सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: युवक को रस्सियों से बांधकर पीटती दिखी पुलिस, भावनगर पुलिस का बताया जा रहा वीडियो भावनगर। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी एक युवक को रस्सियों से बांधकर उसकी पिटाई करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो को भावनगर पुलिस का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वायरल वीडियो में युवक रस्सियों से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि पुलिसकर्मी उसके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता, घटना की तारीख और युवक के खिलाफ दर्ज मामले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले में आधिकारिक पुलिस पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: युवक को रस्सियों से बांधकर पीटती दिखी पुलिस, भावनगर पुलिस का बताया जा रहा वीडियो भावनगर। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी एक युवक को रस्सियों से बांधकर उसकी पिटाई करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो को भावनगर पुलिस का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वायरल वीडियो में युवक रस्सियों से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि पुलिसकर्मी उसके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता, घटना की तारीख और युवक के खिलाफ दर्ज मामले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले में आधिकारिक पुलिस पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- सहारनपुर में वक्फ मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला, एआईएमआईएम ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन. सहारनपुर में वक्फ मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला, एआईएमआईएम ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन कन्नौज। सहारनपुर में करीब 100 वर्ष पुरानी वक्फ मस्जिद के कथित ध्वस्तीकरण को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने न्यायिक जांच और पुनर्निर्माण की मांग उठाई है। पार्टी के जिला अध्यक्ष इशरत खान ने 8 सितंबर को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सहसपुर कलेक्ट्रेट में स्थित पुरानी वक्फ मस्जिद को एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर सरकारी जमीन का बहाना बनाकर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। संगठन ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 300ए के प्रावधानों के विपरीत है। साथ ही वक्फ अधिनियम, 1995 की धाराओं का उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया गया है। एआईएमआईएम ने सुप्रीम कोर्ट के जमीयत उलेमा-ए-हिंद बनाम स्टेट मामले में दिए गए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के संबंध में कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई। ये हैं प्रमुख मांगें पूरे मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और मस्जिद का उसी स्थान पर वक्फ बोर्ड की निगरानी में तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए। भविष्य में किसी भी वक्फ संपत्ति पर वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाए बिना कार्रवाई न की जाए।4
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: युवक को रस्सियों से बांधकर पीटती दिखी पुलिस, भावनगर पुलिस का बताया जा रहा वीडियो भावनगर। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी एक युवक को रस्सियों से बांधकर उसकी पिटाई करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो को भावनगर पुलिस का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वायरल वीडियो में युवक रस्सियों से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि पुलिसकर्मी उसके साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता, घटना की तारीख और युवक के खिलाफ दर्ज मामले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले में आधिकारिक पुलिस पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- माँ शीतला मंदिर में भूमि पूजन व शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न,रवीश सिंह टिंकू के अथक प्रयास लाए रंग हरदोई। कस्बा गौसगंज स्थित ऐतिहासिक माँ शीतला देवी मंदिर परिसर में आज पर्यटन विभाग द्वारा भूमि पूजन एवं शिलान्यास का भव्य कार्यक्रम विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। मंदिर के विकास और निर्माण कार्य को लेकर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक रामपाल वर्मा एवं एमएलसी अशोक अग्रवाल रहे। दोनों अतिथियों की मौजूदगी में मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान शीतला देवी मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष अंजू सिंह, सचिव बाबूराम कनौजिया, सहकारी समिति अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार एवं समाजसेवी रवीश कुमार सिंह (टिंकू) मंदिर परिसर पहुंचे और विधि-विधान से भूमि पूजन किया। मंदिर के विकास कार्य को लेकर समाजसेवी रवीश कुमार सिंह टिंकू के लगातार प्रयासों की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। उनके प्रयासों से मंदिर परिसर में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई गई है। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश कुमार सिंह, पूर्व प्रधान श्याम सिंह, सुशील बाबा, दिनेश सिंह, अनुपम सिंह, शशिभूषण शुक्ला, सुशील बाजपेई समेत सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा और लोगों ने माँ शीतला देवी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।1
- स्कूल की जांच में खुला दिल में छेद का राज, RBSK टीम की सजगता से सात वर्षीय अनुष्का को मिला नया जीवन हरदोई बिलग्राम में स्कूल की जांच में खुला दिल में छेद का राज, RBSK टीम की सजगता से सात वर्षीय अनुष्का को मिला नया जीवन1
- दवा कारोबारी हत्याकांड: बहू की भूमिका आई सामने, छह लाख में हत्या की साजिश का खुलासा रिपोर्टर प्रभाकर अवस्थी कानपुर। दवा कारोबारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान मृतक की बहू की भूमिका सामने आई है। पुलिस की जांच में पता चला है कि हत्या की साजिश करीब 15 से 20 दिन पहले रची गई थी। आरोप है कि बहू ने अभियुक्तों को घर और सोसाइटी में प्रवेश कराने में मदद की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त विशाल गौतम मृतक की दुकान पर करीब 12-13 वर्षों तक काम कर चुका था। लंबे समय तक दुकान पर काम करने के कारण उसका मृतक के परिवार से पुराना परिचय था और वह घरेलू कार्यों के सिलसिले में भी घर आता-जाता था। पूछताछ में हत्या के लिए करीब छह लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घर में लगे कैमरों के कारण बहू की व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित होने की बात घटना के पीछे एक कारण बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। अभियुक्तों से मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।3
- छविराम जीको हरदोई जिले से बिलग्राम ब्लॉक से संवाददाता नियुक्त किया गया1
- *श्री मद भागवत कथा में पहुंच कर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने लिया आशीर्वाद* सफीपुर कस्बे के मीरा गेस्ट हाउस में 1 सितंबर से श्री मद भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। इस कथा में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सौरभ बाजपेई 'राजा बेटा' ने पहुंचकर व्यास जी का आशीर्वाद लिया। यह आयोजन चंद्र प्रकाश गुप्ता और ओमप्रकाश गुप्ता (किरन) के संयोजन से हो रहा है। वृंदावन धाम के श्री नंद जी महाराज अपने मुखारबिंदु से कथा सुना रहे हैं। कस्बे के बड़ी संख्या में लोग कथा का श्रवण कर रहे हैं। सौरभ बाजपेई के साथ व्यापार मंडल अध्यक्ष उत्तम निषाद, विनोद गुप्ता, सृजन गुप्ता एडवोकेट, धीरज तिवारी और रामलोटन राजपूत जैसे लोग भी मौजूद रहे।2
- वायरल बुखार के बीच झोलाछापों की चांदी, सस्ते इलाज का झांसा देकर मरीजों को फंसा रहे कथित डॉक्टर कन्नौज। तिर्वा तहसील क्षेत्र के आसपास गांवों में वायरल बुखार और संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कथित झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता बढ़ने के आरोप सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मान्यता अथवा आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वाले लोग कथित फर्जी डिग्री और बोर्ड लगाकर मरीजों को सस्ते इलाज का भरोसा दे रहे हैं और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। बीते दिनों ककरघटा गांव में तेजी से संक्रमण और बुखार फैलने के कारण बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में बीमार हो गए थे। परिजनों ने कई मरीजों को ठठिया कस्बे के निजी क्लीनिकों और अस्पतालों में भर्ती कराया। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का उपचार किया। विभागीय टीम द्वारा 261 लोगों को दवाएं वितरित किए जाने की बात सामने आई। ककरघटा गांव में बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के मामले का संज्ञान मंत्री असीम अरुण द्वारा लिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया। साथ ही संक्रमण की रोकथाम के लिए गांव में दवा का छिड़काव भी कराया गया। इसी बीच आरोप है कि गांव में मरीजों की संख्या बढ़ते ही निजी क्लीनिक संचालक और कथित झोलाछाप डॉक्टर भी सक्रिय हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोग गांव पहुंचकर अपना प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और सस्ते इलाज का भरोसा देकर मरीजों को अपने अस्पताल या क्लीनिक में भर्ती कराने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि मरीजों को भर्ती कर ड्रिप और अन्य एलोपैथिक उपचार दिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक मरीज को अस्पताल के बेड पर लिटाकर बोतल चढ़ाते हुए दिखाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो ठठिया क्षेत्र के एक अस्पताल का है। हालांकि, आपका अपना अखबार इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई प्रभावी नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि कार्रवाई के नाम पर नोटिस जारी कर औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं, जबकि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जरूरत है। वायरल बुखार के बढ़ते मरीजों के बीच कथित झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता से लोगों में चिंता बनी हुई है। आरोप यह भी है कि मरीज की हालत में सुधार न होने पर उसे कुछ निजी नर्सिंग होम में भेजा जाता है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वायरल बुखार के इस दौर में मरीजों को सस्ते इलाज का झांसा देकर कथित तौर पर इलाज करने वालों के खिलाफ कब प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।1