भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत होने वाली ट्रेड डील के खिलाफ किसानों में भारी रोष पनप रहा है। इस ट्रेड डील के विरोध में पानीपत जिले के गोहाना-पानीपत रोड पर स्थित डाहर टोल प्लाजा पर मालपुर किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने किसानों की एक बैठक की। इस अवसर पर सोनू मालपुरिया ने चेतावनी दी कि अगर यह डील हो जाती है तो देश का किसान, छोटा दुकानदार, पोल्ट्री फार्मिंग, पशुपालन करने वाले किसान और छोटे उद्योग धंधे वाले सभी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने इसकी तुलना जिओ से करते हुए कहा कि जिस तरह जिओ ने आने से पहले सिम कार्ड में अन्य सुविधाएं मुफ्त की थीं, उसी तरह अमेरिका का सामान शुरुआत में सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में मिलेगा। इससे भारत की मंडियां खत्म हो जाएंगी और उसके बाद अमेरिकी कंपनियां मनमाने दामों पर देश में अपना माल बेचेंगी। किसानों और मजदूरों को इस खतरे को समझने की अपील करते हुए मालपुर किसान मजदूर यूनियन ने इस अमेरिकी ट्रेड डील के विरोध में जिला उपायुक्त पानीपत को एक ज्ञापन भी सौंपा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत होने वाली ट्रेड डील के खिलाफ किसानों में भारी रोष पनप रहा है। इस ट्रेड डील के विरोध में पानीपत जिले के गोहाना-पानीपत रोड पर स्थित डाहर टोल प्लाजा पर मालपुर किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने किसानों की एक बैठक की। इस अवसर पर सोनू मालपुरिया ने चेतावनी दी कि अगर यह डील हो जाती है तो देश का किसान, छोटा दुकानदार, पोल्ट्री फार्मिंग, पशुपालन करने वाले किसान और छोटे उद्योग धंधे वाले सभी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने इसकी तुलना जिओ से करते हुए कहा कि जिस तरह जिओ ने आने से पहले सिम कार्ड में अन्य सुविधाएं मुफ्त की थीं, उसी तरह अमेरिका का सामान शुरुआत में सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में मिलेगा। इससे भारत की मंडियां खत्म हो जाएंगी और उसके बाद अमेरिकी कंपनियां मनमाने दामों पर देश में अपना माल बेचेंगी। किसानों और मजदूरों को इस खतरे को समझने की अपील करते हुए मालपुर किसान मजदूर यूनियन ने इस अमेरिकी ट्रेड डील के विरोध में जिला उपायुक्त पानीपत को एक ज्ञापन भी सौंपा है।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत होने वाली ट्रेड डील के खिलाफ किसानों में भारी रोष पनप रहा है। इस ट्रेड डील के विरोध में पानीपत जिले के गोहाना-पानीपत रोड पर स्थित डाहर टोल प्लाजा पर मालपुर किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने किसानों की एक बैठक की। इस अवसर पर सोनू मालपुरिया ने चेतावनी दी कि अगर यह डील हो जाती है तो देश का किसान, छोटा दुकानदार, पोल्ट्री फार्मिंग, पशुपालन करने वाले किसान और छोटे उद्योग धंधे वाले सभी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने इसकी तुलना जिओ से करते हुए कहा कि जिस तरह जिओ ने आने से पहले सिम कार्ड में अन्य सुविधाएं मुफ्त की थीं, उसी तरह अमेरिका का सामान शुरुआत में सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में मिलेगा। इससे भारत की मंडियां खत्म हो जाएंगी और उसके बाद अमेरिकी कंपनियां मनमाने दामों पर देश में अपना माल बेचेंगी। किसानों और मजदूरों को इस खतरे को समझने की अपील करते हुए मालपुर किसान मजदूर यूनियन ने इस अमेरिकी ट्रेड डील के विरोध में जिला उपायुक्त पानीपत को एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- जापान का नागोरो गांव अपनी अनोखी पहचान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, जहां इंसानों से ज्यादा पुतले नजर आते हैं। कभी पूरी तरह आबादी से भरा यह गांव पलायन के कारण खाली होता चला गया, जिसके बाद एक स्थानीय महिला ने गांव की पुरानी रौनक लौटाने के लिए सैकड़ों पुतले बनाना शुरू किया। आज यहां हर गली, खेत और घर में बने ये पुतले इस अनोखे गांव की कहानी बयां करते हैं।1
- हरियाणा में ग्रामीणों का पिछले 61 दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया है। सरकार के साथ आपसी सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने अपने इस धरने को खत्म करने का निर्णय लिया है।1
- हरियाणा के करनाल में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के बाहर से एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ₹10,000 की रिश्वत लेते एक कर्मचारी को काबू किया है। इस पूरे मामले का घटनाक्रम सामने आया है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ की सेंट्रल मार्केट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 44 सील संपत्तियों से अवैध निर्माण और 815 घरों के आगे से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। मंगलवार दोपहर 3 बजे जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया, वैसे ही पिछले 89 दिनों से धरने पर बैठी महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। महिलाओं का कहना है कि तीन महीने के आंदोलन, पूजा-पाठ और जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और सरकार ने उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस फैसले के बाद धरने पर बैठी महिलाओं का गुस्सा और दर्द सरकार पर फूट पड़ा। प्रदर्शनकारी शीतल पुजानी ने बेहद भावुक होकर कहा कि सरकार गूंगी-बहरी हो गई है, जो तीन महीने से सड़कों पर बैठे लोगों की बात सुनने को तैयार नहीं है। वहीं राधा गुप्ता ने सरकार के प्रति तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके घर तोड़ दिए गए और व्यापार पूरी तरह खत्म कर दिया गया है; जब सब कुछ छीन ही लिया गया है तो वे अब वोट क्यों दें? महिलाओं ने रोते हुए अपनी पीड़ा साझा की कि उनके जीवनभर की जमापूंजी इन मकानों और दुकानों में लगी थी, और अब इस उम्र में वे दोबारा घर कहां बनाएंगे। लाचार महिलाओं का कहना है कि ऐसी जिंदगी जीने से अच्छा है कि उन्हें मार ही दिया जाए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अन्य आवासीय इलाकों में भी नियमों के खिलाफ चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कराने का निर्देश दिया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को आगामी सितंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।1
- शामली जनपद में पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस विशेष कार्रवाई को थाना गढ़ीपुख्ता, कैराना और कांधला पुलिस ने अंजाम दिया है। थाना गढ़ीपुख्ता पुलिस ने होटल में फर्जी रूम बुकिंग के नाम पर लोगों से ऑनलाइन भुगतान कराकर ठगी करने वाले बुन्टा निवासी मोहम्मद अनस, आकिल और आसिफ को गिरफ्तार किया है और इनके पास से ही मोबाइल व नकदी बरामद हुई है। उधर, थाना कैराना पुलिस ने पार्सल डिलीवरी चार्ज के नाम पर गौतमबुद्धनगर निवासी एक महिला से 41,928 रुपये ठगने के मामले में ग्राम मन्नामाजरा निवासी अल्ताफ को गिरफ्तार किया। इसी क्रम में, थाना कांधला पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में विकास नगर, कस्बा एलम निवासी अमरीत को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- पानीपत के उप मंडल इसराना के अंतर्गत आने वाले गांव अहर के सीएचसी में डॉक्टरों की आपसी बहस का खामियाजा सीधे तौर पर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। दवाई लेने पहुंचे मरीजों को ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ द्वारा दवाइयां नहीं दी जा रही हैं। दरअसल, दवाई बांटने वाला स्टाफ बिना पर्ची के दवाई देने को तैयार नहीं है और अस्पताल में कोई भी पर्ची लिखने के लिए तैयार नहीं था। डॉक्टरों की इस आपसी खींचतान के कारण कई बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष लंबी लाइनों में खड़े रहे, लेकिन उन्हें दवाई नहीं मिल सकी। इस क्षेत्र के आसपास के 10 से 15 गांवों के लिए यह सीएचसी ही चिकित्सा सुविधा के नाम पर एकमात्र अस्पताल है। आसपास कोई भी निजी अस्पताल न होने और पानीपत की दूरी 40 किलोमीटर होने के कारण लोग मजबूरी में अहर सीएचसी आते हैं। इस पूरी अव्यवस्था पर हरियाणा सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। एक तरफ जहां सरकार सभी को दवाइयां उपलब्ध कराने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल का स्टाफ सरकार की इन तमाम आशाओं पर पानी फेर रहा है।1
- हरियाणा के रोहतक में पुलिस ने राजीव नगर निवासी संध्या की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए वारदात को अंजाम देने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पति रामू को अदालत के आदेश पर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि राजीव नगर निवासी देवराज की शिकायत पर 1 जून 2026 को धारा 127(6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। देवराज की बेटी संध्या अपने पति दीपक (निवासी फरमाणा) से अलग मायके में रहती थी, जबकि उसके दोनों बच्चे पति के पास ही रहते थे। संध्या 22 मई 2026 को बिना बताए घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। जांच के दौरान, 5 जून 2026 को बेरी बहादुरगढ़ रोड पर स्थित मांडौठी गांव के खेतों में संध्या का शव बरामद हुआ। इस संबंध में थाना आसौदा झज्जर में मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में रोहतक के थाना शिवाजी कॉलोनी में दर्ज मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी गईं। हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि संध्या 1 जून 2026 को सहारा लेने के लिए आरोपी रामू के घर पहुंची थी। संध्या के पहने हुए आभूषणों को छीनने के इरादे से रामू और उसकी पत्नी आरती ने 2 जून 2026 को गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने संध्या के शव को बोरी में डालकर मांडौठी गांव के खेतों में फेंक दिया और फरार हो गए। पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के संभल निवासी व वर्तमान में बहादुरगढ़ की बिहारी कॉलोनी में रहने वाले आरोपी रामू को गिरफ्तार किया, जबकि 15 जुलाई 2026 को उसकी पत्नी आरती को भी काबू कर लिया गया।1