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सुसनेर नगर के समीप ग्राम पंचायत छोटा पलड़ा में गेहूं निकले समय मशीन की चपेट में आ जाने से 50वर्ष चतर बाई गोकुल सिंह सोदीया की मौत
Manoj Kumar
सुसनेर नगर के समीप ग्राम पंचायत छोटा पलड़ा में गेहूं निकले समय मशीन की चपेट में आ जाने से 50वर्ष चतर बाई गोकुल सिंह सोदीया की मौत
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- Post by Manoj Kumar1
- आगर मालवा। जिला मुख्यालय स्थित अयोध्या बस्ती क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया, एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिलेंडर से गैस रिसाव के चलते अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आकर घर में खड़ी बाइक सहित फर्नीचर, कपड़े और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- मोहन बड़ोदिया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा चयनित नवांकुर संस्था – कृषि जगत प्रणाली वाटरशेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, संस्था मटेवा, सेक्टर बिजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर जल, स्वच्छता एवं जैविक खेती तथा नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत सारसी में दीवार लेखन कार्य संपन्न किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सामाजिक संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर ग्रामीण समाज को स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण, नशामुक्ति तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना है। जन अभियान परिषद का प्रमुख उद्देश्य समाज में जन-जागरूकता अभियान संचालित कर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाना है। इसी क्रम में रचनात्मक एवं प्रभावी माध्यमों के द्वारा गांव-गांव तक जागरूकता संदेश पहुँचाए जा रहे हैं। दीवार लेखन के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने, जल संरक्षण करने एवं नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर संस्था प्रतिनिधि श्री दिनेश कुमार कलमोदिया की सक्रिय सहभागिता रही। अभियान का समन्वय व श्री विष्णु प्रसाद नागर जिला समन्वयक व श्री बसंत रावत, ब्लॉक समन्वयक मोहन बड़ोदिया द्वारा किया गया। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है, जिससे समाज में सकारात्मक सोच एवं व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहन मिलेगा।।1
- रायपुर 5 मार्च। रायपुर कृषि उपजमंडी होली के अवकाश के चलते आज पुनः खुल गई। मंडी में आज भी प्रमुख जिंसों के भाव में मंदी देखने को मिली। कृषि उपजमंडी मुंशी शिवसिंह ने बताया कि मंडी में गुरुवार को जिंसों की खरीद शुरू हुई।जिसमें 3000 कट्टे सरसों 2000 करते मसूर की आवक हुई।मसूर के भाव 6500 से 7000 रुपये व सरसों के भाव 5500 से लेकर 5950 रुपये प्रति क्विंटल रहे।1
- होली के रंग में खून की छींटे, दो पक्षों में खूनी भिड़ंत। रंग लगाने की बात पर अहिरवार समाज के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। लाठी-डंडों से जमकर मारपीट, जिसमें दोनों पक्षों के तीन लोग घायल हो गए। घटना जिगना थाना क्षेत्र के जिगना गांव की बताई जा रही है। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।2
- Post by वचन(कमल ) प्रजापति1
- दूध उत्पाद और एक्सपायरी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए 3 दुकानों पर कार्यवाही शाजापुर, 05 मार्च 2026/ कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना के निर्देश तथा अनुविभागीय अधिकारी शाजापुर के मार्गदर्शन में आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा के संयुक्त दल की औचक निरीक्षण कार्यवाही में आज जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा सर्वप्रथम शिकायती सूचना पर शाजापुर नगर के शिवम मावा भंडार से मावा एवं न्यू अशोक उपहार गृह से मावा तथा जलेबी और सेवा बाजार किराना दुकान से रोस्टेड पोहा एवं सौंफ के सैंपल संग्रहित कर पांचों नमूने जांच के लिए खाद्य विश्लेषक राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए है। जांच रिपोर्ट एवं विवेचना के आधार पर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। पक्के बिलों का संधारण करने, स्वच्छता से कार्य करने, परिसर में साफ सफाई रखने, खरीदी बिल के संग्रहण विक्रय रिकॉर्ड संधारित करने, गुणवत्ता पूर्ण एवं मानक स्तर की खाद्य सामग्री का ही संग्रहण तथा विक्रय करने के निर्देश दिए। जांच दल में प्रभारी नाहिद अंजुम नायब तहसीलदार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री एमके वर्मा एवं केएल कुम्भकार, पुलिस बल एवं पटवारी शामिल रहे।3
- रायपुर क्षेत्र में लहसुन की पत्तियों की निचली सतह पर धूसर या काले रंग की फफूंद की परत जम गई है जिससे फसल में धीरे-धीरे पत्तियां मुरझाने लगती हैं और मुड़ जाती हैं और बाद में सूखने लग जाती हैं साथ ही पौधों की बढ़वार रुक जाती है और गांठ यानी बल्ब का आकार छोटा रह जाता है, जिससे कुल उत्पादन पर काफी प्रभाव पड़ेगा। कड़ौदिया निवासी कैलाश सेन ने बताया है कि इस साल लहसुन की फसल में काली मसी का रोग अधिक मात्रा में लगने के कारण फसल में काफी नुकसान होगा।1