कचरे से कंचन की मिसाल बना पिपरा चंद्रभान, गोबर से बन रही स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद देवरिया, 03 सितंबर। पंचायती राज एवं बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से विकासखंड देवरिया सदर की ग्राम पंचायत पिपरा चंद्रभान ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत ‘कचरे से कंचन’ की अवधारणा को धरातल पर उतारा है। ग्राम पंचायत की गौशाला में स्थापित 85 घन मीटर क्षमता वाले गोवर्धन बायोगैस प्लांट में करीब 286 गोवंश से प्राप्त गोबर का उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद तैयार की जा रही है। प्लांट से उत्पादित बायोगैस पाइपलाइन के माध्यम से ग्राम पंचायत के कंपोजिट विद्यालय तक पहुंचाई जा रही है। यहां करीब 170 बच्चों के लिए मिड-डे मील इसी स्वच्छ ऊर्जा से तैयार किया जा रहा है। इससे खाना पकाने में सुविधा के साथ बच्चों में नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। गोबर से गैस, स्लरी से जैविक खाद गौशाला से प्रतिदिन एकत्र होने वाले गोबर को बायोगैस संयंत्र के इनलेट टैंक में डाला जाता है। ऑटो मिक्सिंग टैंक और डायजेस्टर के माध्यम से जैविक प्रक्रिया के बाद बायोगैस तैयार होती है। वहीं प्लांट से निकलने वाली स्लरी को सुखाकर जैविक खाद बनाई जाती है, जिसे किसानों को 5 से 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद मिल रही है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। खाद की बिक्री से ग्राम पंचायत को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। ग्राम पंचायत की आय में भी इजाफा विद्यालय द्वारा बायोगैस के उपयोग के एवज में प्रतिदिन 80 रुपये का भुगतान किया जाता है। अब तक गैस की बिक्री से करीब 11,740 रुपये और जैविक खाद की बिक्री से करीब 14,301 रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। परियोजना से विभिन्न मदों में ग्राम पंचायत को अब तक कुल करीब 46,241 रुपये की आय प्राप्त हुई है। प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर ऑपरेटर की तैनाती की गई है। गौशाला के कर्मचारी भी गोबर संग्रहण, साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा बायोगैस प्लांट के संचालन से गोबर एवं जैविक अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो रहा है। इससे गांव की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के साथ वायु और भूमि प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है। जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी सकारात्मक योगदान मिल रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि प्लांट से नियमित गैस आपूर्ति मिलने के कारण मिड-डे मील तैयार करने में काफी सुविधा हो रही है। साथ ही बच्चों को स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। पिपरा चंद्रभान का यह मॉडल स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक खेती, रोजगार सृजन और ग्राम पंचायत की आय—इन सभी को एक साथ जोड़ने वाली प्रभावी पहल बनकर सामने आया है। गोबर और जैविक कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने का यह प्रयास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो सकता है।
कचरे से कंचन की मिसाल बना पिपरा चंद्रभान, गोबर से बन रही स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद देवरिया, 03 सितंबर। पंचायती राज एवं बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से विकासखंड देवरिया सदर की ग्राम पंचायत पिपरा चंद्रभान ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत ‘कचरे से कंचन’ की अवधारणा को धरातल पर उतारा है। ग्राम पंचायत की गौशाला में स्थापित 85 घन मीटर क्षमता वाले गोवर्धन बायोगैस प्लांट में करीब 286 गोवंश से प्राप्त गोबर का उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद तैयार की जा रही है। प्लांट से उत्पादित बायोगैस पाइपलाइन के माध्यम से ग्राम पंचायत के कंपोजिट विद्यालय तक पहुंचाई जा रही है। यहां करीब 170 बच्चों के लिए मिड-डे मील इसी स्वच्छ ऊर्जा से तैयार किया जा रहा है। इससे खाना पकाने में सुविधा के साथ बच्चों में नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। गोबर से गैस, स्लरी से जैविक खाद गौशाला से प्रतिदिन एकत्र होने वाले गोबर को बायोगैस संयंत्र के इनलेट टैंक में डाला जाता है। ऑटो मिक्सिंग टैंक और
डायजेस्टर के माध्यम से जैविक प्रक्रिया के बाद बायोगैस तैयार होती है। वहीं प्लांट से निकलने वाली स्लरी को सुखाकर जैविक खाद बनाई जाती है, जिसे किसानों को 5 से 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद मिल रही है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। खाद की बिक्री से ग्राम पंचायत को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। ग्राम पंचायत की आय में भी इजाफा विद्यालय द्वारा बायोगैस के उपयोग के एवज में प्रतिदिन 80 रुपये का भुगतान किया जाता है। अब तक गैस की बिक्री से करीब 11,740 रुपये और जैविक खाद की बिक्री से करीब 14,301 रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। परियोजना से विभिन्न मदों में ग्राम पंचायत को अब तक कुल करीब 46,241 रुपये की आय प्राप्त हुई है। प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर ऑपरेटर की तैनाती की गई है। गौशाला के कर्मचारी भी गोबर संग्रहण, साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों में सहयोग कर
रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा बायोगैस प्लांट के संचालन से गोबर एवं जैविक अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो रहा है। इससे गांव की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के साथ वायु और भूमि प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है। जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी सकारात्मक योगदान मिल रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि प्लांट से नियमित गैस आपूर्ति मिलने के कारण मिड-डे मील तैयार करने में काफी सुविधा हो रही है। साथ ही बच्चों को स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। पिपरा चंद्रभान का यह मॉडल स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक खेती, रोजगार सृजन और ग्राम पंचायत की आय—इन सभी को एक साथ जोड़ने वाली प्रभावी पहल बनकर सामने आया है। गोबर और जैविक कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने का यह प्रयास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो सकता है।
- विकास कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण वृक्षारोपण की जियो-टैगिंग एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश, बैतालपुर बीडीओ से स्पष्टीकरण और एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला वन एवं पर्यावरण समिति के साथ विकास कार्यों, पशुपालन विभाग तथा आईजीआरएस की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने और योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। जिला स्वच्छता समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता संबंधी कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं, आईटीआई प्रधानाचार्य के अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को वृक्षारोपण की जियो-टैगिंग का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने तथा पौधों के संरक्षण एवं नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैतालपुर में लापरवाही पर कार्रवाई विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने तथा कम प्रगति वाले कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। विकासखंड बैतालपुर के खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए। पंचायत भवन निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने पर एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा बैतालपुर के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि सीएससी की धनराशि जमा नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित पंचायत सहायकों के वेतन से उसकी रिकवरी की जाएगी। पशुपालकों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य, विभागीय योजनाओं तथा पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने पशुपालकों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने और विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जन शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए तथा लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की योजनाओं और कार्यों की नियमित समीक्षा कर प्रगति में सुधार लाएं। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- भाटपार रानी के ग्राम पंचायत करौदा में साफ सफाई पर लगा भेदभाव का आरोप अधिकारी दे ध्यान1
- जफर अमीन डक्कू की रिहाई पर बड़ा अपडेट! जेल से आज नहीं आएंगे बाहर | Gorakhpur News1
- राप्ती-रोहिणी का जलस्तर बढ़ा, नगर आयुक्त ने बाढ़ पंपिंग स्टेशनों का किया निरीक्षण1
- गोरखपुर में रुपए के विवाद में फायरिंग, हिस्ट्रीशीटर घायल गोरखपुर के चौरी चौरा में बुधवार रात रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में दुर्गेश चौधरी को गोली मार दी गई। गोली उसके पैर और हाथ में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर गया। घटना खैराबाद के डूडी गांव की है। घायल को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, दुर्गेश चौरी चौरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस के अनुसार, खोराबार क्षेत्र के डांगीपार निवासी अतुल ने डूडी निवासी रतन लाल चौधरी से रुपये लिए थे। रुपये वापस नहीं करने को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात कुछ युवक अतुल को लेकर डूडी गांव पहुंचे थे। इसी दौरान रुपये को लेकर कहासुनी होने लगी। अतुल का सहयोगी महदेवा जंगल निवासी दुर्गेश भी वहां पहुंच गया। विवाद के दौरान किसी ने उस पर गोली चला दी। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में दुर्गेश चौधरी को गोली लगी है। घायल को अस्पताल भेज दिया गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, दुर्गेश चौरी चौरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। घटना के पीछे रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया कुशीनगर का मासूम नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया कुशीनगर का मासूम - गोलक में जमा धनराशि नेपाल बाढ़ पीड़ितों को देने की पहल - डीएम कार्यालय पहुंच डीएम को पैसो से भरा गोलक डीएम को सौंपा - डीएम से राहत कोष में जमा कराने की मांग - संकट की घड़ी में मदद का हाथ बढ़ाकर किशोर ने दी मानवता की मिसाल - छोटी सी बचत कैसे जरूरतमंद के आ सकती है काम जल बच्चे ने दी समाज को सीख - मुश्किल वक्त में इंसानियत की मदद सबसे बड़ी सेवा।1
- कचरे से कंचन की मिसाल बना पिपरा चंद्रभान, गोबर से बन रही स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद देवरिया, 03 सितंबर। पंचायती राज एवं बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से विकासखंड देवरिया सदर की ग्राम पंचायत पिपरा चंद्रभान ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत ‘कचरे से कंचन’ की अवधारणा को धरातल पर उतारा है। ग्राम पंचायत की गौशाला में स्थापित 85 घन मीटर क्षमता वाले गोवर्धन बायोगैस प्लांट में करीब 286 गोवंश से प्राप्त गोबर का उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद तैयार की जा रही है। प्लांट से उत्पादित बायोगैस पाइपलाइन के माध्यम से ग्राम पंचायत के कंपोजिट विद्यालय तक पहुंचाई जा रही है। यहां करीब 170 बच्चों के लिए मिड-डे मील इसी स्वच्छ ऊर्जा से तैयार किया जा रहा है। इससे खाना पकाने में सुविधा के साथ बच्चों में नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। गोबर से गैस, स्लरी से जैविक खाद गौशाला से प्रतिदिन एकत्र होने वाले गोबर को बायोगैस संयंत्र के इनलेट टैंक में डाला जाता है। ऑटो मिक्सिंग टैंक और डायजेस्टर के माध्यम से जैविक प्रक्रिया के बाद बायोगैस तैयार होती है। वहीं प्लांट से निकलने वाली स्लरी को सुखाकर जैविक खाद बनाई जाती है, जिसे किसानों को 5 से 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद मिल रही है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। खाद की बिक्री से ग्राम पंचायत को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। ग्राम पंचायत की आय में भी इजाफा विद्यालय द्वारा बायोगैस के उपयोग के एवज में प्रतिदिन 80 रुपये का भुगतान किया जाता है। अब तक गैस की बिक्री से करीब 11,740 रुपये और जैविक खाद की बिक्री से करीब 14,301 रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। परियोजना से विभिन्न मदों में ग्राम पंचायत को अब तक कुल करीब 46,241 रुपये की आय प्राप्त हुई है। प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर ऑपरेटर की तैनाती की गई है। गौशाला के कर्मचारी भी गोबर संग्रहण, साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा बायोगैस प्लांट के संचालन से गोबर एवं जैविक अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो रहा है। इससे गांव की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के साथ वायु और भूमि प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है। जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी सकारात्मक योगदान मिल रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि प्लांट से नियमित गैस आपूर्ति मिलने के कारण मिड-डे मील तैयार करने में काफी सुविधा हो रही है। साथ ही बच्चों को स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। पिपरा चंद्रभान का यह मॉडल स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक खेती, रोजगार सृजन और ग्राम पंचायत की आय—इन सभी को एक साथ जोड़ने वाली प्रभावी पहल बनकर सामने आया है। गोबर और जैविक कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने का यह प्रयास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो सकता है।3
- आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा न्यूनतम पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा का लाभ उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की वेबसाइट, लोगो व पोर्टल का शुभारंभ; देवरिया में 500 कर्मियों ने देखा लाइव प्रसारण देवरिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न प्रशासनिक विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के हितों को सुरक्षित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की वेबसाइट, लोगो एवं पोर्टल का शुभारंभ किया। लोक भवन स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण नगर पालिका परिषद देवरिया के टाउनहाल स्थित प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के करीब 500 आउटसोर्स कर्मियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी रहे, जबकि अध्यक्षता नगर पालिका परिषद देवरिया की अध्यक्ष अलका सिंह ने की। निगम के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम एवं बढ़े हुए पारिश्रमिक, ईपीएफ और ईएसआईसी की नियमानुसार कटौतियां, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, सेवा संरक्षण तथा प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही श्रम विभाग द्वारा संचालित बीओसीडब्ल्यू (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) की योजनाओं का लाभ भी पात्र कर्मियों को मिल सकेगा। सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि आउटसोर्स कर्मी विभिन्न सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। आउटसोर्स सेवा निगम के गठन से उन्हें न्यूनतम पारिश्रमिक, ईपीएफ-ईएसआईसी सहित अन्य सेवा सुविधाएं पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ कर्मियों के हितों का संरक्षण होगा। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष अलका सिंह ने कहा कि आउटसोर्स कर्मी नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों के कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके हितों को ध्यान में रखते हुए सेवा शर्तों एवं सुविधाओं को बेहतर बनाने की यह पहल सराहनीय है। इससे कर्मियों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होगी। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय प्रेम नारायण सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद देवरिया संजय कुमार तिवारी, खाद्य एवं सफाई निरीक्षक, सभासदगण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मी मौजूद रहे। निर्माण श्रमिकों को बांटे गए हितलाभ तीन लाभार्थियों को 2.25 लाख रुपये के चेक, 12 को कन्या विवाह सहायता के स्वीकृति पत्र आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो एवं वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर श्रम विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी निर्माण श्रमिकों को चेक एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। मुख्य अतिथि सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के तहत तीन पात्र लाभार्थियों को कुल 2.25 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 12 लाभार्थियों को 65 हजार रुपये के स्वीकृति पत्र तथा मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत एक लाभार्थी को 56 हजार रुपये का स्वीकृति पत्र दिया गया। विधायक ने आउटसोर्स कर्मियों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा, सम्मान एवं सम्मानजनक पारिश्रमिक की जानकारी दी। उन्होंने अधिक से अधिक मनरेगा एवं निर्माण श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीयन कराने तथा बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का पात्र श्रमिकों को लाभ दिलाने का आह्वान किया। सहायक श्रम आयुक्त, देवरिया ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए शिक्षा, चिकित्सा, विवाह, मातृत्व एवं आवास सहित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद देवरिया संजय कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- भाटपार रानी, व्यापारी नेताओं ने विधायक को प्रबंधक को किया सम्मानित1