पिता ने बेटी की हत्या कर शव बाराबंकी में फेंका: बयान बदलने पर पकड़ा गया, पहचान छिपाने के लिए चेहरा बिगाड़ने की कोशिश बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को मिली युवती की लाश की गुत्थी सुलझ गई है। यह मामला 'ऑनर किलिंग' का निकला, जिसमें सगे पिता ने अपनी बेटी की हत्या की थी। आरोपी पिता ने हत्या के बाद खुद चिनहट थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लखनऊ पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ के चिनहट निवासी विनय चौबे ने अपनी 26 वर्षीय बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसने शव को बाराबंकी के बड्डूपुर इलाके में फेंक दिया था।बुधवार को जब पुलिस को युवती का शव मिला, तो उसकी पहचान चिनहट से लापता युवती के रूप में हुई। इसके बाद बाराबंकी और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त छानबीन शुरू की। पुलिस को पिता के बयानों में विरोधाभास मिला, जिससे उन पर शक गहराया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी पिता ने पारिवारिक प्रतिष्ठा के चलते वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पिता ने बेटी की हत्या कर शव बाराबंकी में फेंका: बयान बदलने पर पकड़ा गया, पहचान छिपाने के लिए चेहरा बिगाड़ने की कोशिश बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को मिली युवती की लाश की गुत्थी सुलझ गई है। यह मामला 'ऑनर किलिंग' का निकला, जिसमें सगे पिता ने अपनी बेटी की हत्या की थी। आरोपी पिता ने हत्या के बाद खुद चिनहट थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लखनऊ पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ के चिनहट निवासी विनय चौबे ने अपनी 26 वर्षीय बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसने शव को बाराबंकी के बड्डूपुर इलाके में फेंक दिया था।बुधवार को जब पुलिस को युवती का शव मिला, तो उसकी पहचान चिनहट से लापता युवती के रूप में हुई। इसके बाद बाराबंकी और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त छानबीन शुरू की। पुलिस को पिता के बयानों में विरोधाभास मिला, जिससे उन पर शक गहराया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी पिता ने पारिवारिक प्रतिष्ठा के चलते वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
- भाजपा राज में जब सरकारी कार्यालय चिड़ियाघर बन जाएंगे तो यही होगा… वैसे इसे कितना अपनापन लग रहा होगा।1
- जनपद बाराबंकी में मसौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गेंदौरा में जमीनी विवाद में दो पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले। इस मारपीट में क़रीब 14 लोग घायल हो गए।1
- बाराबंकी के थाना मसौली पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक 19.04.2026 को मु0अ0सं0 85/2026 धारा 3(5)/109/352/351(3) बीएनएस से सम्बन्धित अभियुक्तगण 1. शोभेलाल पुत्र रामनरायन, 2. अखिलेश पुत्र बल्लूराम , 3. आशीष कुमार पुत्र रामसमुझ निवासीगण निबहापुरवा मजरे जलुहामऊ थाना मसौली जनपद बाराबंकी को गिरफ्तार किया गया।1
- बाराबंकी जनपद के गढ़ी मजरे मिर्जापुर, पोस्ट धरोहरा निवासी अतुल वर्मा की सोमवार शाम एक सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना जैसाना के समीप हुई। अतुल अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और घर की सभी जिम्मेदारियां संभालते थे। जानकारी के अनुसार, अतुल वर्मा शाम को खाटू श्याम मंदिर जाने के लिए निकले थे, लेकिन किसी काम के चलते वे जैसाना की ओर चले गए। शाम 7 बजे से 7:35 बजे के बीच जैसाना के समीप एक मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अतुल वर्मा के सिर पर वाहन चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका क्षतिग्रस्त शव घंटों तक सड़क पर पड़ा रहा। बाद में किसी ने बाइक देखकर पहचान की और गढ़ी निवासी अतुल वर्मा के रूप में उनकी शिनाख्त हुई। अतुल वर्मा अपने किसान पिता परशुराम वर्मा के चार बच्चों में सबसे बड़े थे। वे घर-परिवार की सभी जिम्मेदारियां निभाते थे। चार साल पहले उनके छोटे भाई की दोनों किडनी खराब हो गई थीं। अतुल ने अपने भाई के इलाज के लिए काफी मेहनत की। दो साल बाद उनके पिता ने अपने छोटे बेटे को एक किडनी दान की, जिसका ट्रांसप्लांट कराया गया। अतुल ने एक बहन की शादी भी पिता के साथ मिलकर पूरी की थी और दूसरी बहन की शादी नवंबर-दिसंबर में तय कर दी थी। अतुल खेती-किसानी के साथ-साथ एक प्राइवेट नौकरी भी करते थे। उनकी शादी 13 दिसंबर 2020 को हुई थी और उनकी एक तीन साल दो महीने की बेटी है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 60 वर्षीय पिता परशुराम वर्मा अब भारी काम करने में असमर्थ हैं, जिससे परिवार गहरे सदमे में है।4
- पुलिस ने तीन को भेजा जेल मसौली में 30 साल पुराने जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, 16 नामजद पर मुकदमा, एक की हालत नाजुक मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम गेंदौरा में शनिवार को जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। रमाकांत वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने विपक्षी शोभेलाल सहित 16 नामजद और करीब दो दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ संज्ञेय धाराओं में केस दर्ज किया है। घटना में गंभीर रूप से घायल सचिन की हालत ट्रामा सेंटर लखनऊ में नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि ग्राम गेंदौरा मजरा नहामऊ में जमीन की कब्जेदारी को लेकर दोपहर बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इस दौरान एक पक्ष के 10 लोग और दूसरे पक्ष के 4 लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, रमाकांत की तहरीर पर शोभेलाल पुत्र रामनरायण, चेतराम पुत्र शोभेलाल, अखिलेश पुत्र बब्लू, मुकेश पुत्र पांचू, गजराज व रामस्नेही पुत्रगण रामसमुझ, बब्लू व रामसमुझ पुत्रगण रामनरायण, अनुज, अजय, अनुराग, प्रवेश (पिता अज्ञात), मुस्सू पुत्र शोभेलाल, संजय पुत्र राममिलन, शंकर पुत्र कल्लू और बिहारीलाल पुत्र महादेव सहित अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 30 साल पुराना है विवाद यह विवाद करीब 30 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। वर्ष 1996 में धनपति विश्वकर्मा के भाई ने लगभग पौने बीघा कृषि भूमि शोभेलाल यादव निवासी जलुहामऊ को बेच दी थी। धनपति ने इस बैनामे को फर्जी बताते हुए कोर्ट में चुनौती दी, जहां 1999 में बैनामा निरस्त हो गया। इसके बाद भी मामला न्यायालय में चलता रहा। वर्ष 2024 में फैसला धनपति के पुत्र कैलाश के पक्ष में आया, जिसके बाद 10 अप्रैल को राजस्व और पुलिस टीम ने उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाया। कब्जा मिलने के बाद 15 अप्रैल को कैलाश ने अपने भाइयों के साथ मिलकर उक्त जमीन रमाकांत और ओमकार (निवासी पीरपुर, थाना कोठी) के नाम बैनामा कर दी। इसी दौरान रामनगर तहसील में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और शनिवार को मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। तीन आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में शोभेलाल, अखिलेश और आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।2
- कानपुर में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी ही दो मासूम बेटियों की हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता ने पहले बेटियों को बेहोश किया और फिर उनकी हत्या कर दी। वारदात के समय परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में थे और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव जैसी बातें सामने आ रही हैं, हालांकि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में गहरा आक्रोश है।1
- taarkheda gram jehta 4 sal pure hone Tak kuchh nahin karte hain ek sal mein itna kuchh karte hain vote pane ke liye ki kya bataen2
- उत्तर प्रदेश- फर्रुखाबाद में बीच सड़क पर हुई मनचले की धुनाई युवती के साथ आये परिजन ने सिखाया सबक, पैर पकड़वाकर माफी भी मंगवाई नोट- गाली गलौज है वीडियो में1