी में दहचंद मार्ग पर नवनिर्मित पक्की सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त हो गई। पहली ही बारिश में सड़क की ऊपरी परत टूटकर बिखर गई, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। उनका कहना है कि सड़क की सतह इतनी कमजोर है कि वह हाथों से ही उखड़ रही है। ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताते हुए निर्माण कार्य को मानकों के विपरीत करार दिया है। घटना के विरोध में जीशान त्यागी, निशांत त्यागी और मन्नान त्यागी के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने टूटी हुई सड़क को दिखाकर प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से अपील की है कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क का पुनः मानक के अनुसार निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।1
- Post by CH. PARUL SIROHI ( BUREOU CHIEF)1
- सांसद इकरा हसन की हुंकार ‘वसूल नहीं टूटेंगे’ जुल्म के खिलाफ खुला एलान वीडियो हुआ वायरल1
- एमएसपी को कानूनी दर्जा दिया जाए: चौधरी शाह आलम मुज़फ्फरनगर में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारतीय किसानों को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर गहरी चिंता जताई है। संगठन की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदया को जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर के माध्यम से प्रेषित किया गया।ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित व्यापार समझौते के अंतर्गत यदि कृषि और डेयरी क्षेत्र को शामिल किया गया, तो इससे देश के छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। अमेरिका जैसे देशों द्वारा कृषि एवं डेयरी उत्पादों पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी भारतीय किसानों के लिए असमान प्रतिस्पर्धा उत्पन्न करेगी। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से पाँच प्रमुख माँगें रखी हैं, जिनमें बादाम, मक्का, सोयाबीन और कपास जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को भविष्य के सभी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी, डेयरी क्षेत्र को पूर्ण सुरक्षा, किसी भी कृषि व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों की सहमति को अनिवार्य करना, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देना तथा वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव से छोटे किसानों को बचाने के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान शामिल हैं। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ हैं। यदि कृषि व्यवस्था कमजोर होती है, तो देश की आत्मनिर्भरता और खाद्य सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संगठन ने राष्ट्रपति से संवैधानिक हस्तक्षेप कर किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। इस मौके पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिम त्यागी उत्तर प्रदेश सलाहकार ऐडवोकेट फेजयाब खान महिला उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुदेश उत्तर प्रदेश महासचिव महाराज जसवीर नाथ उत्तर प्रदेश मंत्री चौधरी जुल्फिकार एडवोकेट जिला सलाहकार फैसल सैफी एडवोकेट नदीम चौधरी एडवोकेट नूरुलहक भोपाल सिंह अनिल कुमार सैनी काजी मुस्तकीम शोएब राणा राशिद चौधरी शहजाद चौधरी सईद अहमद संजो रानी मनोज आदि मौजूद रहे1